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धन कुबेर सौरभ के करीबियों पर भी कसेगा शिकंजा, एक इंस्पेक्टर व चार आरक्षकों को लोकायुक्त ने भेजा नोटिस

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बहुचर्चित RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा (Saurabh Sharma)  से मिली अकूत सम्पत्ति के मामले में भले ही उसके परिजनों को कोर्ट से जमानत की राहत मिल गई हो, लेकिन अब लोकायुक्त की रडार पर सौरभ के करीबी भी आ रहे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को लोकायुक्त (Loka Yukta) ने प्रदेश के विभिन्न  RTO चेक पोस्टों पर तैनात रहे एक इंस्पेक्टर और चार आरक्षकों को लोकायुक्त ने नोटिस भेजकर इस मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है. एक मई को पेश होने के दिए आदेश लोकायुक्त भोपाल के जांच अधिकारी डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने परिवहन विभाग जरिए  सौरभ शर्मा मामले में परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर किशोर सिंह बघेल, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर वीरेश कुमार और तुमराम सहित 4 आरक्षकों को  नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है. सौरभ शर्मा के नजदीकी कहे जाने परिवहन आरक्षकों में गौरव पाराशर, हेमंत जाटव, धनंजय चौबे, नरेंद्र सिंह भदौरिया को भी लोकायुक्त ने नोटिस जारी किया है.   इस नोटिस में कहा गया है कि सौरभ शर्मा प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि आपसे तथ्यों के सम्बन्ध और परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए प्रश्न पूछने के पास ठोस युक्तियुक्त आधार है. लिहाजा, आपको एक मई को सुबह 11 बजे युक्तियुक्त कार्यालय भोपाल में उपस्थित हों.  गौरतलब है कि भोपाल के जंगल में एक कार में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश मिलने के बाद भोपाल आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा सुर्खियों में आए थे. इसके बाद उनके खिलाफ लोकायुक्त, ईडी और इनकम टैक्स की जांच चल रही है. फिलहाल शर्मा अपने सहयोगियों के साथ जेल में बंद है.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

ईडी ने सौरभ शर्मा, चेतन और शरद के खिलाफ चालान पेश किया, 108.25 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त

भोपाल  मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक धनकुबेर सौरभ शर्मा की 108.25 करोड़ की संपत्ति जब्त होगी। प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दी है। ED ने सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर जांच शुरू की थी। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने काली कमाई से करोड़ों रुपये इकट्‌ठा किये थे। ईडी ने मंगलवार को इस संबंध में पीएमएलए कोर्ट में शिकायत की। भ्रष्टाचार के जरिये इकट्‌ठा की गई 108.25 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त करने का आवेदन दिया है। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। ED ने सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर जांच शुरू की थी। इस दौरान सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को पीएमएलए एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल में हैं। ईडी ने सौरभ शर्मा, उसके रिश्तेदारों, सहयोगियों और इनके स्वामित्व वाली कंपनियों में 92.07 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति को 25 मार्च को कुर्क किया था। सौरभ शर्मा समेत 12 लोगों को बनाया आरोपी ED ने 52 किलो सोने के मामले में जेल में बंद परिवहन विभाग के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा उसके सहयोगी शरद जायसवाल, मां और पत्नी समेत 12 अन्य सहयोगियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है। ये चालान सचिन कुमार घोष की अदालत में पेश किया गया। 18 दिसंबर को लोकायुक्त का छापा, IT ने बरामद किया था सोना और कैश गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। वहीं सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। सौरभ शर्मा को 62 दिन बाद विशेष न्यायाधीश आरपी मिश्रा की कोर्ट से लोकायुक्त केस में जमानत मिल गई है। 11 अप्रैल को खत्म हो रही न्यायिक हिरासत 11 अप्रैल को सौरभ शर्मा, चेतन सिंह और शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है। लोकायुक्त द्वारा समय पर चालान पेश नहीं किए जाने के कारण अदालत लोकायुक्त के मामले में पहले ही सौरभ, चेतन गौर और शरद की जमानत मंजूर कर चुकी है, लेकिन ईडी का चालान पेश नहीं होने के कारण तीनों ही जेल से बाहर नहीं आ सके हैं। अब चालान पेश होने के बाद सौरभ की ओर से जमानत का आवेदन लगाया जाएगा। सौरभ के अलावा चेतन और शरद के वकील भी जमानत का आवेदन लगा सकते हैं। वहीं प्यारेलाल की गिरफ्तारी को लेकर ईडी आरोपियों की जमानत का विरोध करेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

