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सतना 

 प्रदेश में गरीबी रेखा में पात्रता के बावजूद लाखों परिवार आज भी सरकारी खाद्यान्न से वंचित हैं। वजह कोई नई नहीं, बल्कि ई-केवाइसी की धीमी रफ्तार है। ई-केवाइसी पूरी न होने के कारण पात्र सदस्यों के नाम से खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी नहीं हो सकी। प्रदेश के 55 जिलों में 5.79 लाख नए सदस्यों को खाद्यान पात्रता में शामिल तो किए गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 26 हजार के ही ई-केवाइसी पूरी हो सकी। वहीं पुराने कार्डधारियों में 5.44 लाख परिवारों के सदस्यों के नाम बढ़ाए गए। इनमें से भी केवल 24 हजार की ई-केवाइसी हो सकी है। प्रदेश में कुल 11.23 लाख सदस्य बढ़ें, जिनमें 50 हजार सदस्यों की ही ई-केवाइसी हो सकी है।
इन जिलों का प्रदर्शन खराब

प्रदेशभर के 18 जिले रेड जोन में रखे हैं। इनमें अनूपपुर, आलीराजपुर, डिंडोरी, पांढुर्णा, उमरिया, निवाड़ी, मऊगंज, मंडला, बड़वानी, आगर मालवा, हरदा, नीमच, नरसिंहपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, सिंगरौली, रतलाम और सीधी शामिल हैं। यहां 200 या इससे कम ही ई-केवाइसी हो सकी।

ई-केवाइसी में शिवपुरी जिला प्रदेश में अव्वल

ई-केवाइसी के मामले में शिवपुरी जिला प्रदेश में सबसे आगे है। यहां 35,679 नए पात्र सदस्यों में से 3,407 की ई-केवाइसी हो चुकी है। वहीं पुराने कार्डों में जुड़े 23 हजार सदस्यों में से 2,923 की ई-केवाइसी पूरी कर ली गई है। हालांकि इसके बाद अन्य जिलों की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर ही बनी हुई है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार के चलते प्रदेश के लाखों गरीब राशन से वंचित हैं
सतना-मैहर में स्थिति चिंताजनक

सतना में हालात और भी गंभीर हैं। यहां 13 हजार नए पात्र सदस्यों को राशन(Government Ration) का लाभ मिलना है, लेकिन अब तक 390 सदस्यों की ई-केवाइसी हो पाई है। वहीं पुराने कार्डधारियों में 11.50 हजार सदस्यों में से मात्र 417 के सत्यापन हुए। मैहर में 7,945 नए सदस्य खाद्यान्न के पात्र हैं, पर केवल 342 की ई-केवाइसी हो सकी है। पुराने परिवारों में 5,867 सदस्यों की वृद्धि की, लेकिन इनमें से सिर्फ 271 सदस्यों का ही सत्यापन हो पाया।

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