मानहानि विवाद समाप्त: शिवराज सिंह चौहान और विवेक तन्खा के बीच हुआ समझौता

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट में राहत मिल गई है. शिवराज चौहान के खिलाफ मानहानि के मामले वापस लिए जाएंगे. यानी कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा चौहान के खिलाफ मानहानि के मुकदमे वापस लेंगे. तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मुद्दे पर उनका चौहान से समझौता हो गया है. इसके तहत वो शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आपराधिक मानहानि व सिविल सूट वापस ले रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर सुनवाई बंद कर दी. कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.  इसी मुकदमे को रद्द कराने की मांग को लेकर शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज  समेत तीनों नेताओं को निचली अदालत मे पेशी से छूट दे दी थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इनकी गुहार ठुकराते हुए पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था. कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शिवराज सिंह चौहान के अलावा वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. तन्खा का आरोप है कि इन तीनों नेताओं ने मीडिया मे उनके खिलाफ बयान देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तंखा ने स्पष्ट किया कि उनका चौहान के साथ समझौता हो गया है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निस्तारण कर दिया. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कार्यवाही इससे पहले, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि: इस चरण पर शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, IPC की धारा 499 के तहत सद्भावना और सार्वजनिक हित जैसे अपवादों से जुड़े प्रश्नों का निर्णय ट्रायल के दौरान ही हो सकता है, मजिस्ट्रेट को संज्ञान के स्तर पर केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी जमानती वारंट से शिवराज सिंह चौहान को राहत दी थी, बशर्ते वे कार्यवाही में सहयोग करें। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली चौहान की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें हाईकोर्ट ने शिकायत को रद्द करने से इनकार किया था। अब, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के चलते, सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया और आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो गई। recent visitors 29

रायसेन अपराध केस: रेप की कोशिश के बाद हत्या, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पीटा, अस्पताल में दम तोड़ा

रायसेन  रायसेन जिले में एक युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म के प्रयास में विफल रहने के बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी. घटना के चंद घंटों बाद ही आरोपी युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद किया गया. इसके बाद यह मामला उलझ गया, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.  जानकारी के अनुसार, यह घटना रायसेन जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर सुल्तानपुर थानांतर्गत भरतीपुर गांव में सोमवार 2 फरवरी 2026 को हुई. सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि 20 वर्षीय शिवानी रोजाना की तरह अपने पिता को खाना देने खेत पर जा रही थी. इस दौरान 25 वर्षीय आरोपी प्रकाश सिंह भिलाडा ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.  उन्होंने बताया कि युवती के विरोध करने पर आरोपी प्रकाश ने ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया. युवती की हत्या की खबर मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में गुस्साए लोग आरोपी की तलाश करने लगे.  पुलिस ने भी आरोपी की तलाश शुरू की, इसी बीच शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी का शव घोघरा नदी के पास बरामद किया गया.  भाई के लिए खाना लेकर निकली थी युवती पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती सोमवार दोपहर अपने भाई के लिए खेत पर खाना लेकर घर से निकली थी। रास्ते में गांव का ही प्रकाश सिंह भिलाड़ा उसे मिला, जिसने उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। जबरदस्ती की कोशिश, विरोध पर हमला युवती ने इसका कड़ा विरोध किया तो आरोपी ने धारदार हथियार बका से उसके जबड़े और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से पीड़िता की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद आरोपी लड़की को घसीटते हुए खेत के अंदर ले गया। मौके पर युवती के शरीर के निचले कपड़े नहीं थे, जिससे उसके साथ रेप की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच कर रही है। आरोपी मौके से फरार, ग्रामीणों ने पकड़ लिया वारदात के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी की तलाश में निकल पड़े और कुछ ही दूरी पर कमरोरा क्षेत्र की घोघरा नदी के पास आरोपी घायल हालत में मिला। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घायल हालत में अस्पताल भिजवाया गया। इलाज के दौरान आरोपी की भी मौत अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात आरोपी युवक प्रकाश सिंह भिलाड़ा ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि मृतक युवती और आरोपी युवक के घर आमने-सामने स्थित हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने इस मामले में युवती के परिजन की ओर से हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं आरोपी युवक की मौत के मामले में भी परिजन की शिकायत पर अलग से जांच की जा रही है। 6 लोग हिरासत में, पुलिस पूछताछ कर रही पुलिस ने घटना से जुड़े मामले में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनता देख पुलिस बल तैनात किया गया है। दोनों के घर आमने-सामने, पहले से पहचान थी बताया जा रहा है युवती कुछ साल पहले बाड़ी में रहकर पढ़ाई करती थी। इस दौरान युवक के संपर्क में आई थी। दोनों के घर भी आमने-सामने हैं। गांव में पुलिस बल तैनात  सुल्तानपुर थाना प्रभारी संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी युवक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.   recent visitors 42