लोकायुक्त, ईडी, IT और DRI के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज

 ग्वालियर ग्वालियर में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा केस में अब पांचवीं जांच एजेंसी की एंट्री हो गई है। लोकायुक्त, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ ग्वालियर के सिरोल थाना में शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे परिवहन विभाग की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। साल 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा ने शपथ पत्र में बड़े भाई सचिन शर्मा की छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब ग्वालियर में दोनों पर मामला दर्ज कराया गया है। सौरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके थे। पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, सहायक परिवहन आयुक्त किरन कुमार को एक जनवरी 2025 को संयुक्त परिवहन आयुक्त की ओर से एक पत्र मिला था। जिसमें सेवानिवृत परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर दिए गए शपथ पत्र की जांच के निर्देश थे। सहायक परिवहन आयुक्त ने जांच की और सर्विस रिकॉर्ड मंगाया। सौरभ शर्मा ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की नियुक्ति के लिए उसकी मां उमा शर्मा ने भी शपथ पत्र दिया था। जिसमें बड़े बेटे की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में संपर्क किया गया और वेबसाइट से कर्मचारियों की सूची निकाली तो वहां सौरभ के बड़े भाई सचिन शर्मा के सड़क विकास निगम रायपुर में तैनात होने की पुष्टि हुई। जिससे शपथ पत्र झूठे होने का प्रमाण मिला है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा केस में ईडी मनी ट्रेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, तो इनकम टैक्स विभाग सौरभ के दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से मिले 54 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए की जांच कर रही है। लोकायुक्त आय से ज्यादा संपत्ति की जांच तो डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि जो सोना मिला है, वो लीगल तरीके से लिया गया है या नहीं? काली कमाई को कॉलोनी बनाने में खपाए जाने का कनेक्शन भी जांच एजेंसियों को मिला है। अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ी, लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया

भोपाल मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा केस में बड़ी अपडेट सामने आई है. सौरभ शर्मा, चेतन गौर, शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत 29 मार्च तक बढ़ा दी गई है. लोकायुक्त विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है. सौरभ शर्मा को आरटीओ घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल जांच एजेंसियो की पूछताछ जारी है. इधर, पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में एसआईटी कोर्ट में चार्टशीट पेश होगी. मालूम हो कि 1 जनवरी 2025 की रात युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में चुनवा दिया गया था. 2 जनवरी को मुकेश के भाई युकेश ने कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 3 जनवरी की देर शाम मोबाइल (गूगल) लोकेशन के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़ा से पुलिस ने मुकेश की बॉडी को बरादम किया था. इस मामले में सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए थे. सुरेश के भाई रितेश, दिनेश और कर्मचारी महेंद्र रामटेके को गिरफ्त में लेने के 3 दिन बाद हैदराबाद से सुरेश को गिरफ्तार किया गया था. मामला गंगालूर से मिरतुर 100 करोड़ की लागत वाली सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ था. रिपोर्टिंग से नाराज सुरेश ने हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल इस मामले के सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जिस जगह से मुकेश का शव बरामद हुआ था एसआईटी ने उसे सील कर रखा है. हत्या के बाद से सुरेश की प्रापर्टी कुर्की करने की लगातार मांग उठ रही है. मामले में भ्रष्टाचार के संलिप्तत को लेकर पीडब्ल्यूडी के पूर्व ईई, एसडीओ समेत 4 लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा बयान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस पूरे मामले में छोटी मछलियों पर कार्रवाई की गई लेकिन बड़ी मछलियों को हाथ तक नहीं लगाया गया. पूरी कांग्रेस पार्टी इस मामले में गोविंद सिंह राजपूत और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग कर रही है. इसी कड़ी में कल हम लोकायुक्त गए थे. आज हम लोग eow आए हैं. 3-3 एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगा पाई आखिर 52 किलो सोना और कैश किसका था eow के अधिकारियों ने जांच कर आश्वाशन दिया है. आने वाले समय में हम प्रधानमंत्री को भी शिकायत करेंगे. रजिस्ट्री से लेकर तमाम साक्ष्य दिए हैं. उसके बाद भी कार्रवाई से बच रही है जांच एजेंसियां. हमने सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की लेकिन चर्चा भी नहीं हुई. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

