‘सूट-पैंट वालों के इशारों पर प्रशासन’, राजस्थान-जैसलमेर विधायक रविंद्र भाटी पर केस दर्ज

जैसलमेर. शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ झिनझिनयाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। ये मामला राजकीय कार्य में बाधा डालने और मार्ग अवरुद्ध करने से संबंधित हैं। जैसलमेर जिले के बईया गांव में ओरण-गोचर जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने और निजी कंपनी को काम से रोकने के आंदोलन के बीच शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ ये कार्रवाई हुई है। भाटी एक विधायक हैं, इस वहज से मामले की जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी गई है। बता दें कि गत शुक्रवार को भाटी ने दो ग्रामीणों को पुलिस वाहन से उतरवा दिया था। इसके बाद शनिवार को उन पर मामला दर्ज किया गया। उस दिन शिव विधायक और जिला प्रशासन के बीच वार्ता विफल हो गई। वहीं आंदोलनकारियों ने ओरण-गोचर जमीनों को संरक्षित करने और निजी कंपनियों को कार्य से रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया है। विधायक भाटी बोले दबाव में नहीं झुकेंगे पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने कहा कि प्रशासन मुकदमों के जरिए जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि दो ग्रामीणों को किस आधार पर हिरासत में लिया गया था। भाटी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर और अहमदाबाद में बैठे सूट-पैंट वालों के इशारों पर ये मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा हम जनता की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे। मुकदमे दर्ज होने से हम डरने वाले नहीं हैं। यह मामला बईया गांव में ओरण-गोचर भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने और उसके संरक्षण को लेकर चल रहे संघर्ष से जुड़ा है। recent visitors 161

रक्षामंत्री ने दी बधाई, राजस्थान-जैसलमेर के पोखरण में मानव पोर्टेबल मिसाइल का फील्ड परीक्षण

जैसलमेर. स्थान के जैसलमेर स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में सेना ने स्वदेशी रूप से विकसित मानव-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफलतापूर्वक फील्ड परीक्षण किया। इसके बाद सेना के शस्त्रागार में इसे शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस हथियार प्रणाली को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने डिजाइन और विकसित किया है। पूर्ण रूप से स्वदेश में विकसित मानव-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के सफलतापूर्वक फील्ड परीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि समग्र प्रणाली में एमपीएटीजीएम, लांचर, लक्ष्य प्राप्ति उपकरण और एक अग्नि नियंत्रण इकाई शामिल है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इन सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ और भारतीय सेना की सराहना की है और इसे उन्नत प्रौद्योगिकी-आधारित रक्षा प्रणाली के विकास में आत्मनिर्भरता हासिल करने की तरफ महत्वपूर्ण कदम बताया है। पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ परीक्षण रक्षा मंत्रालय ने कहा कि प्रौद्योगिकी को श्रेष्ठता के साथ साबित करने के उद्देश्य से एमपीएटीजी हथियार प्रणाली का कई बार विभिन्न उड़ान विन्यासों में मूल्यांकन किया गया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि 13 अप्रैल को पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में वारहेड उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। मिसाइल प्रदर्शन और वारहेड प्रदर्शन उल्लेखनीय पाए जाने के बाद डुएल मोड कार्यक्षमता टैंक युद्ध के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ प्रौद्योगिकी विकास और सफल प्रदर्शन संपन्न हो गया है। यह प्रणाली अब भारतीय सेना में शामिल होने की दिशा में अंतिम उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षणों के लिए तैयार है। डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने परीक्षणों से जुड़ी टीमों को बधाई दी। recent visitors 126