समस्याओं का नहीं हो पा रहा निदान, छत्तीसगढ़-रायगढ़ पहुंचे पहाड़ी कोरवा का आरोप

रायगढ़. छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जहां गांव-गांव में कैंप लगाकर हर गांव तक सरकारी सुविधाओं का पहुंचाने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सुबह उस वक्त देखने को मिला। आधे दर्जन से अधिक पहाड़ी कोरवा अपनी समस्याओं के निदान के लिये जिला मुख्यालय पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार के द्वारा दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों और खास करके पहाड़ी कोरवाओं को आत्मनिर्भर बनाने को गांव-गांव में शिविर लगाकर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए लाभ पहुंचाने की बात कही जाती है, लेकिन सरकार की यह योजना उस समय महज कागजों में सिमट कर रह जाती है जब सैकड़ों किलोमीटर सफर तय करके कापू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सलका के पहाड़ी कोरवा जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए कलेक्टर से गुहार लगाते हैं। recent visitors 93

दल से खदेड़ कर बाद में बुला लेती हैं हथिनियां, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में बरसात में हाथियों का बढ़ता है उत्पात

रायगढ़. जंगल प्रकृति का एक बेहद ही खूबसूरत चेहरा है। जंगल हरे-भरे पेड़ और कई प्रकार के जीव-जंतुओं के अलावा अनेकों प्रकार के पशु-पक्षियों का आशियाना है। छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला चारों तरफ घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है और यहां के जंगलों में कई तरह के वन्यप्राणी विचरण करते हैं। जंगली हाथियों की बात करें तो जिले के रायगढ़ व धरमजयगढ़ दोनों वन मंडलों में बीते कई सालों से जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। इनकी लगातार बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिये समस्या बनी हुई है। हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के रूप में मनाया जाता है और यह दिन हाथियों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के लिये कई प्रकार के जागरूक कार्यक्रम करके मनाया जाता है। रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की मौजूदगी साल भर रहती है। रायगढ़ एक ऐसा जिला है, जिसमें दो वन मंडल हैं। रायगढ़ व धरमजयगढ़ वन मंडल दोनों एक ही जिले में होनें से यहां जंगली हाथियों का आना-जाना दोनों ही वन मंडल में लगा रहता है। 108 हाथी कर रहे विचरण रायगढ़ जिले का जंगल कोरबा एवं पड़ोसी राज्य ओडिसा के जंगलों से जुड़ा हुआ था, जिस वजह से इसे हाथियों का कॉरीडोर भी कहा जाता है। वर्तमान स्थिति की अगर बात करें तो अभी मौजूदा समय में दोनों वन मंडलों को मिलाकर जिले में कुल 108 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। जिसमें धरमजयगढ़ वन मंडल जहां 103 हाथी तो वहीं रायगढ़ वन मंडल में कुल 5 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। किस रेंज में कितने हाथी हाथियों के इस दल में सबसे अधिक हाथी छाल रेंज के पुरूंगा बीट में 37 हाथी, लैलूंगा रेंज के कहरचुवां बीट में 21 हाथी, छाल रेंज के एडु बीट में 14 हाथी, कापू रेंज में 10 हाथी के अलावा अलग-अलग रेंज व बीट में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों के इस दल में नर हाथी 29, मादा हाथी 49 के अलावा 30 बच्चे शामिल हैं। रायगढ़ जिले के जंगलों में विचरण करने वाले हाथियों का दल कभी कोरबा तो कभी सरगुजा क्षेत्र के जंगलों में चले जाने के कारण इनकी संख्या में कभी कमी तो कभी बढ़ोतरी देखी जाती रही है। 