सौरभ शर्मा की मुश्किलें बढ़ी, आयकर विभाग की तिगड़ी से पूछताछ, मिला लेनदेन का लिंक !

भोपाल  काली कमाई और 52 किलो सोने के मामले में सौरभ शर्मा से पूछताछ के लिए दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम भोपाल सेंट्रल जेल पहुंची। जहां बंद कमरे में सौरभ शर्मा से पूछताछ की गई। इस दौरान इनकम टैक्स विभाग को अहम सुराग मिले है।  लगातार दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम भोपाल केंद्रीय जेल पहुंची। जहां आईटी की टीम ने सौरभ शर्मा से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान आयकर विभाग को सौरभ और चेतन के बीच हुए लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले है। फिलहाल IT टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। 24 फरवरी  को भी सौरभ शर्मा से पूछताछ करने इनकम टैक्स की टीम सेंट्रल जेल पहुंची थी। जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई थी। जिसमें सौरभ शर्मा से 52 किलो सोने और 11 करोड़ रुपये की नकदी से भरी इनोवा कार के बारे में सवाल किए गए। सौरभ ने इन संपत्तियों से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया। हालांकि चेतन सिंह गौर पहले ही आईटी को दिए बयान में कार में भरा कैश और सोना सौरभ का होने का दावा कर चुका है। सौरभ शर्मा 28 जनवरी को कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी। जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा, वकील के मुताबिक, सुबह 11 बजे जैसे ही सौरभ कोर्ट जा रहा था। लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त ऑफिस ले गई. जहां उससे 5 घंटे तक पूछताछ की गई.। उसकी निशानदेही पर उसके साथी चेतन गौर को भी हिरासत में लिया गया। 18 दिसंबर को लोकायुक्त का छापा, IT ने बरामद किया था सोना और कैश गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा, 6 करोड़ से अधिक की FD बरामद 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। वहीं सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23

सौरभ शर्मा मामले में चौंकाने वाला खुलासा, 50 से अधिक बेनामी संपत्ति का राज… 30 लोगों को भेजा गया नोटिस

