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चंडोला में गरजा बुलडोजर, 8500 घरों को तबाह करने का वीडियो आया सामने

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में चंडोला तालाब के किनारे एक साथ गरजे करीब 50 बुलडोजरों ने एक ही दिन में करीब 8500 मकानों/ढांचों को पत्थर-पत्थर कर डाला। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण को हटाकर 2.5 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली कराई है। अहमदाबाद के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रान्च, सेक्टर 2) जयपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि कल चंडोला तालाब के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने का दूसरे चरण का काम शुरू हुआ था। जितना अतिक्रमण हटाना था, उसमें से 99.9 फीसदी ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है। 2.25 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली करा ली गई है। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं जिन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। हमारी अपील है कि कोई अफवाह पर ध्यान ना दें। नगर निगम की नीति के मुताबिक जिन्हें मकान मिलना है उनके फॉर्म लिए जा चुके हैं। सरकारी जमीन पर निर्माण अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी एस मलिक के अनुसार नगर निगम ने चंदोला झील के आसपास 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला किया है। पिछले महीने 1.25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के घरों समेत अतिक्रमण को हटाया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने बताया कि दूसरे और अंतिम चरण में एएमसी पुलिस की मदद से शेष भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों और राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है। सिंघल ने कहा कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे, जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। ड्रोन से हुआ अवैध निर्माण का सर्वेक्षण संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह अभियान शुरू करने से पहले एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया और पाया कि झील के आसपास का लगभग 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र पर अब भी अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण से पुष्टि हुई है कि इस विशाल भूमि पर लगभग 8,000 मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। सिंघल ने बताया कि एएमसी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा एएमसी के कम से कम 50 दलों ने सुबह अपना काम शुरू कर दिया है और दोपहर तक 30 प्रतिशत क्षेत्र को साफ कर दिया गया है। हमने क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के लिए 50 ड्रोन तैनात किए हैं। पहलगाम हमले के बाद अहमदाबाद में यहां बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गए थे। 29 और 30 अप्रैल को अहमदाबाद नगर निगम ने पहले चरण के बुलडोजर ऐक्शन में बड़ी संख्या में ढांचों को गिरा दिया था। 20 मई से शुरू हुए दूसरे चरण में नगर निगम की 50 टीमों को सात जोन में बांटकर काम पर लगाया गया था। 350 स्टाफ सदस्यों के साथ सुबह 7 बजे ही ध्वीस्तीकरण का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। 50 से ज्यादा बुलडोजर/अर्थमूवर से अवैध ढांचों को मिट्टी में मिला दिया गया। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए 3000 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। तालाब किनारे एक बेहद सघन बस्ती थी। जॉइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने मंगलवार को पीटीआई को बताया था कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा। किन्हें मिलेगा घर अहमदाबाद नगर निगम ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे चरण का अभियान शुरू किया, 8 हजार अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का एक्शन जारी है। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अधिक्रमण हटाने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 2.5 लाख वर्ग मीटर की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, चंदोला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि पहले चरण के अभियान में 1.5 लाख वर्ग मीटर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुका है चंडोला तालाब पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि ये अवैध निर्माण अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुके थे. पिछले महीने शहर में 250 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 चंडोला तालाब के अवैध निर्माणों में रहते थे और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े थे. इससे पहले साल 2009 में 95 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे, तब भी यहां डिमोलिशन किया गया था. डिमोलिशन के दूसरे चरण के दौरान एक जेसीपी, एक एडीसीपी, 6 डीसीपी, एसीपी, और पीआई सहित कुल 3 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. 