मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है, इस दिन होगी बारिश

लखनऊ यूपी समेत उत्तर भारत में सर्दी का सितम जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है। साथ ही, तेज हवाओं की जवह से उत्तर पश्चिम भारत में 10-12 जनवरी के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देखा जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में 11 जनवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप में भारी से बहुत भारी बरसात हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोल्ड से लेकर गंभीर कोल्ड डे की स्थिति रही। पंजाब में शीतलहर चली। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मेघालय में बहुत घना कोहरा रहा, जिससे विजिबिलिटी कम होकर 50 मीटर से भी कम हो गई। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 11 और 12 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश होगी। साथ ही, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में 10-12 जनवरी के बीच बरसात होने जा रही है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 11 जनवरी को बारिश होगी। आंधी तूफान का भी अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान में 11 जनवरी को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के तापमान की बात करें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख में इस समय शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे मिनिमम टेम्प्रेचर चल रहा है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में एक से चार डिग्री के बीच चल रहा है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले चार दिनों में उत्तर पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने वाला है। हालांकि, उसके बाद फिर से दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। मध्य भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी और फिर दो डिग्री तक तापमान कम हो जाएगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने वाली है। यूपी में घने कोहरे का अलर्ट यूपी के लिए मौसम विभाग का अलर्ट है कि दस जनवरी तक सुबह और शाम के समय घना कोहरा देखने को मिलेगा। साथ ही, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 10 जनवरी तक घना कोहरा रहेगा। राजस्थान में 12 जनवरी तक बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। recent visitors 81

शंकराचार्य ने कहा- आज हमारे प्राचीन स्थल अगर हमको वापस मिल रहे हैं, इसमें कोई गलत नहीं है यह हमारा अधिकार है.

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती महाराज ने बड़ा बयान दिया है. सदानंद सरस्वती का कहना है कि महाकुंभ में हम गंगा स्नान करते हैं, हनुमान जी की पूजा करते हैं, देवताओं का आह्वान करते हैं तो ऐसी जगह पर गैर-हिंदुओं का जाने का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि वह तो न गंगा स्नान करते हैं न हमारे देवी देवताओं का सम्मान करते हैं. ऐसे में महाकुंभ में गैर-हिंदुओं के जाने से कोई मतलब का नहीं है. इसके साथ-साथ शंकराचार्य सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मुगलों ने देश में राज किया और केवल हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों पर ही अपनी मस्जिद बनाई, जबकि उस जमाने में तो मंदिरों के अलावा भी बहुत सारी भूमि उनके कब्जे में थी, लेकिन उन्होंने जानबूझकर मंदिरों को ही तोड़कर मस्जिद बनाई है. उन्होंने कहा कि अगर आज खुदाई हो रही है तो कोई गलत बात नहीं है क्योंकि हमारी परंपरा और संस्कृति उन्होंने मिटाने का काम किया. द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य ने कहा कि आज हमारे प्राचीन स्थल अगर हमको वापस मिल रहे हैं, इसमें कोई गलत नहीं है यह हमारा अधिकार है. मुसलमानों के दुकान लगाने को लेकर क्या बोले महंत रवींद्र पुरी? इससे पहले महाकुंभ में मुसलमानों के दुकान लगाने को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान दुकानें नहीं लगानी चाहिए क्योंकि वे हमारे धर्म को भ्रष्ट कर देंगे. वे किराने, जूस की दुकानें, खाने के स्टॉल और चाय की दुकानें नहीं लगा सकते हैं क्योंकि वे जानबूझकर भोजन पर थूकते हैं. recent visitors 71

साय मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी तक, छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं, प्रदेश में तीन नए मंत्री शपथ ले सकते

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी तक हो सकता है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार की घोषणा 12 या 13 जनवरी को हो सकती है। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। हरियाणा की तर्ज पर 90 सीट वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश में तीन नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद प्रदेश भाजपा का समीकरण भी बदलेगा। चर्चा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में भाजपा संगठन में भी बदलाव देखन को मिल सकता है। मीडिया से चर्चा करते हुए विष्णु देव साय ने कहा कि बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। रायपुर पहुंचे भाजपा प्रभारी ने कहा- जल्द होगा विस्तार वहीं रायपुर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन से मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण की तैयारी को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि जब भी तैयारी होगी, इसकी सूचना आपको पहले होगी और जल्द होगी। 10 जनवरी तक होना है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश भाजपा ने मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर ली है। अब 10 जनवरी तक प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त होना है। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि अगर प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव को मंत्री बनाया गया तो उनकी जगह भाजपा को नया अध्यक्ष मिलेगा। महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावडे को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हैं। इसमें विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, दुर्ग के पूर्व सांसद विजय बघेल का नाम चर्चा में है। इसके अलावा पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के नाम की भी चर्चा है। पार्टी नेताओं के अनुसार सिंहदेव यदि मंत्री बनाए जाते हैं तो उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को साय सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। यह दर्जा उन्हें शिष्टाचार के लिए प्रदान किया गया है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश भी जारी किया है। ये प्रमुख मंत्री पद के दावेदार अमर अग्रवाल: बिलासपुर विधानसभा से विधायक हैं। सामान्य वर्ग से आने वाले अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। विभाग को संभालने का उनके पास बखूबी अनुभव है। किरण सिंह देव: जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं। इनके कार्यकाल में लोकसभा चुनाव में पार्टी को प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर जीत मिली है। बस्तर से बड़ा चेहरा हैं इसलिए उन्हें मौका मिल सकता है। गजेंद्र यादव: दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से है। वह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत संघ चालक रहे बिसराराम यादव के बेटे हैं। रायपुर में कई दावेदार: रायपुर में पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा और विधायक गुरु खुशवंत साहेब का नाम भी मंत्री पद के लिए चर्चा में है। recent visitors 87

