शिकायतकर्ता शिक्षक पर गिरी गाज, दो वेतनवृद्धियाँ रोकी

बड़वानी   नरेश रायक मिली जानकारी बताया कि जिस शिक्षक ने खुद को “न्याय का योद्धा” बताकर मोर्चा खोला था, वही अब प्रशासन की फाइलों में आरोपी बनकर दर्ज हो चुका है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-01 बड़वानी में छात्र से मारपीट का आरोप लगाने वाले शिक्षक जगदीश गुजराती अब खुद फर्जी पत्राचार, दबाव बनाने और अधिकारों के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में घिर चुके हैं। कहते हैं — जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वही पहले उसमें गिरता है। बड़वानी में यह कहावत अब सरकारी कागज़ों में दर्ज हो चुकी है।  शिकायत से शुरू हुआ खेल शिक्षक जगदीश गुजराती ने सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग में शिकायत दर्ज कराई कि 18 जुलाई को कक्षा 9वीं ‘सी’ में अतिथि शिक्षक पंकज गुर्जवार ने छात्रों सहित उनकी पुत्री को लकड़ी के डंडे से पीटा, जिससे हाथ में “फ्रैक्चर” हो गया। मामला सुर्खियों में आया, पर जब जांच शुरू हुई तो कहानी की परतें खुद ही उखड़ने लगीं।  जांच में फिसली शिकायत की ज़मीन सहायक आयुक्त द्वारा गठित जांच दल ने विद्यार्थियों, स्टाफ, तत्कालीन प्राचार्य आर.एस. जाधव सहित सभी पक्षों के बयान लिए। प्रतिवेदन दिनांक 06 नवंबर 2025 में साफ लिखा गया — घटना उतनी गंभीर नहीं है जितनी दिखाई गई। रिपोर्ट में दर्ज है कि यदि हाथ में फ्रैक्चर होता तो छात्रा नियमित रूप से विद्यालय नहीं आती, हाथ में प्लास्टर होता और चिकित्सकीय प्रमाण सामने आते। यानि शिकायत की नींव ही कमजोर निकली।  फर्जी आदेश बनवाकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जांच बंद होते ही शिक्षक जगदीश गुजराती पर सबसे बड़ा आरोप लगा — सहायक आयुक्त के नाम से फर्जी पत्र जारी करवा कर जावक तक कराने का। सहायक आयुक्त बड़वानी ने पत्र क्रमांक 11755 दिनांक 10 दिसंबर 2025 में साफ लिखा कि शिकायतकर्ता ने अपने प्रभाव से कूट रचित पत्र क्रमांक 11555 दिनांक 08 दिसंबर 2025 जारी कराया, जिसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया। यह सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि सीधा-सीधा प्रशासनिक विश्वासघात है।  निलंबन की तलवार, नोटिस की चोट फर्जीवाड़ा सामने आते ही संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग इंदौर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। पत्र में उल्लेख है कि प्रकरण के आधार पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है और शिक्षक को इंदौर तलब किया गया। अब शिक्षक की कुर्सी डगमगा रही है और फाइलें तेजी से ऊपर बढ़ रही हैं।  पर्दे के पीछे संरक्षण का खेल सूत्र बताते हैं कि जैसे ही कार्रवाई की आहट हुई, कुछ नेता और अफसर शिक्षक के बचाव में मैदान में उतर आए। जिले के एक बीईओ तक इंदौर पहुँच गए। यानी सवाल उठता है — क्या नियम सबके लिए समान हैं या सिफारिश से गुनाह धुल जाते हैं? उत्कृष्ट स्कूल की चमक पर दाग शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय-01 बड़वानी जिले का सबसे प्रतिष्ठित स्कूल है, जहाँ प्रवेश परीक्षा से चयन होता है। यहाँ “क्रीमी लेयर” विद्यार्थी आते हैं, इसलिए परिणाम भी चमकदार रहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि यहाँ के शिक्षक इतने ही काबिल हैं, तो उन्हें सामान्य स्कूलों में भेजकर क्यों नहीं परखा जाता? कागज़ों की तारीफ और ज़मीन की हकीकत में फर्क साफ दिख रहा है।  गिरी सज़ा —  दो वेतनवृद्धियाँ जब्त सूत्रों के अनुसार पूरे मामले में शिक्षक जगदीश गुजराती की दो वेतनवृद्धियाँ रोकने का आदेश जारी हो चुका है। यह कार्रवाई फर्जी पत्राचार और विभागीय अनुशासनहीनता के आधार पर की गई। यह सिर्फ शुरुआत है या अंतिम फैसला — अब सबकी निगाहें प्रशासन पर हैं।   अब असली सवाल क्या शिक्षक कानून से ऊपर हैं? क्या फर्जी पत्र बनवाना “न्याय” कहलाता है? क्या संरक्षण से सच्चाई दबाई जा सकती है? बड़वानी का यह मामला अब सिर्फ स्कूल का नहीं, बल्कि प्रशासनिक ईमानदारी की खुली परीक्षा बन चुका है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

दिल्ली स्कूल फीस कानून पर स्थिति साफ, 2025-26 से पहले नहीं लागू होगा नियम: सरकार

नई दिल्ली   दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रित करने वाले नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025 को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा। यह कानून अब अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने यह जानकारी दी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कानून को शैक्षणिक सत्र के बीच में जल्दबाजी से लागू करने पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा करने से स्कूलों और अभिभावकों को परेशानी हो सकती है और यह व्यावहारिक नहीं होगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने माना कि कानून का उद्देश्य अच्छा है। लेकिन, इसे सही समय पर लागू करना जरूरी है। सरकार के इस फैसले के बाद कोर्ट ने कहा कि अब इस पर दखल देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने समझदारी दिखाई है। यह कानून प्राइवेट स्कूलों में फीस की मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत हर स्कूल को फीस तय करने के लिए एक स्कूल लेवल कमेटी बनानी होगी। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन का प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य, तीन शिक्षक, पांच अभिभावक और शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। कमेटी फीस के प्रस्ताव पर विचार करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा जिला स्तर पर अपील कमेटी भी होगी। कानून कैपिटेशन फीस वसूलने पर रोक लगाता है और अतिरिक्त शुल्क पर भी नियंत्रण रखता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून की वैधता से जुड़ा मामला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। अब आगे की सुनवाई और फैसला हाई कोर्ट ही करेगा। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशंस ने इस कानून को चुनौती दी है। लेकिन, कोर्ट ने फिलहाल इसे लागू करने के तरीके पर ही ध्यान दिया। अभिभावक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे फीस में अचानक बढ़ोतरी पर लगाम लगेगी। अगले साल से लागू होने पर स्कूलों को भी तैयारी का समय मिलेगा। यह कदम दिल्ली में शिक्षा की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

रीवा में स्कूल को बना डाला ‘ गोदाम’, वीडियो हुआ वायरल तो डीएम ने प्राचार्य को किया निलंबित