युवाओं के दम पर बनेगा विकसित भारत: मंत्री सारंग

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा संवाद- बजट 2026 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। मंत्रीसारंग ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं केंद्रीय बजट वर्ष 2026–27 के प्रमुख प्रावधानों, सरकार की दूरदृष्टि और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री सारंग ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला है। इसमें 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। यह बजट GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है जो युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला, किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला तथा मध्यम और गरीब वर्ग को सशक्त करने वाला है। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्षश्याम टेलर, जिला अध्यक्षरविंद्र यति, जेएलयू के वॉइस चांसलर डॉ. विवेक खरे सहित बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं के लिए अवसर सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता और नेतृत्व को केंद्रित किया गया है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन है। यही कारण है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। यह बजट इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना और हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट है। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। केंद्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि इस बजट को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं।   recent visitors 29

न्‍यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंटरबरी के डेलीगेट़स से किया वन-टू-वन संवाद

भोपाल. गोवा में आयोजित क्यूएस इंडिया समिट-2026 में मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती से रखा। अपर मुख्य सचिव (एसीएस), उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने इस समिट न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के डेलीगेट्स से वन-टू-वन संवाद कर शोध, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की। एसीएस राजन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्यप्रदेश को उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान बेहद आवश्यक हैं। समिट में सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च-ओरिएंटेड लर्निंग और नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 1873 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी न्यूजीलैंड की अग्रणी रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह विश्व की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में शामिल है। कला, वाणिज्य, कानून, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विषयों में इसकी वैश्विक पहचान है। तीन दिवसीय क्यूएस इंडिया समिट-2026 में एसीएस राजन की सक्रिय सहभागिता से मध्यप्रदेश ने फॉरेन यूनिवर्सिटीस के साथ सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण को लेकर अपनी ठोस रणनीति प्रस्तुत की। यह पहल प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। समिट में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी डॉ. सुनील सिंह, राकेशवास्तव, मनोज अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  recent visitors 32

भारत की सैन्य ताकत को बढ़ावा, डीआरडीओ की एयर-टू-एयर मिसाइल में बड़ी सफलता

नई दिल्ली डीआरडीओ ने एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है। ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण किया गया। इस तकनीक की मदद से अब देश लंबी दूरी की एयर-टू-एयर में मार करने वाली मिसाइलें विकसित कर सकेगा, जिससे दुश्मनों पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी। इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक मौजूद है। डीआरडीओ के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परीक्षण मंगलवार सुबह 10.45 बजे हुआ। परीक्षण के दौरान मिसाइल को पहले जमीन से लगाए गए बूस्टर की मदद से तेज रफ्तार दी गई। इसके बाद उसके सभी अहम हिस्सों ने बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक काम किया। इसमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोल सिस्टम शामिल थे। पूरी उड़ान के दौरान मिले आंकड़ों से यह साफ हुआ कि सिस्टम ने सही तरीके से काम किया। इस परीक्षण पर बंगाल की खाड़ी के किनारे तैनात कई आधुनिक उपकरणों से लगातार नजर रखी गई। इस लॉन्च को डीआरडीओ की अलग-अलग प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने देखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ और इससे जुड़े उद्योगों की तारीफ की। वहीं, डीआरडीओ प्रमुख और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी पूरी टीम को इस सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। यह परीक्षण भारत की रक्षा तकनीक को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले इसी माह हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की चुका थी। यह उपलब्धि डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) की सहायता से हासिल की गई थी। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक निर्णायक और आधारभूत कदम माना जा रहा है। डीआरडीएल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित अग्रणी प्रयोगशाला है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया था। यह महत्वपूर्ण परीक्षण 9 जनवरी को डीआरडीएल की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसने स्क्रैमजेट दहनकक्ष ने 12 मिनट से अधिक समय तक निरंतर और स्थिर संचालन प्रदर्शित किया। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक, अर्थात 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है। recent visitors 29

मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, युमनाम खेमचंद सिंह संभालेंगे कमान

इंफाल. मणिपुर विधायक दल की बैठक में भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही खेमचंद के मणिपुर के नए सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। मणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था। इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी। केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया। इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे। मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे। मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था। बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था। इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं recent visitors 36

स्टेट टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर आमजन को दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक करने में सहयोग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आम जन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, जनसंपर्क, वन, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास और आवास सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। नागरिक वितरित दवाओं का अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) चक्र-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षायें एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि एमडीए 2026 में मध्यप्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉक में एम.डी.ए अभियान का संचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एमडीए 2025 में मध्य प्रदेश के 9 जिलों के 23 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया था। एमडीए 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न विभागों से ज़मीनी सहयोग प्राप्त करने के लिए विभागवार अपेक्षाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त धनराजु एस, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। नवीन नीति अनुसार चिन्हित जिलों में इन दो दवाओं के साथ आईवरमेक्टिन दवा का भी उपयोग किया जा रहा है जिसे आईडीए का नाम दिया गया है।   recent visitors 29