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बैतूल की धरती आधी रात में हिली, भूकंप से घबरा के उठे लोग, इतनी थी तीव्रता

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल में बुधवार तड़के 2:59 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. एनसीएस के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई में था. आधी रात को आए इस भूकंप से अब तक कीसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है. लोगों को नहीं हुआ भूकंप का अहसास रात का समय होने और तीव्रता कम होने के कारण अधिकतर लोगों को इस भूकंप का अहसास भी नहीं हुआ. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की कंपन महसूस की गई, लेकिन कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल ने पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है. गौरतलब है कि बैतूल क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 3 मई को जिले के मुलताई क्षेत्र में भी रिक्टर स्केल पर 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. लगातार दूसरी बार आई इस हल्की भूकंपीय हलचल से विशेषज्ञों का ध्यान एक बार फिर इस क्षेत्र की भूगर्भीय सक्रियता की ओर गया है. भूकंप की तीव्रता 2.8 रही एनसीएस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "भूकंप की तीव्रता 2.8, समय 21/05/2025 को 02:59:44 IST, अक्षांश 21.73°N, देशांतर 78.35°E, गहराई 5 किमी रही. इससे पहले मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर पैमाने पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था. वहीं रविवार को अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 18 मई को सुबह 5:06 बजे अरुणाचल में रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता का भूकंप आया. विशेषज्ञों की राय भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह के हल्के झटके आमतौर पर किसी बड़े भूकंप का संकेत नहीं होते, लेकिन यदि बार-बार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की जाए, तो गहन निगरानी की आवश्यकता होती है. एनसीएस लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है. प्रशासन की जनता से अपील जिला खनिज अधिकारी मनीष पालेवाल ने नागरिकों से अपील की है कि, ''घबराएं नहीं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी एहतियात बरतें. सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें और भूकंप के समय क्या करना चाहिए, इसके बारे में जागरूक रहें. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर नजर बनाए हुए है.''   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

घाटी में मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग दफ्तरों से बाहर निकल आए और खुले मैदान में जाकर खड़े हो गए

श्रीनगर कश्मीर में शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जिसके बाद लोग डर गए और अपने दफ्तर-घर छोड़कर बाहर निकल आए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घाटी में मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. लोग दफ्तरों से बाहर निकल आए और खुले मैदान में जाकर खड़े हो गए.अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में भूकंप का केंद्र रहा. भूकंप की गहराई धरती से 86 किलोमीटर पर थी. एक दिन पहले उत्तरी चिली में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था. 15 अप्रैल को अमेरिका में कैलिफोर्निया के सैन डिएगो काउंटी में भूकंप आया था. इसकी तीव्रता 5.2 रही थी. भूकंप के कारण होने वाले कंपन को कैमरा में कैद किया गया था. दक्षिणी कैलिफोर्निया में भूकंप से किसी के घायल होने या कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था. 13 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूकंप आया था. इसकी धरती से 5 किमी गहराई थी. इसकी तीव्रता 3.4 रही थी. 12 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिले के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. भूकंप की तीव्रता 5.8 रही थी. इसकी धरती से गहराई 10 किमी थी. भूकंप का केंद्र पाकिस्तान रहा था. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 14

म्यांमार जैसे भूकंप का खतरा भारत में भी नकारा नहीं जा सकता: IIT कानपुर

कानपुर  म्यांमार और बैंकॉक में जबर्दस्त नुकसान पहुंचाने वाले भूकंप की जड़ सगाइन फॉल्ट है। इस फॉल्ट को इंटरनेट पर मैप के जरिए आसानी से देखा जा सकता है। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागइन फॉल्ट बेहद खतरनाक है। सिलिगुड़ी में गंगा-बंगाल फॉल्ट है। इन दोनों फॉल्ट के बीच कई अन्य फॉल्टलाइंस हैं। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक फॉल्ट की सक्रियता किसी दूसरे फॉल्ट को ट्रिगर न कर दे। जिससे भारत को भी खतरा है। लंबे समय से भूकंपों पर शोध कर रहे प्रो. जावेद मलिक के अनुसार, यह फॉल्ट अराकान से अंडमान और सुमात्रा तक फैले शियर जोन का हिस्सा है। इसकी भूकंपीय आवृत्ति 150-200 साल है और इसकी सक्रियता दूसरी फॉल्टलाइनों को ट्रिगर कर सकती है। हमें बड़े भूकंपों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। हिमालय में कई सक्रिय फॉल्टलाइंस हैं। सभी लोगों ने फ्रंटल हिस्सों पर काम किया है। फॉल्टलाइन ऊपर भी हैं। भारत की तरफ भी इशारा प्रो. मलिक ने कहा कि हम सिर्फ प्लेटबाउंड्री के आसपास ही भूकंप न देखें। ऊपर भी सेस्मिक गतिविधियां जारी हैं। पूर्वोत्तर और कश्मीर सेस्मिक जोन-5 में हैं। इस जोन में हमें ज्यादा रिसर्च की जरूरत है। गंगा-बंगाल फॉल्ट बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें भी सगाइन फॉल्ट जैसी हलचल है। शायद म्यांमार का भूकंप भारत के लिए इशारा हैं। गंगा बंगाल और सगाइन फॉल्ट के बीच डॉकी, कोपली, डिबरूचौतांग फॉल्ट जोन भी हैं। गंगा-बंगाल फॉल्ट भी सतह पर दिखता है। पूरा हिस्सा दबाव में प्रो. मलिक ने कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि सगाइन और गंगा बंगाल के बीच कुछ नहीं चल रहा। एक पूरा हिस्सा दबाव में है। वहां लगातार ऊर्जा एकत्रित हो रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक भूकंप दूसरे भूकंप को ट्रिगर नहीं करेगा। इसे ‘ट्रिगर स्ट्रेस’ कहते हैं। यहां ये देखना होगा कि क्या ऐसी गतिविधियां उत्तर से दक्षिण की तरफ बढ़ी हैं। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक ने कहा कि 2004 में सुमात्रा, अंडमान में एक भूकंप आया था। इस क्षेत्र के दक्षिण में 2005 में भूकंप आया था। अब ऊपर की तरफ भूकंप आने लगे हैं। ट्रिगर होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

