राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना ही शिक्षा : राज्यपाल पटेल युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की जीवनचर्या को अपनाएं: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा केवल ज्ञान की डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की अंधी भाग-दौड़ में युवा जीवन के आनंद से वंचित हो रहे हैं। दिनचर्या यांत्रिक होती जा रही है। जरूरी है कि युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की दिनचर्या को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करें। परिवार, समाज के प्रति संवेदनशील रहे। माता-पिता, गुरुजन, समुदाय और समाज के लिए कृतज्ञता का भाव रखें। वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहें। राज्यपाल पटेल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भौतिक सुखों को प्राप्त करने से सुख नहीं मिलता है। आत्मिक सुख, जरूरतमंदों की मदद और सेवा कार्यों से मिलता है। उन्होंने सेवा कार्यों में प्रदर्शन की अपेक्षा परिणामों पर बल दिए जाने वाले सामाजिक वातावरण के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन उपलब्धियों से जुड़े गर्व को महसूस करने का दिन है, जो संस्थान और विद्यार्थी दोनों के लिए उत्सव का प्रसंग होता है। हम सबके जीवन में कुछ ऐसे क्षण होते हैं जिन्हें हम जीवन भर संजो कर रखते हैं। ऐसा ही दीक्षांत का दिन होता है, जो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में हमेशा अंकित रहेगा। परिसर में अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं ने यादगार पल और जीवन भर के लिए मित्रता की है। अनमोल सबक और प्रचुर ज्ञान प्राप्त किया है। यह सब आने वाले समय में विभिन्न परिस्थितियों में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत का दिन जीवन का वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां विद्यार्थियों को कैरियर और जीवन के अगले चरण के बारे में निर्णय लेना है। प्राप्त उपाधि आपको असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कराएगी। उनके सामने देश-विदेश में उच्चतर अध्ययन, रोजगार और उद्यम स्थापना के विकल्प उपलब्ध होंगे, लेकिन भावी जीवन में रोजगार तलाशने वाले की बजाय रोजगार देने वाले की तरह सोच कर आगे बढ़ने का प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का सम्मान उनके अथक परिश्रम से मिला है। इस सफलता की साधना में उनके माता-पिता सदैव उनके साथ खड़े रहे, इसलिए यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, यह उनके माता-पिता की भी उपलब्धि है। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत दुनिया का बुद्धिवान समाज था। तक्षशिला, नालंदा सारी दुनिया की शिक्षा के केन्द्र थे। भारत को विश्व गुरू कहा जाता था। हमारी मान्यताएं और परंपराएं प्रकृति के साथ सह-जीवन के ज्ञान-विज्ञान पर आधारित थी। मातृ भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों की शिक्षा समाज के द्वारा प्रदान की जाती थी। शोध में पता चला है कि भारत में लगभग 7 लाख गुरुकुल विभिन्न क्षेत्रों में संचालित थे। अंग्रेजों ने भारत को नियंत्रण में लेने के लिए उसकी शक्तियों के संबंध में अध्ययन कराया था। उन्हें बताया गया कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति और शिक्षा में है। औपनिवेशिक प्रशासन ने षड़यंत्रपूर्वक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की मान्यताओं और परंपराओं की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। भारतीयों को मातृ भाषा में शिक्षा से वंचित कर विदेशी भाषा में शिक्षा की व्यवस्था कर दी। इस तरह भारतीय समाज को अशिक्षित घोषित करने का कार्य किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री प्राप्त करने की उपलब्धि में उनके परिवार, समुदाय, समाज, राज्य और राष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजीव त्रिपाठी ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कुलसचिव प्रो. मोहन सेन ने आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा सचिव रघुराज राजेन्द्रन, विश्वविद्यालय की कार्य एवं विद्त परिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।   recent visitors 47

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का विवादास्पद बयान:देश, देश की वो सेना, PM के चरणों में नतमस्तक