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा में स्कूल प्रबंधक की लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक शासकीय स्कूल को प्याज के गोदाम के रूप में तब्दील कर दिया गया. कमरों के अंदर प्याज से भरी हुई बोरियां रखी गई हैं. स्कूल के अंदर प्याज के भण्डारण का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सकते में आ गया. कलेक्टर ने मामले में संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने जिले के अन्य स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किया है. स्कूल के हेडमास्टर ने किया कारनामा मामला गोविंदगढ़ क्षेत्र स्थित ओढ़की खुर्द शासकीय प्राथमिक पाठशाला का है. छुट्टियों के चलते स्कूल पूरी तरह से खाली है. ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद 15 जून से स्कूल फिर से खुलेंगे. मगर यहां पर पदस्थ हेडमास्टर नरेन्द्र पाण्डेय ने एक गजब का कारनामा कर दिया. हेडमास्टर ने शासकीय स्कूल को पूरी तरह से प्याज के गोदाम में तब्दील कर दिया. इस बात की भनक ग्रामीण और बच्चों के अभिभावकों को लगी तो वो आक्रोशित हो गए. उन्होंने कलेक्टर को शिकायती पत्र लिखकर स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. स्कूल के प्रिंसिपल को किया गया सस्पेंड किसी ने स्कूल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो कलेक्टर प्रतिभा पाल के संज्ञान में आया तो वो भी हेडमास्टर की इस करतूत को देखकर हैरान हो गईं. इसके अलावा उन्हें मामले की शिकायत भी मिली थी. उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए शासकीय स्कूल को निजी उपयोग करने पर स्कूल के हेडमास्टर नरेंद्र पांडेय को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. बताया जा रहा है कि हेडमास्टर द्वारा पिछले कई दिनों से स्कूल में प्याज के भंडारण किया गया था. कलेक्टर ने जिले के अन्य स्कूलों को दिया निर्देश मामले को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना है कि "उन्हें शिकायत मिली थी कि रीवा ब्लाक स्थित ओढ़की खुर्द प्राथमिक पाठशाला में किसी ने प्याज की बोरियों का भंडारण किया है. प्राथमिक जांच में ये शिकायत सही पाई गई. हेडमास्टर नरेन्द्र पाण्डेय की जवाबदेही थी की विद्यालय की कक्षाओं का उपयोग केवल पठन-पाठन के लिए हो. ऐसा न पाए जाने पर हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया. साथ ही अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल कैंपस केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो. अगर कैंपस में कोई दूसरी गतिविधि होते हुए पाई जाएगी तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी." Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 62

गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल, इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की

गुना फर्जी शिक्षकों की स्कूलों में एंट्री रोकने के लिए शासन के 13 माह पुराने आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रत्येक स्कूल के बाहर वहां पदस्थ नियमित शिक्षकों की तस्वीर प्रदर्शित करने के निर्देश शासन ने दिए थे। लेकिन जिले के 1613 स्कूलों में इस आदेश का पालन नहीं हुआ। आखिर यहां के शिक्षकों को अपना चेहरा दिखाने में किस बात का संकोच है? दरअसल, कई स्थानों पर वहां पदस्थ शिक्षकों की बजाय उनके रिश्तेदार या अन्य व्यक्तियों को ठेके पर रख लेने की शिकायत मिलने के बाद सरकारी स्तर पर यह आदेश जारी हुआ था कि सभी स्कूलों में वहां पदस्थ शिक्षकों के फोटो लगाए जाएं। गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की है। इसमें भी ज्यादातर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शामिल हैं। वहीं 1613 स्कूलों ने तो शिक्षकों की तस्वीर स्कूल में लगाई ही नहीं। 3000 से 5000 रुपए में भाड़े पर रखे शिक्षक सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक मोटा वेतन लेते हैं, लेकिन कई शिक्षक अपनी जगह किसी दूसरे पढ़े-लिखे व्यक्ति को 3000 से 5000 रुपए तक में किराए पर बच्चों को पढ़ाने के लिए रख लेते हैं। पूर्व में ऐसे शिक्षकों को सिर्फ नोटिस देकर शिक्षा अधिकारियों ने मामले को रफादफा कर दिया गया था। वर्तमान में एक सहायक शिक्षक का वेतन भी कम से कम 75 हजार रुपए है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके दूसरे कारोबार भी चलते हैं। या अपने रुतबे के कारण वे अपनी जगह किसी अन्य को स्कूल में पढ़ाने भेज देते हैं। नियमित शिक्षकों की जगह भाड़े के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल प्रदेश के कई जिलों के स्कूलों की जांच कराई गई थी तब नियमित शिक्षकों की जगह एवज या भाड़े के शिक्षक पढ़ाते हुए मिले थे। गुना में भी कुछ स्कूलों में फर्जी शिक्षक मिले थे। इस खुलासे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों को आदेश दिए थे कि स्कूलों में पदस्थ प्रत्येक शिक्षकों का नाम, मोबाइल नंबर और विषयवार जानकारी के साथ उनका फोटो प्रदर्शित किया जाए। ताकि छात्र-छात्रा और उनके अभिभावक शिक्षकों के बारे में जानकारी हो। अगर उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में पढ़ाने आए तो पहचान हो सके। भाड़े के शिक्षकों को सबक सिखाने और उनकी पहचान को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन जिले में अभी तक यह फर्जीवाड़ा नहीं रुक पाए। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को जारी हुए 13 माह बीत चुके हैं। लेकिन जिले में 87 फीसदी सरकारी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षा विभाग के अफसर अक्सर स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इस तरफ उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी अब इस बारे में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। नियमों का पालन करवाएंगे डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने बताया स्कूलों में पदस्थ शिक्षक की तस्वीर, उनकी योग्यता एवं विषयवार जानकारी नोटिस बोर्ड या फिर स्कूल के बाहर प्रदर्शित करनी है। पूर्व में लोकशिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किए थे। ज्यादातर स्कूलों ने जानकारी प्रदर्शित नहीं की है। आपके द्वारा जानकारी संज्ञान में लाई गई है, हम इसका पालन कराएंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 98

जम्मू के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे

जम्मू  जम्मू-कश्मीर में स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने घोषणा की है कि जम्मू संभाग के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे. सीमापार से गोलीबारी के खतरे को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर इन स्कूलों को बंद कर दिया गया. क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में विभाग ने सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. स्कूल प्रमुखों को सुरक्षित और सुचारू रूप से फिर से स्कूल खोलने के लिए स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है. निदेशालय ने स्कूलों से सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाए रखने और छात्रों और कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने में सतर्क रहने का भी आग्रह किया. जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में पड़ने वाले सभी स्कूल 7 मई से बंद हैं. इस संबंध में निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू (डीएसईजे) द्वारा एक आदेश जारी किया गया. संयुक्त निदेशक सुबाह मेहता द्वारा जारी आदेश में कहा गया, 'डीएसईजे के 14 मई के आदेश के क्रम में सभी स्कूल (सरकारी और निजी) 19 मई से फिर से खुलेंगे. ये अभी बंद हैं. आदेश में आगे कहा गया, 'संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से फिर से शुरू करना सुनिश्चित करें. साथ ही स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें. पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सभी स्कूल बंद हैं. गोलीबारी के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा. कई स्कूलों को गंभीर या आंशिक रूप से नुकसान भी पहुंचा. इससे पहले 13 मई को रामबन, डोडा, किश्तवाड़, रियासी और उधमपुर जिलों में स्कूल खुले थे. इसके बाद जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के सुरक्षित क्षेत्रों में स्कूल खुले थे. अब शेष स्कूल 19 मई को पुनः खुलेंगे. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 47