भोपाल परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब हाल ही में लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में आए सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन सिंह और शरद जायसवाल से पूछताछ में 50 से ज्यादा बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है. इन संपत्तियों के नाम पर 30 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी. सौरभ शर्मा केस में चौंकाने वाला खुलासा दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज़्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं. जांच में पता चला कि सौरभ ने अपने करीबियों के नाम पर कई संपत्तियां रजिस्टर्ड करवा रखी थीं. लोकायुक्त ने 30 से ज़्यादा लोगों को नोटिस भेजा है, जिनसे पूछताछ की जाएगी. सौरभ शर्मा की रिमांड 4 फरवरी को खत्म हो रही है, ऐसे में जांच में और भी पेचीदगियां सामने आने की उम्मीद है. यह मामला अब एक बड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं, हालांकि इनकी असली रजिस्ट्रियां सौरभ के पास ही मिलीं. कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थी. 4 फरवरी को खत्म हो रही सौरभ की रिमांड बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ से इन संपत्तियों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने इनमें अपना नाम होने से इनकार किया. जांच में सहयोग न करने पर 30 लोगों को नोटिस भेजा गया है. 4 फरवरी को सौरभ की रिमांड खत्म होने के बाद लोकायुक्त फिर से रिमांड की मांग कर सकता है. क्या है मामला दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शहरों की संपत्तियां शामिल हैं। जांच में पता चला है कि सौरभ ने कई संपत्तियां अपने करीबियों के नाम पर रजिस्टर्ड करवा रखी हैं। इस लिस्ट में 30 से ज्यादा करीबियों के नाम हैं। मामले में सभी को नोटिस भेजा गया है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी। बता दें कि सौरभ शर्मा की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। लेकिन सौरभ इन संपत्तियों को लेकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके बाद लोकायुक्त ने 30 लोगों को नोटिस भेजा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज बता दें कि छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं। लेकिन ऑरिजनल रजिस्ट्री सौरभ के पास ही मिली हैं। सौरभ की कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थीं। कल खत्म हो जाएगी या बढ़ेगी सौरभ की रिमांड? बता दें कि सौरभ शर्मा की 7 दिन की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। जिसके बाद तीनों सौरभ, चेतन और शरद को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में लगातार हो रहे खुलासे के बाद संभावना यही है कि लोकायुक्त पुलिस सौरभ, चेतन और शरद की रिमांड और बढ़ा सकती है। प्रॉपर्टी की बिक्री पर लग चुकी है रोक  सौरभ शर्मा के ठिकानों से जब्त हुए प्रॉपर्टी को खुर्द-बुर्द करने से बचाने के लिए लोकायुक्त ने जिला पंजीयकों को पहले ही पत्र लिख दिया है। दस्तावेजों में मिली प्रत्येक प्रापर्टी की जानकारी पंजीयकों को उपलब्ध करवा दी गई है ताकि उनकी दोबारा से रजिस्ट्री नहीं करवाई जा सके। शरद जायसवाल और चेतन सिंह ने किसी प्रकार के खुलासे नहीं किए हैं। हर महीने आता था 4 लाख किराया लोकायुक्त पुलिस सूत्रों ने बताया कि सौरभ शर्मा के पास हर महीने 4 लाख रुपये किराया आता था। यह जानकारी सौरभ ने पूछताछ के दौरान पुलिस को दी है। यह किराया उसकी प्रापर्टियों से मिल रहा था। ग्वालियर में स्थित प्रापर्टी का किराया लेने के लिए उसने कर्मचारी नियुक्त कर रखा था। यह कर्मचारी किराया वसूल कर सौरभ को भेजता था।  सौरभ की बढ़ सकती है रिमांड  सौरभ शर्मा समेत उसके तीनों सहयोगियों की रिमांड अवधि 4 फरवरी तक है। पूछताछ के दौरान सौरभ ने प्रापर्टी खरीदने के लिए फायनेंस करने वालों के नामों का खुलासा नहीं किया है। इसके साथ ही लोकायुक्त के ऐसे दर्जनों सवाल हैं, जिनके जवाब उसने नहीं दिए हैं। इसलिए अब लोकायुक्त पुलिस उसकी रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन लगा सकती है।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

सौरभ शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, गिरफ्तारी की तैयारी, प्रॉपर्टी हो जाएगी जब्त

