अब तक 10 FIR दर्ज, छत्तीसगढ़-मुंगेली में धान खरीदी में ढाई करोड़ का गबन

मुंगेली। जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन का डंडा चल रहा है, जिससे सहकारिता विभाग में हड़कंप मच गया है. दरअसल जिले में धान शॉर्टेज के नाम पर गबन का जो खेल है वो कोई नया नहीं बल्कि पुराना है. कुछ समितियों में कुछ हद तक वास्तविकता में शॉर्टेज की स्थिति निर्मित होती है, जो प्राकृतिक रूप से होता और यह भौतिक सत्यापन में क्लियर भी हो जाता है कि धान में कमी कैसे आई, लेकिन कुछ समितियों में शॉर्टेज के नाम पर जानबूझकर लाखाें-करोड़ों रुपए का धान गबन कर व्यारा न्यारा कर दिया जाता है. जानकारों का कहना है कि जिला स्तर पर विभागीय अफसरों द्वारा जब दोषियों पर कार्रवाई की जाती है तो संभागीय कार्यालयों या फिर कोर्ट से राहत पा जाते हैं. इसके पीछे की बड़ी वजह है धान खरीदी को लेकर शासन स्तर पर बनाई गई गाइडलाइन और अनुबंध, जिसे समय और परिस्थितियों के अनुसार न सिर्फ बदलने की जरूरत है बल्कि टाइट करने की भी जरूरत है, ताकि दोषी कर्मचारियों को बचने का मौका न मिल सके. बताते हैं कि धान खरीदी में त्रिस्तरीय अनुबंध लचीला होने के चलते शॉर्टेज की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन मुंगेली जिले में इस बार जिस तरीके से प्रशासन और पुलिस का धान खरीदी में आर्थिक रूप से अनियमितता करने वालों पर डंडा चल रहा है उससे हड़कंप मचा हुआ है. पहले एफआईआर तक ही मामला सीमित रहता था और कोर्ट के सहारे मामले शिथिल हो जाते थे, लेकिन इस बार कलेक्टर राहुल देव ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का डंडा इस कदर चलाया कि दोषियों को जेल भी जाना पड़ रहा है. दरअसल जिले के 60 से ज्यादा धान उपार्जन केंद्रों में करीब 60 हजार क्विंटल धान अब भी रिकॉर्ड में धान उपार्जन केंद्रों में रखा हुआ है, जो भौतिक सत्यापन में नजर नहीं आ रहा है. यह धान खरीदी कार्य में अनियमितता की पराकाष्ठा पार है. इधर 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू होने को है. ऐसे में प्रशासनिक एक्शन की रफ़्तार काफी तेज हो गई है. अब पढ़िए सिलसिलेवार धान अनियमितता का मामला और उस पर हुई कार्रवाई. 55 लाख रुपए का धान गबन धान उपार्जन केन्द्र विचारपुर, जुनवानी और सिंघनपुरी धान खरीदी केंद्र में 55 लाख रुपए से अधिक राशि के गबन के मामले में कलेक्टर राहुल देव एवं पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. संबंधित केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध आईपीसी की धारा 420 और 409 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है. कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाने वालों के विरूद्ध जिला प्रशासन सख्त है. नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि धान खरीदी में गबन के मामले में संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भौतिक सत्यापन में क्या मिल रहा ? गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी में किसी तरह की अनियमितता होने से रोकने के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर खरीदी केंद्रों की समय-समय पर जांच/भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें विचारपुर धान उपार्जन केंद्र में केंद्र प्रभारी वेदप्रसाद गबेल द्वारा 18 लाख 72 हजार रुपए से अधिक राशि के लगभग 604 क्विंटल मोटा धान का गबन किया गया. इसी तरह पथरिया विकासखंड के धान खरीदी केंद्र जुनवानी में खरीदी वर्ष 2023-24 में किसानों से कुल 69,797 क्विंटल धान खरीदी की गई, जिसमें से 52,331 क्विंटल धान का परिदान हुआ. भौतिक सत्यापन करने पर उपार्जन केंद्र में केवल 17,109 क्विंटल धान बचा हुआ था, शेष लगभग 356 क्विंटल धान का केन्द्र प्रभारी भीखम वर्मा द्वारा हेराफेरी करते हुए गबन किया गया, जिसकी कीमत 11 लाख रुपए से अधिक है. लालपुर थाना अंतर्गत उपार्जन केंद्र सिंघनपुरी में खरीदी केंद्र प्रभारी होरीलाल जायसवाल के द्वारा 25 लाख 37 हजार रूपए से अधिक की राशि के लगभग 818 क्विंटल से अधिक धान का गबन किया गया. सहायक आयुक्त सहकारिता विभाग हितेश श्रीवास ने बताया कि कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मैनेजर और सुपरवाइजर द्वारा धान खरीदी में गबन के मामले पर तीनों केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है. उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में अब तक ढ़ाई करोड़ से अधिक की राशि का धान के गबन के मामले पर कार्रवाई की जा चुकी है. धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिछले वर्ष और इस वर्ष मिलाकर अब तक कुल 10 एफआईआर कराया जा चुका है. छटन और गुरूवाईनडबरी में भी धान खरीदी में गबन मामले में कार्रवाई हुई थी. बता दें कि एक माह के भीतर लोरमी विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र गुरूवाइनडबरी एवं मुंगेली विकासखण्ड के छटन में भी अनियमितता के मामले में भी बड़ी कार्रवाई की गई थी. गुरूवाईडबरी में आरोपी रामदास बंजारे ने धान खरीदी केंद्र प्रभारी रहते हुए फर्जीवाड़ा कर शासन को लगभग 91 लाख 68 हजार से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुंचाने पर गिरफ्तार किया गया. रामदास बंजारे द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी के दौरान बेईमानीपूर्वक 25 सौ क्विंटल से अधिक धान का गबन किया गया था. इसके साथ ही किसानों से खरीदे गए धान में से 600 बोरी धान को बेईमानीपूर्वक बिक्री करने के लिए श्याम राईस प्रोडक्ट बरेला के ट्रक क्रमांक सीजी 12 एस 2108 में लोड कराया गया था. इसी तरह धान उपार्जन केंद्र छटन में 49 लाख 04 हजार रुपए से अधिक कीमत का कुल 1582 क्विंटल धान कम पाया गया था. जांच में खरीदी प्रभारी पूर्णेंद्र यादव द्वारा गबन एवं धोखाधड़ी करते हुए शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया, जिसके बाद फरार चल रहा था, जिसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई. recent visitors 61

