‘जनजातीय समाज के विकास में सरकार प्रतिबद्ध’, छत्तीसगढ़-रायपुर में सर्व आदिवासी समाज के शपथ समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ले रहे सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एक समृद्ध संगठन है। इस संगठन के सभी सदस्यों का लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को बहुत कुशलता से निभाएंगे । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज के विकास के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों सरकारें जनजातीय समाज की चिंता करती हैं। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हैं जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जब मैं सांसद था तब उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था। आज भारत के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की महिला सुशोभित हैं और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री है। यह बहुत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत विगत 2 अक्टूबर को की है। इस अभियान का लाभ 5 करोड़ जनजातीय लोगों को मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के कई गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, बिजली और पानी सहित सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं जिनके विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत इन समूहों के लिए बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आज जहां-जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहट है वहां सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सुविधाएं मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब नई शिक्षा नीति भी लागू है। यह नीति रोजगारपरक है। इससे हमारे बच्चे पढ़कर रोजगार पाने के लिए सक्षम होंगे। आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिले इसलिए छत्तीसगढ़ में प्रयास संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की राजधानी नई दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के बच्चों के लिए ट्राइबल यूथ होस्टल की सीटों को बढ़ाकर 200 कर दिया है। हम राजधानी रायपुर की तरह पूरे प्रदेश में नालंदा परिसर बनाने जा रहे हैं। प्रदेश के 22 जिलों में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के सभी इलाकों के बच्चे अपने जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए सरगुजा विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। आज किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 1000 रुपये माताओं-बहनों को दिया जा रहा है। एक साल में सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का संगठन समाज के शोषित पीडितों की मदद के लिए उनकी आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक बात पहुंचाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल सोरी, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर, श्री बी एल ठाकुर, श्री बीपीएस नेताम, श्री एम आर ठाकुर, श्री फूल सिंह नेताम, श्री जे मिंज, श्री भारत सिंह , डॉ लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री वंदना उइके, सुश्री शशि सिंह , श्री आर के राय सहित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे। recent visitors 161

आज ही के दिन राजभाषा आयोग ने पारित किया था विधेयक, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने दी छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस की बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि 'छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही'। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के  लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमें अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को राजभाषा दिवस के रूप में मनाने की वजह यह है कि 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग विधेयक पारित किया गया था। इस विधेयक के पास होने के बाद ही हर साल 28 नवंबर को राजभाषा दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास, और राजकाज में इस्तेमाल के लिए किया गया था। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त, 2008 को हुई थी। इस दिन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 'कार्यालय स्थापना दिवस' के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले सचिव पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे थे। छत्तीसगढ़ी को दक्षिण कोसली और कोसली भी कहा जाता है। आस-पास के पहाड़ी लोग छत्तीसगढ़ी को खालताही कहते हैं। ओडिशा से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले लोग छत्तीसगढ़ी को लारिया कहते हैं। recent visitors 59

21 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने किसानों को दी ‘मोदी की गारंटी’

रायपुर. सीएम साय ने प्रदेश में जारी धान खरीदी को लेकर किसानों को स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को दी गई “मोदी की गारंटी“ के अनुरूप ही इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें. साथ ही उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सीएम साय ने कहा, धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है. सीएम साय ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है. 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है. recent visitors 46

महिलाओं को मिलेगा रोजगार, छत्तीसगढ़-जशपुर में मुख्यमंत्री साय ने दी ‘बिजली सखी योजना’ की सौगात

