मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्व में सनातन ही एकमात्र धर्म है, जो प्रकृति को समाहित करता है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्व में सनातन ही एकमात्र धर्म है, जो प्रकृति को समाहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तराना स्थित तिलभांडेश्वर महादेव मन्दिर में श्री दशनाम जूना अखाड़ा के श्री मोहन भारती महाराज के महंत बनने पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन को समझने के लिये साधु-संतों के जीवन और उनके अनुभवों को समझना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि तिल भांडेश्वर मंदिर को धार्मिक लोक के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उज्जैन को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार गौ-शालाओं के लिए विशेष प्रावधान कर रही है। सभी गौ-शालाओं में एक गौ-वंश के लिए प्रतिदिन 40 रूपये की अनुदान राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साधु-संत सनातन की धुरी हैं। सनातन धर्म साधु-संतों के मार्गदर्शन में काम करता रहा है। उन्होंने उज्जैन में आयोजित होने जा रहे सिंहस्थ-2028 के लिये साधु-संतों को आमंत्रित करते हुए कहा कि सिंहस्थ के लिये उज्जैन में साधु-संतों को स्थाई प्रकृति के निर्माण की भी स्वीकृति मिलेगी। इससे साधु-संतों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सुश्री पलक पटवर्धन के निर्देशन में बालिकाओं ने नर्मदा क्षिप्रा स्तुति पर आधारित नृत्य नाटिका की आकर्षक प्रस्तुति दी। आयोजन में अखाड़े के मुख्य संरक्षक श्री महंत हरि गिरि महाराज एवं अन्य संतों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को चांदी की गौ-माता स्मृति-चिन्ह के रूप में भेंट की। समारोह में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, स्थानीय पार्षद महेश जोशी, साधु संत उपस्थित रहे।   recent visitors 45

Chhattisgarh में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, सुरक्षाबल ने 30 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया

बीजापुर / कांकेर छत्तीसगढ़ में आज सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए एनकाउंटर में अब तक कुल 30 नक्सली मारे गए हैं। इसमें बीजापुर में 26 और कांकेर में 4 नक्सली मार गिराए गए हैं। आज सुबह 7 बजे से ही लाल आतंक के खिलाफ जवानों का अभियान जारी था। एक बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा के वन क्षेत्र में मुठभेड़ हुई तो दूसरी कांकेर में हुई है। इसमें एक जवान की भी शहादत हुई है। कुल 30 नक्सली एनकाउंटर में ढेर बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा क्षेत्र के अलावा कांकेड़ में भी सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को ठिकाने लगाने में सफलता मिली है। कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ में कुल 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस ऑपरेशन में अब कुल 30 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिसमें बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा के वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 26 और कांकेर जिले में हुए एनकाउंटर में 4 नक्सली मारे गए हैं। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी बड़े ऑपरेशन होंगे. नक्सली कमांडर हिडमा की तलाश में सुरक्षा बल जुटे हुए हैं. हिडमा की तलाश के लिए 125 से ज्यादा गांवों की टेक्निकल मैपिंग की जा रही है. सिक्योरिटी फोर्स छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित करीब 125 गांव का थर्मल इमेजिंग करवा रही है. सुरक्षाबलों ने इस साल अब तक 77 नक्सली ढेर किए हैं. कांकेर में जारी नक्सली ऑपरेशन के बार में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि मुठभेड़ अभी जारी है और अब तक हमने चार शव और एक स्वचालित राइफल बरामद की है। यह मुठभेड़ कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में हुई, जब माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद एक संयुक्त पुलिस दल को तलाशी अभियान के लिए भेजा गया था। एसपी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है और शाम तक विस्तृत जानकारी दी जाएगी। गुरुवार को यह दूसरी मुठभेड़ है क्योंकि सुकमा में भी एक और मुठभेड़ चल रही है,जिसमें अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। सीएम ने थपथपाई पीठ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दो अलग-अलग ऑपरेशनों के बाद,कांकेर और बीजापुर में 26 नक्सलियों के शव मिले हैं। हम अपने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का भी यह संकल्प है कि 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाए। हमें विश्वास है कि उनका संकल्प पूरा होगा। यह डबल इंजन सरकार का लाभ है। सुबह से चल रहा था ऑपरेशन छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आज बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी में थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी। सुबह 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार फायरिंग जारी थी। एनकाउंटर वाले क्षेत्र में भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ दो नक्सलियों के शव बरामद हुआ था। टीम की तरफ से सर्चिंग जारी थी। recent visitors 48