साउथ कोरिया के सरकारी स्कूलों की तर्ज पर बनेंगे मॉडल स्कूल, रचनात्मक शिक्षा पर होगा फोकस

भोपाल देश के स्कूलों में कोरिया (Korean Education) की तर्ज पर मेकाट्रॉनिक्स शिक्षा (Mechatronics education) दी जाएगी। किताबी पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज पर ज्यादा जोर होगा। यहां उन्हें बताया जाएगा कि इंडस्ट्रीज में किस तरह के नॉलेज की जरूरत होगी। इसके लिए राजधानी में लैब तैयार होगी। इसे स्थापित करने के लिए एनसीईआरटी और कोरिया की एजेंसी के बीच समझौता हुआ है। नई शिक्षा नीति के तहत इस पर काम शुरू किया जा रहा है। नीति में वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा देने की बात कही गई है। किताबी शिक्षा के साथ ही स्कूली बच्चों को कोई हुनर सिखाया जाना है। वह हुनर कौन सा हो इसके लिए उद्योग और परिवेश को देखते हुए निर्णय होगा। दो करोड़ की लागत से लैब मेकाट्रॉनिक्स शिक्षा के लिए राजधानी में दो करोड़ रुपए की लागत से लैब (Korean Lab) तैयार की जाना है। यह लैब कोरिया की एजेंसी बनाएगी। मेकाट्रॉनिक्स शिक्षा यानि कई हुनर का समावेश करने वाली शिक्षा है। इसमें इंडस्ट्रीज से जुड़ी बातें भी शामिल होती हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए होगी लागू अगले साल से यह शुरू होगी। अभी डेमोस्ट्रेशन बेस पर आयोजन होगा। यह कक्षा नौंवी से बारहवीं के स्टूडेंट के लिए हैं। अधिकारियों केे मुताबिक प्रयोग सफल रहा तो देशभर के स्कूलों में शुरुआत होगी। बच्चों हुनरमंद बनाने शुरू होगी लैब वोकेशनल एजुकेशन के तहत बच्चों हुनरमंद बनाने लैब शुरू होगी। करीब दो करोड़ की लागत से कोरिया की एजेंसी इसे स्थापित करेंगी। मुय उद्देश्य बच्चों को ऐसे हुनर सिखाना जो उन्हें रोजगार दे सकेंगे। प्रो. विनय स्वरूप मेहरोत्रा, कार्यक्रम समन्वय, केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

नई शिक्षा नीति के तहत अब सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी

भोपाल नई शिक्षा नीति के तहत अब निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। आगामी 16 जून से नए शिक्षा सत्र में जिले के 226 स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू होंगी, जिसके चलते सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को नर्सरी से शिक्षा उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए तीन वर्ष की उम्र वाले विद्यार्थियों को संस्था में प्रवेश दिया जायेगा। यह सभी स्कूल सांदिपनी विद्यालय से अलग होंगे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों में यह सभी व्यवस्था लागू होंगी। जिला परियोजना समन्वयक रमेश राम उईके ने बताया कि जिले के 226 सरकारी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 16 जून से नर्सरी की कक्षाएं शुरू होंगी। इन कक्षाओं को नियमित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पीपी-2 और पीपी-3 की कक्षाएं होंगी, जो केजी-1 अन्य कक्षाओं को नियमित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पीपी-2 और पीपी-3 की कक्षाएं होंगी, जो केजी-1 और केजी-2 के समकक्ष हैं। नर्सरी के विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए डाइट के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे कि शिक्षक विद्यार्थियों को शुरुआती दौर में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ज्ञान दे सकें। इसके अतिरिक्त शिक्षक बच्चों को नाच-गाकर भी पढ़ाएंगे, जिससे कि विद्यार्थियों को आसानी से अक्षर का ज्ञान हो सकेगा। नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन साल की उम्र निर्धारित नई शिक्षा नीति के अनुसार पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 से साढ़े 7 वर्ष व नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन साल की उम्र निर्धारित की गई हैं। निजी स्कूलों में पहले से ही नर्सरी की कक्षाएं संचालित हैं। इन स्कूलों को टक्कर देने के लिए ही सरकारी स्कूलों में यह पहल शुरु की जा रही है। 226 स्कूलों के बाद आगामी समय में जिले के अन्य सभी स्कूलों में इस व्यवस्था को लागू किया जायेगा। डीपीसी के मुताबिक प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर अब शिक्षक नर्सरी के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाएंगे। पिछले वर्ष के आगे की कक्षा में भेजे जाएंगे और अभिभावकों को शिक्षक घर-घर जाकर सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेंगे। नए प्रयोग से मजबूत होगी बच्चों की नींव डीपीसी आरआर उइके के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग का यह तर्क है कि सरकारी स्कूलों से अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ा जाए। यदि प्रारंभिक दौर में नर्सरी के बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा तो वह आगे की कक्षा में भी सरकारी स्कूलों में ही अध्ययन करेंगे। शिक्षक नाच-गाकर नर्सरी के बच्चों को अक्षर का ज्ञान सिखाएंगे ऐसे में विद्यार्थी कक्षा पहली तक आते-आते अक्षर व शब्द लिखना पूरी तरह सीख जाएंगेे। ऐसे में बच्चों की शिक्षा की राह आसान होगी ओर उनकी नींव भी पूरी तरह मजबूत होगी। विभाग ने इसके लिए नियम लागू कर दिए हैं। शिक्षकों को घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश भी जारी किये गए हैं। बच्चों के लिए करें व्यवस्था राज्य शिक्षा केंद्र ने जिला कलेक्टरों को जारी दिशा-निर्देश में कहा है कि प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए स्कूल में टाट पट्टी, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए. जिस विद्यालय में प्रवेश दिया जाना है, वहां कम से कम दो कक्षाओं में प्रवेश पाने वाले बच्चों की कक्षा संचालन की सुविधा हो और बाहर खेलने के लिए मैदान पर्याप्त जगह वाला हो.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

139 उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग शासकीय स्कूलों में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के जिला मुख्यालय एवं विकासखंड पर उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन कर रहा है। वर्तमान में 43 जिला मुख्यालयों पर और 96 विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में लगभग 49 हजार 500 और विकासखंड स्तरीय विद्यालयों में 66 हजार 250 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यह योजना प्रदेश में वर्ष 2017-18 में शुरू की गई थी। प्रदेश में 41 जिला उत्कृष्ट विद्यालयों में 100 सीटर बालक और 100 सीटर बालिका छात्रावास भी स्वीकृत किये गये हैं। वर्तमान में इन छात्रावासों में लगभग 5 हजार 800 विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना से विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर में काफी अच्छे परिणाम सामने आये हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

रायपुर : मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : प्रदेश में गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित

रायपुर : मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : प्रदेश में गर्मी और लू को देखते हुए स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित 25 अप्रैल से 15 जून तक स्कूल रहेंगे बंद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्कूली बच्चों के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए राज्य के सभी कलेक्टरों से कहा है कि राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश रखा जाए। सभी स्कूलों में इस निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की तिथि घोषित कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि गर्मी को देखते हुए स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून 2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा 1 मई से 15 जून तक घोषित की गई थी, गर्मी की तीव्रता को देखते हुए अब इसे संशोधित कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है और यह शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, शिक्षकों की ड्यूटी यथावत जारी रहेगी।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लगेंगी मस्ती की पाठशाला, मोहन सरकार का आनंद प्लान

