India is the third largest producer and consumer country in the world.
इन्सटीट्यूशन ऑफ इन्जीनियर के अध्यक्ष इंजी अशोक शर्मा ने रखे अपने विचार
भोपाल। राजधानी भेल एरिया के इन्सटीट्यूशन ऑफ इन्जीनियर के सभागार में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें चेयरमेन इंजी. अशोक शर्मा ने राष्ट्रहित में उर्जा संरक्षण की दिशा में विस्तार से अपनी बात रखी और लोगों को प्रेरित भी किया।
इंजी शर्मा ने कहा कि भारत विद्युत क्षेत्र की कुल क्षमता 450 G.W. है। भारत विश्व में तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। थर्मल, परमाणु और नवीकरणीय उर्जा प्रणालियां भारत की बिजली पैदा करने के प्रमुख स्त्रोत है। इसके अलावा विश्व में भारत का चौथा सबसे आकर्षक नवीकरण उर्जा बाजार है, जिसमें पवन उर्जा सौर उर्जा का क्षेत्र है। 2030 तक भारत गेर जीवश्म स्त्रोतों से 500 गेगा बाट बिजली क्षमता स्थापित कर लेगा। भारत इन्टरनेशनल इनर्जी एसोसिएशन का एक सहयोगी सदस्य भी है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ उर्जा नवाचार में तेजी लाने के लिए 24 देशों और यूरोपीय संघ की ओर से एक वैश्विक पहल है। पूर्व में एक पैरिस समझौता हुआ था। जिसके तहत जलवायु परिवर्तन पर कानूनी रूप से बाध्यकारी अन्तराष्ट्रीय संधि है, जिसमें ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से कम अधिमानतः 1.5 डिग्री तक सीमित करना है।
वहीं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय की विद्युत संकाय की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर डॉ. तरूणा जैन ने उर्जा बचत कैसे करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सचिव इंजी. अवधेश चौबे ने व्यक्त किया। सभी अभियंताओं का गुलदस्ता, साल श्रीफल व मोमेंटो द्वारा स्वागत किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा
- राष्ट्रीय उर्जा संरक्षण दिवस
- ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता विकसित करना व उर्जा संसाधनो को बचाने के प्रयास।
- यह दिन हमें उर्जा बचाने और पर्यावरण को संरक्षित करने के महत्व को समझता है।
- यह जीवाश्म ईंधन का एक शानदार विकल्प है। अधिक बिजली के बिल से भी राहत पहुंचती है।
- सौर उर्जा न केवल लोगों बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह ग्रीन हाऊस गैसों को कम करता है। यह वैश्विक नवीनीकरण उर्जा का एक महत्वपूर्ण घटक बनकर उभर रहा है।
- जैसे-जैसे दुनिया निम्न कार्बन अर्थव्यवस्था की और बढ़ रही है, वैसे-वैसे सौर परियोजनाए, निवेशकों, सरकारों और निगमों के लिए तेजी से आकर्षक हो गई है।
- यदि हम सोलर प्लांट लगाएंगे तो समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी, व प्रभावी लागत भी कम आएगी।
- राष्ट्रीय उर्जा संरक्षण पुरस्कार भारत सरकार द्वारा 1991 में (उर्जा दक्षता ब्यूरो) द्वारा शुरू किया गया है।
- सभी के लिए टिकाऊ ऊर्जा अंर्तराष्ट्रीय संगठन है जो जलवायु पर पैरिस समझौते के अनुरूप है।
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✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र