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ 30 नक्सली ढेर

 बीजापुर/कांकेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर थाना गंगालूर क्षेत्र में गुरुवार सुबह मुठभेड़ में 18 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है। उधर कांकेर क्षेत्र में भी मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। बीजापुर मुठभेड़ में एक जवान बलिदान भी हुए हैं। इलाके में सर्चिंग जारी है और मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं। संयुक्त टीम ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान गुरुवार सुबह करीब सात बजे से दोनों ओर से लगातार फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने 18 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इस अभियान में बीजापुर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान बलिदान हो गया। फिलहाल क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षाबल पूरे इलाके में निगरानी रखे हुए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा- 31 मार्च 2026 से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- 'नक्सलमुक्त भारत अभियान' की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है। जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर सर्चिंग अभियान जारी है। बीजापुर से संयुक्त पुलिस जवानों का दल नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर अंडरी के पहाड़ में घुसा था। जहां जवानों को देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों द्वारा फायरिंग की गई। गंगालूर थाना क्षेत्र का यह इलाका दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पहाड़ी से लगा हुआ है। यह नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। कैंप खुलने से सिमटा नक्सलियों का क्षेत्र पीडिया में कैंप खुलने के बाद से नक्सलियों का यह इलाका भी अब सिमट गया है। पीडिया कैंप के आसपास मिरगान घोटुल, डोडी तुमनार, इडेनार, गमपुर, तामोडी, अंडरी, कुएम जैसे गांव हैं, जो वर्षों से नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माने जाते रहे हैं। कांकेर जिले में मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर कांकेर-नारायणपुर सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने परर सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी रवाना हुई थी। डीआरजी और बीएसएफ की टीम पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में 4 नक्सली ढेर हो गए। इनके पास से आटोमैटिक हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। यहां रुक-रुककर फायरिंग जारी है। recent visitors 33

नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा, आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह : CM योगी

बहराइच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच की तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के मुख्य भवन के उद्घाटन कार्यक्रम शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में बहराइच की पहचान को महाराजा सुहेलदेव के शौर्य के साथ जोड़ा. योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी का बिना नाम लिए कहा कि विदेशी आक्रांता को महाराजा सुहेलदेव ने इस बहराइच में धूल धूसरित करने का काम किया था. बहराइच ऋषि बालार्क के नाम पर था. सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव और ऋषि बालार्क को बहराइच की पहचान बताते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को अब अपने पोस्टिंग स्थल पर रात्रि निवास करना होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा, "भारत की सनातन संस्कृति का गुणगान दुनिया कर रही है. हर नागरिक का दायित्व है कि वो भी ऐसा करे. किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं करना चाहिए. नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा. आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह है. बहराइच में किसके नाम पर विवाद? संभल के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर बहराइच में भी हलचल बढ़ गई है. दरअसल, 1034 ईस्वी में बहराइच जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली चित्तौरा झील के किनारे महराजा सुहेलदेव ने अपने 21 अन्य छोटे-छोटे राजाओं के साथ मिलकर सालार मसूद गाजी से युद्ध किया था और उसे युद्ध में पराजित कर मार डाला था. उसके शव को बहराइच में ही दफना दिया गया था, जहां सालाना जलसा होता है. जानिए गजनवी के सेना के मुखिया के बारे में जानकारों के मुताबिक, सैयद सालार मसूद गाजी का जन्म 1014 ईस्वी में अजमेर में हुआ था. वह विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा होने के साथ उसका सेनापति भी था. तलवार की धार पर अपनी विस्तारवादी सोच के साथ सालार मसूद गाजी 1030-31 के करीब अवध के इलाकों में सतरिख (बाराबंकी ) होते हुए बहराइच, श्रावस्ती पहुंचा था.   recent visitors 54

सरकार ने स्थानीय रूप से निर्मित 307 तोपों के साथ-साथ टोइंग व्हीकल्स के लिए 7,000 करोड़ के सौदे पर लगाई मुहर

