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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन लोगों की जांच कर रहा है जो खेती के नाम पर गलत तरीके से इनकम टैक्स बचा रहे हैं

नई दिल्ली  अगर आप खेती के नाम पर गलत तरीके से इनकम टैक्स बचा रहे हैं तो आपके ऊपर कार्रवाई हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT विभाग) उन लोगों की जांच कर रहा है जो खेती के नाम पर गलत तरीके से इनकम टैक्स बचा रहे हैं। बता दें कि खेती की आमदनी पर इनकम टैक्स और जीएसटी दोनों ही नहीं लगता। दरअसल, कई दशकों से खेती की आमदनी और जमीन बेचने का इस्तेमाल ब्लैक मनी को सफेद करने और टैक्स बचाने के लिए होता रहा है। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पूरे देश में छानबीन कर रहा है। कई राज्यों में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लोगों और कंपनियों ने बिना जमीन के ही 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा की खेती की आमदनी दिखाई है। विभाग की किन मामलों पर नजर? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कई ऐसे मामलों पर भी नजर रखे हुए है जहां 5 लाख रुपये प्रति एकड़ की फर्जी खेती की आमदनी दिखाई गई है। ये आंकड़े आम चलन और सरकारी आंकड़ों से बिलकुल मेल नहीं खाते। अगर विभाग इस मामले की गहराई से जांच करता है तो कई जगहों पर बवाल हो सकता है। क्योंकि कई बड़े नेता और रसूखदार लोग सीधे-सीधे या परोक्ष रूप से जमीन के मालिक हैं। ये जांच उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। जयपुर से शुरू हुई जांच इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक यह जांच जयपुर के कुछ मामलों से शुरू हुई है। इन मामलों में कुछ लोगों ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में 50 लाख रुपये से ज्यादा की खेती की आमदनी दिखाई थी। 'हाई-रिस्क केस' के तौर पर चिन्हित इन मामलों में विभाग टैक्स भरने वालों के दावों की जांच करेगा। ये मामले साल 2020-21 के हैं। आशीष करुंडिया एंड कंपनी के फाउंडर आशीष करुंडिया बताते हैं कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जिन लोगों की पहचान की है उन्हें ये साबित करना होगा कि उन्होंने अपनी जमीन खेती के लिए इस्तेमाल की है। खासकर जब पहले भी सैटेलाइट इमेज से खेती की जांच की जाती रही है। ये आमदनी में शामिल नहीं जमीन की प्लॉटिंग और बिक्री, शहर की जमीन बेचना, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए फार्महाउस किराए पर देना, मुर्गी पालन और ऐसी ही दूसरी गतिविधियों से होने वाली आमदनी खेती से मिलने वाली आमदनी में शामिल नहीं है। इस पर टैक्स देना होगा। अगर किसी ने अपनी गैर-खेती जमीन स्टांप ड्यूटी वैल्यू से कम दाम पर बेची है तो उन पर भी टैक्स लग सकता है। ये शामिल हो सकता है खेती की आमदनी में फसल बेचने से होने वाली कमाई या जमीन का किराया शामिल हो सकता है। ये जमीन नगर निगम की सीमा से बाहर होनी चाहिए और कानून में तय न्यूनतम आबादी वाले इलाके में होनी चाहिए। खेती की जमीन बेचने से होने वाला मुनाफा भी टैक्स से छूट सकता है। ये तब होगा जब जमीन इनकम टैक्स ऐक्ट, 1961 की धारा 2(14)(iii) में दी गई 'कैपिटल असेट' की परिभाषा में नहीं आती हो। इन मामलों में टैक्स 'कैपिटल असेट' के तौर पर पहचान के लिए, खेती की जमीन गांव की या शहरी, दोनों ही हो सकती है। जब गांव की जमीन बेची जाती है तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता। लेकिन शहरी खेती की जमीन बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है। सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि दूसरे लोग भी खेती की जमीन खरीदते हैं। वो इसका इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए करते हैं। इसके लिए जरूरी मंजूरियां और शुल्क चुकाना पड़ता है। खेती की आमदनी के मामले में खेती की उपज के सबूत दिखाए जा सकते हैं। लेकिन अगर किसी के पास इतनी आमदनी है जिसके लिए उपज या बिक्री का कोई सबूत नहीं है तो गलत तरीके से छूट का दावा करने पर जुर्माना लग सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