म्‍यांमार और थाइलैंड में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 1000 के पार, भारत ने भेजी राहत सामग्री

नेपीडा  म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था। हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने "किसी भी देश" को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है। मुश्किल वक्त में भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। इसके तहत भारत सरकार ने भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए तुरंत ही कदम उठाए हैं। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री लेकर हमारा हेलीकॉप्टर यांगून पहुंचा है। 15 टन राहत सामग्री भेजी गई यांगून विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत से भेजी मदद की पहली खेप यांगून पहुंच गई है। इससे पहले AFS हिंडन से भारतीय वायुसेना का सी 130 जे विमान राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए उड़ान भरा था। इस विमान में लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, आवश्यक दवाएं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने, कॉटन बैंडेज, मूत्र बैग आदि) शामिल हैं। म्यांमार भूकंप: जुंटा की सूचना टीम के एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार के उथले 7.7 तीव्रता के भूकंप में 1,002 लोगों की मौत हो गई है, और 2,376 घायल हुए हैं। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल का अधिकांश हिस्सा सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया है। बैंकॉक मेट्रो और लाइट रेल के ऑपरेटरों के अनुसार, शनिवार की सुबह ज़्यादातर मेट्रो और लाइट रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलने लगी थीं। हालाँकि, दो लाइट रेल लाइनें अभी भी बंद हैं और उनकी जाँच चल रही है। शुक्रवार को म्यांमार में एक ज़ोरदार भूकंप आया। इससे काफ़ी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक 140 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर है। पड़ोसी देश थाईलैंड में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊँची इमारत गिर गई थी। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। कई जगह पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा है। पूरे देश में हालात बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। ऐसे में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने 15 टन से ज्यादा राहत सामग्री यांगून भेज दी है। यह मदद IAF के C-130J विमान से भेजी गई। इस विमान ने एयर फोर्स स्टेशन हिंडन से उड़ान भरा। चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया? भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि "अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।" सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है। भारत ने भेजीं ये जरूरी चीजें राहत सामग्री में कई जरूरी चीजें शामिल हैं। टेंट और स्लीपिंग बैग लोगों को रहने के लिए जगह देंगे। कंबल उन्हें ठंड से बचाएंगे। तैयार भोजन और पानी शुद्ध करने वाले उपकरण खाने-पीने की समस्या दूर करेंगे। स्वच्छता किट लोगों को साफ रहने में मदद करेंगे। सोलर लैंप और जेनरेटर सेट रोशनी … Read more

म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, 7.7 रही तीव्रता, फ्लाईओवर ढहा, 43 लोग लापता

