मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री ने खाते में डाली 18वीं किस्त

इंदौर इंदौर के नेहरू स्टेडियम में शनिवार को पांच हजार युवतियों ने एक साथ तलवारबाजी का रिकॉर्ड बनाया। इस आयोजन के साक्षी बने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमने लाडली बहना के खाते में किस्त डालकर महिला सशक्तीकरण को बढ़ाया है। लाडली बहन योजना की राशि सरकार और बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर ने सफाई से लेकर तलवारबाजी तक धाक जमाई है। इंदौर जो भी करता है अद्भुत करता है। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े लोकतंत्र में होने वाले राज्य और आम चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने भी घुमाई तलवार स्टेडियम में सोलहहाथ का लुगड़ा पहनकर आई युवतियां जय भवानी जय शिवाजी का नारा लगा रही थीं। इसके बाद देशभक्ति के गीतों के बीच तलवारबाजी की गई। आयोजन में एक लड़की को तलवार से चोट भी लग गई। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी तलवार घुमाई। आयोजन में उन्होंने लाडली बहना योजना की किस्त की राशि सिंगल क्लिक से जारी की। अन्य योजनाओं की राशि भी हितग्राहियों को जमा की। आयोजन में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व अभिनेत्री जया प्रदा भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक अन्य आयोजन में दिव्यागों को ट्राईसिकल भी दी। recent visitors 63

कांग्रेस OBC नाम सुनते ही चिढ़ जाती है… PM मोदी ने क्यों किया आंबेडकर के पंचतीर्थ का जिक्र, किसे दी चुनौती

अकोला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जिस किसी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, वह राज्य पार्टी के ‘शाही परिवार’ के लिए एटीएम बन जाता है। मोदी ने 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अकोला में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र को कांग्रेस का एटीएम नहीं बनने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के शाही परिवार को चुनौती देता हूं कि वे साबित करें कि उन्होंने कभी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पंचतीर्थ का दौरा किया है।’’ मोदी ने आंबेडकर के जन्म स्थान महू, ब्रिटेन में अध्ययन के दौरान लंदन में उनके रहने की जगह, नागपुर में उनके बौद्ध धर्म अपनाने से संबंधित दीक्षा भूमि, दिल्ली में उनके ‘महापरिनिर्वाण स्थल’ और मुंबई में ‘चैत्य भूमि’ को दर्शाने के लिए ‘पंचतीर्थ’ शब्द का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ मंत्र का पालन करते हुए कांग्रेस की साजिश विफल कर दी। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को पता है कि जब देश कमजोर होगा, वह सिर्फ तभी मजबूत हो पाएगी। उस पार्टी की नीति एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर देना है।’’ उन्होंने अकोला में कहा, “कांग्रेस पार्टी जानती है, देश जितना कमजोर होगा, कांग्रेस उतनी मजबूत होगी. इसीलिए अलग-अलग जातियों को लड़ाना, यही कांग्रेस की फितरत है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने कभी हमारे दलित समाज को एकजुट नहीं होने दिया, कांग्रेस ने हमारे ST समाज को भी अलग अलग जातियों में बांटकर रखा. OBC नाम सुनते ही कांग्रेस चिढ़ जाती है, OBC समाज की अलग से पहचान न बनें, इसलिए कांग्रेस ने तरह-तरह के खेल खेले हैं.”   recent visitors 73

मोदी ने दी उत्तराखंड स्थापना दिवस पर बधाई, प्रदेशवासियों और पर्यटकों से किए नौ आग्रह