मुंबई में Parle-G कंपनी के कई स्‍थानों पर IT की छापेमारी, सुबह से चल रही जांच

मुंबई मुंबई में पारले ग्रुप पर इनकम टैक्‍स विभाग ने छापेमारी की है. पारले ग्रुप Parle-G, मोनाको और अन्‍य ब्रांड नेम से बिस्‍कुट बेचने वाली फर्म है. मुंबई में कंपनी के कई स्‍थानों पर छापेमारी की जा रही है, जो सुबह से ही चल रही है. आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुंबई की इनकम टैक्‍स इन्‍वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च किया जा रहा है. हालांकि यह सर्च क्‍यों हो रहा है? इसकी वजह सामने नहीं आ पाई है. छापेमारी पूरी होने के बाद इसके पीछे के कारणों का खुलासा हो सकता है. फिलहाल इनकम टैक्‍स विभाग कंपनी के दस्‍तावेज खंगालने में जुटा हुआ है. FY24 में पारले-जी इतना बढ़ा प्रॉफिट सबसे पहले बात कर लेते हैं Parle-G बिस्कुट को वित्त वर्ष 2023-24 में हुए प्रॉफिट के बारे में, तो पीटीआई के मुताबिक, FY24 में इसका मुनाफा दोगुना होकर 1,606.95 करोड़ रुपये रहा है, जो कि FY23 में 743.66 करोड़ रुपये रहा था. इसके बीते वित्त वर्ष में पारले बिस्कुल की ऑपरेशनल इनकम दो फीसदी के इजाफे के साथ बढ़कर 14,349.4 करोड़ रुपये हो गई है. अगर रेवेन्यू की बात करें, तो ये 5.31 फीसदी उछलकर 15,085.76 करोड़ रुपये रहा है. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि Parle Biscuit की डिमांड अभी भी जोरदार बनी हुई है. कब हुई थी कंपनी की शुरुआत? पारले की शुरुआत की बात करें, तो इसे देश को आजादी मिलने से पहले साल 1929 में हुई थी. 90 के दशक के बच्चों को तो अपना वह दौर भी याद होगा, जब चाय के साथ पारले-जी का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा फेमस हुआ करता था. रिपोर्ट्स की मानें तो ऐसा कहा जाता है कि कंपनी ने पारले नाम मुंबई के विले-पार्ले इलाके से लिया है.     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

नए आयकर कानून में अधिकारियों को ऐसी शक्ति देगा, जिससे वे आपका सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल सकें

नई दिल्ली सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है। लेकिन 1 अप्रैल, 2026 से आयकर विभाग को आपके सोशल मीडिया अकाउंट, निजी ईमेल, बैंक अकाउंट, ऑनलाइन निवेश अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट और अन्य चीजों को देखने और उन तक पहुंचने का कानूनी अधिकार होगा। हालांकि ईमानदार टैक्सपेयर्स को इससे कोई परेशानी होगी लेकिन टैक्स चोरी करने वालों की खैर नहीं। नए आयकर कानून में अधिकारियों के पास यह अधिकार होगा। मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 अधिकारियों को तलाशी लेने और संपत्ति और खाता-बही जब्त करने की अनुमति देती है। यह तब होता है जब उनके पास सूचना और कारण हो कि किसी व्यक्ति के पास कोई अघोषित आय, संपत्ति या दस्तावेज हैं, जिन्हें वह जानबूझकर आयकर से बचने के लिए छिपा रहा है। मान लीजिए आपके पास एक गुप्त तिजोरी है जिसमें आप काला धन छिपाते हैं, तो आयकर विभाग उसे खोल सकता है। वर्तमान कानूनों के तहत ऐसा करने का एक तरीका यह है कि किसी भी दरवाजे, बॉक्स या लॉकर का ताला तोड़ा जा सकता है। ऐसा तब किया जा सकता है जब उनकी चाबियां उपलब्ध न हों और अगर उन्हें शक हो कि कोई अघोषित संपत्ति या खाता-बही वहां रखा जा रहा है। जैसे पुराने जमाने में चोर ताला तोड़कर अंदर घुसते थे, वैसे ही। लेकिन अब यह ताला आपके घर का नहीं, आपके कंप्यूटर का भी हो सकता है। क्या कहते हैं जानकार नए आयकर बिल के तहत आयकर अधिकारियों को आपके कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस का एक्सेस दिया गया है। मतलब अब आपका कंप्यूटर, आपका ईमेल, आपका सोशल मीडिया, सब कुछ सरकार की नजर में है। आयकर विधेयक के क्लौज 247 के अनुसार यदि किसी अधिकृत अधिकारी के पास यह मानने का कारण है कि किसी व्यक्ति के पास अघोषित आय या संपत्ति है जो आयकर अधिनियम के दायरे में आती है, तो वह किसी भी दरवाजे, बॉक्स, लॉकर, तिजोरी, अलमारी या अन्य इंस्ट्रूमेंट का ताला तोड़ सकता है। वे किसी भी कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस में एक्सेस कोड को ओवरराइड करके एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर अधिकारियों को आप पर जानबूझकर आयकर चोरी करने का संदेह है तो वे आपके कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर (हेड-टैक्सेशन) एस.आर. पटनायक का मानना है कि ऐसी तलाशी और जब्ती केवल एक अपवाद के रूप में की जा सकती है, नियम के रूप में नहीं। इसकी वजह यह है कि जब वर्चुअल डिजिटल स्पेस की बात आती है तो किसी व्यक्ति को गोपनीयता की उचित अपेक्षा होती है। मतलब आपकी ऑनलाइन निजता का सम्मान किया जाना चाहिए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 18

