‘लोक कलाकारों के हुनर व शिल्प को प्रोत्साहित करने का आह्वान’, राजस्थान-राज्यपाल ने शिल्पग्राम उत्सव का किया शुभारंभ

जयपुर। राज्यपाल हरीभाऊ बागडे ने उदयपुर के शिल्पग्राम में पारंपरिक लोक वाद्य नगाड़े का वादन कर "शिल्पग्राम उत्सव 2024" का शुभारंभ किया। उन्होंने इस दौरान शिल्पग्राम उत्सव में भाग लेने वाले देश भर चाहे कलाकारों का अभिनंदन और स्वागत करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान विविधता की धरती है। यह सात बार नौ त्यौहार की उत्सवधर्मी संस्कृति है। उन्होंने राजस्थान के गौरवमय इतिहास और महाराणा प्रताप के शौर्य की चर्चा करते हुए कहा कि जितना यहां का परिवेश सुरम्य है, उतना ही यहां का शौर्य का इतिहास प्रेरणा देने वाला है। राज्यपाल ने  शिल्पग्राम मेले को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके जरिए लोक कलाकारों, शिल्पकारों और हुनरमंद कारीगरों को मंच मिलता है।  उन्होंने आमजन से भी अपील की की शिल्पग्राम में प्रदर्शित उत्पादों, हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुओं और ग्रामीण क्षेत्र में उत्पादित चीजों की अधिक से अधिक खरीदारी कर यहां आने वाले शिल्पियों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल श्री बागडे ने समारोह में जयपुर के डॉ. रूपसिंह शेखावत (भवाई लोक नृत्य) और महाराष्ट्र के श्री गणपत सखाराम मसगे (कठपुतली एवं चित्रकला) को डॉ. कोमल कोठारी लाइफ टाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार प्रदान किया। recent visitors 90

राष्ट्र भूभाग नहीं सनातन मूल्य से जुड़ा विचार और संस्कृति-राज्यपाल, राजस्थान में “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081” कार्यक्रम आयोजित

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राष्ट्र कोई भूभाग भर नहीं होता है, यह संस्कृति और सनातन मूल्य से जुड़ा विचार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम है और बाद में सब है, इस मानसिकता का प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो संस्कार मिलते हैं, उसी से भविष्य का विचार बनता है। उन्होंने देश में मैकाले द्वारा प्रारंभ शिक्षा पद्धति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय संस्कृति को जड़ों से उखाड़ने के निरंतर प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को कभी कोई मिटा नहीं सकता क्योंकि यह हमारे रक्त में घुला है। बागडे रविवार को एक होटल में  "नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081"  कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को मिटाने का निरंतर प्रयोग होता रहा, पर यह जीवंत संस्कृति है। उन्होंने प्राचीन भारतीय आविष्कारों की चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने आजादी से पहले गजट में लिखा है कि भारत में जितने गुरुकुल हैं, उतने ब्रिटेन में भी नहीं है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा,  गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, दशमलव के प्रयोग आदि की चर्चा करते हुए कहा कि वैदिक काल से हमने उन सिद्धांतों को स्थापित कर दिया जो बाद में पश्चिम ने अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का गौरवमय  इतिहास शिक्षा पद्धति से ही पता चलता है। भारतीयता के विचार से ही देश में नई शिक्षा नीति बनाकर लागू की गई है। इसे सभी प्रभावी रूप में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस देश के लोग अपने इतिहास को  भूल जाते हैं, उनका भूगोल भी कम होता जाता है। इसलिए सनातन भारतीय  मूल्यों के लिए सभी मिलकर कार्य करें। भारत को विकसित राष्ट्र बनाएं। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री रामचरण बोहरा ने सभी का आभार जताया। राज्यपाल ने आरंभ में नवोत्कर्ष फाउंडेशन द्वारा प्राचीन भारत के गौरवमय शासकों, सनातन संस्कृति से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। recent visitors 99