12 किसानों की फसलों को पहुंचाया नुकसान शनिवार रात जंगली हाथियों ने 12 से अधिक जगहों में जमकर उत्पात मचाया है। इसमें धरमजयगढ़ क्षेत्र के शेरबन में चार किसानों की फसलों को नुकसान, छाल क्षेत्र के कुडेंकेला में चार किसानां की झटका मशीन एवं पाइप को नुकसान, छाल के पुरूंगा में चार किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है। जिले में हाथियों की बढ़ी हुई संख्या के कारण इस तरह के नुकसान के आंकड़े रोजाना आ रहे हैं। ड्रोन कैमरे से रखी जाती है नजर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के घने जंगलों में हाथियों की मौजूदगी हमेशा से ही अधिक रही है। इस वजह से हाथी मित्र दल एवं हाथी ट्रैकरों के द्वारा यहां हाथियों पर विशेष रूप से ड्रोन कैमरे के जरिये नजर रखी जाती है, ताकि हाथी के हर मूवमेंट की जानकारी लेकर प्रभावित गांव के ग्रामीणों को सचेत किया जा सके। इस दौरान हाथियों के मस्ती करते हुए के अलावा नहाते हुए कई मनमोहन वीडियो भी अब तक ड्रोन कैमरे में कैद हो चुके हैं। किया जाता है प्रचार-प्रसार वन विभाग की टीम भी हाथी और मानव के बीच द्वंद्व को रोकने हाथी प्रभावित गांवों में लगातार प्रचार-प्रसार करते हुए हाथी विचरण करने वाले जंगलों में ग्रामीणों को किसी भी हाल में जंगल तरफ नही जाने की समझाइश दी जाती रही है, ताकि किसी तरह की जनहानि की घटना घटित न हो। साथ ही साथ गांव-गांव में मुनादी कराकर हाथी से सावधानी बरतने की बात कही जाती है। दल से भटकता नहीं हाथी बताया जाता है कि नर हाथी दल से बिछड़ता नहीं है, बल्कि बरसात के समय उनका उत्पात अधिक हो जाने के चलते मादा हथनियां जो कि हाथियों के दल की प्रमुख होती हैं, उनके द्वारा ही उस नर हाथी को दल से खदेड़ दिया जाता है जो कि कुछ समय बाद पुनः अपने दल में वापस मिल जाता है। फसलों से प्रभावित होते हैं हाथी जानकार लोगों का कहना है कि हाथियों में सूंघने की शक्ति अधिक होती है। इस वजह से जंगलों में विचरण करने वाले हाथी अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में लगे फसलों केला, गन्ना, कटहल, धान से प्रभावित होकर गांव तक पहुंच जाते हैं और यहां उत्पात मचाकर वापस जंगलों में लौट जाते हैं। झटका मशीन का करते हैं उपयोग एक अन्य जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के कई किसान ऐसे भी हैं जो जंगली हाथियों से अपनी फसलों को बचाने के लिये झटका मशीन का उपयोग करते हैं, ताकि जंगली हाथी जब उनके खेतों में धान की फसल को खाने पहुंचते हैं, तब तार के संपर्क में आते ही हल्का सा हटका लगने पर जंगली हाथी वापस भाग जाते हैं। इस झटका मशीन से जंगली हाथियों को किसी प्रकार की कोई हानि नही होती।  हाथी मानव द्वंद्व रोकने की गई पहल देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मन की बात में छत्तीसगढ़ में हाथियों के लिए शुरू किये गये रेडियो कार्यक्रम ‘हमर हाथी हमर गोठ’ का जिक्र किया था। 2017 में छत्तीसगढ़ में हाथी और मानव के बीच द्वंत और उनके आतंक को कम करने के उद्देश्य से आकाशवाणी के रायपुर केंद्र से ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। recent visitors 103

