फिल्में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। हमारी फिल्में केवल कथा और कहानी नहीं होतीं, इनमें राष्ट्र और समाज को सशक्त करने का संदेश भी होता है। आज के डिजिटल युग में मीडिया और सिनेमा की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सेज विश्वविद्यालय के सभागार में सतपुड़ा चलचित्र समिति के ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल में युवा भाग लेगें और अपनी रचानात्मक और सृजनात्मक क्षमता से नवाचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें युवा पीढ़ी पर गर्व है। युवा वर्ग देश में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ ही समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। सतपुड़ा चलचित्र समिति इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने हमारे राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज से जोड़ने का माध्यम बनाने की दिशा में समिति का प्रयास सराहनीय है। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज के युग में कुछ डिजिटल प्लेटफार्म पर असामाजिक व्यक्ति परिवारिक मूल्यों को नष्ट करने का दुष्प्रयास कर रहे है। ऐसे समय में सतपुड़ा चलचित्र समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विस्तार है। यह नवोदित फिल्मकारों के लिये एक मंच है। इस फेस्टिवल के माध्यम से हम ऐसे सिनेमा को प्रोत्साहित करेगें जो भारतीय मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज के समक्ष सार्थक विषय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह के प्रारंभ में सतपुडा़ चलचित्र समिति और विश्व संवाद केन्द्र मध्यप्रदेश के अध्यक्ष लाजपत आहूआ ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सेज विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव नीरज उपमन्यु ने अध्यक्षयीय उद्बोधन दिया। उन्होंने अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।   recent visitors 39

बदल जाएगी इंदौर की सड़कों की सूरत, 300 करोड़ की लागत से बना बीआरटीएस अब हटेगा

इंदौर 12 साल पहले तीन सौ करोड़ की लागत से बना इंदौर का बीआरटीएस हटेगा। इसे लेकर लगी याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इसे हटाने की मंजूरी दी है। अब एक दो दिन में नगर निगम बीआरटीएस की बस लेन हटाने का काम शुरू करेगा। तीन माह पहले इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीआरटीएस को हटाने की घोषणा कर कोर्ट में इस बारे में पक्ष रखने की बात कही थी। 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस पर आठ प्रमुख जंक्शनों पर नगर निगम ब्रिज बनाना चाहता है। इसके लिए बीआरटीएस हटाने का फैसला लिया। हाईकोर्ट में बीआरटीएस हटाने के लिए याचिका लगी थी, लेकिन बीते कई वर्षों से नगर निगम बीआरटीएस की उपयोगिता बताते हुए अपना पक्ष रखता आ रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद नगर निगम ने खुद हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि सरकार बीआरटीएस हटाना चाहता है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने इस बारे में कहा कि याचिका में दोनो ही पक्ष बीआरटीएस हटाने पर सहमत थे, इसलिए कानूनी अड़चन नहीं आई। बीआरटीएस के हटने से शहर के ट्रैफिक में अलग सुगमता आएगी और ब्रिज भी बन सकेंगे। बीआरटीएस के हटने से सड़क की चौड़ी हो जाएगी। शुक्रवार से बस लेन हटाने का काम शुरू हो जाएगा।   70 हजार से ज्यादा यात्री करते है सफर इंदौर के निरंजपुर चौराहा से राजीव गांधी प्रतिमा चौराहा तक बने बीआररटीएस में आई बसों का संचालन एआईसीटीएसएल करता है। प्रतिदिन एक लाख से 70 हजार तक यात्री आई बस में सफर करते है। अब यह बसे मिक्स ट्रैफिक में चलेगी। ज्यादा छात्र और नौकरीपेशा इन बसों का उपयोग करते थे। देश का पहला प्रोजेक्ट था जवाहर लाल शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत इंदौर बीआरटीएस देश का पहला स्वीकृत प्रोजेक्ट था। इंदौर के बाद पुणे, दिल्ली, भोपाल, अहबादाबाद में भी बीआरटीएस प्रोजेक्ट मंजूर हुए थे, हालांकि इंदौर से पहले अहमदाबाद का बीआरटीएस बनकर तैयार हो गया था। बीआरटीएस के जंक्शनों पर ब्रिज बनाने के लिए सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है।   recent visitors 36