हिंदू धर्म में बहुत अधिक मान्यता रखने वाली रामायण का मंचन राजधानी बीजिंग में कराया जाएगा, भगवान राम से मर्यादा सीखेगा चीन!

नई दिल्ली, बीजिंग भारत और चीन भले ही पड़ोसी मुल्क हैं, लेकिन दोनों के बीच सांस्कृतिक अंतर काफी गहरे हैं। इस बीच चीन ने एक बड़ी पहल की है। इसके तहत हिंदू धर्म में बहुत अधिक मान्यता रखने वाली रामायण का मंचन राजधानी बीजिंग में कराया जाएगा। यह कार्यक्रम 25 जनवरी को बीजिंग के शुनयी ग्रैंड थिएटर में शाम को 7 बजे होगा। भारत में स्थित चीनी दूतावास की प्रवक्ता यु जिंग ने इस बारे में जानकारी दी है। यु जिंग ने एक्स अकाउंट पर इसके बारे में जानकारी दी है, जिस पर लोगों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह चीन की रिश्तों को सुधारने के लिए एक अच्छी पहल है, जिसका स्वागत होना चाहिए। यही नहीं कई यूजर्स ने लिखा है कि सनातन धर्म के मूल्य ही ऐसे हैं कि 21वीं सदी में पूरी दुनिया को उनसे सीख मिलती है। चीन में रामायण पर होने वाली यह प्रस्तुति प्रोफेसर जि शियानलिन के संस्कृत से मंदारिन में किए गए अनुवाद पर आधारित होगी। इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन भारतनाट्यम एक्सपोनेंट से जुड़े जिन शानशान करने वाले हैं। यह कार्यक्रम बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से किया जा रहा है। चीन में रामायण के मंचन को लेकर शीर्ष सरकारी सूत्रों की ओर से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन साफ है कि भारत के साथ शी जिनपिंग सरकार रिश्ते सुधारना चाहती है। 2020 में लद्दाख में सीमा पर दोनों सैनिकों के बीच खूनी झड़प हो गई थी। इसके बाद कई सालों तक दोनों देशों के रिश्तों में बर्फ जमी रही, लेकिन बीते कुछ महीनों में रिश्ते सहज होते दिखे हैं।एक तरफ सीमा विवादों को निपटाने के लिए दोनों देश आगे आए हैं तो वहीं लद्दाख में सैनिकों को भी थोड़ा पीछे हटाया गया है। इस तरह सीमा पर रिश्तों में पिघली बर्फ का असर अब सांस्कृतिक और राजनयिक रिश्तों में भी दिख रहा है। recent visitors 181

जहां पिछले साल 20 अक्टूबर को आतंकी हमला हुआ था, वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2,400 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग का उद्घाटन करेंगे

गांदरबल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 2,400 करोड़ रुपये की लागत से बनी रणनीतिक जेड-मोड़ सुरंग (Z-Morh tunnel) का उद्घाटन कर सकते हैं। यह 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग लद्दाख क्षेत्र को पूरे साल सड़क मार्ग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यह वही सुरंग है जहां पिछले साल 20 अक्टूबर को आतंकी हमला हुआ था। यह सुरंग गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में आती है। गगनगीर में हुए हमले में एक स्थानीय डॉक्टर और बिहार के दो मजदूरों सहित सात लोगों की जान चली गई थी। जेड-मोड़ सुरंग निर्माण स्थल पर हुए इस हमले में दो आतंकवादी शामिल थे। रक्षा जरूरतों और लद्दाख को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिहाज से यह सुरंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अगर मौसम अनुकूल रहा, तो प्रधानमंत्री खुद वहां मौजूद रहकर सुरंग का उद्घाटन करेंगे। लेकिन अगर खराब मौसम रहा तो इस स्थिति में सुरंग का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस सुरंग परियोजना का नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर इसे पर्यटन के विस्तार के लिए एक "गेम चेंजर" बताया। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर, विशेष रूप से मध्य कश्मीर, आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहा है। यह परियोजना घाटी में सर्दी के पर्यटन के विस्तार के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगी।" गौरतलब है कि कंगन के गंड क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-सोनमर्ग सड़क सर्दियों के महीनों में बंद रहती है। जेड-मोड़ सुरंग के खुलने से यह सड़क सालभर खुली रहेगी, जिससे सोनमर्ग क्षेत्र में सर्दी के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। श्रीनगर-लेह सड़क को सालभर चालू रखने के लिए जोजिला सुरंग पर भी काम जारी है। जेड-मोड़ सुरंग परियोजना का काम मई 2015 में शुरू हुआ था और इसे पिछले साल पूरा कर लिया गया। फरवरी 2024 में सुरंग का सॉफ्ट ओपनिंग किया गया था। सुरंग के शुरू होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि यह बर्फीले इलाकों में खतरनाक और हिमस्खलन-प्रवण मार्ग का विकल्प भी प्रदान करेगी। recent visitors 76