चोरी का सामान भी बरामद, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में नाबालिग सहित छह चोर गिरफ्तार

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गैंग बनाकर अलग-अलग जगहों से बाईक चोरी की घटना को अंजाम देने वाले बाईक चोरों को तमनार पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी की 07 मोटर सायकल सहित स्कूल से चुराई गई एक बैटरी यूपीएस बरामद किया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार  तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक आर्शीवाद राहटगांवकर द्वारा चोरी नकबजनी के मामलों में आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। इस दौरान तमनार पुलिस को सुने मकानों में सेंधमारी और बाइक चोरी में सक्रिय गिरोह के 06 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपियों से पुलिस ने चोरी के 05 बाइक, एक बैटरी, एक युपीएस और आरोपियों की 02 बाइक को जप्त किया गया है। साथ ही साथ आरोपियों की गिरफ्तारी से तमनार थाना में 03 आपराधों का खुलासा हुआ है। 29 जुलाई को बाइक चोरी का आया था मामला — 29 जुलाई को थाना तमनार में बाइक चोरी की दो रिपोर्ट आयी। रिपोर्टकर्ता के अनुसार ग्राम ढोलनारा के धनीराम पटेल के किराए मकान के सामने खड़ी दो बाइक बजाज पल्सर क्रमांक सीजी 16 सीक्यू 8615 एवं अपाचे क्रमांक सीजी 16 सीएम 7232 बजाज पल्सर को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है। दोनों ही मामलों में चोरी की रिपोर्ट धारा 305, 331(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज कर माल मुलाजिम की पतासाजी में लिया गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ संदेही — आरोपियों की पतासाजी के दौरान तमनार थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर ने घटनास्थल से आरोपियों के भागने वाले संभावित मार्गो में लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक करने के दौरान एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में संदेही नजर आए जिसकी पुष्टि रिपार्टकर्ता एवं मुखबीरों से की गई। आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म — तमनार पुलिस की टीम ने संदेहियों की धरपकड़ कर हिरासत में लिया गया। आरोपी प्रमोद राठिया, मुरली सिदार, पृथ्वी चैहान, अर्जुन सिदार, अनुराग राठिया और अपचारी बालक ने मिलकर 27 जुलाई की रात्रि बाइक चोरी करना स्वीकार किये। आरोपियों ने बताया कि वे अपने पल्सर आरएस 200 और पैशन प्रो बाइक से ग्राम ढोलनारा गए जहां एक मकान के अंदर खड़ी बाइकों को चेक किये बजाज पल्सर और अपाचे बाइक का हैंडल लॉक नहीं था जिसे ढुलाते 02 बाइक चोरी कर ले गये। खंडहर बिल्डिंग में छिपाई थी चोरी की मोटर सायकल — आरोपियों ने बताया कि इसके पूर्व ग्राम छर्राटांगर (पूंजीपथरा) के मेले से, घरघोड़ा तथा एनआर इस्पात (घरघोड़ा) से बाइक की चोरी करना बताया जिन्हें आरोपियों द्वारा ढोलनारा से मुडागांव जाने वाले मार्ग पर खंडहर बिल्डिंग के अंदर छिपा रखे थे। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की 05 बाइक काला रंग स्प्लेंडर बिना नंबर, लाल रंग का टीवीएस अपाचे, बजाज डिस्कवर बिना नंबर, एक लाल रंग का पल्सर, एचएफ डीलक्स बिना नंबर तथा आरोपियों द्वारा बाइक चोरी में प्रयुक्त पल्सर आरएस 200 और एक पैशन प्रो बाइक की जप्ती की गई है। स्कूल से बैटरी व यूपीएस भी चुराये थे आरोपी — आरोपियों ने बताया कि इसके पूर्व वे ग्राम सराईडिपा स्कूल से एक बैटरी और यूपीएस चोरी किए थे। इस संबंध में थाना तमनार में  धारा 457, 380 आईपीसी कायम है। आरोपियों के मेमोरेंडम पर एक बैटरी और यूपीएस की भी जप्ती की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी से थाना तमनार के 3 अपराध का खुलासा हुआ है। आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर वारदातों को अंजाम देने से बीएनएस की नई धारा 112(2) विस्तारित की गई है जो जिले में पहली कार्रवाई तमनार पुलिस द्वारा की गई है। आरोपियों के नाम —- (1) प्रमोद राठिया पिता देव सिंह राठिया उम्र 22 साल निवासी कोलम थाना तमनार (2) मुरली सिदार पिता रतन सिदार उम्र 19 साल निवासी कोलम थाना तमनार (3) पृथ्वी चैहान पिता पुरुषोत्तम चैहान 19 वर्ष निवासी सराईडिपा थाना तमनार (4) अर्जुन सिदार पिता गजाधर सिदार उम्र 19 साल निवासी चिर्रामुडा थाना तमनार (5) अनुराग राठिया पिता अबीर सिंह राठिया उम्र 23 साल निवासी ग्राम बनई थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़ (6) विधि के साथ संघर्षरत बालक recent visitors 112

उपचार के दौरान हुई मौत, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में बीमार पत्नी की मौत के बाद पति ने खाया जहर

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ऐसा मामला सामने आया जहां महिला की मौत के बाद उसके पति ने भी जहर सेवन करके आत्महत्या कर ली। एक घर से एक साथ दो शव निकलने के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है। उक्त मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार खरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मदनपुर निवासी गजानंद श्रीवास पिता झाड़ुराम श्रीवास 35 साल को जहर सेवन कर लिया। जहर सेवन करने से खरसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां स्थिति में सुधार नही होनें के कारण उसे रायगढ़ मेडिकल कालेज रिफर किया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गजानंद की मौत की खबर के बाद उनके परिजनों को उस वक्त और बडा झटका लगा जब उन्हें पता चला कि गजानंद की पत्नी की भी मौत हो गई। शराब पीने के आदि थे दोनों मृतक गजानंद की भाभी रुद्रकुमारी ने बताया कि उसके देवर की पहली पत्नी 2-3 साल पहले अपने 3 बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। जिसके बाद उसने शोभा निषाद को भगाकर घर ले आया था और पत्नी बनाकर रखा था। दोनों शराब पीने के आदि थे। सोमवार की दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। बताया जा रहा है कि गजानंद श्रीवास शराब के नशे में अपनी पत्नी शोभा के साथ मारपीट किया था। जिसके बाद ही उसने जहर सेवन कर लिया था। गजानंद के उल्टी करने के बाद परिजनों ने उसे पहले खरसिया अस्पताल और फिर बाद में मेडिकल कालेज रायगढ़ भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। बच्चों ने दी शोभा की मौत की जानकारी गजानंद की भाभी रूद्रकुमारी ने बताया कि गजानंद को जहर सेवन के बाद खरसिया अस्पताल ले जाया गया जहां उसे रायगढ़ रेफर कर दिया गया। बाद में घर से बच्चों ने फोन कर जानकारी दी कि शोभा उठाने पर भी नही उठ रही थी संभवतः उसकी मौत हो गई है।   मामले की जांच जारी- चौकी प्रभारी इस संबंध में खरसिया चौकी प्रभारी संजय नाग ने बताया कि महिला की मौत संभवत सामान्य है। हालांकि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला के मौत के कारणों का पता चल सकेगा, फिलहाल मामले की जांच जारी है। recent visitors 99