भोपाल लोकायुक्त छापे के 14 दिन बाद भी पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा है। स्वजन ने बताया था कि वह दुबई में है। उसके विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर भी जारी है, फिर भी उसके नहीं आने की स्थिति में आगे की कार्रवाई के संबंध में अब लोकायुक्त पुलिस विधिक सलाह ले रही है। इसमें उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने से लेकर न्यायालयीन आदेश से संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी है। अभी तक सिर्फ सौरभ की मां उमा शर्मा ने बयान दर्ज कराए हैं। पत्नी के साथ दुबई गया था छापे के दौरान सौरभ के स्वजन ने पुलिस को बताया था कि वह कार्रवाई के दो दिन पहले ही पत्नी दिव्या के साथ दुबई गया है। सूत्रों का कहना है कि उसका 21 दिसंबर को वापसी का टिकट था। इसके पहले ही 18 दिसंबर को सौरभ के आवास और कार्यालय में पुलिस ने छापा डाला था। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा सौरभ, उसके करीबी चेतन गौर, शरद जायसवाल, पत्नी दिव्या शर्मा और मां उमा शर्मा से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था। आयकर विभाग की मांग पर एक सप्ताह पहले उसके विरुद्ध पिछले लुकआउट सर्कुलर भी जारी है। साले को गिफ्ट किया साढ़े 3 करोड़ का घर जबलपुर के शास्त्री नगर स्थित रोहित तिवारी के घर पर कुछ दिनों पहले ईडी ने कार्रवाई की थी। रोहित सौरभ का साला है। सौरभ के खिलाफ करोड़ों की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया था, जिसके बाद से उसके रिश्तेदारों के यहां पर भी छापामार कार्रवाई चली। कहा यह भी जा रहा है कि रोहित का जो उमा निवास बना है वह सौरभ शर्मा ने उसे गिफ्ट किया था। जिसकी कीमत लगभग 3.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। लाल डायरी पर पूर्व मंत्री भार्गव बोले- 'मेरा तो नाम नहीं होगा' सौरभ के घर से एक डायरी बरामद हुई है। डायरी में कई मंत्रियों के नाम कोड वर्ड में हैं। ऐसे में कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। इस पर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि मेरा नाम तो नहीं होगा। बता दें कि जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि शर्मा घर से एक लाल डायरी मिली है, जिसमें कई मंत्रियों के नाम हैं।  पुलिस नहीं पता कर पाई सौरभ कहा है इससे एयरपोर्ट या बंदरगाह पर पहुंचते ही उसे पकड़ा जा सकेगा। लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संभवत: सौरभ भारत आ गया है। इसके बाद भी पुलिस पुख्ता तौर पर यह पता नहीं कर पाई है कि वह कहां है। सौरभ के करीबी शरद जायसवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन कर अतिरिक्त समय मांगा है। चेतन गौर ने भी आयकर व ईडी में बयान दर्ज करा दिए हैं, पर लोकायुक्त पुलिस से दूरी बना रखी है। जानें कब तक जांच एजेंसियों को क्या-क्या मिला  ईडी भोपाल ने सौरभ शर्मा और अन्य मामले में मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जिलों में स्थित विभिन्न परिसरों में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 27 दिसंबर 24 को तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ से अधिक की सावधि जमा के रूप में चल संपत्ति भी मिली है।  25.87 करोड़ रुपए मिले कैश  सौरभ शर्मा के परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक का बैंक बैलेंस और 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए थे। 23 करोड़ रुपए नकदी बरामद किए गए हैं। लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर से 2 करोड़ 87 लाख नगद जब्त बरामद किए थे। अब इंडी ने 23 करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद सौरभ शर्मा के पास से कुल बरामद कैश की कीमत बढ़कर 25 करोड़ 87 लाख हो गई है। आईटी टीम ने कार से जब्त किया था 52 किलो सोना, 10 करोड़ नगदी गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बीते दिनों सौरभ शर्मा के ठिकानों से 234 किलो चांदी और करोड़ों रुपए कैश बरामद किए थे. इसके बाद सौरभ के सहयोगी की कार से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नगद मिले थे. फिलहाल सौरभ शर्मा फरार है. भोपाल जिला न्यायालय में सौरभ शर्मा के वकील ने अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, जिसे खारिज कर दी गई. सौरभ के वकील अब उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 69