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अब सरकारी स्कूलों में मस्ती की पाठशाला लगाने जा रही है. दरसअल, सरकारी स्कूल की पढ़ाई बेहतर बनाने के साथ सराकार बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसी के तहत मोहन सरकार शासकीय स्कूलों के लिए आनंद योजना लेकर आ रही है. इसके तहत अब स्कलों में कोर्स की पढ़ाई के साथ बच्चों को जीवन जीने की कला और स्ट्रेस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. सरकारी स्कूलों में लगेगा आनंद पीरियड इसके लिए सरकारी स्कूलों में अलग से आनंद का एक पीरियड लगाया जाएगा, जिसमें हायर सेकंडरी के बच्चों को जीवन जीने और तनाव मुक्त रहने की कला सिखाई जाएगी. दरअसल, स्कूली बच्चों में स्ट्रेस और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने आनंद विभाग के साथ अनुबंध किया है. 2 हजार सरकारी स्कूलों से होगी आनंद क्लास की शुरुआत इसमें आनंद विभाग शिक्षकों को पहले ट्रेनिंग देगा, फिर वही शिक्षक बच्चों को प्रशिक्षित करेंगे. ऐसे में इसे मस्ती की पाठशाला भी कहा जा रहा है, जो बच्चों के लिए काफी फायदेमंद भी होगी. 2 हजार सरकारी स्कूलों से होगी शुरुआत बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग पहले भी सीएम राइज और मॉडल स्कूलों में मस्ती की पाठशाला का प्रयोग कर चुका है. इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अन्य सरकारी स्कूलों में भी मस्ती की पाठशाला लगाने का फैसला लिया गया है. हालांकि, पहले चरण में 2 हजार स्कूलों में मस्ती की पाठशाला की शुरुआत होगी. इसके बाद प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों के हायर सेकंडरी के बच्चों के लिए आनंद क्लास लगाई जाएगी. इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेजों में भी आनंद पीरियड सरकार की मंशा है कि जिस तरह सरकारी स्कूलों में आनंद की कक्षाएं शुरु की जा रही है. इसी तरह प्रदेश के इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनटीटीटीआर और अन्य कालेजों में भी स्ट्रेस मैनेजमेंट और आर्ट आफ लिविंग की शिक्षा दी जाए. इसके लिए राज्य आनंद संस्थान ने पूरी तैयारी कर ली है. इधर सरकारी स्कूलों में बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए 4 हजार सरकारी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. बता दें कि अभी 24 से 29 मार्च तक सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए वर्चुअल क्लासेस भी लगाई गई थी, जिसमें 3500 से 4 हजार बच्चों ने भाग लिया था. पहली बार हायर सेकंडरी स्कूलों में मस्ती की पाठशाला राज्य आनंद संस्थान के डायरेक्टर सत्य प्रकाश आर्य ने बताया, '' पहली बार सरकारी स्कूलों में आनंद की क्लास लगाई जाएगी. नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को स्कूली शिक्षा देने के साथ उनको मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा देना भी अनिवार्य है. इसी के तहत स्कूलों में आर्ट ऑफ लिविंग और स्ट्रेस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ ही शिक्षकों को भी 6 दिनों का प्रशिक्षण आनंद संस्थान द्वारा किया जाएगा.''   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

अब 87 स्कूलों का भविष्य कलेक्टर के हाथ में, डीपीसी स्तर पर स्कूलों की मान्यता को रद्द

भोपाल आवश्यक दस्तावेजों की कमी, भवन, मैदान का अभाव, शिक्षकों की कमी और योग्यता की कमी, छात्रों की जानकारी ऑनलाइन अपडेट नहीं, फायर सेफ्टी जैसे मान्यता के मुख्य मापदंड पर जिले के कई निजी स्कूल खरे नहीं उतरे हैं। इसके चलते बीआरसी के बाद डीपीसी स्तर पर भी 87 स्कूलों की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। अब ये स्कूल कलेक्टर को मान्यता के लिए आवेदन देंगे। 671 स्कूलों का आया था आवेदन धार जिले में 671 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन दिए थे जिसका बीआरसी ने 31 मार्च तक निरीक्षण किया था। जिन स्कूलों में कमियां मिली थी उनकी मान्यता रद्द करने को लेकर बीआरसी ने अनुशंसा की थी। इसके बाद डीपीसी स्तर पर मान्यता के मापदंडों को परखा गया, लेकिन उसमें स्कूलों में कमियां मिली। जिस पर डीपीसी स्तर पर भी स्कूलों की मान्यता रद्द हो गई है। आधार सेंटरों की कमी के चलते भी प्रगति नहीं जिले में एक क्लिक पर विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के मकसद से 12 अंकों का अपार आइडी (Apaar ID) बनाया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी होगी, लेकिन अपार में आधार अपडेशन को लेकर दिक्कतें आ रही है। कई बच्चों के आधार अपडेट नहीं हो रहे हैं, ऐसे में उनकी अपार आइडी नहीं बन रही हैं, क्योंकि शहर में सेंटरों में आधार सेंटरों की संख्या भी कम हैं। विभाग भी उदासीनता बरत रहा है, इससे लक्ष्य पूर्ति नहीं हो पा रही है। टाइम लाइन बेअसर कई बार टाइम लाइन दी गई, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पहले दिसंबर 2025 तक सभी के अपार आइडी बनाए जाने थे, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ तो 31 मार्च की टाइम लाइन तय की गई। अब अप्रैल तक कार्य पूरा करने की प्लानिंग की गई है। हालांकि अब कम प्रगति को देखकर शिक्षक भी मदद कर आधार अपडेट आइडी में बनाने में मार्गदर्शन करेंगे। जिले में अब तक सिर्फ प्रतिशत विद्यार्थियों की ही आइडी बनी है। जिले में 3 लाख 27 हजार 421 आइडी बनना है, लेकिन अब तक 2 लाख 6 हजार 734 बनाई जा सकी है। आइडी बनाने का कार्य स्कूलों को दिया गया है, जो यू डाइस प्लस पोर्टल के जरिए बनाई जा रही है। हालांकि दो दिन से तकनीकी दिक्कतों से चलते पोर्टल में खुल नहीं रहा हैं। मुख्य रूप से ये दिक्कतें…     स्कूल और आधार में दर्ज नार्मो में अंतर आ रहा है     स्कूल में दर्ज जन्म तारीख और आधार में लिखी जन्म तिथि में अंतर     कई स्टूडेंट के आधार अपडेट नहीं हैं     शहर में आधार अपडेट करवाने के लिए सेंटरों की कमी इसलिए आ रही दिक्कतें अपार आइडी यू-डाइस प्लस पोर्टल के डाटा के आधार पर बन रहा है। पोर्टल और आधार कार्ड की जानकारी के डालने के बाद आईडी बनता है, लेकिन पोर्टल और आधार कार्ड की जानकारी में अड़चन आने से आइडी जनरेट नहीं हो रही है, जैसे स्टूडेंट का नाम, माता-पिता का नाम, सरनेम में बिंदी का अंतर आ रहा है, या फिर स्पेलिंग आधार और पोर्टल के डाटा में अलग अलग है। ऐसी स्थिति में अपार आइडी जनरेट नहीं होगी। ऐसी समस्याओं की वजह से अब तक 2 हजार आइडी रिजेक्ट हो चुकी है। हालांकि लोग आधार अपडेट करवाना चाहते हैं, लेकिन आधार सेंटरों पर वेटिंग चल रही है। ऐसे होती है स्कूलों की मान्यता की प्रक्रिया स्कूल द्वारा आवेदन पोर्टल पर लॉक करने के बाद जिले के बीआरसी स्कूलों का निरीक्षण कर मान्यता के मापदंडों को परखते हैं। स्कूलों की कमियां और मापदंडों को पूरा कर रिपोर्ट तैयार डीपीसी स्तर पर भेज देते हैं। डीपीसी स्तर पर वैरिफिकेशन कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। जिसमें कमियां मिलने पर मान्यता रद्द कर दी जाती है, जबकि मापदंड पूरा करने वाले स्कूलों को मान्यता मिल जाती है। मान्यता रद्द वाले स्कूलों के पास कलेक्टर के पास अपील करने की अंतिम अवसर होता है। आवेदनों में यह कमियां आई सामने     स्कूल भवन के कागजात अधूरे     अलग-अलग शौचालय नहीं होना     पीने के पानी की सुविधा का अभाव     प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना     आरटीई एक्ट के नियमों का पालन नहीं करना ये है मान्यता के मुख्य मापदंड     रजिस्टर्ड किरायानामा     प्राथमिक शाला के लिए 7 कक्षाएं और 7 शिक्षक अनिवार्य     खेल सामग्री और खेल मैदान होना चाहिए,     न्यूनतम 2400 से 4 हजार स्क्वेयर फीट साइज का खेल मैदान हो     छात्रों की संख्या पर खेल मैदान का साइज निर्धारित हो     सुरक्षा के लिहाज से स्कूल में अग्निशमन यंत्र होना चाहिए।     बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हो।     लाइब्रेरी की सुविधा होना चाहिए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