चीन में एचएमपीवी वायरस से पहले ही अफरा-तफरी फैली हुई है, अब एक नए वायरस के नए स्ट्रेन ने देश में खलबली मचा दी

चीन चीन में एचएमपीवी वायरस से पहले ही अफरा-तफरी फैली हुई है, अब एक नए वायरस के नए स्ट्रेन ने देश में खलबली मचा दी है. चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने नए एमपॉक्स स्ट्रेन क्लेड आईबी का पता लगाया है. पिछले साल विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद ये वायरल संक्रमण कई देशों में फैल रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र ने कहा कि मंकीपॉक्स का क्लेड 1बी कांगो सहित कुछ अफ्रीकी देशों में पहले से मौजूद है और यहीं से एक विदेशी शख्स से संक्रमित होकर शुरू हुआ था. विदेशी नागरिक के संपर्क में आने के बाद चार और नए मामले पाए गए हैं. मरीजों के लक्षण हल्के हैं. उनकी स्किन पर दाने और छाले हैं. एमपॉक्स की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपाय राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि एमपॉक्स को कैटगरी बी संक्रामक रोग के रूप में मैनेज किया जाएगा. अधिकारी आपातकालीन उपाय कर सकेंगे. जैसे कि भीड़-भाड़ को रोकना, काम और स्कूल को निलंबित करना और बीमारी के फैलने पर क्षेत्रों को सील करना. चीन ने पिछले साल अगस्त में कहा था कि वह देश में एंट्री करने वाले लोगों और सामानों पर एमपॉक्स की निगरानी रखेगा. कैसे फैलता है एमपॉक्स? एमपॉक्स क्लोज कॉन्टेक्ट में आने से फैलता है. ये फ्लू जैसे लक्षण और शरीर पर मवाद भरे घाव कर देता है. हालांकि आमतौर पर ये उतना घातक नही होता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह घातक भी हो सकता है. पिछले दो सालों में दूसरी बार डब्ल्यूएचओ ने पिछले अगस्त में एमपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था. ये कदम डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में मंकीपॉक्स का प्रकोप फैलने के बाद उठाया गया था. यह वैरिएंट डीआरसी से पड़ोसी देशों बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा में फैल गया है, जिसकी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपातकाल की घोषणा की है. recent visitors 88

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर कदम है युवा शक्ति मिशन

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और रचनात्मक दिशा देने के लिए "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" का शुभारंभ किया जा रहा है। यह मिशन स्वामी विवेकानंद के उस विचार से प्रेरित है जिसमें उन्होंने युवाओं को जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए अपने आंतरिक प्रकाश का अनुसरण करने का संदेश दिया था। भारत, जो कि दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है, अपनी कुल जनसंख्या का 27.3 प्रतिशत हिस्सा 15 से 29 वर्ष के युवाओं के रूप में समेटे हुए है। यह मिशन उन युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिससे वे अपने सामर्थ्य को पहचानकर जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "ज्ञान" दृष्टिकोण (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) और मध्यप्रदेश की "युवा नीति-2023" को ध्यान में रखते हुए इस मिशन को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। मिशन न केवल शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए है, बल्कि ग्रामीण, पिछड़े और आर्थिक-सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांग, युवाओं और किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। मिशन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी क्षमताओं और रुचियों का विकास कर सकें। इसके अंतर्गत युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने, उनकी कौशल दक्षताओं को बढ़ाने और उनकी ऊर्जा को समाज और देश की प्रगति में सकारात्मक रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस मिशन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सीएम राइज स्कूल और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावशाली और आधुनिक बनाया जाएगा। अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे युवा नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकें। मिशन में युवाओं के कौशल संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से रोजगार के लिए आवश्यक दक्षताओं का विकास किया जाएगा। पर्यटन, कृषि और सेवा क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा, युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी। मिशन का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं को सामाजिक पहलुओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता और राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस मिशन की निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न गतिविधियों और उनके प्रभावों का आकलन किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पहल की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिससे इसकी सफलता सुनिश्चित की जा सके। "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" का शुभारंभ 12 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया जाएगा। यह मिशन प्रदेश के युवाओं को उनके सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा। आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर यह पहल युवाओं को अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।   recent visitors 82