इलाज के दौरान मासूम की मौत से मचा हड़कंप, छत्तीसगढ़-मुंगेली के स्कूल में छात्र को जहरीले जीव के काटा

मुंगेली। बिलासपुर के सिम्स में उपचार के दौरान चौथी कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। यह छात्र मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र के धमनी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र निखिल साहू था, जो शनिवार को स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। इस दौरान अज्ञात जहरीली जंतु ने उसे काट लिया। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों ने पहले तो स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए दाखिल कराया, लेकिन तबियत बिगड़ते देख सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बिच्छू के काटने से बच्चे की मौत हुई है, लेकिन ग्रामीण सर्पदंश से मौत का आरोप लगा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। लल्लूराम डॉट कॉम को मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह लगभग 8:50 बजे शासकीय प्राथमिक शाला धमनी में छात्र निखिल साहू (उम्र 10 साल) कक्षा 4 में रोते हुए बैठा था। इसकी जानकारी बच्चों ने प्रधानपाठक संगीता भारद्वाज को दी। प्रधानपाठक ने बच्चे के पास जाकर पूछा कि क्या हुआ है, तो निखिल साहू ने बताया कि उसे बिच्छू ने काटा है। उस समय निखिल को पसीना आ रहा था और वह रो रहा था। इसकी जानकारी प्रधानपाठक ने स्कूल समन्वयक मोहन लहरी को 8:55 में दी कि बच्चे को बिच्छू ने काटा है। तब प्रधानपाठक ने शिक्षक छन्नूराम भारद्वाज व गांव के भाजपा कार्यकर्ता राज कुमार कौंशिक के साथ मिलकर उसे अस्पताल पहुँचाया। हालांकि यह कहा जा रहा है कि स्कूल में न तो बिच्छू और न ही सांप मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस जहरीली जंतु के काटने से मौत हुई है। सिम्स में उपचार के दौरान तोड़ा दम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरगांव में डॉ. टोप्पो को बच्चे के विषय में जानकारी दी गई और बच्चे के आते ही उसे एंटीवेनम इंजेक्शन देकर 108 से सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। इस दौरान छात्र अपने होश-हवास में था। साथ में एंबुलेंस में शिक्षक राजकुमार कौशिक और बच्चे के चाचा मौजूद थे। इसके बाद संजीवनी 108 एम्बूलेंस से बच्चे को सिम्स रेफर किया गया। जहां उपचार के दौरान दोपहर 1:30 बजे के आसपास डॉक्टर ने परिजनों को बुलाकर बच्चे की मौत की सूचना दी और बताया कि उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन जहर के कारण उसके फेफड़ों की नस में पानी भरने के कारण उसे नहीं बचाया जा सका। मौत की वजह नहीं पता – डीईओ इस मामले को लेकर जब डीईओ सीके धृतलहरे से बातचीत की गई, तब उन्होंने कहा कि धमनी में बच्चे की मौत की जानकारी मिली है, लेकिन कैसे, क्यों, और किस वजह से उनकी मौत हुई है, इसको लेकर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। कलेक्टर ने क्या कहा ? बच्चे के शव का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जा चुका है। प्रशासनिक अमले से उसके परिजनों से बात भी हुई है। शिक्षा विभाग की तरफ से अंतिम संस्कार कार्य के लिए 11 हजार रुपये की राशि सहयोग के रूप में दी गई है। इधर कलेक्टर राहुल देव ने कहा है कि राजस्व विभाग से मिलने वाली सहायता बिसरा रिपोर्ट आने के पश्चात शीघ्र ही 4 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वही इस घटना को लेकर कलेक्टर ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि इसमें कोई भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के लिए जिम्मेदार कौन ? इधर इस घटना की जैसे ही परिजनों एवं ग्रामीणों को जानकारी हुई, स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि स्कूल में उचित सफाई नहीं होने और स्कूल की जर्जर अवस्था के कारण यह घटना हुई है। हालांकि यह जांच का विषय है। यदि स्कूल की जर्जरता की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई होगी, तो स्कूल जतन योजना के कार्यों पर एक बार फिर सवाल उठ रहा है। वही अब भी मृतक बालक के परिजन एवं ग्रामीण आवाज बुलंद कर रहे हैं कि इस घटना के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? और क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी ? यह बड़ा सवाल है। recent visitors 76