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मन से लागू करें’, राजस्थान-जयपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मन से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसी है, जिससे भारत आने वाले समय में वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नैतिक मूल्यों से मनुष्य को जोड़ने वाली है। इससे देश के लोग सुनागरिक बनने की राह पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप में लागू करने और शिक्षकों को इसमें अपनी महती भागीदारी निभाने का आह्वान किया। श्री बागडे बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा विभाग और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पाठ्यपुस्तकों  का अध्ययन ही नहीं है, यह व्यक्ति को मानवीय मूल्यों से  ओतप्रोत करने का मार्ग भी है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की चर्चा करते हुए कहा कि वह सदा व्यक्ति नहीं समग्र पर जोर देते थे। नई शिक्षा नीति इसी दृष्टिकोण से जुड़ी है। राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में मानव मूल्यों को ही प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नए से नए ज्ञान से अपने को जोड़े रखेगा तभी विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमता का निर्माण कर पाएगा। उन्होंने शिक्षकों को मन से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि मैकाले ने भारतीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से पश्चिमीकरण करने का प्रयास किया। देश में शिक्षा आयोग और नीतियां बनी परंतु हम पश्चिम की सोच से मुक्त नहीं हुए। शिक्षा में मातृ भाषा और जीवन व्यवहार की शिक्षा जरूरी है। नई शिक्षा नीति इसी से जुड़ी है। इसलिए इसे व्यवहार में लागू करने के लिए सभी प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि भारत ज्ञान विज्ञान में आरंभ से ही समृद्ध रहा है। उन्होंने भास्कराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने शून्य का जो वैज्ञानिक निष्कर्ष अपने समय में दिया, उसे ही पश्चिम के लोगों ने ग्रहण कर लिया।  उन्होंने कहा कि भारत अपने ज्ञान से विश्वगुरु था। फिर से उस ज्ञान परंपरा  को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर कार्यशाला की स्मारिका का भी लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री डा. प्रेमचंद बैरवा ने नई शिक्षा नीति को प्राचीन भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि दशकों तक शिक्षा में जड़ता रही है। रटने पर ही शिक्षा में जोर दिया जाता रहा है परन्तु नई शिक्षा नीति समता आधारित समाज निर्माण के साथ समावेशी दृष्टिकोण लिए समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देने वाली है। शिक्षा संस्कृति न्यास के डॉ. अतुल कोठारी ने नई शिक्षा नीति को अपनाने के लिए उसे व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही देश को बदला जा सकता है। देश को विकास की नई राह दिलाई जा सकती है। उन्होंने शिक्षा संस्कृति न्यास के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया। कॉलेज शिक्षा आयुक्त श्रीमती आरुषि मलिक ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में किए जाने वाले नवाचारों के बारे में अवगत कराया। कॉलेज आयुक्त श्री ओमप्रकाश बैरवा ने नई शिक्षा निति क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय कार्यशाला में होने वाली चर्चा के बारे जानकारी दी। राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अल्पना कटेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। श्री नितिन कासलीवाल ने कार्यक्रम का संयोजन किया। recent visitors 41