25 एसआरपी कंपनियां भी मौजूद रहेंगी. पहले चरण के दौरान स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में जाकर डिमोलिशन रोकने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध बताते हुए  डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे. अब दूसरे चरण में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा. प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस खाली जगह पर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो.     शहर के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि दो शिफ्ट में पुलिस के करीब 3000 कर्मियों और एसआरपी की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण हटाए जाने की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों तक चल सकती है।     प्रभावित क्षेत्रों में दो दिन से लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों से घर खाली करने की अपील की गई थी। चंदोला क्षेत्र में बिना कानूनी दस्तावेज के काफी अवैध बांग्लादशी रहते थे। इसमें से अधिकतर को अब डिपोर्ट किया जा चुका है।     दावा था कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए भी किया जा रहा था। 2010 से पहले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस आवास के लिए वार्ड कार्यालय से फॉर्म लेने को कह दिया गया है। सुरक्षाबल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों ने दी जानकारी अहमदाबाद के डीसीपी रवि मोहन सैनी ने कहा, 'ये पूरा तालाब का एरिया है। इसमें जो भी निर्माण किया गया है, वो अवैध है। इसलिए आज इसे हटाया जा रहा है। पहले चरण में हमने जब अतिक्रमण हटाया था, तब कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पकड़े गए थे। उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। अवैध कब्जे की शुरुआत कब हुई? लंबे समय से चंदोला लेक का इलाका अवैध बांग्लादेशियों का गढ़ बना हुआ था, जहां ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फेक डॉक्यूमेंट्स का जाल फैला था। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970 में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में माइग्रेंट के लिए बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस एरिया में सियासत नगर नाम से एक बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से लेकर 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ोतरी होने लगी। प्रशासन के मुताबिक, इस इलाके में लोगों ने कई बड़े अवैध निर्माण किए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने की थी ये मांग गुजरात हाईकोर्ट में पहली स्टेज के दौरान लोकल लोगों ने जाकर डिमोलिशन रोकने को लेकर मांग की थी, लेकिन गुजरात कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। अब दूसरी स्टेज में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि खाली जगह पर फिर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की … Read more

दमोह में प्रशासन ने गोकशी के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई, चला बुलडोजर

 दमोह मध्य प्रदेश के दमोह (Damoh) में प्रशासन ने गोकशी के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन का कहना है कि आरोपियों ने करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था, जिसे बुलडोजर चलाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. जानकारी के अनुसार, यह मामला सीतावाबली इलाके का है. यहां प्रशासन और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से गोहत्या के आरोपियों पर बुलडोजर की कार्रवाई की. आरोप है कि इस बेशकीमती जमीन पर गोकशी की जा रही थी. प्रशासन और नगर पालिका ने करोड़ों की सरकारी जमीन को मुक्त कराया है. दरअसल, कल सुबह दमोह के सीतावाबली इलाके में गोहत्या का मामला सामने आया था, जिसके बाद शहर में तनाव के हालात हो गए थे. इसके बाद इसी इलाके में प्रशासन ने कुछ अतिक्रमण हटाए थे. सूचना के बाद मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों ने वर्षों से कब्जा करके बैठे आरोपियों के अतिक्रमण हटाने की मांग की थी. प्रशासन ने इन संगठनों को आश्वासन दिया था. इसके बाद देर रात से इस इलाके में मशीनरी तैनात कर दी थी. सुबह होते ही बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई और 6 बड़े कब्जों हटा दिया गया. नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि करोड़ों की जमीन पर कब्जा किया गया था. यहां गोकशी की जा रही थी. प्रशासन को गोकशी के निशान भी मिले हैं. इन कब्जाधारियों में वो लोग शामिल हैं, जो कल गोहत्या के मामले में आरोपी हैं. फिलहाल सीतावाबली इलाके में बुलडोजर एक्शन के बाद हड़कंप मच गया. अभी दर्जनों कब्जे हैं, जिन्हें हटाने से पहले नोटिस दिए गए हैं. एसडीएम आरएल बागरी ने कहा कि कल भी अतिक्रमण हटाए गए थे. आज बड़ी कार्रवाई की गई है. ये अभियान लगातार जारी रहेगा.