सरकार के इस कदम से प्रदेश के 16,000 स्कूलों को लाभ मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने 25 हजार रुपए से कम वार्षिक फीस वाले निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। अब इन स्कूलों को फीस संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से लगभग 16,000 स्कूलों को लाभ मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और फीस बढ़ोतरी पारदर्शिता के साथ हो। सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में निजी स्कूलों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन निजी विद्यालयों की किसी भी कक्षा में वार्षिक फीस 25 हजार रुपए या उससे कम है, उन्हें विभाग के पोर्टल पर फीस संबंधी जानकारी अपलोड करना अनिवार्य नहीं होगा। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 16,000 स्कूलों को राहत मिलेगी।राज्य में कुल 34,652 निजी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 18,000 स्कूलों की वार्षिक फीस 25 हजार रुपए से अधिक है। इन विद्यालयों को अब 15 मई तक पोर्टल पर कक्षा और संवर्गवार फीस संरचना की जानकारी अपलोड करनी होगी। शुरुआत में यह अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाया गया है। यह नियम मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2020 के तहत लागू किया गया है, जो 31 जनवरी 2025 से प्रभावी हुआ है। 10% तक फीस बढ़ाने की छूट, लेकिन शर्तों के साथ शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी विद्यालय सालाना 10% तक फीस वृद्धि बिना अनुमति कर सकता है। लेकिन इससे अधिक फीस वृद्धि के लिए संबंधित जिला समिति से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और फीस बढ़ोतरी पारदर्शिता के साथ हो। राज्य और जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन फीस संबंधी मामलों की निगरानी और शिकायतों के निवारण के लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी विद्यालय निर्धारित नियमों के अनुसार ही फीस निर्धारित करें और किसी भी प्रकार की मनमानी न हो। सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

भोपाल में घटना के 6 महीने बाद स्कूल पर एक्शन, मान्यता रद्द, 324 स्टूडेंट्स अन्य स्कूलों में ले सकेंगे प्रवेश

भोपाल भोपाल के रेडक्लिफ स्कूल में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था. अब इस मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्कूल की मान्यता सत्र 2025-26 से रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं. इस फैसले के बाद स्कूल में पढ़ने वाले छात्र अब स्वयं के खर्चे पर शासकीय या किसी अन्य निजी स्कूल में दाखिला ले सकेंगे. यह कार्रवाई उस जघन्य घटना के बाद हुई है, जिसमें 19 सितंबर 2024 को स्कूल के आईटी टीचर ने साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था. आदेश में कहा गया है कि स्कूल सत्र 2025-26 से शाला का संचालन नहीं कर सकेगा। ऐसे में यहां पहले से पढ़ने वाले बच्चे सरकारी या अन्य प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले सकते हैं। आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों को अन्य सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जा सकेगा, जबकि अन्य छात्र-छात्राएं स्वयं के व्यय पर दूसरे स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं। स्कूल की मान्यता सत्र 2025-26 से रद्द घटना के सामने आते ही पूरे शहर में गुस्से का माहौल बन गया था. हिंदू संगठनों ने इस घटना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल परिसर में तोड़फोड़ भी की थी. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की और स्कूल की लापरवाही को लेकर यह सख्त फैसला लिया गया. स्कूल में तीन साल की मासूम से हुआ था रेप कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह जरूरी कदम है. अभिभावकों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने बच्चों के लिए वैकल्पिक स्कूल का चयन कर लें ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो. 324 बच्चों का भविष्य दूसरे स्कूलों में संवरेगा बता दें कि इस स्कूल में कुल 324 बच्चे पढ़ते हैं। पिछले साल सितंबर में स्कूल के टीचर ने ही 3 साल की बच्ची से रेप किया था। इस मामले में हंगामे के बाद स्कूल को सील कर दिया गया था। 6 सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर सिंह ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था कि स्कूल का संचालन डीईओ करें। जांच के लिए दो टीमें बनाई गई थीं। पहली जांच रिपोर्ट में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। वहीं, दूसरी 7 सदस्यीय कमेटी ने स्कूल के संचालन को लेकर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को दी थी। इसके बाद भोपाल में पहली बार किसी प्राइवेट स्कूल की कमान सरकारी हाथ में ली गई थी। संकुल प्राचार्य को संचालन की व्यवस्था सौंपी गई थी। इसके बाद स्कूल खोल दिया गया था, लेकिन अब संचालन नहीं होगा। स्कूल को कक्षा पहली से 8वीं की मान्यता नहीं दी गई है। 79 बच्चों का दाखिला आरटीई से स्कूल में कुल 324 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 79 ऐसे हैं, जिनका आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के जरिए एडमिशन हुआ है। बीच सत्र में स्कूल बंद होने से सभी बच्चों को परेशानी हो सकती थी। उनका एक साल बिगड़ जाता। दूसरी ओर, जब बच्ची के साथ गलत हरकत हुई, तब स्कूल खुले पांच महीने हो चुके थे। यानी, आधा शिक्षा सत्र। ऐसे में बच्चों का कहीं एडमिशन भी नहीं हो सकता था। प्रशासन यदि स्कूल को बंद रखता तो बच्चों का एक साल खराब हो जाता। इसलिए स्कूल का संचालन सरकार ने खुद ही किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का मौका, आवेदन शुरू