देहरादून उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस खास मौके पर देवभूमि रजतोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीएम ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही इस राज्य के गठन का सपना पूरा किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, मैं अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करता हूं। जिनके प्रधानमंत्री रहते हुए उत्तराखंड के गठन का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा, “यह हम सभी के लिए हर्ष की बात है कि अटल जी द्वारा पुष्पित और पल्लवित हमारा उत्तराखंड आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे प्रदेश का चौतरफा विकास हो रहा है। हमारे प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर आज तेजी से मजबूत हो रहा है। आज शहर से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न जनपदों में हेलीपैड को विकसित किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “पहाड़ों में रेल पहुंचने का सपना पूरा हो रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ ही सेटेलाइट निर्माण का भी कार्य किया जा रहा है, ताकि उन सभी लोगों तक विकास पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो सके, जो कि अभी इससे वंचित हैं।” उन्होंने उत्तराखंड की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “आज की तारीख में उत्तराखंड हर क्षेत्र में सफलता के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। आज हम कृषि, बागवानी और उद्योग सहित सभी क्षेत्रों मंं विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। राज्य में वृहद स्तर पर युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं। हमारी सरकार ने औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित अनेक नीतियां बनाकर राज्य में निवेश के अवसर को बढ़ाने का काम किया है।” मोदी ने दी उत्तराखंड स्थापना दिवस पर बधाई, प्रदेशवासियों और पर्यटकों से किए नौ आग्रह  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है और कहा कि आज से ही उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष का शुभारंभ हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। हमें अब उज्जवल उत्तराखंड के भविष्य के लिए अगले 25 वर्ष की यात्रा शुरु करनी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में देश के कोने-कोने और विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि अभी दो दिन पहले ही प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन का भी सफल आयोजन हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे प्रवासी उत्तराखंड वासी राज्य की विकास यात्रा में ऐसे ही बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखंड के आप लोग आने वाले 25 वर्षों के संकल्पों के साथ पूरे राज्य में अलग अलग कार्यक्रम कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड के गौरव का प्रसार भी होगा और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य की भी हर प्रदेशवासी तक बात पहुंचेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नौ का अंक बहुत ही शुभ माना जाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों और उत्तराखंड आने वाले यात्रियों-श्रद्धालुओं से नौ आग्रह किए। उन्होंने कहा कि पांच आग्रह उत्तराखंड के लोगों से और चार आग्रह यात्रियों-श्रद्धालुओं से। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपनी गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी जैसी बोलियां सिखाएं। ये बोलियां उत्तराखंड की पहचान को मजबूत बनाने के लिए भी जरूरी है। दूसरे, 'एक पेड़ मां के नाम' आंदोलन को हम सभी को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश भर में ये अभियान तेज गति से चल रहा है। उत्तराखंड भी इस दिशा में जितनी तेजी से काम करेगा, उतना ही हम पर्यावरण परिवर्तन की चुनौती से लड़ पाएंगे। श्री मोदी ने कहा, “मेरा तीसरा आग्रह है कि आप सभी नदी, नालों का संरक्षण करें। पानी की स्वच्छता को बढाने वाले अभियानों को गति दें। प्रधानमंत्री ने चौथा आग्रह किया कि अपनी जड़ों से जुड़े रहें। अपने गांव लगातार जाएं और वहां से संबंध मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों से मेरा पांचवां आग्रह है कि अपने गांव के पुराने घरों को भी बचाएं। इन्हें आप होम-स्टे बनाकर अपनी आय बढ़ाने का साधन बना सकते हैं।” प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से भी चार आग्रह किए। उन्होंने अपेक्षा की कि जब भी आप हिमालय की गोद में पहाड़ों पर घूमने जाएं, तो स्वच्छता को सर्वोपरि रखें। वोकल फ़ॉर लोकल के मंत्र को वहां भी याद रखें। उन्होंने कहा, “आपकी यात्रा का जो खर्च होता है, उसमें से कम से कम पांच प्रतिशत स्थानीय लोगों द्वारा उत्पादित प्रोडक्ट खरीदने में खर्च करें। मेरा तीसरा आग्रह है कि आप जब भी पहाड़ पर जाएं तो वहां के ट्रैफिक नियमों का ध्यान जरूर रखें। चौथा और अंतिम आग्रह है कि धार्मिक स्थलों के रीति-रिवाजों, वहां के नियम-कायदों के बारे में यात्रा से पहले जरूर पता कर लें।” श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार विकास के साथ विरासत को भी सहेजने में जुटी है। देवभूमि की संस्कृति के अनुरूप, केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया जा रहा है। बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत, पहले चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हुए हैं। कुछ साल पहले बाबा केदार के दर्शन के बाद उनके चरणों में बैठकर कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तराखंड ने मेरे इस विश्वास को सही साबित किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोग प्रकृति और पर्यावरण के कितने बड़े प्रेमी होते हैं, ये सारा देश जानता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने हम सभी को, भाजपा को हमेशा खूब सारा प्यार और अपनत्व दिया है। भाजपा भी देवभूमि की सेवा की भावना से उत्तराखंड के विकास कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लंबे समय तक अलग राज्य के लिए प्रयास करना पड़ा था। ये … Read more

बुधनी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बोले – कांग्रेस और कंस हमेशा अन्याय की बातें करते हैं