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 13

डबल मर्डर के मुख्य आरोपी के अवैध मकान पर चला बुलडोजर, छत्तीसगढ़-सूरजपुर में साय सरकार का एक्शन

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बहु चर्चित डबल मर्डर की घटना के बाद एसपी एव कलेक्टर पर आरोपी को संरक्षण देने के आरोप लगने पर प्रदेश सरकार ने दोनों को हटा दिया था इसके पश्चात नवनियुक्त कलेक्टर एवं एसपी के द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलदीप साहू के अवैध मकान एवं बाउंड्रीवॉल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की उपस्थिति में सुबह से ही अपनी मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर धाराशाई किया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बहुचर्चित डबल मर्डर की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई कर जिले के पुलिस कप्तान एवं जिला कलेक्टर का तबादला किया गया था। जिसके बाद यह अंदाजा लगाया ही जा रहा था कि प्रशासन मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के अवैध घर एवं बाउंड्रीवॉल पर बुलडोजर चला सकती है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बीते रविवार को देर दोपहर संयुक्त कलेक्टर कार्यालय से लेटर जारी कर जिले के सभी निकायों से ट्रैक्टर ट्राली एवं सफाई कर्मियों को देर शाम 7 बजे एकत्रित होने हेतु न्यू सर्किट हाउस में आदेश किया गया था। इसके पश्चात सभी निकायों के ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर सफाई कर्मी देर रात तक सर्किट हाउस पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके पश्चात आज सोमवार के सुबह जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम के द्वारा पुराने बस स्टैंड स्थित आरोपी कुलदीप साहू के घर एवं बाउंड्रीवॉल पर बुलडोजर चलाकर धराशायी करने का काम शुरू कर दिया गया है। शहर को छावनी में किया गया तब्दील आरोपी कुलदीप साहू के अवैध अतिक्रमण को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा कमर कसकर सुबह से ही घटनास्थल पर उपस्थित होकर आवाज अतिक्रमण को तोड़ने हेतु बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हत्या, रेप और आतंक के केस के आधार पर भी दोषी की किसी संपत्ति को तोड़ा जा नहीं सकती

नई दिल्ली देशभर में चल रहे बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच कर रही है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई  पर रोक लगाते हुए कहा था कि सिर्फ सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को हटाने की ही छूट होगी. इस मामले में यूपी, एमपी और राजस्थान की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता पेश हुए. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई में पूछा कि क्या दोषी करार देने पर भी किसी की संपत्ति तोड़ी जा सकती है? जिस पर एसजी तुषार ने कहा कि नहीं, यहां तक कि हत्या, रेप और आतंक के केस के आधार पर भी नहीं. मेरे कुछ सुझाव हैं, नोटिस को रजिस्टर्ड एडी से भेजा जाए. हम सबके लिए गाइडलाइन जारी करेंगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, हम सब नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी करेंगे. अवैध निर्माण हिंदू, मुस्लिम कोई भी कर सकता है. हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय के हों. बेशक, अतिक्रमण के लिए हमने कहा है कि अगर यह सार्वजनिक सड़क या फुटपाथ या जल निकाय या रेलवे लाइन क्षेत्र पर है, तो हमने स्पष्ट कर दिया है. अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है, चाहे वह गुरुद्वारा हो या दरगाह या मंदिर, यह सार्वजनिक बाधा नहीं बन सकती. जस्टिस गवई ने कहा कि चाहे मंदिर हो, दरगाह हो,  उसे जाना ही होगा क्योंकि ⁠सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हाल ही में यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में जमीयत ने अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है। याचिका में सरकार को आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने से रोकने की मांग की गई है. जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि यदि  2 संरचनाओं में उल्लंघन हुआ है और केवल 1 के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और आप पाते हैं कि पृष्ठभूमि में कोई अपराध है. यह समझौता करने योग्य या गैर समझौता करने योग्य अपराध हो सकता है. यदि आप शुरू में किसी व्यक्ति की जांच कर रहे हैं और आपको जल्द ही उसका आपराधिक इतिहास पता चलता है तो? दो गलतियां एक सही नहीं बनाती हैं. इस बारे में हमारी सहायता करें. न्यायिक निगरानी होनी चाहिए जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि इसके लिए कुछ समाधान तो खोजना ही होगा, कुछ न्यायिक निगरानी होनी चाहिए. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि मैं यूपी, एमपी, राजस्थान की ओर से पेश हुआ हूं. हमने पहले भी कहा है. हमने यूपी मामले में पहले ही हलफनामा दाखिल कर दिया था कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है, किसी संपत्ति को गिराने का आधार नहीं हो सकता. नगर निगम कानून, नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन होना चाहिए. साथ ही कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. नोटिस जारी किए जाने चाहिए, पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए. हम यह स्पष्ट करते हैं कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है या यहां तक ​​कि बलात्कार, हत्या या आतंकवाद में भी दोषी है, उसे गिराने का आधार नहीं माना जा सकता. कानून किसी खास धर्म के लिए नहीं… इस मामले में जो भी नियम बनाए जाएं, उन्हें पूरे भारत में लागू किया जाना चाहिए. ⁠जब ​​याचिकाकर्ता कहते हैं कि चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है, तो इसमें कुछ संवेदनशीलताएं शामिल हैं. अदालत को आरोपों से बाहर आना चाहिए और तय करना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत. जस्टिस गवई ने कहा कि हम सभी के लिए कानून बनाएंगे, किसी खास धर्म के लिए नहीं. अवैध निर्माणों को सभी धर्मों से अलग किया जाना चाहिए. नोटिस की सही सर्विस होनी चाहिए, पंजीकृत ए.डी. के माध्यम से नोटिस हो. नोटिस चिपकाने की यह प्रक्रिया चले, डिजिटल रिकॉर्ड होना चाहिए. इससे अधिकारी भी सुरक्षित रहेंगे, हमारे पास भारत से पर्याप्त विशेषज्ञ है. एसजी ने कहा कि ऐसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ बुलडोजर मामले बहुत कम होंगे, ये मामले दो फीसदी होंगे. लेकिन बिल्डरों से जुड़े इस तरह के मामले बहुत हैं. जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि जब तक नगर निगम के अधिकारी इन पर फैसला नहीं ले लेते, तब तक कोई अर्ध न्यायिक निगरानी भी नहीं है. ये मामला दो फीसदी का नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि साढ़े चार लाख मामले तोड़फोड़ के हैं. हिंदू-मुस्लिम की बात क्यों आती है? सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान कहा कि हिंदू-मुस्लिम की बात क्यो आती है. वे हमेशा अदालत में जा सकते हैं  इसमें भेदभाव कहां है. जस्टिस विश्वनाथ ने कहा कि इसके लिए कुछ समाधान खोजना होगा. जैसे न्यायिक निरीक्षण किया जाए. इसपर SG ने कहा कोर्ट मीडिया में प्रचारित कुछ घटनाओं को छोड़कर इसके लिए एक सामान्य कानून बनाए जाने पर विचार करें. तुषार मेहता ने कहा कि मैं यूपी, एमपी, राजस्थान  की ओर से पेश हुआ हूं. हमने पहले भी कहा है, हमने यूपी मामले में पहले ही हलफनामा दाखिल कर दिया था कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है, किसी संपत्ति को गिराने का आधार नहीं हो सकता. ⁠नगर निगम कानून, नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन होना चाहिए. ⁠साथ ही कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. ⁠नोटिस जारी किए जाने चाहिए. ⁠पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए. ⁠हम यह स्पष्ट करते हैं कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है या यहां तक ​​कि बलात्कार, हत्या या आतंकवाद में भी दोषी है, उसे गिराने का आधार नहीं माना जा सकता. तुषार मेहता ने आगे कहा कि⁠ जो भी नियम बनाए जाएं, उन्हें पूरे भारत में लागू किया जाना चाहिए. ⁠जब ​​याचिकाकर्ता कहते हैं कि चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. ⁠मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है, तो इसमें कुछ संवेदनशीलताएं शामिल हैं. ⁠अदालत को आरोपों से बाहर आना चाहिए.⁠ तय करना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत.  ⁠जस्टिस गवई ने कहा कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं. ⁠हम सभी के … Read more