नई दिल्ली भारतीय सेना जल्द ही स्वदेशी आर्टिलरी गन से लैस होगी। देश के रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7000 करोड़ रुपए के सौदे को मंजूरी दे दी है। मामले से अवगत अधिकारियों ने गुरुवार को बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने स्थानीय रूप से निर्मित 307 तोपों के साथ-साथ टोइंग व्हीकल्स के लिए 7,000 करोड़ रुपये के सौदे पर मुहर लगा दी है। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया है कि इस ATAGS ( एडवांस्ड टॉड आर्टिलरी गन सिस्टम) सौदे में 327 टोइंग ट्रक भी शामिल हैं, जिससे मार्च के अंत तक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का रास्ता साफ हो गया है। 155 मिमी/52-कैलिबर की इस तोप की रेंज लगभग 48 किमी है। नई तोपों की खरीद से भारत में आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और इससे भारतीय सेना की तैयारी भी बढ़ेगी। सेना ने 2017 से अब तक 720 मिलियन डॉलर के अनुबंध के तहत 100 ऐसी तोपों को अपने बेड़े में शामिल किया है और उनमें से कई को पहाड़ों में संचालन को सक्षम करने के लिए अपग्रेड करने के बाद लद्दाख सेक्टर में तैनात किया गया है। तोपों को मूल रूप से रेगिस्तानी इलाकों के लिए खरीदा गया था। ATAGS प्रोजेक्ट क्या है? बता दें कि DRDO ने 2013 में ATAGS प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य सेना की पुरानी तोपों को आधुनिक 155mm आर्टिलरी गन सिस्टम से बदलना था। DRDO ने तोप के निर्माण के लिए दो निजी फर्मों, भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ समझौता किया है। यह ऑर्डर दोनों कंपनियों के बीच विभाजित किया जाएगा। भारत फोर्ज, जो ATAGS टेंडर के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है, 60% तोपों का निर्माण और आपूर्ति करेगी। वहीं बचे हुए 40 फीसदी तोपों का उत्पादन TASL द्वारा किया जाएगा। रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा इससे पहले 1 फरवरी को भारत ने केंद्रीय बजट में रक्षा बजट के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की थी। इसमें सेना के आधुनिकीकरण के लिए 1.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। सेना की खरीदारी सूची में फिलहाल कई लड़ाकू जेट, हेलीकॉप्टर, युद्धपोत, पनडुब्बी, टैंक, तोपें, ड्रोन, रॉकेट और मिसाइल शामिल हैं। आधुनिकीकरण के बजट का 75% रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए घरेलू स्रोतों से हथियार और उपकरण खरीदने पर खर्च किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चला है कि 2015-19 और 2020-24 के बीच भारत का हथियार आयात 9.3 फीसदी तक कम हो गया है। recent visitors 31