बुधनी. बुधनी सीट पर हो रहा उप चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में पहुंच गया है, पार्टी उम्मीदवार रमाकांत भार्गव के समर्थन में आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कांग्रेस पर जमकर बरसे, उन्होंने कांग्रेस की तुलना कंस से करते हुए कहा दोनों एक समान हैं। बुधनी पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भाजपा की सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमारी सरकार ने किसानों से लेकर बहनों तक हर वर्ग का ध्यान रखा, गरीब कल्याण की कई योजनायें भाजपा सरकार चला रही है इसलिए विकास की बात करते हैं लेकिन दूसरी तरफ विनाश वाले लोग हैं इन्हें अभी भी चैन नहीं पड़ा, कांग्रेस के लोगों की कितनी मोटी चमड़ी है, कुछ किया नहीं फिर भी वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं, 50 साल पहले कांग्रेस ने विकास किया होता तो हमारे दादाजी पिताजी इन्हें दुआ दे रहे होते। कांग्रेस के नकली गांधी उस नाम को भुना रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए जो काम किये ऐसे काम न पहले हुए और ना हो सकते हैं, सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा हम एक बार नहीं बार बार गोवर्धन पूजा करेंगे कोई कुछ भी करे अरे जब हमरे श्रीकृष्ण कंस से नहीं डरे तो हम कांग्रेससे क्यों डरें, उन्होंने कहा कांग्रेस और कंस एक समान हैं दोनों ही अन्याय की बातें करते हैं उन्होंने गांधी परिवार को नकली गांधी बताते हुए कहा कि असली गांधी तो महात्मा गांधी थे उनका परिवार तो सामने ही नहीं आता, ये कांग्रेस के नकली गांधी उस नाम को भुना रहे हैं। recent visitors 71

हाईकोर्ट के जस्टिस भादुड़ी हुए रिटायर, बोले- ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से हो सका संभव

बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी शुक्रवार को रिटायर हो गए. अपने 11 साल के कार्यकाल में उन्होंने कुल 35 हजार 747 मामलों का निराकरण किया, जिसमें से 540 नजीर बने. चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में हुए विदाई समारोह में जस्टिस भादुड़ी ने कहा कि यह ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से संभव हो सका. इस दौरान उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट उनके जीवन के स्कीम में नहीं है. हालांकि वे कल से कोर्ट में नहीं बैठेंगे, लेकिन विधि के क्षेत्र में सक्रियता बनी रहेगी. जस्टिस गौतम भादुड़ी का विदाई समारोह चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में आयोजित हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत में सीजे सिन्हा ने जस्टिस भादुड़ी के कार्यकाल पर अपनी बात रखते हुए न्यायपालिका में उनके योगदान की सराहना की. इसके बाद महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने अपनी बातें रखीं. रायपुर में हुई प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा 10 नवंबर 1962 को प्रसिद्ध वकील एस के भादुड़ी (पिता) और पी भादुड़ी (दादा) के परिवार में जन्म हुआ. प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बंगाली कालीबाड़ी स्कूल, रायपुर में हुई, और उसके बाद सेंट पाल हायर सेकेंडरी स्कूल, रायपुर से माध्यमिक शिक्षा पूरी की. पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से बीकाम और एलएलबी की डिग्री ली. एलएलबी में स्वर्ण पदक प्राप्त किया. वे उस सोसायटी से जुड़े थे, जो रायपुर में तीन कालेज चलाती है, जिनके नाम दुर्गा कालेज, विवेकानंद कालेज और अपने दादा द्वारा स्थापित ला कालेज. शैक्षिक सोसायटी और क्षेत्रीय सोसाइटियों के भी सदस्य रहे. वर्ष 1985 में शुरू की वकालत वर्ष 1985 में वकालत की प्रैक्टिस में शामिल हुए. छत्तीसगढ़ और तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य के अधिकार क्षेत्र के भीतर विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों और उच्च न्यायालय में वकालत की. वर्ष 2000 में बिलासपुर आए. सरकारी वकील के रूप में काम किया और उसके बाद बिलासपुर के महाधिवक्ता कार्यालय में उप महाधिवक्ता के रूप में पदोन्नत हुए और 2003 तक इस पद पर बने रहे. इसके बाद निजी तौर पर प्रैक्टिस की. सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, कंपनी, श्रम मामलों को निपटाया. सीबीआइ के लिए स्थायी वकील रहे. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों – सेल, एनटीपीसी, बैंकों और कई निजी कार्पोरेट निकायों के लिए भी स्थायी वकील रहे. 16 सितंबर 2013 को बने छग हाई कोर्ट जज 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए. 08 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्होंने 11 मार्च 2023 से 29 मार्च 2023 तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) का पदभार संभाला. recent visitors 49

लाड़ली बहना योजना की राशि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5000 बढ़ाने तक का दिए संकेत