जबलपुर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर में दिए गए अपने हालिया बयान को लेकर पैदा विवाद पर सफाई दी है. देवड़ा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय सेना का अपमान करने वाला कोई विवादित बयान नहीं दिया, बल्कि सेना के सम्मान में ही बात की थी. देवड़ा ने कहा, "मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि देश की सेवा कर रहे वीर जवानों के चरणों में पूरा देश नतमस्तक है. लेकिन मेरे इस बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे गैरजरूरी विवाद खड़ा हो गया." डिप्टी सीएम आगे आरोप लगाया, "मेरे बयान को गलत तरीके से चलाने के पीछे किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जनता सब जानती है. मैं हमेशा सेना और हमारे सुरक्षाबलों के सम्मान में बोलता आया हूं और आगे भी यही करूंगा." मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है। इसी बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के एक बयान पर विवाद हो गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई कार्रवाई को लेकर डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश उनके चरणों में नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। दरअसल, इस वाक्य से पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे थे। इस वजह से कांग्रेस ने उन पर सेना का अपमान करने का आरोप लगाया है। दावा है कि उपमुख्यमंत्री देवड़ा पीएम मोदी के चरणों में नतमस्तक होने की बात कर रहे थे।        मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की बाइट के मुख्य बिन्दु :- * जबलपुर में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम में मैंने जो बात कही थी, उसे गलत तरीके एवं तोड़-मरोड़कर प्रस्‍तुत किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। * मैंने अपने भाषण में कहा था कि- आतंकवादियों के खिलाफ सेना के जांबाज जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जो पराक्रम दिखाया है, उसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। पूरा देश एवं देश की जनता उनके चरणों में नतमस्‍तक है व उन्‍हें प्रणाम करती है और मैं भी उन्‍हें प्रणाम करता हूं। * वक्‍तव्‍य में मेरा अभिप्राय यह था कि देश की रक्षा करने वाले सेना के जांबाज जवानों के चरणों में देश की जनता प्रणाम करती है, मेरे इस बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। * मैंने कोई ऐसा बयान हीं नहीं दिया है जिसके उसके लिए माफी मांगी जाए और न ही मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। * जिस तरीके से बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है वह मन को बहुत आहत करने वाली है, ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा बयान, पढ़िए मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम बीते गुरुवार को जबलपुर के दौरे पर थे। जहां, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवड़ा ने कहा कि मन में बहुत क्रोध था, जो नजारा हमने देखा, जो पर्यटक घूमने गए थे, वहां चुन-चुनकर, धर्म पूंछ-पूंछकर, महिलाओं को एक तरह खड़ा करके, बच्चों के सामने पुरुषों को गोली मार दी गई। उस दिन से देश के लोगों में बहुत तनाव था, जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा। जिन आतंकवादियों ने माताओं का सिंदूर मिटाया, और आतंकवादियों को जो पाल रहे हैं, उनको जब तक नेस्तनाबूद नहीं करते, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हम धन्यवाद देना चाहेंगे। देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है।   पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात कर रहे थे देवड़ा डिप्टी सीएम जबलपुर के घंटाघर स्थित सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां मंच से वे पहलगाम हमले को लेकर सेना के चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा, मन में बहुत क्रोध था। जो दृश्य उन्होंने देखा कि जो पर्यटक के रूप में गए थे, घूमने गए थे और वहां चुन-चुनकर के धर्म पूछ-पूछकर के और महिलाओं को एक तरफ खड़ा करके उनके सामने गोली मारी। बच्चों के सामने गोली मारी। उस दिन से दिमाग में बहुत तनाव था, पूरे देश के लोगों के दिमाग में। जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा और जिन माताओं के सिंदूर को मिटाने का काम जिन आतंकवादियों ने किया और आतंकवादियों को जिन्होंने पाला, जो पाल रहे हैं उनको नेस्तनाबूद नहीं कर देंगे, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। डिप्टी सीएम देवड़ा के बयान के बाद कांग्रेस हमलावर यह सेना के शौर्य का अपमान : सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- इस देश की सेना और सैनिक प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं”। मध्यप्रदेश BJP के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा यह सेना के शौर्य पराक्रम का घोर अपमान है। सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे: तनखा राज्यसभा सांसद विवेद तन्खा ने कहा- आप क्या कह रहे हैं देवड़ा जी। मोदी जी और देश की जनता हमारी वीर सेना के प्रति समर्पित और नतमस्तक है। आप लोग देश की और सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे हैं। इनको गर्मी ज्यादा हो गई है: नेता प्रतिपक्ष भारतीय जनता पार्टी निरंकुश हो गई है। अभी एक बयान आया मुझे जानकारी मिली कि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सेना मोदी जी के चरणों में है। तो यह क्या है क्या इनको गर्मी ज्यादा हो गई है क्या मई की गर्मी उनके सर पर लग गई। इनका दिमाग सटकने लगा। सेना के खिलाफ इतनी आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे तो मुख्यमंत्री जी क्या कर रहे हैं? मुख्यमंत्री जी अपनी इन्वेस्टर मीट में लगे हैं। लेकिन यहां महिलाओं का सम्मान हो चाहे अधिकारियों के सम्मान की बात हो चाहे सेना के सम्मान की बात हो। क्या भारतीय जनता पार्टी का यह बयान समझें? उनकी रणनीति समझें कि सोफिया कुरेशी का अपमान किया तो क्या भारतीय जनता पार्टी ने … Read more