‘किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करें, ताकि आय बढ़ सके’, राजस्थान-राज्यपाल ने राजसमंद में जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने रविवार को राजसमंद जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर केंद्र प्रायोजित योजनाओ की समीक्षा की। उनके साथ विधायक दीप्ति माहेश्वरी और जिला प्रमुख रतनी देवी जाट मौजूद रहे। राज्यपाल की बैठक में राजसमंद जिला कलक्टर श्री बालमुकुंद असावा ने सर्वप्रथम उनका शाब्दिक स्वागत कर जिले का सामान्य परिचय प्रस्तुत किया। जल जीवन मिशन की समीक्षा करत हुए राज्यपाल ने अब तक हु प्रगति को देखा। जिला कलक्टर ने बतीय कि जिले में 65 हजार 942 परिवारों को इस योजना में लाभान्वित किया जा चुका है जो लक्ष्य का 64.75 प्रतिशत है। इस पर राज्यपाल ने शेष कार्य भी समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने हुए शत प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत वृहद पेयजल योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 1092 करोड़ रुपए की लागत से चम्बल-देवगढ़-भीम परियोजना का कार्य जारी है जिससे ब्लॉक भीम-देवगढ़ के 197 गांवों के 33169 घरों में नल से जल पहुंचेगा। ऐसे ही 133 करोड़ रुपए की लागत से 44 गांवों के लिए बाघेरी का नाका-चिकलवास योजना पर बताया कि 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात राज्यपाल ने केन्द्रीय सड़क निधि योजना के तहत जारी निर्माण कार्यों जैसे 64.34 करोड़ रुपए की लागत से केलवाड़ा-ओलादार चौराहा (राजसमंद) से भड़सोड़ा चौराहा (चित्तौड़गढ़) सड़क का चौड़ाईकारण एवं सुदृढीकरण, 15 करोड़ की लागट से मावल-नाथद्वारा सड़क संबंधी कार्य सहित अन्य कार्यों की समीक्षा कर शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की पर्याप्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जिले के विभिन्न इलाकों में जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा की। जिला कलक्टर ने बताया कि अब तक 1 लाख 71 हजार 240 आयुष्मान कार्ड वितरित हो चुके हैं। किसानों के हित में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्यपाल ने सहकारिता विभाग की पैक्स कम्यूटर योजना, पैक्स एस कॉमन सर्विस सेंटर योजना, महँगा कृषि यंत्र कम किराए पर उपलब्ध कराने हेतु कस्टम हायरिंग सेंटर योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा की। सहकारिता के उप रजिस्ट्रार ने बताया कि जिले में 1 लाख 97 हजार 880 किसानों को अब तक 422.64 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है। इसके साथ ही राज्यपाल ने अन्न भंडारण योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र आदि को लेकर भी विस्तार से जानकारी ली। जिला कलक्टर ने राज्यपाल को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर को लेकर बताया कि गत एक वर्ष में अब तक कुल 209 प्रकरण प्राप्त हुए हैं एवं 207 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, जिले में यह सेंटर आर के हॉस्पिटल में संचालित है। राज्यपाल ने रुडिप द्वारा नाथद्वारा में 106 करोड़ रुपए की लागत से जारी एकीकृत जल प्रदाय परियोजना कार्य, कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, स्वायत्त शासन विभाग की पीए स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं ग्रामीण, राजीविका के कार्यों आदि की विस्तार से समीक्षा करते हुए समस्त योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। recent visitors 40

बालिकाओं से किया संवाद, राजस्थान-राजसमंद के जनजाति बालिका छात्रावास पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने रविवार को राजसमंद जिले के जनजाति बालिका छात्रावास, पलेवा मगरी का निरीक्षण किया। राज्यपाल श्री बागडे ने विभिन्न कक्षों में जाकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। बालिकाओं से संवाद करते हुए राज्यपाल ने विभिन्न विषयों पर बात की। राज्यपाल को अपने बीच पाकर छात्राएं भी उत्साहित दिखी। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की समस्त सामान्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। राज्यपाल ने किए श्रीनाथ जी के दर्शन जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने नाथद्वारा में प्रभु श्रीनाथ जी के सांयकालीन भोग आरती के दर्शन किए। मंदिर मण्डल अधिकारी सुधाकर शास्त्री ने समाधान पद्धति से राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 48

अटल भूजल योजना के विकास कार्यों का किया शिलान्यास, राजस्थान-राजसमंद में राज्यपाल ने पीपलांत्री में देखे पर्यावरण संरक्षण के कार्य

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने राजसमंद जिले के पीपलांत्री में पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल एवं सरपंच अनिता पालीवाल के नेतृत्व में किए गए पर्यावरण संरक्षण के कार्यों का अवलोकन किया। पद्मश्री पालीवाल ने उनकी बेटी की स्मृति में लगे प्रथम पेड़ से दौरे की शुरुआत कर पीपलांत्री में हुए विभिन्न कार्यों से अवगत कराया। पालीवाल ने बताया कि कभी यह बंजर जमीन हुआ करती थी जहां जल स्तर भी काफी नीचे था, लेकिन सामूहिक प्रयासों से आज यहाँ चारों ओर सुंदर वन दिखाई देता है। महामाहिम राज्यपाल ने इस अवसर पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। राज्यपाल श्री बागडे ने यहाँ अटल भूजल योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। साथ ही बेटी, पानी, पेड़, गोंछ भूमि और वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करते हुए ग्रामीण पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के समस्त प्रयासों को सराहा। recent visitors 68