बैंकॉक  म्यांमार और थाईलैंड में आए खतरनाक भूकंप से भारी तबाही मचने की आशंका है। थाईलैंड से खतरनाक तस्वीरें सामने आ रहे हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को धड़ाम से जमीन पर गिरते हुए देखा गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया है कि शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का खतरनाक भूकंप आया है। भूकंप पूरे देश में झटके महसूस किए गए। दिल्ली एनसीआर तक भूकंप के झटके महूसक किए गये हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि भूकंप का केन्द्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर अंदर था, जिससे भारी तबाही की आशंका है। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही, कई इमारतें जमींदोज, इमरजेंसी घोषित .म्यांमार-थाईलैंड भूकंप: भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार- पीएम मोदी. कोलकाता, इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। यूएसजीएस ने एक बयान में कहा कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:50 बजे के आसपास म्यांमार के सागाइंग शहर के उत्तर-पश्चिम में 16 किलोमीटर की दूरी पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। बैंकॉक में भी भूकंप से तबाही की आशंका है। लोग अपने घरों से बाहर भागते हुए देखे गए हैं और कुछ वीडियो में खाना खाते समय लोगों को हिलते हुए दिखाया गया। सबसे खतरनाक वीडियो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को ताश के पत्तों की तरह धड़ाम से गिरते हुए देखा गया है। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? एक मिनट तक हिलती रही धरती सोशल मीडिया वेबसाइट X पर बैंकॉक में आए भूकंप से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि भूकंप के दौरान जमीन करीब एक मिनट तक हिलती रही, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया पुल म्यांमार में एतिहासिक शाही महल मांडले पैलेस के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सागाइंग क्षेत्र के सागाइंग टाउनशिप में एक पुल भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता के अलावा क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन शहरों की आबादी 50 हजार से ज्यादा है। भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में तबाही म्यांमार से भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक तीन मंजिला मकान को धाराशाई देखा जा रहा है। लोगों को भूकंप के बाद अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा जा रहा है। बैंकॉक में ऊंची इमारत ढहने पर धूल के बादल से भागते लोग दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा म्यांमार की सीमा से लगे युन्नान और गुआंग्शी प्रांतों में चीनी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा है कि उन्होंने भूकंप को तीव्रता से महसूस किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक म्यांमार के अवा और सागाइंग क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक पुल शुक्रवार को देश के मध्य भाग में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ढह गया है। फुटेज में देश के उत्तर से दक्षिण तक बहने वाली इरावदी नदी में गिरने के बाद पुराने सागाइंग पुल के कुछ हिस्से दिखाई दे रहे हैं। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? भूकंप से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें:- – थाईलैंड और म्यांमार के कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं. – बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं. – USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है. – मेघालय के गारो हिल्स में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया. – सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गगनचुंबी इमारतों को भूकंप के झटकों की वजह से हिलते देखा जा सकता है. कई इमारतें झुक गई हैं. धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड … Read more

सिंगरौली में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई

 सिंगरौली  मध्य प्रदेश में गुरुवार को सिंगरौली जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। झटके इतने हल्के थे कि कई लोगों को यह महसूस नहीं हुए, हालांकि कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर था।हालांकि कई स्थानों पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। सिंगरौली और आसपास के जिलों में काफी लोगों ने भूकंप के झटके को महसूस किया तो कुछ को धरती की कंपन का अहसास नहीं हुआ। जिन लोगों को भूकंप महसूस हुआ वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोग एक दूसरे से भूकंप की चर्चा करने लगे। प्रशासन को कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता वाले भूकंपों को हल्के दर्जे में गिना जाता है। इतनी तीव्रता के भूकंप में नुकसान की आशंका ना के बराबर होती है। हालांकि, हल्के से हल्का भूकंप भी लोगों को डरा जरूर देता है। क्यों आता है भूकंप? दरअसल, पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं। भूकंप के दौरान क्या करें?     भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात को लेकर सावधान रहे कि भूकंप कितनी तीव्रता के साथ आ सकता है। इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है।     धीरे-धीरे कुछ कदमों तक की हलचल करें, जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

इंडोनेशिया में सुबह-सुबह डोली धरती, 6.1 तीव्रता के साथ कांपी धरती, दहशत में लोग, सुनामी का अलर्ट नहीं!

सुलावेसी इंडोनेशिया में आज बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। यह भूकंप उत्तरी सुलावेसी प्रांत के पास समुद्र में आया और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक भूकंप सुबह 6:55 बजे (स्थानीय समय) आया। राहत कि बात यह है कि इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की संभावना से इनकार किया है और अब तक किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इंडोनेशिया एक ऐसी जगह पर स्थित है जहां धरती की टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है, जिससे यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। इसी कारण, यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से बहुत संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्षों में, इस देश में कई खतरनाक भूकंप आ चुके हैं। जनवरी 2021 में, 6.2 तीव्रता के भूकंप से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और हजारों लोग बेघर हो गए थे। 2018 में, 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 2,200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। वहीं, 2004 में आए 9.1 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में 1,70,000 से अधिक लोग मारे गए थे। इंडोनेशियाई सरकार और राहत एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं और किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहती हैं। सुनामी  का खतरा नहीं यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, फिलहाल इस भूकंप से हुए नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है.  वहीं USGS  की तरफ से दी जानकारी के अनुसार भूकंप से सुनामी आने का खतरा नहीं है. जो इंडोनेशिया के लिए बड़ी राहत वाली बात है.  इंडोनेशिया में अक्सर आते रहते हैं भूकंप यह पहली बार नहीं है जब इंडोनेशिया में भूकंप आया हो. इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपसमूह है, जो प्रशांत महासागर के "फायर रिंग" पर स्थित है. यह क्षेत्र अत्यधिक भूकंपीय गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां टेक्टोनिक प्लेटें नियमित रूप से टकराती रहती हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं. भूकंप से बचने के उपाय     शांत रहें और जल्दी से नीचे झुकें: भूकंप के दौरान खुद को शांत रखकर, जमीन पर झुककर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें.     सुरक्षित स्थान पर शरण लें: मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें, ताकि गिरते मलबे से बच सकें.     दरवाजों और खिड़कियों से दूर रहें: इनसे दूर रहें क्योंकि ये आपको चोटिल कर सकते हैं.     अगर बाहर हैं, तो खुले स्थान पर जाएं: इमारतों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहें.     आफ्टरशॉक्स से सतर्क रहें: भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स से बचने के लिए सतर्क रहें.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25