सरकार ने सेना के लिए खोल दिया खजाना, अनुपूरक बजट में 50 हजार करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात देखने को मिले. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया. सूत्रों ने बताया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें नए हथियार और गोला-बारूद के साथ-साथ तकनीक की खरीद पर खर्च किया जाएगा. अनुपूरक बजट के जरिए ₹50 हजार करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में इसे मंजूरी मिल सकती है. अतिरिक्त आवंटन से सशस्त्र बलों की जरूरतों, जरूरी खरीद और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है. इस साल, डिफेंस के लिए केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53 फीसदी ज्यादा है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले 10 साल में रक्षा बजट में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम 2014-15 में डिफेंस बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था. इस साल 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 13.45% है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान पर भारत की रक्षा क्षमताओं की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया. लंबी दूरी की रूसी एस-400 'ट्रायम्फ' सिस्टम के अलावा, भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को फेल करने के लिए बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम सिस्टम और स्वदेशी आकाश प्रणाली को तैनात किया. पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) जैसी युद्ध-सिद्ध वायु रक्षा प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया. '21वीं सदी की जंग में…' ऑपरेशन सिंदूर में भारत के एडवांस हथियारों की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को अपने संबोधन में इस उपलब्धि की प्रशंसा की. नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे मेड-इन-इंडिया हथियारों की विश्वसनीयता मजबूती से स्थापित हुई. दुनिया अब मानती है कि 21वीं सदी की जंग में मेड-इन-इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का वक्त आ गया है." पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया.   recent visitors 46

गुजरात: ‘नया भारत पलटकर जवाब देगा’, भुज एयरबेस से बोले रक्षामंत्री राजनाथ

भुज भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भुज एयर फोर्स स्टेशन का दौरा किया और यहां वायु योद्धाओं को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई दी. यहां अपने संबोधन में पाकिस्तान की चुटकी लेते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया. उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने जो कुछ भी किया, उससे सभी भारतीयों को गर्व हुआ है, चाहे वे भारत में हों या विदेश में. पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे. जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.' भुज एयर बेस पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'कल ही मैंने श्रीनगर में हमारे बहादुर सेना के जवानों से मुलाकात की थी. आज मैं यहां वायु योद्धाओं से मिल रहा हूं. कल मैंने उत्तरी क्षेत्र में हमारे जवानों से मुलाकात की थी और आज मैं देश के पश्चिमी हिस्से में वायु योद्धाओं और अन्य सुरक्षा कर्मियों से मिल रहा हूं. मैं दोनों मोर्चों पर उच्च जोश और ऊर्जा को देखकर उत्साह महसूस करता हूं. मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखेंगे.' इस दौरान रक्षा मंत्री ने बशीर बद्र की एक शेर के जरिए पाकिस्तान को नसीहत भी दी. उन्होंने कहा, 'कागज का है लिबास चरागों का शहर है, संभल-संभल के चलना क्योंकि तुम नशे में हो.' IAF ने आसमान की नई बुलंदियों को छू लिया है: राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है. आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया है बल्कि उन्हें डेसीमेट करने में भी कामयाबी हासिल की है. आतंकवाद के खिलाफ चलाये गए इस अभियान को सुपरहेड हमारी एयरफोर्स ने किया. हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है. यह कोई छोटी बात नहीं है कि हमारी एयरफोर्स की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने तक है, यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है. ब्रह्मोस ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखाया है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक प्रहार करने में सक्षम हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद, आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया; बाद में की गई कारवाई में उनके अनेक एयरबेस तबाह कर दिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है. प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीक दोनों बदल चुकी है. आपने नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया है. यह संदेश है कि अब भारत केवल विदेशों से आयात किए गए हथियारों और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारत में बने अस्त्र और शस्त्र भी हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं. अब भारत में बने और भारतीय हाथों से बने हथियार भी अचूक और अभेद्य हैं, यह पूरे विश्व ने देख लिया है. PAK जनता के टैक्स के पैसों को आतंकवादियों पर खर्च कर रहा राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की ताकत को तो पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है. हमारे देश में एक कहावत काफी पुरानी है और वह है- 'दिन में तारे दिखाना'. मगर भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया. उन्होंने कहा कि भारत के जिस एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ हर तरफ हो रही है, उसमें DRDO द्वारा बनाये गए ‘आकाश’ और अन्य राडार सिस्टम की जबरदस्त भूमिका रही है. उन्होंने वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने पाकिस्तान में मौजूद टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ प्रभावी कारवाई की, मगर पाकिस्तान फिर से इस कोशिश में लग गया है कि ध्वस्त हुए आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा किया जाये. वहां की सरकार, पाकिस्तानी आम नागरिकों से लिया गया टैक्स, ‘जैश ए मुहम्मद’ जैसे आतंकी संगठन के आका मसूद अजहर को करीब चौदह करोड़ रुपए देने में खर्च करेगी. जबकि वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी है. IMF फंडिंग का इस्तेमाल आतंकी ठिकाने बनाने में कर रहा PAK राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'लश्कर ए तैयबा और जैश ए मुहम्मद के मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी ठिकानों को फिर से खड़ा करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. निश्चित रूप से IMF से आने वाले एक बिलियन डॉलर के बड़े हिस्से को टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने में इस्तेमाल होगा. IMF जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, क्या यह उसके द्वारा आतंकवाद को अपरोक्ष फंडिंग नहीं माना जाएगा. इसलिए मैं मानता हूं कि आज के समय में पाकिस्तान को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता टेरर फंडिंग से कम नहीं है. भारत यही चाहेगा कि IMF पाकिस्तान को अपनी एक बिलियन डॉलर की सहायता पर पुनर्विचार करे और आगे भी किसी तरह की सहायता देने से परहेज करे. भारत नहीं चाहता कि जो फंडिंग हम IMF को करते हैं, वह डायरेक्ट या इनडायरेक्ट किसी भी तरीके से पाकिस्तान या किसी भी देश में आतंकी बुनियादी ढांचा बनाने में इस्तेमाल किया जाए.'   recent visitors 41

