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‘सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हरसंभव कोशिश’, अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप का बाइडन पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले, रिपब्लिकन नेता ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेता सत्ता के हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में जलवायु और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बाइडन के कार्यकारी आदेशों का उदाहरण देते हुए यह आरोप लगाया। डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इसी के साथ वह अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में बाइडन की जगह ले लेंगे। रिपब्लिकन नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘बाइडन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। ‘ग्रीन न्यू स्कैम’, धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसके उदाहरण हैं।’ डरो मत…. उन्होंने कहा, ‘डरो मत, ये सभी आदेश जल्द ही समाप्त हो जाएंगे हम सामान्य समझ तथा ताकत वाला देश बन जाएंगे।’ अमेरिकी संसद द्वारा ट्रंप की जीत की पुष्टि किए जाने से कुछ पहले और बाइडन के अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल तथा प्राकृतिक गैस के लिए खोदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद उनका यह बयान आया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

विरोध को किया खारिज’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले, ‘एच-1बी’ वीजा पर है विश्वास

न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वे "एच-1बी" वीजा में विश्वास करते हैं, उन्होंने योग्य पेशेवरों के विरोध को लेकर चल रही खबरों को खारिज कर दिया। "यह एक शानदार कार्यक्रम है," उन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क पोस्ट को एक फोन साक्षात्कार में बताया। अपने अनूठे अंदाज में उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से वीजा पसंद रहे हैं, मैं हमेशा से वीजा के पक्ष में रहा हूं। इसलिए हमारे पास ये हैं।" उन्होंने रूपर्ट मर्डोक-नियंत्रित न्यूज कॉर्प का हिस्सा अखबार से कहा, "मेरी संपत्तियों पर कई एच-1बी वीजा हैं। मैं एच-1बी में विश्वास करता रहा हूं। मैंने इसका कई बार इस्तेमाल किया है।" ट्रंप ने आव्रजन प्रणाली में सुधार का समर्थन किया है ताकि इसे योग्यता के अनुरूप ढाला जा सके। कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की तरह एक अंक प्रणाली को अपनाया जा सके जो शैक्षणिक और रोजगार योग्यताओं को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले विदेशी छात्रों को उनके डिप्लोमा के साथ ग्रीन कार्ड मिले। उन्होंने इस साल अपने अभियान के दौरान कहा, "मैं जो करना चाहता हूं और जो मैं करूंगा, वह यह है कि आप कॉलेज से स्नातक हों, मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में इस देश में रहने में सक्षम होने के लिए स्वचालित रूप से ग्रीन कार्ड मिलना चाहिए।" एच-1बी वीजा और उच्च योग्यता वाले व्यक्तियों के आव्रजन पर मतभेद ट्रंप तब उभरा जब उन्होंने एक भारतीय अप्रवासी श्रीराम कृष्णन को अपना एआई सलाहकार नियुक्त किया। सबसे पहले हमला लॉरा लूमर ने विरोध में आवाज उठाई। जिन्हें ट्रंप के वफादारों में से एक माना जाता है। उन्होंने मस्क के एक्स पर पोस्ट किया, "श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति को देखकर बहुत परेशान हूं।" लॉरा ने दावा किया कि कृष्णन ग्रीन कार्ड की संख्या पर सभी पाबंदी हटाने की ख्वाहिश रखते हैं। डेविड सैक्स, जिन्हें ट्रंप ने क्रिप्टो और एआई जार का नाम दिया है और जो कृष्णन के बॉस होंगे, ने एक्स पर बताया कि उन्होंने केवल उन ग्रीन कार्डों की सीमा को हटाने का सुझाव दिया था जो अलग-अलग देशों को दिए जा सकते हैं, जबकि समग्र सीमा को बनाए रखा ताकि ग्रीन कार्ड उन लोगों को वितरित किए जा सकें जिनके पास बहुत अधिक बैकलॉग हैं। जब कृष्णन के खिलाफ व्यक्तिगत हमले और झूठे आरोप लगे तो सैक्स फिर से उनके बचाव में आए और एक्स पर लिखा कि "झूठ बस बदल गया, जिसमें उन पर कुछ हमले भी शामिल थे।" मस्क ने व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाया और एक्स पर पोस्ट किया, "मैं अमेरिका में इतने सारे महत्वपूर्ण लोगों के साथ हूं, जिन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला और सैकड़ों अन्य कंपनियों का निर्माण किया, जिन्होंने अमेरिका को मजबूत बनाया, इसका कारण एच-1बी है।" उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित किए बिना अमेरिका "हार" जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उत्कृष्ट इंजीनियरिंग प्रतिभा की स्थायी कमी है। यह सिलिकॉन वैली में मूलभूत सीमित कारक है।" उन्होंने लिखा, "यदि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को दूसरे पक्ष के लिए खेलने के लिए मजबूर करते हैं तो अमेरिका हार जाएगा और आलोचकों को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे अमेरिका को जीतते या हारते देखना चाहते हैं। भारतीय अब तक एच-1बी वीजा के सबसे बड़े प्राप्तकर्ता हैं, जिन्हें पिछले साल 72.3 प्रतिशत प्राप्त हुए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 20