डिप्टी सीएम अरुण साव ने किया शिलान्यास, छत्तीसगढ़-मुंगेली में 581 लाख से बनेगा उच्च स्तरीय पुल

मुंगेली/लोरमी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के ग्राम कारीडोंगरी में मनियारी नदी पर उच्च स्तरीय पुल का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों को बधाई दी। ग्राम कारीडोंगरी में निर्माणाधीन यह पुल क्षेत्र के 11 गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा, जिससे वहां के निवासी बारहों महीने निर्बाध आवागमन कर सकेंगे। इस पुल का लाभ दरवाजा, कन्सेरी, अखरार, खाम्ही, घानाघाट, डोंगरिया, कारीडोंगरी, जाकड़बांधा, खुड़िया, महामाई और लमनी गांवों की लगभग 11,000 की आबादी को मिलेगा। पुल का निर्माण 120 मीटर लंबा होगा और इसकी लागत 581 लाख रुपए निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पुल के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गांव, गरीब, किसान, युवा, और महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिले में सड़क, पुल, पुलिया सहित विभिन्न निर्माण कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।” कलेक्टर राहुल देव ने ग्राम कारीडोंगरी में पुल के भूमिपूजन एवं शिलान्यास पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि यह पुल एक बहुप्रतीक्षित मांग थी, जो आज पूरी हो रही है। गौरतलब है कि इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी, सेतु निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आर. के. खाम्भरा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। recent visitors 109

नाबालिक सहित छह आरोपी गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-मुंगेली में नौ लाख मूल्य की ब्राउन सुगर पकड़ी

मुंगेली. मुंगेली में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जहां नशे के अवैध कार्य करने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। उसी कड़ी में मुंगेली पुलिस के द्वारा  महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर संजीव शुक्ला के दिशा-निर्देश एवं मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिले के साइबर सेल की टीम एवं थाना जरहागांव को मुखबीर के जरिये से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई। साइबर सेल की टीम एवं थाना जरहागांव को सूचना प्राप्त हुई कि सफेद रंग के अर्टिगा वाहन में कुछ व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर की तस्करी करते हुये अंबिकापुर-बिलासपुर से मुंगेली की तरफ आ रहे हैं। पुलिस को सूचना प्राप्त होते ही तत्काल घेराबंदी एवं धर पकड़ हेतु अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग टीम को तैनात किया गया। इसी दौरान शाम तकरीबन 4 से 5 बजे के मध्य बिलासपुर तरफ से एक अर्टिगा कार क्रमांक CG 28  K 4790 आते दिखी जिसे पूर्व से तैनात पुलिस की टीम द्वारा घेराबंदी कर रोका गया। कार में 06 व्यक्ति सवार थे। सवार व्यक्तियों की विधिवत् तलाशी ली गई तो कार के अंदर रखे कैरी बैग के अंदर अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर मिलने पर सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन अर्टिगा कार को जप्त किया गया। मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बताया की गिरफ्तार आरोपियों के द्वारा पूछताछ में बताया गया कि अवैध ब्राउन शुगर को दीगर राज्य से पहले बस में लेकर आये उसके बाद अंबिकापुर-कोरबा के सीमा से अन्य साथियों के साथ कार के माध्यम से तस्करी करते हुये मुंगेली आ रहे थे। अपचारी बालक सहित अन्य 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेष किया जा रहा है। recent visitors 74