सरकारी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की फोटो को हटा दी गई

इंदौर  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इंदौर में 'वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों की प्रशिक्षण कार्यशाला' आयोजित की गई। इसमें उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगे होर्डिंग्स में मंत्री विजय शाह की मुस्कुराती तस्वीर दिखी। इस पर अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लिया गया तो उसे हटाया गया। वर्कशॉप में मंत्री का फोटो वाला पोस्टर देखा तो अफसरों के बीच इसी की चर्चा होने लगी। इसके बाद मंत्री को हटा कर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो चिपका दी गई। मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्टर तुरंत हटवाए और संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाई। क्या है पूरा मामला पूरा घटनाक्रम इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के फीनिक्स हॉल का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें अशासकीय सदस्यों, वन अधिकारी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान वर्कशॉप के लिए पोस्टर लगाए गए। जिसमें, सीएम मोहन यादव के साथ मंत्री विजय शाह की फोटो लगी थी। इस वर्कशॉप कार्यक्रम में इंदौर उज्जैन के कलेक्टर, वन के मंडल अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम जनजाति कार्य विभाग ने आयोजित कराया था। इसके मंत्री विजय शाह हैं। इसी कार्यक्रम से फोटो हटाई गई। क्यों हटाई गई तस्वीर हाल ही में मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके चलते हाई कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद मंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि आयोजन में उनकी तस्वीर को हटा दिया गया। प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन कार्यशाला में जब इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अधिकारियों ने मंत्री विजय शाह की तस्वीर को पीएम मोदी की फोटो से ढंक दिया। जिससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ बल्कि आयोजकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी आयोजन में नेताओं की तस्वीरों का तय क्रम होता है। जिसमें प्रधानमंत्री का स्थान सर्वोच्च होता है। यहां पीएम मोदी की फोटो दूसरे स्थान पर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहले स्थान पर रही, जो स्पष्ट रूप से अनुचित था। शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर से उनकी तस्वीर हटाने के निर्देश दिए। आनन-फानन में स्टाफ ने शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया। बाद में उक्त स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को चस्पा किया गया। सुबह 11 बजे वन अधिकार अधिनियम को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। लोगों ने उठाई थी आपत्ति आयोजन प्रदेश सरकार के जनजाति कार्य विभाग ने किया था। पोस्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री विजय शाह की तस्वीर नजर आ रही थी। पोस्टर में मंत्री शाह की बड़ी सी मुस्कुराती तस्वीर थी। कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई और मंत्री शाह की तस्वीर पोस्टर पर क्यों है, तो अफसरों ने तुरंत कार्रवाई की। सरकारी कार्यक्रमों से दूर इस घटना ने साफ कर दिया कि मंत्री शाह अब सिर्फ जनता की नजरों से ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों से भी दूर किए जा रहे हैं। अफसर भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना नहीं चाह रहे। भले ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। संभागीय कार्यशाला शुरू वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार से दो दिनी संभागीय कार्यशाला की शुरुआत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई। इसमें वन समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल में ग्रामीणों को वन अधिकार के अंतर्गत पट्टे दिए जाते हैं। सिर्फ खेती करने में भूमि का उपयोग करें, जबकि कुछ पट्टे से लगी जमीन पर भी अतिक्रमण करते हैं, यह बिलकुल गलत है। शुभारंभ जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और संभागायुक्त दीपक सिंह ने किया। सचिव बामरा ने बताया कि राज्य शासन वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है। recent visitors 43