सालभर में सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की लगाई छलांग

मुंबई कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। पहली बार चांदी का भाव 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार चला गया है, जबकि सोना 91 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अमेरिकी बाजार की स्थिति के कारण सोना-चांदी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की महंगाई मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच सोना और चांदी के भावों में भारी उछाल देखा गया है। एक साल पहले मार्च 2024 में फाइन सोना 66 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 91 हजार रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह फाइन चांदी की कीमत 75 हजार रुपए से बढ़कर 1 लाख 1 हजार रुपए हो गई है। सोना जेवर की कीमत – मार्च 2024 में 59 हजार रुपए थी, जो अब 84 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। चांदी जेवर की कीमत – पिछले साल 700 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 950 रुपए हो गई है। 60 दिनों में सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार महंगी 2025 की शुरुआत से ही सराफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च के बीच मात्र 60 दिनों में सोना 12 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 9 हजार रुपए प्रति किलो महंगी हुई है।     15 जनवरी 2025 – सोना 79 हजार रुपए, चांदी 92 हजार रुपए     फरवरी 2025 – सोना 87 हजार रुपए, चांदी 98 हजार रुपए     15 मार्च 2025 – सोना 91 हजार रुपए, चांदी 1 लाख 1 हजार रुपए बाजार में हलचल, विशेषज्ञों की राय बढ़ती कीमतों के चलते सराफा बाजार में हलचल मच गई है। व्यापारियों के अनुसार, जब सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर खरीदारी पर भी पड़ता है। रतलाम स्थित महावीर ज्वेलर्स के अभिषेक जैन ने बताया कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों के कारण कीमतों में उछाल आया है और निकट भविष्य में गिरावट के आसार नहीं हैं। बंटू ज्वेलर्स के चिराग बंटू गौरी के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी हो चुकी है, जिससे ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका के मद्देनजर जो अनिश्चतिता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। अमेरिकी डॉलर में नरमी भी गोल्ड की कीमतों मे तेजी भर रही है। फिलहाल अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US dollar Index) 4 महीने के अपने लो पर है। इस साल अभी तक अमेरिकी डॉलर इंडेक्स तकरीबन 5 फीसदी कमजोर हुआ है। इस दौरान 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तकरीबन 26 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो सोना उन खरीदारों के लिए सस्ता हो जाता है जो इसे किसी अन्य करेंसी में खरीदना चाहते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों में इजाफा हो सकता है। वहीं यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट निवेशकों के लिए सोने के अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (opportunity cost) को घटा देती है। इजरायल की तरफ से गाजा में हमास के ठिकानों पर किए गए ताजा मिलिटरी स्ट्राइक के बाद मिडिल ईस्ट में जियो पॉलिटिकल टेंशन एक बार फिर बढ़ गया है जिस वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा इन्वेस्टमेंट डिमांड और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के दौरान लगातार तीसरे महीने इन्वेस्टमेंट डिमांड में तेजी देखने को मिली। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश फरवरी के दौरान 9.4 बिलियन डॉलर बढ़ा। मार्च 2022 के बाद इन्वेस्टमेंट डिमांड में यह सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 99.9 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार तीसरे महीने आए इनफ्लो के दम पर फरवरी 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 306 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,353 टन पर दर्ज किया गया जो जुलाई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। जनवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 4.1 फीसदी और 3.1 फीसदी की वृद्धि हुई। उधर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से फरवरी  में 5 टन सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार चौथे महीने गोल्ड खरीदा है। फरवरी  के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,290 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 5.9 फीसदी है। यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 6 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आज से शुरू हो रही दो दिवसीय मीटिंग पर है। हालांकि रेट में कटौती की गुंजाइश नहीं है फिर भी पोस्ट मीटिंग कमेंट्री का सबको बेसब्री से इंतजार है। यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल 19 मार्च (भारतीय समयानुसार 20 मार्च रात 12.30 बजे) को मीटिंग के बाद ब्याज दरों को लेकर ऐलान करेंगे। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल (1:30 PM IST) 408 रुपये यानी 0.46 फीसदी की मजबूती के साथ 88,431 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज … Read more