पुलिस कांस्टेबल की मौत, छत्तीसगढ़-मुंगेली में अनियंत्रित पिकअप वाहन ने मारी टक्कर

मुंगेली/लोरमी। लोरमी में एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने पुलिस कांस्टेबल प्रशांत मसीह को ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना चिल्फी पुलिस थाने के बोड़तरा गांव में हुई। ग्रामीणों ने जब सड़क पर शव को देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि प्रशांत मसीह चिल्फी थाने में पदस्थ थे। हादसे से ठीक पहले शाम करीब 8 बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बोड़तरा की तरफ खाना खाने के लिए आए हुए थे। जिसके बाद वह चिल्फी की तरफ वापस जा ही रहे थे कि अचानक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उन्हें ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चिल्फी पुलिस ने कांस्टेबल प्रशांत मसीह के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए लोरमी रवाना कर दिया है। recent visitors 77

10 हितग्राहियों को मिली घर की चाबी और 20 हजार को स्वीकृति पत्र, छत्तीसगढ़-मुंगेली में लगा आवास मेला

मुंगेली। जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में ‘‘हमर आवास हमर विकास’’ की थीम पर जिला स्तरीय आवास मेला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री आवास एवं शहरी विकास तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक पुन्नूलाल मोहले कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर अतिथियों ने आवास योजना के 10 हितग्राहियों को चाबी सौंपी और 60 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री साहू ने कहा कि देश में नरेन्द्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही सबसे पहले 03 करोड़ आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं प्रदेश में विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री बनते ही पहली केबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासहीन परिवारों के लिए आवास की स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में जिले के 20 हजार से अधिक हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किया गया है। इसके लिए पूरे जिलेवासी बधाई के पात्र हैं। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कही यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब के सपने को साकार करने का संकल्प लिया है। हर गरीब का सपना होता है, कि उसका खुद का पक्का मकान हो। इस सपने को साकार करने का बीड़ा देश के प्रधानमंत्री ने उठाया। छत्तीसगढ़ में सरकार बनते ही 14 दिसंबर को पहली केबिनेट की बैठक में 18 लाख आवास प्रदान करने हस्ताक्षर किया गया। प्रतिमाह महतारी वंदन का पैसा महिलाओं को मिल रहा है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। मोदी के एक एक गारंटी को पूरा करने में लगी है सरकार -प्रभारी मंत्री जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि देश में 2016 से पक्का आवास बनाने की दिशा में काम हो रहा है। मुंगेली जिले में 2024 में 20551 आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त है। हमारी सरकार मोदी के एक-एक गारंटी को पूरा कर रही है। पात्र हितग्राही आवास योजना से न हो वंचित -विधायक विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि आवास योजना का लाभ लेने से कोई पात्र हितग्राही वंचित न हो। आज इसी कड़ी में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जो भी व्यक्ति आवास योजना का लाभ नहीं ले पाया है, वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिले में 47 हजार से ज्यादा पूर्ण- कलेक्टर कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिले में 49 हजार 225 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 47 हजार 100 से अधिक आवासों को पूर्ण कर लिया गया है। आवास योजना में राज्य स्तरीय रैंकिंग में मुंगेली जिला शीर्ष से चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लक्ष्य हितग्राहियों को पक्का छत पक्का मकान दिया जाना है। जिले में पूर्ण आवासों के विरुद्ध कल 565 करोड़ 26 लाख रुपए एवं नए स्वीकृत आवासों में प्रथम किस्त की राशि 33 करोड़ 23 लाख 20 हजार रूपए हितग्राहियों के खाते में हस्तांतरित किया जा चुका है। 60 से अधिक हितग्राही लाभान्वित आवास मेले में जिले के सभी विकासखण्डों के 60 से अधिक हितग्राहियों को आवास सहित शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभन्वित किया गया। इनमें एन.आर.एल.एम. अंतर्गत लखपति दीदी, सामुदायिक निवेश कोष, चक्रीय निधि, एन.आर.एल.एम. बैंक लिंकेज तथा विश्वकर्मा योजना के हितग्राही शामिल हैं। आवास मेले में जिले के तीनों विकासखण्डों के 10 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई तथा 10 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किया गया। इसी प्रकार स्व सहायता समूहों से जुड़ी 09 लखपति दीदीयों को सम्मानित किया गया। मेले में सामुदायिक निवेश कोष अंतर्गत 09, चक्रीय निधि अंतर्गत 09, एन.आर.एल.एल बैंक लिंकेज अंतर्गत 09 तथा पीएम विश्वकर्मा योजनांतर्गत 05 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के समापन में जिला प्रशासन द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों को किया गया। recent visitors 69