जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमयम पर GST घटाने पर हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली  हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम से GST हटाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष की तनातनी के बीच 9 सितंबर को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल की मीटिंग होने जा रही है। यह काउंसिल की 54वीं मीटिंग होगी। काउंसिल ने X पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव और टैक्स स्लैब कम करने पर विचार किया जा सकता है। काउंसिल को पिछली बैठक 23 जून को हुई थी उसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि दरों को तर्कसंगत बनाने पर बनाया गया मंत्रियों का समूह अगली बैठक में यह बताएगा कि उसने किन पहलुओं पर गौर किया और इस दिशा में कितना काम हुआ है। उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट तैयार न हुई हो तो मंत्रिसमूह उसका ड्राफ्ट पेश करेगा और काउंसिल रेट रेशनलाइजेशन पर चर्चा शुरू करेगी। 9 सितंबर की बैठक में जीएसटी के तहत ड्यूटी इनवर्जन हटाने पर भी विचार किया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल में केंद्रीय वित्त मंत्री के अलावा राज्यों के वित्त मंत्री होते हैं। इसमें एक तिहाई वोटिंग राइट केंद्र का होता हैं और राज्यों के पास दो तिहाई वोटिंग राइट होता है। हेल्थ और मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% जीएसटी हटाने की विपक्ष की मांग पर वित्त मंत्री ने संसद में कहा था कि यह मसला संसद में नहीं, काउंसिल में उठाया जाना चाहिए और विपक्ष को इसके लिए अपने शासन वाले राज्यों के वित्त मंत्रियों से बात करनी चाहिए। recent visitors 90

फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दूसरा अखिल भारतीय अभियान 16 अगस्त से होगा शुरू

नई दिल्ली  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक नौ सितंबर को होगी।परिषद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक खाते पर लिखा, ‘‘जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक नौ सितंबर 2024 को नई दिल्ली में होगी।’’ केंद्र तथा राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संबंध में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह एक जुलाई 2017 से काम कर रही है। बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने, कर ‘स्लैब’ को कम करने के अलावा जीएसटी के तहत उलटा शुल्क हटाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। पिछली परिषद की बैठक 23 जून को हुई थी, जिसके बाद सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुमंत चौधरी के नेतृत्व में दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) कार्य की स्थिति और समिति द्वारा ‘कवर’ किए गए पहलुओं तथा समिति के समक्ष लंबित कार्यों पर एक प्रस्तुति देगा। फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दूसरा अखिल भारतीय अभियान 16 अगस्त से होगा शुरू केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि कर अधिकारी 16 अगस्त से फर्जी (माल एवं सेवा कर) जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दो महीने का विशेष अभियान शुरू करेंगे। पहले, इस तरह का अभियान पिछले साल मई में चलाया गया था। इसमें 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी चोरी से जुड़े करीब 22,000 फर्जी पंजीकरणों का पता चला था। वरिष्ठ केंद्र और राज्य कर अधिकारियों वाली राष्ट्रीय समन्वय समिति ने पिछले महीने विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया था। विशेष अभियान के तहत, जीएसटी नेटवर्क, विश्लेषण एवं जोखिम प्रबंधन महानिदेशालय (डीजीएआरएम), सीबीआईसी के साथ समन्वय से विस्तृत डेटा विश्लेषिकी तथा जोखिम मापदंडों के आधार पर संदिग्ध/उच्च जोखिम वाले जीएसटीआईएन की पहचान करेगा। ऐसी जानकारी आगे के सत्यापन के लिए क्षेत्राधिकार वाले कर अधिकारी को दी जाएगी। इसके बाद केंद्र तथा राज्य जीएसटी अधिकारी संदिग्ध जीएसटीआईएन (जीएसटी पहचान संख्या) का तय समय में सत्यापन करेंगे। अगर यह पाया गया कि जीएसटीआईएन फर्जी है या मौजूद ही नहीं है, तो कर अधिकारी पंजीकरण को निलंबित करने और रद्द करने तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को रोकने की कार्रवाई शुरू करेंगे। सीबीआईसी ने क्षेत्रीय कार्यालयों को जारी निर्देश में कहा, ‘‘सभी केंद्रीय तथा राज्य कर प्रशासनों द्वारा 16 अगस्त 2024 से 15 अक्टूबर 2024 तक दूसरा विशेष अखिल भारतीय अभियान शुरू किया जा सकता है, ताकि संदिग्ध/फर्जी जीएसटीआईएन का पता लगाया जा सके और इनको जीएसटी परिदृश्य से बाहर निकालने तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए अपेक्षित सत्यापन और आगे की सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।’’   recent visitors 110

उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की राजस्व वृद्धि बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें

जीएसटी संग्रहण कार्य में वाणिज्यिक कर निरीक्षक की अहम भूमिका : उप मुख्यमंत्री देवड़ा जीएसटी संग्रहण का कार्य कर रहे वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका होती है-देवड़ा उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की राजस्व वृद्धि बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें म.प्र. वाणिज्यिक कर निरीक्षक संघ के वार्षिक अधिवेशन समारोह में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि जीएसटी संग्रहण का कार्य कर रहे वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका होती है, जिसका राष्ट्र की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। यह विभाग न केवल जीएसटी के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करता है, बल्कि करदाताओं को आवश्यक मार्ग दर्शन और सहायता भी प्रदान करता है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इस महती कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी। देवड़ा रवीन्द्र भवन भोपाल में मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षक के वार्षिक अधिवेशन एवं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प 2047 में हमारा राष्ट्र विकसित राष्ट्रों में नबंर 1 पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राजस्व वृद्धि में अद्भुत कार्य हुआ है। प्रदेश के सभी नागरिकों को कर संग्रहण के लिये मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षकों की समस्या और उसके समाधान को गंभीरता से लेना चाहिये। जिसे पूरी ईमानदारी से उनका हल करना होगा। उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की है कि राजस्व वृद्धि के लिये बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें, डीलर बेस बढ़ाये, टैक्स इवेजन पर प्रभावी कार्रवाई करें। फील्ड वर्क से प्राप्त जानकारी के द्वारा राजस्व में वृद्धि करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी क्षमताओं को उन्नत करने के लिये प्रशिक्षण और विकास के साथ बेहतर सहयोग और समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिये निरीक्षकों को प्रेरित और उत्साहवर्धन के साथ पुरस्कार और सम्मान भी देना चाहिए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा राज्य के मंत्री होने के नाते मैं खुद अपने विभागों के प्रति संवेदनशील रहता हूँ एवं राष्ट्र को सामने रखकर कार्य करने का प्रयास करता हूँ। उन्होंने कहा कि मैं सभी साथियों का स्वागत करता हूँ तथा सभी से उम्मीद करता हूँ कि पूरे उत्साह के साथ अपना कार्य करें। जो भी मांगें है उसे नियमानुसार पूरी करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने सभी राजस्व निरीक्षकों को रक्षाबंधन और 15 अगस्त की शुभकामनाएँ दी। आयुक्त वाणिज्यिक कर धनराजू एस ने कहा कि कर संग्रहण बढ़ा पुराना कार्य है। समय के साथ इसमें बदलाव एवं अपेक्षा भी बदली है। विभागीय मांग पत्र को समझ कर उसे पूरा किया जायेगा। हम सब मिलकर राजस्व कलेक्शन का दायित्व जिम्मेदारी से निभायेंगे। "एक देश-एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्व" निरीक्षक संघ के अध्यक्ष संदीप मीणा ने बताया प्रदेश के सभी जिला के निरीक्षक आज यहाँ उपस्थित है। यह संगठन 400 निरीक्षकों का समूह है। आज हम 50 वर्ष पूर्ण कर रहे है। हम "एक देश-एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्व" के सिद्धांत पर कार्य कर रहे है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं आयुक्त वाणिज्यिक कर को विभागीय कार्य सुचारू रूप से चलाने की आवश्यकताओं से अवगत करवाया और समाधान का आग्रह किया। इस अवसर पर आयुक्त, वाणिज्यिक कर धनराजू एस, अपर आयुक्त प्रदीप दुबे, पूर्व अपर आयुक्त आर.पी. श्रीवास्तव एवं मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षक संघ के पदाधिकारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 100

इंफोसिस की बढ़ी मुश्किल, 32000 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी मामले में GST इंटेलिजेंस ने जारी की नोटिस

मुंबई देश की सबसे बड़ी आईडी कंपनियों में से एक इंफोसिस (Infosys) एक बार फिर से चर्चा में है. कंपनी पर टैक्स चोरी का आरोप लगा है. कंपनी पर 32000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 32 हजार करोड़ की जीएसटी टैक्स चोरी मामले में इंफोसिस जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय के जांच के दायरे में आ गई है.   जुलाई 2017 से 2021-2022 तक टैक्स मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस की ओर से ये जांच की जा रही है. दस्तावेजों के मुताबिक इंपोर्ट सर्विसेस के IGST नॉन पेमेंट की जांच की जा रही है. इंफोसिस सर्विसेस के प्राप्तकर्ता के रूप में सेवाओं के इंपोर्ट पर आईजीएसटी का भुगतान नहीं करने की वजह से इंफोसिस जांच के दायरे में आई है. इंफोसिस पर क्यों हो रही जांच   DGGI के मुताबिक इंफोसिस कंपनी कस्टमर्स के साथ सर्विस क्लाइंट्स के लिए ओवरसीज ब्रांचेस खोलती हैं. कंपनी के उन ब्रांचेस को आईजीएसटी अधिनियम के तहत विशिष्ट व्यक्ति के तौर पर गिना जाता है. इस तरह के ओवरसीज ब्रांच ऑफिस से सप्लाई के बदले कंपनी को ओवरसीज ब्रांच एक्सपेंडिचर के रूप में ब्रांच ऑफिस को पेमेंट किया है. यानी इंफोसिस को देश के बाहर अपने ब्रांचेज से प्राप्त सप्लाई पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत जीएसटी का भुगतान करना है. इस मामले पर अभी तक इंफोसिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.  हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले  ओडिशा जीएसटी अथॉरिटी ने इंफोसिस पर अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए 1.46 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था.   इंफोसिस को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय से ₹32,000 करोड़ से अधिक की कथित कर चोरी के लिए नोटिस मिला है। नोटिस में कहा गया है कि इंफोसिस 2017-18 (जुलाई 2017 से आगे) से 2021-22 की अवधि के लिए भारत के बाहर स्थित शाखाओं से प्राप्त आपूर्ति पर रिवर्स चार्ज तंत्र के तहत आईजीएसटी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। इंफोसिस को डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस की तरफ से 32 हजार करोड़ रुपये की डिमांड मिली है। डीजीजीआई का दावा है कि इंफोसिस ने 32,403 करोड़ रुपये की टैक्स नहीं चुकाया है। डीजीजीआई ने इस बारे में 30 जुलाई को कंपनी को रिपोर्ट जारी की है> जीएसटी टैक्स डिमांड जुलाई 2017 से 2021-22 के बीच की है. डीजीजीआई के बैंग्लुरू जोन ने आरोप लगाया है कि इंफोसिस ने अपनी विदेशी शाखाओं से सेवाएं प्राप्त की हैं लेकिन उन पर टैक्स का भुगतान नहीं किया है। recent visitors 123