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 'बिजली सखी योजना' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित इस कार्यक्रम में बगीचा विकास खंड की 21 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बिजली सखी के रूप में चुना गया, जिन्हें मुख्यमंत्री ने विशेष बिजली किट प्रदान किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिजली सखी योजना अभी केवल बगीचा ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। बिजली सखी गांवों में मीटर रीडिंग करके वहीं उपभोक्ता को बिजली बिल देंगी। जिससे उपभोक्ता समय पर बिल पटाकर अधिक बिल बढ़ने,फिर उसे पटाने के बोझ से बचेगा।पहले समय पर बिल नहीं पहुंचने से लोग ज्यादा बिल आ जाने की शिकायत करते थे। जिसे रोकने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। यह प्रयोग सफल होता है तो इसे जशपुर जिले में लागू किया जाएगा,फिर पूरे प्रदेश में बिजली सखी योजना चलेगी।उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ीं सभी बिजली सखियों को लखपति दीदी बनने की शुभकामना दी। बिजली सखी योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। जशपुर जिले के कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देशन में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है, जहां बिजली सखी बनने वाली महिलाओं को मीटर रीडिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। योजना के तहत महिलाओं को प्रत्येक घर की मीटर रीडिंग लेने पर 12 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें नियमित आय होगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा, "बिजली सखी योजना महिलाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी और रोजगार के नए द्वार खोलेगी।" उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन पर जिला प्रशासन और जनपद पंचायत बगीचा के प्रयासों की सराहना की। योजना के पीछे प्रमुख विचार यह है कि मीटर रीडर की कमी के कारण उपभोक्ताओं को अक्सर असमान्य बिजली बिल का सामना करना पड़ता है। अब बिजली सखी द्वारा नियमित मीटर रीडिंग से उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिल सकेगा, जिससे उन्हें बिल के भुगतान में सहूलियत होगी और बिजली विभाग की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। बगीचा एसडीएम ओंकार यादव ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य 300 महिलाओं को बिजली सखी बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। वर्तमान में 21 महिलाओं को इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत नियुक्त किया गया है। इस पहल से जशपुर जिले की महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर 'लखपति दीदी' के रूप में उभरेंगी। राज्य सरकार की इस नई पहल से अन्य जिलों में भी महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा अवसर मिलेगा, जिससे राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। recent visitors 60

मुख्यमंत्री साय ने दिए संदेश, छत्तीसगढ़-रायपुर में 101 फीट का रावण दहन और जमकर हुई आतिशबाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बड़ी धूमधाम से दशहरा का पर्व मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान श्रीराम के जयकारे के बीच रिमोट का बटन दबाकर रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाथ के विशालकाय पुतले का दहन किया। कार्यक्रम स्थल पर आतिशबाजी और उत्सव का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने रावण दहन के बाद हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के मैदान में दशहरा पर्व के अवसर पर हजारों की संख्या में जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। हम लोग हर साल रावण का वध करते है, परंतु इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी रावण, जो हमारे मन में है, उसका वध करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या की नगरी और भांचा श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में रावण रूपी जो भी बुराई है, उसको हम सब मिलकर दूर करने का संकल्प लेना होगा। सीएम साय ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विजयादशमी पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीते 53 वर्षों से डब्ल्यूआरएस कालोनी में रावण वध का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इस साल का यह कार्यक्रम हम सब लोगों के लिए विशेष है क्योंकि 500 सालों के बाद छत्तीसगढ़ के भांचा भगवान श्रीराम जो भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए है। यह हम सबके लिए गौरव और प्रसन्नता की बात है। रावण वध का कार्यक्रम पारंपरिक ढंग आयोजित हुआ। इस मौके पर भगवान राम और रावण की युद्ध गाथा का मंचन हुआ और अंत में रावण के विशालकाय पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।  recent visitors 114

कल नहीं होगा सीएम जनदर्शन कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय लेंगे समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे. दोपहर 2.50 से शाम 5 बजे तक चलने वाली इस बैठक में योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान सीएम साय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी देंगे. लोगों की समस्याओं जानने और उनका समाधान करने सीएम हाउस में हर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाता है. इस बार गुरुवार यानि 10 अक्टूबर को होने वाले जनदर्शन को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है. सिविल जज भर्ती 2023 की मुख्य लिखित परीक्षा मेंस के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए. इसके अनुसार 151 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया है. इंटरव्यू की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने से इंटरव्यू लिया जाएगा. बता दें कि कुल 49 पदों पर सिविल जज की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 25 अगस्त को परीक्षा आयोजित की थी. जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक आज दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट परिसर में रखी गई है. इसमें नगर निगम के 10 जोन से प्राप्त 5 हजार लंबित प्रकरण विचार के लिए रखेगे. बता दें कि समिति की यह 10वीं बैठक है, जो 7 माह के अंतराल बाद हो रही है. रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का होगा मंचन रायपुर. अग्रगामी नाट्य समिति की ओर से आज रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का मंचन किया जाएगा. यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से होगा. कार्यक्रम में दर्शकों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है. यह नाटक मुख्य रूप से महाभारत पर आधारित है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है. समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद लुनावत ने लोगों से नाटक का मंचन देखने का आग्रह किया है. recent visitors 114

महिला सुरक्षा और सम्मान की जताई प्रतिबद्धता, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को देवी उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में सीएम साय ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कन्याओं को देवी स्वरुप मानकर उनको भोजन कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी। recent visitors 96