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को खदेड़ने के लिए ट्रंप ने की तैयार, हजारों भारतीयों पर गिरेगी गाज

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेते ही अवैध प्रवासियों पर सख्त एक्शन लेने की तैयारी में हैं। अपने चुनावी अभियान में बार-बार अमेरिका को प्रवासी मुक्त बनाने की बात करने वाले ट्रंप ने इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन को अंजाम देने की योजना का हिस्सा है। ट्रंप की इस योजना को अंजाम देने के लिए US इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) ने देश से बाहर खदेड़ने के लिए लगभग 15 लाख लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है। खबरों के मुताबिक इस लिस्ट में लगभग 18,000 अवैध भारतीय भी शामिल हैं। पिछले महीने जारी ICE डेटा के मुताबिक अमेरिका में देश छोड़ने के आदेश वाले डॉकेट के 15 लाख लोगों में 17,940 भारतीय शामिल हैं। इन्हें जल्द ही भारत लौटना पड़ सकता है। इंडिया टुडे ने एक रिपोर्ट के बताया है कि अमेरिका में फिलहाल भारत से गए लगभग 7, 25,000 अवैध प्रवासी हैं। मैक्सिको और अल सल्वाडोर के बाद अमेरिका में सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी भारत से ही हैं। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2022 में अमेरिका में लगभग 11 मिलियन अवैध प्रवासी रह रहे थे। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर कहा है कि वह अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के लिए कुछ भी करेंगे। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो वह इसके लिए अमेरिकी सेना का भी प्रयोग करेंगे। उन्होंने गुरुवार को प्रकाशित एक इंटरव्यू में बताया में यह बात दोहराई है। ट्रंप ने कहा है कि किसी देश में अवैध रूप से घुसना आक्रमण के बराबर है जिसे रोकने की जरूरत है। ट्रंप ने खुद के टाइम 'पर्सन ऑफ द ईयर' बनने की घोषणा के बाद कहा, "मैं इसे हमारे देश पर आक्रमण मानता हूं।” ट्रंप ने आगे कहा, "मैं नहीं चाहता कि वे अगले 20 सालों तक शिविर में बैठे रहें। मैं चाहता हूं कि वे बाहर निकलें और उन्हें अपने देशों में वापस जाना होगा।" Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 13

अमेरिका में भारतीयों को लगेगा बड़ा झटका, डोनाल्ड ट्रंप आते ही बदलना चाहते हैं 150 साल पुराना कानून

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप सत्ता संभालते ही जन्मजात नागरिकता वाले 150 साल पुराने कानून को बदलना चाहते हैं। वह 20 जनवरी को वाइट हाउस पहुंचेंगे और आते ही इस कानून को खत्म करने की तैयारी है। उनका कहना है कि यह कानून गलत है और इससे अमेरिका की समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे अवैध रूप से अमेरिका में एंट्री करने वाले लोगों के बच्चों को भी नागरिक बनने का अवसर मिल रहा है और वे यहां के संसाधनों का लाभ उठा रहे हैं। अमेरिका के नागरिक कानून के मुताबिक किसी भी देश के रहने वाले लोग यदि वहां जाते हैं और उधर बच्चे का जन्म होता है तो वह बच्चा अमेरिकी नागरिकता का हकदार हो जाता है। इसी पर डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकारों को आपत्ति है। एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम इस कानून को बदलने जा रहे हैं। हमें लोगों के बीच जाना होगा, लेकिन कानून तो बदलेंगे।' डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा कि हर देश में इस तरह का कानून नहीं है। अमेरिका में ही ऐसा है और लोग इसका बेजा इस्तेमाल करते हुए फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हमें सिस्टम में ही बदलाव करना होगा। अमेरिका संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ नागरिकता के अधिकार का कानून बनाया गया था। यह कानून कहता है, 'अमेरिका में पैदा हुए सभी लोग नागरिकता के हकदार हैं। वह यहां की न्यायिक व्यवस्था के तहत भी आते हैं। भले ही अमेरिका के किसी भी राज्य में पैदा हुए हों।' ट्रंप समेत इस कानून के आलोचकों का कहना है कि इससे अमेरिका में बर्थ टूरिज्म बढ़ा है। रिसर्च फॉर नंबर्स संस्थान के डायरेक्टर एरिक रुआर्क कहते हैं कि बड़े पैमाने पर ऐसा होता है कि गर्भवती महिलाएं अमेरिका में आ जाती हैं और यहां बच्चे को जन्म दिया जाता है। ऐसा इसलिए लोग करते हैं ताकि उनके बच्चे को अमेरिका की नागरिकता मिल जाए। अब ऐसा कानून बनाना होगा कि कोई अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म दे तो इतने भर से ही नागरिकता न मिल जाए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम परिवारों को तोड़ना नहीं चाहते। इसलिए एक ही तरीका है कि पूरा परिवार साथ रहे और अमेरिका से चला ही जाए। इसका अर्थ हुआ कि जिन लोगों को जन्म के आधार पर अमेरिका की नागरिकता मिली है, उन्हें भी बाहर किया जाएगा। यदि ऐसा कानून आया तो फिर भारतीयों पर भी बड़ा असर होगा। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार 48 लाख भारतीय मूल के लोग अमेरिका में बसे हैं। इनमें से 16 लाख को जन्म के आधार पर ही नागरिकता मिली है। यदि इस कानून के वापस किया गया तो फिर जन्म के प्रमाण पत्र को लोग नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया एजेंडा?, अमेरिका के दुश्मनों को जेल और समर्थकों को माफी

वॉशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद पहली बार अपने दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की है। इस दौरान उन्होंने आव्रजन को लेकर नियम सख्त करने, कानूनों को बदलने, कैपिटल हिल पर अपने समर्थकों के प्रदर्शन से लेकर आलोचकों को सजा दिलाने तक पर बात की। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि अगले महीने राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के दिन ही वे 2020 में कैपिटल हिल हिंसा में शामिल रहे अपने समर्थकों को माफी दे देंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के बाइडन के खिलाफ चुनाव हारने के बाद उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद पर धावा बोल दिया था। ट्रंप समर्थक इस दौरान संसद में घुस आए थे और जमकर बवाल काटा था। इस दौरान कैपिटल हिल पर हिंसा की भी कई घटनाएं सामने आई थीं। तब अमेरिकी पुलिस और एजेंसियों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था और कुछ पर केस भी चलाए गए। ट्रंप ने साफ किया कि वह हिंसा में शामिल हर किसी को माफी नहीं देंगे, खासकर बेवकूफ और कट्टरपंथियों को। हालांकि, उन्होंने पुलिस-प्रवर्तन अधिकारियों के उत्पीड़न में शामिल प्रदर्शनकारियों का बचाव करते हुए कहा कि उनके पास कोई चारा नहीं था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

डोनाल्ड ट्रंप ने दिया मजाकिया अंदाज में ऑफर, कहा-अगर दिक्कत है तो कनाडा को अमेरिका में मिला दो, 51वां राज्य बना देंगे

वाशिंगटन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई मुलाकात एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में ट्रूडो को कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर कनाडा पर टैरिफ का खतरा है, तो वह अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कनाडा पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे कनाडा की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता था। इस मामले पर चर्चा के लिए ट्रूडो ने ट्रंप से मार-ए-लागो (फ्लोरिडा) में मुलाकात की। ट्रूडो का मकसद टैरिफ के इस खतरे को टालना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत रखना था।   क्या हुआ बातचीत में? ट्रूडो ने ट्रंप से कहा कि 25% टैरिफ लगने से कनाडा की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो सकती है।   ट्रंप ने पलटकर कहा, "कनाडा की अर्थव्यवस्था तब तक जिंदा नहीं रह सकती, जब तक वह अमेरिका को 100 बिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है।"   ट्रंप ने कनाडा पर आरोप लगाया कि उसने 70 से अधिक देशों के अवैध अप्रवासियों को सीमा पार करने की अनुमति दी है।   उन्होंने यह भी कहा कि ड्रग्स और मानव तस्करी रोकने में कनाडा नाकाम रहा है, जिससे अमेरिकी सीमाएं असुरक्षित हो गई हैं।   ट्रंप ने कहा कि कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार घाटा 100 बिलियन डॉलर से भी अधिक है।   उन्होंने यह चेतावनी दी कि अगर ये मुद्दे हल नहीं हुए, तो वह राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के पहले दिन से ही कनाडा के सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लागू कर देंगे।   ट्रंप का विवादित सुझाव बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर कनाडा इन समस्याओं को हल नहीं कर सकता, तो बेहतर होगा कि वह अमेरिका का हिस्सा बन जाए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, *"कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए। आप (जस्टिन ट्रूडो) गवर्नर बन सकते हैं।" ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री का पद गवर्नर से बेहतर है, लेकिन यह भी बुरा विकल्प नहीं होगा।     ट्रूडो की प्रतिक्रिया ट्रंप की इस बात पर जस्टिन ट्रूडो और उनके साथ मौजूद अन्य लोग पहले चौंक गए, लेकिन बाद में उन्होंने इसे मजाक मानकर टाल दिया। हालांकि, ट्रूडो ने जोर देकर कहा कि कनाडा की अर्थव्यवस्था पर 25% टैरिफ का असर बहुत गंभीर होगा।   मामले पर लोगों का रिएक्शन ट्रंप का यह बयान भले ही मजाक में दिया गया हो, लेकिन सोशल मीडिया और विशेषज्ञ इसे हल्के में नहीं ले रहे हैं। – कई लोगों ने इसे कनाडा-अमेरिका संबंधों पर ट्रंप की रणनीतिक सोच का संकेत माना है। वहीं, कुछ ने इसे ट्रंप के अप्रत्याशित बयानबाजी का हिस्सा बताया।   यह मुलाकात न सिर्फ टैरिफ और व्यापार घाटे जैसे मुद्दों को उजागर करती है, बल्कि कनाडा-अमेरिका संबंधों की नाजुक स्थिति को भी दिखाती है। ट्रंप की तरफ से दिया गया सुझाव भले ही मजाकिया हो, लेकिन इसके पीछे की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

