चीन अब बच्चे पैदा करने के लिए महिलाएं खरीद रहा , इतने रुपए में हो रहा सौदा
बीजिंग चीन की मैरिज रेट में भारी गिरावट आई है और 2024 में देशभर में 61 लाख शादियां की रजिस्टर्ड हुईं जो पिछले साल 77 लाख से कम हैं. इस गिरावट ने की वजह से ही एक्सपर्ट शादी की कानूनी उम्र 22 से घटाकर 18 करने की सिफारिश कर रहे हैं. चीन में मैरिज रेट में गिरावट कई फैक्टर्स की वजह से आई है, इनमें बढ़ता आर्थिक दबाव, शादी के प्रति सोच में बदलाव और शिक्षा का बढ़ता स्तर शामिल है. शादी नहीं करना चाहते युवा खास तौर पर चीन की शहरी महिलाए खुद को ऐसी पारिवारिक जिम्मेदारियों में नहीं झोंकना चाहतीं, जो शादी और बच्चे पैदा करने जैसे जीवन के अहम पड़ावों को महत्व देती हैं. रहन-सहन के बढ़ते खर्च की वजह से भी कई युवा शादी का आर्थिक बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं हैं. साथ ही चीन लंबे समय से लैंगिक असंतुलन से जूझ रहा है, जिसकी वजह देश की 'वन चाइल्ड पॉलिसी' और लड़कों को वरीयता देने की विरासत को माना जाता है. साल 2000 के दशक की शुरुआत में जब यह असंतुलन अपने चरम पर था, तब चीन का जन्म के समय लिंग अनुपात हर 100 लड़कियों पर 121 लड़कों तक पहुंच गया था. कुछ प्रांतों में तो यह अनुपात 100 लड़कियों पर 130 लड़के का था. लैंगिक असंतुलन खास तौर पर 1980 के दशक में पैदा हुए लोगों ने साफ देखा है. यह 1980 के दशक के मध्य से अल्ट्रासाउंड तकनीक के इस्तेमाल के कारण हुआ, जिसने माता-पिता को यह सुविधा दी कि अगर उनका बच्चा लड़की है तो वे गर्भपात करा सकते हैं. बचे हुए पुरुषों का क्या होगा? चीन में अविवाहित पुरुष कथित तौर पर 'बचे हुए पुरुषों का युग' (चीनी में शेंगनान शिदाई) का हिस्सा बन गए हैं. यह एक इंटरनेट शब्द है जो मोटे तौर पर 2020 और 2050 के बीच के दौर के लिए इस्तेमाल होता है, जब अनुमान है कि 30 मिलियन से 50 मिलियन चीनी पुरुष शादी के लिए दुल्हन खोजने में असमर्थ होंगे. पहेली यह है कि इनमें से कई 'बचे हुए' पुरुष शादी करना चाहते हैं और पत्नी की तलाश में बेताब हैं, लेकिन जीवनसाथी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. घरेलू जीवनसाथी न मिलने पर कुछ चीनी पुरुष विदेशी दुल्हनों को खरीदने की ओर मुड़ गए हैं. इन दुल्हनों की बढ़ती मांग खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में गैरकानूनी शादियों को बढ़ावा दे रही है. इसमें बच्चों और महिलाओं की शादियां शामिल हैं, जिन्हें मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के पड़ोसी देशों से चीन में तस्करी करके लाया गया है. म्यांमार से चीन में दुल्हन की तस्करी पर 2019 में जारी ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों तरफ की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नाकामी ने ऐसा माहौल तैयार कर दिया है, जिसमें तस्कर फल-फूल रहे हैं. चीनी सरकार ने अब इस कारोबार पर नकेल कसने की ठान ली है. मार्च 2024 में चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ़ एक अभियान शुरू किया, जिसमें इन अपराधों को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की अपील की गई है. 'खरीदी गई' विदेशी दुल्हनें ऐसी शादियां अक्सर अनौपचारिक नेटवर्क या व्यवसायिक एजेंसियों के जरिए कराई जाती हैं जो कि चीन की स्टेट काउंसिल के हिसाब से गैरकानूनी हैं. ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि पड़ोसी देशों में महिलाओं और लड़कियों को आमतौर पर दलाल धोखा देते हैं और चीन में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का वादा करके लाते हैं. चीन पहुंचने के बाद वे खुद को दलालों की दया पर छोड़ देती हैं और उन्हें चीनी पुरुषों को 3,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 2.5 लाख रुपये) से 13,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 11 लाख रुपये) के बीच बेचा जाता है. चीन में सीमा पार से आईं लड़कियों की शादी के आंकड़े जुटा पाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ये गतिविधियां सीक्रेट तरीके से होती हैं. लेकिन ब्रिटेन के सरकारी विभाग के सबसे हालिया डेटा से पता चलता है कि वियतनामी मानव-तस्करी के 75 फीसदी पीड़ितों को चीन में तस्करी करके लाया गया था, जिनमें से 90 प्रतिशत मामले महिलाओं और बच्चों के थे. साल 2022 की अवॉर्ड विनिंग डॉक्यूमेंट्री द वूमन फ्रॉम म्यांमार, तस्करी की गई म्यांमार की एक महिला की कहानी है, जिसे चीन में शादी के लिए बेच दिया गया था. यह फिल्म तस्करी की गईं दुल्हनों के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है. महिलाओं पर जुल्म की कहानी यह न सिर्फ उन महिलाओं के साथ होने वाली जबरदस्ती और बुरे बर्ताव को दिखाती है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था में अस्तित्व के लिए उनके संघर्ष को भी दर्शाती है जो उन्हें प्रोडक्ट की तरह देखती है. डॉक्यूमेंट्री में दिखाई गई तस्करी की शिकार महिला लैरी ने बताया कि बच्चे पैदा करने की उसकी क्षमता ही उसका अस्तित्व तय करती है. चीनी अधिकारी लगातार विदेश से खरीदी गई दुल्हनों से जुड़े घोटालों के बारे में चेतावनी देते रहते हैं. उदाहरण के लिए नवंबर 2024 में दो लोगों पर क्रॉस-बॉर्डर मैचमेकिंग प्लान में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था. चीनी पुरुषों को 'किफायती' विदेशी पत्नियों के वादे के साथ विदेश में बेहद महंगे मैरिज टूरिज्म में फंसाया गया है. ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां शादी के पूरे इंतेजाम होने से पहले ही दुल्हनें बड़ी रकम लेकर फरार हो गईं. देश के आर्थिक विकास के मामले में लेबर फोर्स बेशक अहम है. लेकिन चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के सदस्य जस्टिन लिन यिफू के अनुसार जो चीज अधिक मायने रखती है वह है इफेक्टिव लेबर. चीन ने अपनी बूढ़ी होती आबादी से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों की आशंका में हाल के वर्षों में शिक्षा में अपने निवेश को लगातार बढ़ाया है. लेकिन इसके बावजूद इससे भी बड़ी चिंता बड़ी संख्या में बचे हुए पुरुषों की है, क्योंकि इससे सामाजिक स्थिरता को गंभीर खतरा हो सकता है. अब बच्चे पैदा करने के लिए महिलाएं खरीद रहा चीन, इतने रुपए में हो रहा सौदा चीन के लोगों में शादी न करवाने का चलन जोरो पर चल रहा है। वहां लोग अपना अधिकतर समय अपने कामकाज में ही लगा रहे है। जिसकों लेकर सरकार परेशान है। वहीं, दूसरी तरफ, शादी के लिए विदेशी दुल्हनों की … Read more