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती शमी ने की समीक्षा

भोपाल प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सागर एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपार्जित करें। साथ ही उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें। गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गत दिनों गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान जिलेवार उपार्जन तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिये थे। श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों को गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने के लिये जागरूक करें। उन्होंने संभागायुक्त और जिलों के कलेक्टर्स से अलग-अलग बात कर गेहूं उपार्जन के लिये की गई तैयारियों की जानकारी ली। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन करा चुके हैं। श्रीमती शमी ने बताया कि वेयर हाउस के लंबित भुगतान भी जल्द किये जायेंगे। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं का उपार्जन 1 मार्च से 18 अप्रैल तक होगा। शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई तक गेहूं का उपार्जन किया जायेगा। संचालक खाद्य कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपार्जित गेहूं का परिवहन जल्द किया जाये। गेहूं के भंडारण की समुचित व्यवस्था करें। उपार्जन केन्द्रों की माइक्रो प्लानिंग करें। इस बात ध्यान रखें कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन कराएं। उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन 7 दिन में करा लें। उपार्जन कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करें। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा ने किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया। उन्होंने धान मिलिंग की समीक्षा की तथा मिलिंग का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। वर्मा ने परिवहन संबंधी लंबित बिलों को जल्द भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। जिला कलेक्टर्स ने गेहूं उपार्जन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।   recent visitors 37

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में ही जलेगा, प्रक्रिया शुरू, फैक्ट्री के पास 24 थानों का फोर्स तैनात

 धार सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद गुरुवार को धार के पीथमपुर स्थित रामकी एनवायरो में कचरे के निपटान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आज 10 टन कचरे का निष्पादन होगा. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 17-18 घंटे लगेंगे. अधिकारियों ने बताया कि भोपाल से लाए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे को कंटेनर से निकालने, उसकी जांच करने, उसे भस्मक तक ले जाने समेत भस्मक को गर्म करने और कचरे को जलाने के साथ ही लैंडफिल में उसे दबाने तक की प्रक्रिया की जाएगी. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम रामकी एनवायरो कंपनी के अंदर मौजूद है. वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए रामकी एनवायरो के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं.  ⁠बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को फैक्ट्री के बाहर तैनात किया गया है. पुलिसकर्मियों को फैक्ट्री के बाहर तैनात किया गया है. ⁠फैक्ट्री के अंदर भी पुलिसकर्मियों से भरी बस को भेजा गया है. ⁠फैक्ट्री की ओर आने वाले रास्ते पर पुलिस ने बैटिकेड लगा दिए हैं. हालांकि, अभी किसी को रोका नहीं जा रहा है. पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा कोर्ट के इस रुख के बाद पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्पादन का ट्रायल आज से शुरू होगा। रामकी एनवायरो फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा। इधर, कचरा जलाने के ट्रायल को लेकर प्रशासन सतर्क है। इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों से 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी पीथमपुर में फैक्ट्री के पास तैनात किए गए हैं। इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद परीक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार, पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। बेंच ने अपशिष्ट के निपटान के होने वाले परीक्षण पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई कर रहे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पास जाने का सुझाव दिया। नागरिक संगठनों और पीड़ित पक्षों की अपील को ठुकरा दिया। भोपाल गैस त्रासदी: एक भयावह इतिहास 1984 की भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक थी। दो और तीन दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस का रिसाव हुआ था, जिससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए और हजारों लोग अपंग हो गए थे। कचरे का पीथमपुर स्थानांतरण और विरोध प्रदर्शन भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने के 337 टन कचरे को 2 जनवरी 2025 को पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में लाया गया था। इसके बाद, स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने इसके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह कचरा इंसानों और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया है और कहा है कि कचरे के सुरक्षित निपटान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।   recent visitors 35

जब वोट लेना होगा तो गंगा भी जाएंगे, मंदिर भी जाएंगे, कोट पर जनेऊ भी पहनेंगे: रामेश्वर शर्मा