डोनाल्ड ट्रंप के आने से घबराया है व्यापार जगत? जयशंकर बोले- लेन-देन होता रहेगा

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले हैं। उससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित ट्रंप प्रशासन के प्रभाव को लेकर चिंताएं उठ रही हैं। अब इन चिंताओं को दूर करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ न कुछ लेन-देन होता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक मेलजोल में हाल के वर्षों में गहराई आई है। इससे आपसी सहयोग को और बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बना है। विदेश मंत्री ने सीआईआई पार्टनरशिप समिट में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे प्रशासन का आगमन व्यापारिक क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, "एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी यह है कि इसमें अनिश्चितता का कुछ स्तर रहेगा। विभिन्न देशों ने पहली ट्रंप सरकार से अनुभव लिए हैं और संभवतः इससे सीखकर दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी रणनीतियां बनाएंगे।" जयशंकर ने कहा, "जहां तक भारत का संबंध है, मैं यकीन से कह सकता हूं कि अमेरिका के साथ रणनीतिक मेलजोल समय के साथ केवल गहरा हुआ है। इससे सहयोग के लिए अधिक संभावनाएं बनी हैं। निश्चित रूप से, दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ लेन-देन होते रहेंगे। लेकिन आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भरोसेमंद साझेदारी का मामला हाल के वर्षों में और मजबूत हुआ है।" जयशंकर ने अमेरिक के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और भारत के लिए इससे जुड़े निहितार्थों पर कहा कि अमेरिका के साथ भारत का रणनीतिक तालमेल समय के साथ और गहरा हुआ है जो कई सहयोगी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे ट्रंप प्रशासन का आगमन भी स्पष्ट रूप से व्यापारिक हलकों में एक प्रमुख विचारणीय विषय है। जाहिर है, एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी एक हद तक अप्रत्याशित ही है।’’ सुरक्षा और निवेश को लेकर सतर्कता जरूरी उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऐसे साझेदारी के ढांचे तैयार करने होंगे जो परस्पर लाभकारी माने जाएं। बिना चीन का नाम लिए जयशंकर ने कहा कि आर्थिक निर्णयों और निवेश को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन द्वारा अपनाई जा रही आक्रामक व्यापार प्रथाओं को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को कहा कि निवेश समेत आर्थिक निर्णयों के दौरान “राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त” को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह पसंद हो या नहीं, हम तेजी से शस्त्रीकरण के युग में नहीं बल्कि (सुविज्ञ निर्णयों का) लाभ उठाने के युग में हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं को निवेश सहित आर्थिक निर्णयों के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।’’ वैश्विक दक्षिण पर आर्थिक दबाव और भारत की भूमिका जयशंकर ने अमेरिका-चीन विवाद और यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ महंगाई, कर्ज, मुद्रा की कमी और व्यापार में अस्थिरता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में अधिक मित्र और साझेदारों की जरूरत होती है।" पड़ोस में हाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आज के समय में अर्थव्यवस्थाएं और समाज पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "कोविड, यूक्रेन संघर्ष या वित्तीय संकट के दौरान हमने साथ मिलकर काम किया और इसका सामूहिक लाभ उठाया। हालांकि, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सहयोग से हटने की लागत चुकानी पड़ती है।" जयशंकर ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के लिए अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9