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Rahul Gandhi was denied permission to hold a conference in Indore, the administration said no, Jitu Patwari lashed out at the government

इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को शहर के पीड़ित परिवारों और मरीजों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे।

इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई।

कल नेता प्रतिपक्ष आदरणीय @RahulGandhi जी इंदौर आ रहे हैं। वे दूषित पानी से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे और उन्हें संबल प्रदान करेंगे।

मध्य प्रदेश के हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिले, इसी… pic.twitter.com/YmUTG7q7Gs — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 16, 2026

सम्मेलन की नहीं मिली इजाजत- जीतू पटवारी
पटवारी ने बताया कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे।”

सरकार पर बरसे जीतू
पटवारी ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को ‘धीमा जहर’ करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, “इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?”

बता दें कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है। इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

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