इनकम टैक्स विभाग की टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी, टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार

नई दिल्ली  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट देशभर में एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान उन लोगों और कंपनियों के खिलाफ होगा जिन्होंने TDS/TCS नहीं काटा है या जमा नहीं किया है। लगभग 40,000 ऐसे टैक्सपेयर्स जांच के दायरे में हैं। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में काटे गए टैक्स के आधार पर हो रही है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने TDS डिफॉल्टर्स को पकड़ने के लिए 16 सूत्रीय योजना बनाई है। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स टीम ने जांच के लिए ऐसे टैक्सपेयर्स की एक पूरी लिस्ट तैयार की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमारे पास एनालिटिक्स टीम का डेटा है। अगर किसी ने टैक्स जमा नहीं किया है तो हम पहले उन्हें इस बारे में सूचित करेंगे।' अधिकारी बार-बार नियम तोड़ने वालों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वे उन मामलों की जांच करेंगे जहां टैक्स कटौती और एडवांस टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर है। जिन मामलों में कटौती करने वाले के नाम में बार-बार बदलाव और सुधार हुए हैं, उनकी भी जांच होगी। साथ ही उन कंपनियों की भी जांच होगी जिन्होंने ऑडिट में बीमार इकाइयों या घाटे वाली कंपनियों का यूज किया है। क्या कहता है कानून बोर्ड ने आकलन अधिकारियों से कहा है कि वे आयकर अधिनियम की धारा 40(a)(ia) के तहत बड़ी अस्वीकृति वाले मामलों की रिपोर्ट करें। यह धारा उन मामलों में कटौती की अनुमति नहीं देती है जहां TDS नहीं काटा गया है या सरकार के पास जमा नहीं किया गया है। कर अधिकारी ऐसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखेंगे जहां TDS रिटर्न में कई बार संशोधन किया गया है और डिफॉल्ट की राशि में काफी कमी आई है। बोर्ड ने फील्ड अधिकारियों से कहा है कि वे कटौती करने वालों द्वारा दायर की गई शिकायतों पर भी ध्यान दें। TDS भुगतान में पैटर्न और अनियमितताओं की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करें। अधिकारी ने कहा कि विभाग के पहले के अभियानों की तरह इसमें भी किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इस साल के बजट में, केंद्र सरकार ने TDS और TCS दरों को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा की है। दरों की संख्या और TDS कटौती की सीमा को कम किया गया है। डिफॉल्टर पर एक्शन अधिकारी ने कहा, 'ईमानदार करदाताओं के लिए TDS अनुपालन में ढील दी गई है। लेकिन जानबूझकर डिफॉल्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे टैक्स सिस्टम निष्पक्ष और न्यायसंगत बनेगा।' इस अभियान से सरकार को उम्मीद है कि टैक्स चोरी कम होगी और राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

‘जनता द्वारा, जनता के लिए’ आयकर में कटौती वाला है बजट, वित्त मंत्री निर्मला बोलीं

नई दिल्ली। व्यक्तिगत आयकरदाताओं को कर में सबसे बड़ी छूट देने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमने मध्यम वर्ग के लोगों की आवाज सुनी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अब्राहम लिंकन को उद्धृत करते हुए आम बजट 2025-26 को 'लोगों द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का' बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करों में कटौती के विचार के पूरी तरह समर्थन में थे, लेकिन नौकरशाहों को समझाने में समय लगा। सीतारमण ने एक साक्षात्कार में कहा, हमने मध्यम वर्ग की आवाज सुनी है, जो ईमानदार करदाता होने के बावजूद अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति न होने की शिकायत कर रहे थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 20