WhatsApp ने 9967000 भारतीय अकाउंट्स को किया चलता! बैन की बताई ये वजह

नई दिल्ली व्हाट्सऐप ने अपनी लेटेस्ट इंडिया मंथली रिपोर्ट में खुलासा किया है कि जनवरी 2025 में 99 लाख भारतीय अकाउंट्स को बैन किया गया. यह कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर बढ़ते स्कैम, स्पैम और फ्रॉड को रोकने के लिए की गई है ताकि इसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता बनी रहे. इस प्लेटफॉर्म ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यूजर्स नियमों का उल्लंघन करना जारी रखते हैं, तो और अधिक अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. आईटी नियमों के तहत कार्रवाई व्हाट्सऐप की यह रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4(1)(डी) और नियम 3ए(7) के अनुपालन में पब्लिश की गई है. इस रिपोर्ट में व्हाट्सऐप द्वारा अपने यूजर्स के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाए रखने के प्रयासों पर जोर दिया गया है. कितने अकाउंट हुए बैन? व्हाट्सऐप ने जनवरी 2025 में 9,967,000 भारतीय अकाउंट्स बैन किए. इनमें से 1,327,000 अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म ने प्रोएक्टिव रूप से बैन कर दिया, यानी यूजर्स की शिकायतों से पहले ही इन पर कार्रवाई कर दी गई. यह बैन व्हाट्सऐप के इंटिग्रेटेड डिटेक्शन सिस्टम के आधार पर किया गया, जो संदिग्ध व्यवहार की पहचान करता है. Meta की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा Meta की ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट बताती है कि WhatsApp ने भारत में 8.45 मिलियन (84 लाख से ज्यादा) अकाउंट्स पर बैन लगाया। यह कार्रवाई Information Technology Act की धारा 4(1)(d) और धारा 3A(7) के प्रावधानों का पालन करने के लिए की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बैन 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच लागू किया गया। WhatsApp ने किन अकाउंट्स को किया बैन? 1.66 मिलियन अकाउंट्स को गंभीर उल्लंघनों के कारण तुरंत ब्लॉक कर दिया गया। बाकी के अकाउंट्स की जांच के बाद उन्हें संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर बैन किया गया। 1.6 मिलियन से अधिक अकाउंट्स को WhatsApp की निगरानी के दौरान प्रोएक्टिव रूप से बैन कर दिया गया, जिनमें यूजर शिकायतों की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि वे पहले भी प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग में लिप्त पाए गए थे। WhatsApp ने बड़े पैमाने पर बैन क्यों किया? सर्विस की कंडीशन का उल्लंघन (Violation of Terms of Service):     बल्क मैसेज भेजना     स्पैमिंग और फ्रॉड एक्टिविटीज     गुमराह करने या हानिकारक जानकारी साझा करना     गैरकानूनी गतिविधियां (Illegal Activities):     लोकल कानूनों के उल्लंघन में पाए गए अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया। यूजर शिकायतें (User Complaints): 10,707 यूजर्स की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 93% शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की गई। उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, या अनुचित व्यवहार की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। यूजर्स की सुरक्षा के लिए WhatsApp की बड़ी पहल WhatsApp के ये प्रोएक्टिव कदम यूजर्स के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल बनाने के लिए उठाए गए हैं। Meta के द्वारा लाखों अकाउंट्स को बैन करने का निर्णय यह दर्शाता है कि कंपनी WhatsApp को एक सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। कितनी शिकायतें आईं और कितनी पर कार्रवाई हुई? जनवरी 2025 के दौरान व्हाट्सऐप को 9,474 शिकायतें मिलीं. इनमें से 239 मामलों में अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया या अन्य सुधारात्मक कार्रवाई की गई. इन शिकायतों में यूजर्स द्वारा भेजे गए ईमेल और डाक पत्र भी शामिल थे, जो व्हाट्सऐप के भारत स्थित शिकायत अधिकारी को भेजे गए थे. व्हाट्सऐप कैसे करता है अकाउंट्स को डिटेक्ट और बैन? व्हाट्सऐप ने बताया कि वह मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल करता है, जिससे हानिकारक गतिविधियों में शामिल अकाउंट्स की पहचान की जाती है. यह सिस्टम तीन स्तरों पर काम करता है – 1. रजिस्ट्रेशन के दौरान: जब कोई नया अकाउंट बनता है, तो संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को फ्लैग कर दिया जाता है. 2. मैसेजिंग के दौरान: व्हाट्सऐप के ऑटोमेटेड सिस्टम्स ऐसे अकाउंट्स की पहचान करते हैं जो बल्क मैसेजिंग या स्पैमिंग कर रहे होते हैं. 3. यूजर रिपोर्ट्स के आधार पर: यदि कोई यूजर किसी अकाउंट की शिकायत करता है, तो व्हाट्सऐप उस अकाउंट की जांच करता है और जरूरी कार्रवाई करता है. व्हाट्सऐप अकाउंट्स क्यों किए जाते हैं बैन? अगर आप भी व्हाट्सऐप का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है. व्हाट्सऐप अकाउंट्स को बैन करने के पीछे तीन प्रमुख कारण होते हैं – 1. नियमों का उल्लंघन: बल्क मैसेजिंग, स्पैम, फ्रॉड और फेक न्यूज फैलाने वाले अकाउंट्स को व्हाट्सऐप के नियमों के तहत बैन किया जाता है. 2. अवैध गतिविधियां: जो अकाउंट्स भारतीय कानूनों के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होते हैं, उन्हें प्लेटफॉर्म हटा देता है. 3. यूजर की शिकायतें: यदि किसी अकाउंट से परेशान करने वाले, अपमानजनक या अनुचित संदेश भेजे जा रहे हैं तो यूजर्स इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे उस अकाउंट पर कार्रवाई हो सकती है. व्हाट्सऐप से बैन होने से कैसे बचें? अगर आप व्हाट्सऐप का उपयोग सही तरीके से नहीं कर रहे हैं, तो आपका अकाउंट भी बैन हो सकता है. इससे बचने के लिए – • व्हाट्सऐप के नियमों और शर्तों का पालन करें. • बल्क मैसेजिंग, स्पैम या किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न हों. • यदि आपको किसी अकाउंट से स्पैम मैसेज या स्कैम कॉल्स मिलते हैं, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट करें. इससे व्हाट्सऐप को उन अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और आप तथा अन्य यूजर्स सुरक्षित रहेंगे.   recent visitors 41