एक और कैमरा NDRF की टीम ने डाला, राजस्थान-जयपुर में 18 घंटे से बोरवेल में मौत के गड्ढे में चेतना

जयपुर। 18 घंटे से बोरवेल में भूखी प्यासी 3 साल की चेतना को बाहर निकलने के प्रयास और तेज हो गया है। बता दें बोरवेल 700 फीट है और चेतना 150 फीट पर फंसी हुई है। जल्द ही दूसरा प्रयास शुरू होगा। जगह कम होने के कारण खाद्य सामग्री नीचे भेजने में प्रशासन फेल हो गया। रिंग रोड और अंब्रेला टेक्नोलॉजी से बच्ची को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात करीब 1 बजे पहला प्रयास असफल रहा। रिंग बच्ची के कपड़ों में फंसने के बाद बच्ची को बाहर निकाला जाएगा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया कि रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में डाली गई थी। बच्ची के कपड़ों में रिंग उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आदि दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद सही-सलामत निकलेगी चेतना घटनास्थल पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ है। सभी लोग बच्ची के सकुशल बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। सरियों की सहायता से बोरवेल में उतारी गई रिंग बांदीकुई व दौसा में बोरवेल में गिरने वालों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाले तीन युवकों को भी एसडीआरएफ की टीम अपने साथ लेकर पहुंची है। टीम में शामिल जगमाल, नाथूराम व बलराम को बोरवेल में गिरी मोटर बाहर निकालने का अनुभव है। इन्होंने लोहे की रिंग बनाकर सरियों की सहायता से रिंग को नीचे बोरवेल में उतारा है। दो कोशिश नाकाम, अब तीसरी से उम्मीद सोमवार रात करीब 1 बजे रिंग रॉड और अंब्रेला टेक्नीक से बच्ची को निकालने का पहला प्रयास असफल रहा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया- जो रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में फंसाने के लिए अंदर डाला था। वो बच्ची के कपड़ों मे उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आधी दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाला गया है। अब रिंग को सही कर दोबारा डालेंगे। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्ची के दादा व परिवार के अन्य लोगों को रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी दी। राजस्थान पुलिस की एडवायजरी प्रदेश में जगह जगह खुले पड़े सूखे बोरवेल, सूखे कुंए लोगों के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। इन गड्ढों में गिरकर बच्चे ही नहीं बड़े भी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। कहीं भी खुला बोरवेल या सूखा कुंआ दिखाई दे तो एसडीआरएफ हेल्पलाइन 0141-2759903 या 8764873114 पर सूचित करें।… pic.twitter.com/LmktYeSkEt — Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) December 23, 2024 recent visitors 111

18 घंटे से लड़ रहा मौत से जंग, राजस्थान-दौसा में 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम आर्यन

दौसा. 5 साल का छोटा सा आर्यन इस वक्त जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई लड़ रहा है, 150 फीट गहराई में आर्यन जिस तरह डरा सहमा बैठा है, उसका अंदाजा आप लगा सकते होंगे की कैसे घुटन भरी छोटी सी जगह में वह हिम्मत दिखा रहा है और सांसे ले रहा है। परिजनों को पल पल भारी हो रहा है वो पूछ रहे हैं हमारा बच्चा कब बाहर आएगा। बच्चे पर लगातार रखी जा रही है नजर जिला परिषद के सीओ नरेंद्र कुमार मीणा का कहना है कि कल दोपहर बाद बच्चे के बोरवेल में गिरने की खबर मिलने के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। सीओ का कहना है कि बच्चे पर कैमरे से लगातार नजर रखी जा रही है। सीओ का कहना है कि रेस्क्यू के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं लेकिन बच्चा बीच में फंसा हुआ है और उसके नीचे पानी है, इसलिए रेस्क्यू टीमों ने बच्चे के नीचे जाल लगाया है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।  सीओ का कहना है कि एनडीआरएफ की टीमें लगातार लगी हुई हैं और बच्चे को जल्द से जल्द बाहर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर हैं एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें जिले के कालीखाड़ गांव में चल रहे इस ऑपरेशन में जयपुर से एसडीआरएफ, अजमेर से पहुंची एनडीआरएफ की टीमों के साथ दूसरे एक्सपर्ट भी मौके पर हैं। सोमवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में टीमों को दो सफलता हाथ लगी हैं। इनमें एक तो यह कि बच्चे की मूवमेंट कैमरे पर देख पाने में वे सफल रही हैं। दूसरा बच्चे ने रस्सी पकड़ने की भी कोशिश की है। एनडीआरएफ देसी जुगाड़ से भी बच्चे को निकालने में जुटी है। जानकारी के अनुसार 5 साल का आर्यन अपनी मां के सामने ही घर से करीब 100 फीट दूर बोरवेल में गिर गया था। ये बोरवेल परिवार ने करीब 3 साल पहले खुदवाया था, लेकिन काम नहीं आ रहा था। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी दौसा जिले के कालीखाड गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आर्यन नाम का एक बच्चा बोरवेल में गिर गया। तब से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। NDRF की टीम समेत कई लोग बच्चे को बचाने में जुटे हैं। बोरवेल के पास एक गड्ढा भी खोदा जा रहा है। बच्चे को सीधे बोरवेल से निकालने की भी कोशिश हो रही है। recent visitors 163