शर्मा दंपति की 200 करोड़ की प्रोपर्टी होगी अटैच, खरीदने-बेचने पर रोक

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राजेश शर्मा और राधिका शर्मा की संपत्ति अटैच करने के बाद आईटी ने बिक्री पर भी रोक लगाने के लिए रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। दो दर्जन से अधिक बेनामी संपत्ति की दूसरे नाम पर रजिस्ट्री नहीं होगी। इनकम टैक्स छापे के बाद राजेश शर्मा और उसकी पत्नी राधिका शर्मा की संपत्ति को आईटी ने पिछले दिनों अटैच किया था। शर्मा दंपति की संपत्ति को दूसरे के नाम पर रजिस्ट्री ना होने के लिए आयकर ने पंजीयन विभाग के आईजी को भी जानकारी भेजी है। शर्मा के ठिकानों से आईटी ने छापेमारी के दौरान 375 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए हैं। बता दें कि आयकर विभाग ने पूर्व मुख्य सचिव से जुड़े कारोबारी त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के मालिक राजेश शर्मा की 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की। आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति विंग ने कार्रवाई की थी। शर्मा की पत्नी और अन्य कर्मचारी इनके बारे में जानकारी नहीं दे पाए थे। शर्मा ने कर्मचारियों और पत्नी के नाम ये प्रॉपर्टी खरीदी थी। क्रेशर पर काम करने वाले समेत घर के कर्मचारी के नाम भी संपत्ति मिली। घर के प्यून के नाम पर ही महज 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली था। 18 दिसम्बर को रियल एस्टेट कारोबारी पर कार्रवाई की गईं थी। त्रिशूल, ईशान और क्वालिटी बिल्डर पर कार्रवाई की गई थी। राजेश शर्मा पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेस का करीबी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

आयकर विभाग के अफसरों ने टीम के साथ भोपाल के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में छापेमारी की

भोपाल आयकर विभाग ने बुधवार सुबह भोपाल में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश शर्मा और उनके आधा दर्जन सहयोगियों के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की हैं।खनन और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश शर्मा पूर्व मुख्य सचिव के करीबी माने जाते हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री से भी उनकी नजदीकी बताई जा रही है। आयकर विभाग के अफसरों ने टीम के साथ भोपाल के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में छापेमारी की है। नीलबड़, रातीबड़, सूरज नगर, मेंडोरा के अलावा भोपाल के कस्तूरबा नगर स्थित राजेश शर्मा के आवास पर सीआरपीएफ टीम के साथ आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। राजेश शर्मा के अलावा उनके सहयोगी दीपक भावसार, विनोद अग्रवाल और अन्य ठिकानों पर भी कार्यवाही जारी है राजेश शर्मा त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक होने के साथ भोपाल में क्रेशर संचालकों के संगठन का नेतृत्व भी करते रहे हैं। उनके द्वारा राजधानी और आसपास के इलाकों में खदानों के ठेके और क्रेशर संचालन का काम भी किया जाता रहा है। इसके साथ ही वे कंस्ट्रक्शन कारोबार से भी जुड़े हैं। सीएम राइज स्कूल का ठेका भी मिला था त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक राजेश शर्मा की सत्ता पक्ष के कई नेताओं से खासी दोस्ती है। इसके चलते ही शर्मा को सीएम राइज स्कूलों के कंस्ट्रक्शन का भी कार्य से मिला है। रायसेन का सीएम राइज स्कूल शर्मा द्वारा ही बनाया जा रहा है। शर्मा बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामपाल सिंह के करीबी बताए जाते हैं। इसके अलावा स्टोन क्रेशर के कारोबार से भी शर्मा और उनके सहयोगियों ने मोटी कमाई की है। मौके पर दो दर्जन से ज्यादा CRPF जवान मौजूद जानकारी के मुताबिक मौके पर 25-30 CRPF जवान मौजूद हैं। इसके साथ ही एक रियल एस्टेट कारोबारी के यहां भी आईटी के छापे की खबर है। दोनों जगहों पर इनकम टैक्स की छापेमार कार्रवाई जारी है। इनके यहां भी IT का छापा इसके अलावा दीपक भावसार, विनोद अग्रवाल, रूपम शिवानी के यहां भी आईटी के छापे की खबर है। ये सभी जमीन की खरीद ब्रिकी का काम करते हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 10