पाकिस्तान के मीडिया ने छेड़ा प्रोपेगंडा अभियान, मंत्री शाह का बयान बना हथियार

भोपाल  मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर देश में लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया और मंत्री से माफी मांगने को कहा है। पाकिस्तानी चैनल्स से फैलाया जा रहा नफरती एजेंडा इस बीच पाकिस्तान ने मंत्री विजय शाह के बयान को एक टूल का तरह इस्तेमाल कर प्रोपेगैंडा चलाने का काम किया है। पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी ने इस बयान को भारत में मुस्लिम के प्रति कथित नफरत के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया है। पाकिस्तान के चैनल्स ने एक प्रोपेगैंडा के तहत विजय शाह के बयान को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और पीटीवी के अलावा जीओ न्यूज, द डैली जंग सहित कई पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स ने इस बयान पर खबरें प्रकाशित कर दुनिया में मुस्लिम समुदाय में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की है। पीटीवी का प्रोपेगैंडा पीटीवी ने बुधवार देर रात प्रसारित अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में कहा है, "भारत के हिन्दू बीजेपी के सीनियर नेता विजय शाह ने एक वफादार मुस्लिम महिला अफसर को दहशतगर्दों की कतार में खड़ा कर दिया है। मोदी के भारत में मुस्लिम के प्रति नफरत इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब सेना के उच्च अधिकारी और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।" पीटीवी, जीओ न्यूज और जंग टीवी ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को मुख्यधारा से बाहर धकेला जा रहा है और अब जो लोग सेना जैसी संस्थाओं में भी अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा कर्नल सोफिया के बहाने भारत की छवि को 'अल्पसंख्यक विरोधी राष्ट्र' के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ पाकिस्तानी टीवी चैनल्स ही नहीं, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इस मुद्दे को लेकर नफरती एजेंडे और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को तेज कर दिया गया है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे प्रोपेगैंडा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अब सिर्फ विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि एमपी के मंत्री का यह बयान ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन, न तो भाजपा और न ही मध्यप्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से आग में घी पड़ रहा विशेषज्ञ मानते हैं कि अब यह मामला केवल एक विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में यह चिंता बढ़ रही है कि मंत्री शाह की टिप्पणी ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन न तो भाजपा नेतृत्व और न ही मध्य प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है। इससे मामला लगातार गरमाता जा रहा है और पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक और बहाना मिल गया है। recent visitors 38

CM साय ने कहा सुशासन तिहार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि "दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में जिले के प्रभारी  मंत्री श्री केदार कश्यप , विधायक श्री चैत राम अट्टामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह आयुक्त जनसंपर्क डॉ. श्री रवि मित्तल, संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "सुशासन तिहार" सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी। मुख्यमंत्री  ने  कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।  मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजापुर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि समर कैम्प और बाल शिक्षा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। दंतेवाड़ा जिले में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार (हाई स्कूल में 10% और हायर सेकेंडरी में 4% वृद्धि) पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत राइस मिल लगाने के लिए दी गई रियायतों की जानकारी दी और स्थानीय युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंची भूमि में मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही ताकि कृषक आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बीजापुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि टीम भावना से कार्य करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने भी समन्वयपूर्ण कार्यशैली पर बल दिया। recent visitors 41