भोपाल. जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के लिए खुशखबरी है। योजना की 18वीं किस्त जारी करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राशि बढाने को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। सीएम ने योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 3000 और 5000 तक ले जाने के संकेत दिए है। दरअसल, आज शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में सभा करने बुधनी पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बहनों आप बताओं क्या कभी कांग्रेस ने आपके खाते में कभी पैसे डाले।ये कांग्रेस के लोगों से पूछना। अरे तुम तो लूट ले जाते थे। यहां पर जो मिल रहा वो भी छीन ले जाते थे।हमने कहा था लाड़ली बहनों के पैसे भी मिलेंगे और हमने दिए । हमारी शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने इसकी घोषणा की थी तो कांग्रेस कहती थी ये पैसे बस चुनाव तक मिलेंगे, इसके बाद योजना बंद हो जाएगी।हमने कहा तुम बोलते रहो और हम देते रहेंगे, क्योंकि ये हमारी सरकार है।आज ही मैं इंदौर से 1250 रुपए 1.29 करोड़ बहनों के खाते में डालूंगा और ये राशि डालते डालते 3000 से 5000 तक बढ़ते जाएंगे।ये हमारी सरकार की नीति है। आज जारी होगी लाड़ली बहना योजना की 18वीं किस्त आज शनिवार शाम इंदौर से सीएम मोहन यादव लाड़ली बहना योजना की 18वीं किस्त जारी करेंगे, इसके तहत फिर 1.29 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1573 करोड़ रूपये और 26 लाख बहनों के खातों में सिलेंडर रीफिल की राशि 55 करोड़ रूपये भेजे जाएंगे। जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए Ladli Behna Yojana के बारें में प्रमुख बातें लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।इसमें 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो। यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। recent visitors 127

भोपाल से रीवा और खजुराहो के लिए जल्द ही शुरू होगी फ्लाइट, यहां देखें पूरा शेड्यूल

 भोपाल  फ्लाइट में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप 15 नवंबर से फ्लाई बिग एयरलाइन कंपनी 19 सीटर विमान की शुरुआत करने होने जा रही है. फ्लाई बिग की विमान सेवा चार शहरों को जोड़ेगी. भोपाल से रीवा तक का किराया महज 999 रुपये होगा. फ्लाई बिग एयरलाइन कंपनी ने लखनऊ, खजुराहो, रीवा और चित्रकूट के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार एयरलाइन कंपनी ने सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का शेड्यूल जारी किया है. फ्लाइट की वजह से बड़े शहरों के बीच लोगों को कनेक्टिंग उड़ानें भी आसानी से मिल सकेंगी. रीवा फ्लाइट की नाइट पार्किंग व्यवस्था राजा भोज एयरपोर्ट पर होगी. पहले दिन फ्लाइट की पूरी सीट बुक हो चुकी है. उड़ान का साधारण किराया 1999 रुपये के करीब है, लेकिन 50 प्रतिशत कम फेयर का ऑफर यात्रियों को मिल रहा है. फ्लाइट का शेड्यूल सोमवार का शेड्यूल: फ्लाइट (एस9-333) हर सोमवार को लखनऊ से सुबह 8.30 बजे उड़ान भरकर सुबह 9.25 बजे चित्रकूट पहुंचेगी. चित्रकूट से सुबह 9.30 बजे उड़ान भरकर सुबह 10.35 बजे खजुराहो पहुंचेगी. खजुराहो से 11 बजे सुबह उड़ान भरकर 11.55 बजे सुबह रीवा पहुंचेगी. रीवा से दोपहर 12 बजे रवाना उड़ान भरकर दोपहर 2.25 बजे भोपाल पहुंचेगी. मंगलवार, बुधवार और गुरुवार का शेड्यूल: भोपाल से फ्लाई बिग की विमान सेवा सुबह 8 बजे उड़ान भरकर सुबह 10.15 बजे रीवा पहुंचेगी. रीवा से सुबह 10.30 बजे उड़ान भरकर सुबह 11.25 बजे खजुराहो पहुंचेगी. खजुराहो से सुबह 11.50 बजे उड़ान भरकर दोपहर 12.45 बजे रीवा पहुंचेगी. इसी तरह रीवा से दोपहर 1.10 बजे उड़ान भरकर दोपहर 3.15 बजे भोपाल पहुंचेगी. शुक्रवार का शेड्यूल: भोपाल से सुबह 8 बजे उड़ान भरकर फ्लाइट 10.05 बजे सुबह रीवा पहुंचेगी. रीवा से सुबह 10.30 बजे उड़ान भरकर सुबह 11.25 बजे खजुराहो पहुंचेगी. खजुराहो से सुबह 11.50 बजे उड़ान भरकर दोपहर 12.35 बजे चित्रकूट पहुंचेगी. चित्रकूट से दोपहर 1 बजे उड़ान भरकर लखनऊ में फ्लाइट दोपहर 2.05 बजे उतरेगी. बता दें कि 21 अक्टूबर को रीवा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का उद्घाटन हुआ था. उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा से भोपाल फ्लाइट संचालन की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री की घोषणा पर अब अमल होने जा रहा है. 15 नवंबर से फ्लाई बिग की उड़ान सेवा शुरू होगी.   recent visitors 101