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नई दिल्ली
संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान ओडिशा के बारगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद प्रदीप पुरोहित ने पीएम मोदी को लेकर एक विवादित दावा किया। सोमवार को अपने संबोधन के दौरान प्रदीप पुरोहित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पिछले जन्म में मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज थे। इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया, जहां इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान और उनकी विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है।

आखिर क्या बोल गए भाजपा सांसद?
प्रदीप पुरोहित ने अपने भाषण में एक संत से मुलाकात का जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें बताया कि नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा, "मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां एक गंधमर्दन पहाड़ी क्षेत्र है। एक गिरिजा बाबा संत वहां रहते हैं। एक दिन बातचीत चल रही थी तो उन्होंने हमें बताया कि देश के आज जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं वे अपने पूर्व जन्म में महाराज छत्रपति शिवाजी थे। इसलिए आज वे भारत को दुनिया में सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की
भावना से काम कर रहे हैं।"

पुरोहित ने इसे एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध के रूप में पेश करने की कोशिश की, लेकिन उनके इस दावे ने तुरंत विवाद को जन्म दे दिया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया, खासकर एक्स प्लेटफॉर्म पर, लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई यूजर्स ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दिया। विपक्षी दलों ने इस बयान को हाथोंहाथ लिया और बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया।

मुंबई की कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने वीडियो शेयर करते हुए मराठी में लिखा, "अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनिया भर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेंद्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। और अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए… हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।" शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "भाजपा के इन बेशर्म चाटुकारों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी की छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना बिल्कुल अस्वीकार्य है।"

ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद
छत्रपति शिवाजी महाराज 17वीं सदी के मराठा शासक थे, जिन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ स्वराज की स्थापना की थी। उनकी वीरता, रणनीति और प्रशासनिक कुशलता उन्हें भारतीय इतिहास में एक महान नायक बनाती है, खासकर महाराष्ट्र में, जहां वे एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीक हैं। ऐसे में, उनके नाम को किसी भी समकालीन नेता से जोड़ना स्वाभाविक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद हो जाता है। वैसे अब तक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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