भोपाल  कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज महाकुंभ में नहीं जाने पर भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनकी जाति को लेकर सियासी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि- राहुल गांधी असली हिंदू नहीं हैं, असली गांधी भी नहीं हैं। वे यहीं तक नहीं रूके उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी को भी नकली गांधी परिवार बताया है। कहा यह असली हिंदू परिवार ही नहीं है, यह चुनावी हिंदू हैं, इसलिए सनातनियों, हिंदुस्तान के हिंदू इनसे सावधान रहना। जब वोट लेना होगा तो गंगा भी जाएंगे, मंदिर भी जाएंगे, कोट पर जनेऊ भी पहनेंगे। ये नकली हिन्दू राम मंदिर भी नहीं गए। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि- प्रयागराज पावन धरती है हिंदुस्तान का परम सौभाग्य है। यहां गंगा, जमुना मां सरस्वती का संगम का पावन तट है। युगों युगों से इसका लाभ भारतवर्ष के लोग लेते आए हैं। जो-जो सौभाग्यशाली थे वह सब गंगा के तट पर गए और महाकुंभ में जाकर गंगा स्नान किया। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि, प्रयागराज पावन धरती है हिंदुस्तान का परम सौभाग्य है। यहां गंगा, जमुना मां सरस्वती का संगम का पावन तट है। युगों-युगों से इसका लाभ भारतवर्ष के लोग लेते आए हैं। जो-जो सौभाग्यशाली थे वह सब गंगा के तट पर गए और महाकुंभ में जाकर गंगा स्नान किया। बता दें कि राहुल ने कहा था कि बीजेपी और RSS असली हिंदू नहीं हैं। वे लक्ष्मी और दुर्गा का अपमान करते हैं। इस पर पलटवार करते हुए शर्मा ने जारी बयान में कहा- राहुल गांधी जी, आप भी हिंदू नहीं हैं। आपके पूर्वज भी हिंदू नहीं थे। हमें खुद को हिंदू कहने में शर्मिंदगी का अहसास नहीं होता। जब नेहरू प्रधानमंत्री थे, तभी देश का विभाजन हुआ था। हजारों हिंदुओं की मौत हुई थी। आपको तो शुक्रगुजार होना चाहिए कि आरएसएस अस्तित्व में आया। बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि राहुल गांधी की मां (सोनिया गांधी) ईसाई हैं। उनके बहनोई भी ईसाई हैं। लगता नहीं है कि राहुल गांधी में हिंदू खून है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के कारण ही आप (कांग्रेस) देश नहीं बेच पाए। बीजेपी डंके की चोट पर हिंदुओं की बात और काम करती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं होते तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं होता। कश्मीर में धारा 370 नहीं हटती। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि आपके (राहुल गांधी) पुरखों ने मठ और मंदिर तुड़वाए। उनके शासनकाल में पाकिस्तान के नारे लगवाए गए। कांग्रेस ने किया पलटवार राहुल गांधी पर बीजेपी के आरोप पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया का कहना है कि बीजेपी के कितने नेता महाकुंभ गए बीजेपी इसकी लिस्ट जारी करे। कितने मंत्री गए कितने विधायक गए। बेरोजगारी जैसे असल मुद्दों से भटकाने के लिए बीजेपी इस तरह की बयानबाजी कर रही है। recent visitors 51

सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

पाकिस्तान के सफर का बुरा अंत, अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रहे, आज बांग्लादेश के खिलाफ मैच हुआ रद्द

रावलपिंडी पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का नौवां मुकाबला बिना टॉस के समाप्त हुआ। बारिश की वजह से टॉस ही नहीं हो सका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं। पाकिस्तान बांग्लादेश मैच रद्द पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच ग्रुप-ए का मुकाबला बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया। रावलपिंडी में बारिश की वजह से टॉस तक नहीं हो सका। इसी के साथ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में मेजबान पाकिस्तान के सफर का बुरा अंत हुआ है। टीम तीन में से एक भी जीत पाई। मैच रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को एक-एक अंक तो मिला, लेकिन रिजवान की टीम ग्रुप-ए में आखिरी स्थान पर रही। बांग्लादेश ने उनसे ऊपर तीसरे स्थान पर रहते हुए सफर का अंत किया। ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। बांग्लादेश की टीम तीन मैचों में दो हार और एक बेनतीजा मैच के साथ एक अंक और -0.44 नेट रन रेट लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं, पाकिस्तान की टीम -1.09 नेट रन रेट के साथ चौथे स्थान पर रही। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि बांग्लादेश को भी इन्हीं दोनों टीमों के खिलाफ शिकस्त मिली। ग्रुप-ए का आखिरी मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मार्च को खेला जाएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम ग्रुप-ए में शीर्ष पर रहकर लीग राउंड को खत्म करेगी।   बारिश जारी रावलपिंडी में अभी तक बारिश हो रही है। इसकी वजह से टॉस नहीं हो सका है। मैदान पर कवर्स हैं और कवर्स पर काफी पानी है। इसे पूरी तरह से तैयार करने में भी काफी समय लग सकता है। हालांकि, उसके लिए बारिश का रुकना जरूरी है। recent visitors 53