रायपुर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिंदी मीडियम स्कूलों में एडमिशन की तैयारी एक बार फिर शुरू हो गई है। नया सेशन 2025-26 शुरू होने वाला है और इसी को लेकर 10 अप्रैल यानि आज से आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत चलने वाले स्कूलों में हर साल हजारों पेरेंट्स अपने बच्चों का एडमिशन कराने की कोशिश करते हैं। इस बार भी मुकाबला तगड़ा होने वाला है। लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से ऑफिशियल शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। फॉर्म 10 अप्रैल से लेकर 5 मई तक भरे जाएंगे। अगर किसी स्कूल में सीटों से ज्यादा फॉर्म आएंगे, तो मई के दूसरे हफ्ते में लॉटरी होगी और फिर एडमिशन दिया जाएगा। इस बार कितने स्कूलों में एडमिशन होगा? इस बार कुल 751 स्कूलों में एडमिशन होगा इनमें से 403 इंग्लिश मीडियम स्कूल हैं 348 हिंदी मीडियम स्कूल हैं दोनों ही तरह के स्कूलों के लिए आवेदन भरने की सुविधा है इंग्लिश और हिंदी मीडियम – क्या फर्क है? इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पहली क्लास में करीब 40-50 सीटें होती हैं इसके अलावा जिन क्लासेस में सीट खाली होंगी, उनके लिए भी एडमिशन लिया जाएगा हिंदी मीडियम स्कूलों में बैठक क्षमता के हिसाब से एडमिशन होते हैं, वहां सीटें फिक्स नहीं होतीं एडमिशन शेड्यूल इस तरह रहेगा प्रोसेस   फॉर्म भरना शुरू 10 अप्रैल आखिरी तारीख 5 मई लॉटरी (जहां जरूरत हो) 6 से 10 मई एडमिशन की प्रक्रिया 11 से 15 मई पहली क्लास में एडमिशन के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए? बच्चे की उम्र 5.5 से 6.5 साल के बीच होनी चाहिए उम्र का आधार 31 मई 2025 होगा इससे कम या ज्यादा उम्र होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट पिछली क्लास की मार्कशीट (अगर ऊपर की क्लास के लिए फॉर्म भर रहे हो) बच्चे और पैरेंट्स का आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र (अगर रिजर्व कैटेगरी में हो) 2 पासपोर्ट साइज फोटो BPL कार्ड (अगर लागू हो) कक्षा 6वीं और 9वीं में कैसे होगा एडमिशन? इन क्लासेस में एडमिशन का फैसला जिले की एडमिन कमेटी लेती है कलेक्टर की अध्यक्षता में यह तय होता है कि कितनी सीटों पर एडमिशन दिया जाए फॉर्म कैसे भर सकते हैं? ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ऑप्शन हैं लेकिन रायपुर जिले के लिए सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म मान्य होंगे बाकी जिलों में स्कूल से फॉर्म ले सकते हैं या DEO ऑफिस से जानकारी मिल सकती है अगर सीट से ज्यादा फॉर्म आ गए तो? उस स्कूल में लॉटरी सिस्टम लागू होगा यह लॉटरी पब्लिक के सामने या वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ की जाएगी रिजल्ट स्कूल में और वेबसाइट पर लगाया जाएगा   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

स्कूल चलें हम अभियान में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का हो रहा है चिन्हांकन

भोपाल प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों 'चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स' (सीडब्ल्यूएसएन) की समावेशित शिक्षा का क्रियान्वयन राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जिला शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। चिन्हांकित बच्चों की प्रविष्टि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रबंध पोर्टल पर की जा रही है। प्रविष्टि के बाद इन बच्चों को उनकी आवश्यकता अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष अभियान के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में एक लाख 43 हजार 439, वर्ष 2023-24 में एक लाख 31 हजार 85 सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का चिन्हांकन किया गया। वर्ष 2024-25 में चिन्हित बच्चों की प्रविष्टि का कार्य अंतिम चरण में है। ब्रेल लिपि की पाठ्य-पुस्तकों का वितरण प्रदेश में चिन्हित किये गये सीडब्ल्यूएसएन बच्चों को भोपाल की शासकीय ब्रेल प्रेस के माध्यम से ब्रेल लिपि में मुद्रित पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। राज्‍य के 322 विकासखंडों में आईईडी संस्थान तैयार कराये गये हैं। वर्ष 2024-25 में प्रत्येक जिले की एक शाला, जहां सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं, वहां संसाधन केन्द्र तैयार कराने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को परिवहन भत्ता और स्टायफंड समेत अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन बच्चों की शिक्षण व्यवस्था से लगे स्त्रोत सलाहकारों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों, जिला परियोजना समन्वयकों एवं डाइट के प्राचार्यों का उन्मुखीकरण किये जाने के लिये विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। दिव्यांग बच्चों के चिकित्सीय मूल्यांकन के बाद उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरण की कार्यवाही भी की गई। दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिये खेल-कूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी वर्ष 2024-25 में नवम्बर-दिसम्बर माह में संपन्न कराये गये। सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के बच्चों में ऐसे बच्चे जिन्हें गृह आधारित शिक्षा की आवश्यकता है, उन्हें 3 हजार 500 रूपये प्रति बच्चे के मान से टीएलएम किट प्रदान की गई। वर्ष 2025-26 में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों की मदद के लिये निर्देश प्रदेश में नया शैक्षणिक-सत्र एक अप्रैल 2025 से शुरू हो गया है। विशेष आवश्यकता वाले (सीडब्ल्यूएसएन) बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए 'स्कूल चलें हम' अभियान में इन बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश मैदानी अमले को दिये गये हैं। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों की शिक्षा एवं उनसे जुड़े संसाधनों को पूरा करने के लिये कार्य-योजना तैयार की जायेगी।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 39

सीएम राइज स्कूल के छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, मिलेगी स्कूल बस सेवा, महंगे वेन और ऑटो से मुक्ति

जबलपुर जिले के सीएम राइज स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इन स्कूलों में बस सेवा शुरू की जाएगी। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। बसों के संचालन के लिए जिले से बाहर की एजेंसी आई हैं। 12 एजेंसियों ने दिखाई रुचि निविदा की प्रक्रिया संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर संभाग के माध्यम से की गई। 12 एजेंसियों ने बस के संचालन के लिए इच्छा जताई है। विभाग एजेंसी के मापदंडों की जांच कर रहा है। इस पखवाडे़ में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बसों के संचालन की जवाबदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य की होगी। रूटों का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। विदित हो कि एक साल पहले भी यही कवायद की गई थी लेकिन केवल दो एजेंसियों ने ही इसमें रुचि दिखाई थी। 50 बसों का होगा संचालन जिले के दस सीएम राइज स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों में सीएम राइज स्कूल कन्या करौंदीग्राम, सीएम राइज स्कूल मेडिकल, सीएमराइज स्कूल अधारताल के अलावा सीएम राइज स्कूल कुंडम , सिहोरा, सिंगौद, शहपुरा, पाटन व सीएमराइज स्कूल मझौली शामिल है। इसके लिए करीब 50 बसों को चलाया जाएगा। CM Rise school : सीएम राइज स्कूलों में बसों के संचालन के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया कर ली गई है। इस माह तक सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा।     प्राचीश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई

प्रदेश में हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग की सुविधा कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये, अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई कौशल विकास की प्रमुख दो योजना भोपाल प्रदेश में शासकीय हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिये करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उचित चयन श्रेष्ठ करियर कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये हैं। उनके अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग की जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो आगे की पढ़ाई निरंतर नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हार के आगे जीत कार्यक्रम में आईटीआई पाठ्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी देकर उन्हें व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर और करियर काउंसलर की सेवा लेने के लिये कहा गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना इस योजना में आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत ग्राम रोजगार सेवक के साथ दाखिला लेने की आवश्यकता है। आवेदक को ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके लिये आवेदक को आवश्यक पहचान-पत्र, इनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड एवं अन्य जानकारी रोजगार सेवक को देनी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराने में आवेदक को पूरी मदद दी जायेगी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस योजना में 3 माह, 6 माह और एक साल के लिये युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। कौशल संबंधी कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिये जाने का प्रावधान है। यह सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। इस योजना में भी प्रशिक्षण के बाद ऋण प्राप्त करने की सुविधा है। इस योजना में केन्द्र सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिये अपने साथ जोड़ रखा है। मोबाइल कंपनियां इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों को मेसेज करके एक फ्री टोल नंबर देंगी, जिस पर केंडिडेट को मिस्ड कॉल देना होगा। मिस्ड कॉल के तुरंत बाद आवेदक के पास एक नंबर से कॉल आयेगा, जिससे बाद आवेदक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सुविधा से जुड़ जायेगा। इस प्रक्रिया के बाद आवेदक को उसके निवास के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जायेगा। केन्द्र सरकार का कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अब तक एक करोड़ 50 लाख से अधिक युवाओं का कौशल उन्नयन कर चुका है। इस योजना में युवाओं को कन्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, फुड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, हेन्ड्रीक्रॉफ्ट, जेम्स और जूलरी समेत 40 क्षेत्र की ट्रेनिंग दिये जाने की सुविधा है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये गये हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

जबलपुर में प्रिंसिपल की भगवान राम पर टिप्पणी को लेकर बवाल, हिंदू संगठन ने स्कूल में किया पथराव

 जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर के विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने हंगामा किया। दरअसल, हिंदू नेताओं का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने भगवान राम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वाट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट की है। इस घटना के खिलाफ हिंदू संगठनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि स्कूल संचालक माफी मांगे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन स्कूल संचालक के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं करेगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 3 घंटे बाद पुलिस की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। ईसाई धर्मगुरु की पिटाई के बाद विवाद दरअसल, सोमवार की दोपहर को धर्मांतरण की आशंका में हिंदूवादी संगठनों ने मंडला से भंवरताल पार्क से आए कुछ महिलाओं और बच्चों को रोककर उन्हें जबरन बस में बैठाया और फिर वापस भेजने लगे। इस दौरान कुछ हिंदूवादी संगठनों ने रांझी के पास बस में बैठे यात्रियों को उतारकर थाने पहुंचा दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। इसके बाद जब बातचीत करने के लिए ईसाई धर्मगुरु पहुंचे तो थाने में मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन ने थाने में हुए हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल स्टेटस पर लिखते हुए…भगवान राम को लेकर टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया के जरिए जब हिंदू संगठनों तक यह जानकारी पहुंची तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। विरोध कर रहे लोगों ने स्कूल में की तोड़फोड़ इसके अलावा हिंदू नेताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और स्कूल के दीवारों पर मैला भी फेंका। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास भी किया। वहीं, विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। हिंदू संगठन की मांग है कि वो इस मामले पर स्कूल प्रशासन से बातचीत करना चाहते हैं। हालांकि, कोई भी इस मामले में अभी खुलकर नहीं बोल रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में फेंका कीचड़ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल में कीचड़ लेकर पहुंचे। यहां पुलिस और स्कूल का स्टाफ तैनात था, तभी प्रदर्शनकारियों ने कीचड़ से भरी पॉलीथिन स्कूल के अंदर फेंकी, जिन्हें कि मौके पर तैनात पुलिस ने रोका। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की दीवार पर भी कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता संजय तिवारी का कहना है कि फेसबुक स्टेटस में स्कूल के संचालक ने स्टेटस लगाया है, जिसमें उन्होंने भगवान राम को अपशब्द कहे है। जिसके विरोध में बजरंग दल प्रदर्शन कर रहा है। इधर, ईसाई समुदाय ने एसपी ऑफिस घेरा इससे पहले रांझी थाना परिसर में फादर जार्ज डेविस को पीटने के मामले में ईसाई समुदाय के लोगों ने मंगलवार को एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। दो घंटे तक हंगामा चला। हंगामे की सूचना पर ओमती समेत सिविल लाइन, बेलबाग की थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिन लोगों ने फादर के साथ मारपीट की थी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत ही गिरफ्तार किया जाए। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

शिक्षा सत्र 2025-26 आज से शुरू हो गया, प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए

 इंदौर  शिक्षा सत्र 2025-26 मंगलवार से शुरू हो गया। सुबह तय समय 10.30 बजे स्कूल खुले। आने वाले विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए। इसके साथ ही स्कूल चलें हम अभियान भी शुरू हो गया, जो कि चार अप्रैल तक चलेगा। प्रवेश उत्सव का मुख्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सीएम राइज अहिल्याश्रम कन्या उमावि-2 में सुबह 10 बजे से आयोजित हुआ। फ्री बुक्स, विशेष मिड डे मील प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया है कि कार्यक्रम में महापौर, जनप्रतिनिधि, पालक, समाज सेवी शामिल हुए। सभी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गाय। प्रवेश उत्सव के साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। नए नामांकन भी कराए जा रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक सभी शालाओं में बालसभा का आयोजन किया गया। स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन दिया जाना है। हर दिन होंगे अलग आयोजन स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन स्कूलों में भविष्य से भेंट कार्यक्रम हुआ। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिए बुलाया गया। तीसरे दिन स्कूल स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। चौथे दिन ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जो फेल हो गए है। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए समझाइश दी जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

अब स्कूल सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी, आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी

  बेमेतरा छत्‍तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसे देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। बेमेतरा जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके तहत अब स्कूल अब सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी। इस आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होंगे नियम बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के लिए शाला के संचालन के समय में परिवर्तन किया है। जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं 1 अप्रैल से प्रात: 7 से लेकर 11 बजे तक लगेगी। एक ही पाली में लगने वाली समस्त शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल सोमवार से शनिवार प्रात: 7:00 बजे से 11:00 तक लगा करेंगी। परीक्षा होगी दो पालियों ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में कक्षाएं संचालित होती है, वहां पर प्रथम पाली की कक्षाएं सुबह 7 से 11 तक तथा द्वितीय पाली की कक्षाएं 11 बजे से 3 तक लगा करेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने कहा है कि यह आदेश 1 से 30 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय इस समय सारणी का कड़ाई से पालन करेंगे। गर्मी दिखा रहा तेवर प्रदेश में सूर्य की तपिश तेज हो गई है। 28 मार्च को प्रदेश में राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म हो रहा है। इस सीजन में अब तक यह तीसरी दफा है, जब राजनांदगांव सबसे अधिक तापमान रहा है। प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी के चलते नदियों का जल स्तर गिर गया है। गर्मी के चलते असर स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूके चंद्रवंशी की माने तो इन दिनों बाहरी स्पाइसी और दूषित खाना से लोग वायरल हिपेटाइटिस का शिकार हो रहे हैं। इसलिए भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की अध्यक्षता में हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक

स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए  शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही 'स्कूल चलें हम अभियान' की शुरूआत होगी स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की अध्यक्षता में हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक भोपाल प्रदेश में इस वर्ष शालाओं में शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल 2025 से प्रारंभ किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही 'स्कूल चलें हम अभियान' की शुरूआत होगी। पाठ्यपुस्तक निगम ने इस वर्ष सत्र शुरू होते ही शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों की वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक में दी गई। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था बैठक में बताया गया कि निगम का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। बैठक में बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग के मैदानी अमले को बच्चों के बीच में पाठ्य पुस्तकों के वितरण की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। बैठक में निगम के आय-व्यय पत्रक और आगामी वर्ष 2025-26 के प्रस्ताव पर चर्चा कर अनुमोदन दिया गया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 31 मार्च तक फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा, आदेश जारी

भोपाल  निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है।  जारी हुआ आदेश  निजी स्कूलों की इस मनमानी पर रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कॉपी-किताब व ड्रेस खरीदने का दबाव बनाने पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।     संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।     ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।     किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं। डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं। एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

गोटेगांव : बच्चों की घटती संख्या के चलते ये सरकारी स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए

नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र गोटेगांव के अंतर्गत संचालित एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों की संख्या लगभग 300 है। इनमें से 20 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों की दर्ज संख्या एक से दस के बीच रह गई है। बच्चों की गिरती संख्या के चलते ये स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होगा, लेकिन इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। तीन मुख्य कारण जिम्मेदार ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के पीछे तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं—     बिना मापदंड निजी स्कूलों को मान्यता– ग्रामीण क्षेत्रों में बिना उचित मापदंड के निजी स्कूलों को मान्यता दी जा रही है। इसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने के बजाय निजी स्कूलों में भेज रहे हैं।     आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा– राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान है, जिसका खर्च सरकार उठाती है। इससे भी सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है।     सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शैक्षणिक गतिविधियों की कमी- सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषय के शिक्षकों की सबसे अधिक कमी देखी जा रही है। वहीं, कई स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों का अभाव रहता है। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में प्रारंभ से ही विषय-विशेषज्ञ शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं और वहां शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाना ज्यादा उचित समझते हैं। सीएम राइज स्कूल से मिलेगी राहत? गोटेगांव में सीएम राइज स्कूल भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूर्ण होते ही इस स्कूल के तहत शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सीएम राइज स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षक तो उपलब्ध होंगे, लेकिन उनकी संख्या कितनी होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और गुणवत्ता में सुधार किया जाए, तो सरकारी स्कूलों की गिरती स्थिति को संभाला जा सकता है। सरकारी स्कूलों का भविष्य अधर में सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या से शिक्षा विभाग चिंतित है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो कई सरकारी स्कूल बंद हो सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों पर प्रभाव पड़ेगा, जो निजी स्कूलों की फीस वहन करने में असमर्थ हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

इंदौर में 200 स्कूल 31 मार्च से बंद होंगे, हजारों विद्यार्थी प्रभावित

इंदौर इंदौर में लगभग 200 स्कूल बंद होने वाले हैं। यह स्कूल नए नियमों का पालन नहीं कर पाए। इस कारण 2025-26 के सत्र से इन्हें बंद किया जा रहा है। इससे हजारों छात्र प्रभावित होंगे। छात्रों और अभिभावकों को स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं दी गई है। प्रशासन ने इन छात्रों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। छात्रों को दूसरे स्कूलों में दाखिला लेने में परेशानी हो सकती है। खासकर गरीब परिवारों के बच्चों को दिक्कत आएगी। ये 200 स्कूल 31 मार्च से बंद हो जाएंगे। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्होंने मान्यता के नए नियमों का पालन नहीं किया। राज्य सरकार ने कहा था कि 2025-26 सत्र के लिए मान्यता नवीनीकरण 20 मार्च तक कराना होगा। जिले के 1684 स्कूलों में से केवल 1478 ने ही नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। अब उनका निरीक्षण चल रहा है। 1 अप्रैल से बंद हो जाएंगे ये स्कूल जिन 206 स्कूलों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया, वे 31 मार्च से बंद हो जाएंगे। इससे हजारों छात्र सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। ज्यादातर स्कूलों ने अभिभावकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। कई छात्र परीक्षा दे चुके हैं और अगली कक्षा में जाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनका स्कूल 1 अप्रैल से बंद हो जाएगा। एडमिशन के लिए बच्चे होंगे परेशान स्कूल बंद होने की वजह से अभिभावकों ने दूसरे स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इससे स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। सरकार ने 1 अप्रैल से सरकारी स्कूलों में 'एडमिशन फेस्टिवल' शुरू करने की घोषणा की है। लेकिन बंद हो रहे स्कूलों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। गरीब बच्चों के लिए खासी परेशानी अधिकारियों का कहना है कि छात्र अपनी पसंद के किसी भी स्कूल में दाखिला ले सकते हैं। लेकिन गरीब परिवारों के छात्रों के लिए यह आसान नहीं होगा। कई स्कूल जो बंद होने वाले हैं, वे पिछड़े इलाकों में हैं। वहां प्राइवेट स्कूल कम हैं या छात्रों के घरों से बहुत दूर हैं। प्राइवेट स्कूलों में सीटें भी कम हैं। इसलिए सभी छात्रों को दाखिला मिलना मुश्किल है। ऐसे में सरकारी स्कूल ही एकमात्र विकल्प हैं। अधिकारी का कहना जिला परियोजना समन्वयक संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रभावित छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए 25 अप्रैल के बाद एक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन स्कूलों को मान्यता नहीं मिली है, उन्हें भी कहा गया है कि वे अभिभावकों को दूसरे स्कूल चुनने के लिए कहें। प्रशासन ने अधिकारियों को 25 मार्च तक 100% नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नए छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मिलेंगी और सीनियर छात्र उनका स्वागत करेंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

कलेक्टर ने पुस्तकें और गणवेश खरीदने की बाध्यता पर नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल पर 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका

सतना  सतना जिले में कलेक्टर सतीश कुमार एस ने प्राइवेट स्कूल द्वारा अभिभावकों से मनमानी वसूली करने वाले एक प्राइवेट स्कूल पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने शहर के नामचीन प्राइवेट विद्यालय नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल पर 2 लाख का जुर्माना ठोका है। साथ ही सात दिन के अंदर यह राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। इस कार्यवाही के बाद से प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। इसलिए ठोका जुर्माना कलेक्टर ने पुस्तकें और गणवेश एक स्थान से खरीदने की बाध्यता पर प्राइवेट स्कूल नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल बगहा कोठी रोड को 2 लाख रुपए का जुर्माना ठोंका है। कलेक्टर ने शिकायत की जांच के बाद मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस एवं अन्य संबंधित विषयों का विनियमन 2017 और 2020 की धारा 6 के विपरीत कृत्य करने पर संबंधित स्कूल पर अधिनियम की धारा 9 के तहत प्रथम बार में 2 लाख रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। स्कूल से ही ड्रेस लेने के लिए किया जाता था बाध्य स्कूल के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी कि संस्था द्वारा स्कूल से ही किताबें-ड्रेस लेने हेतु छात्रों एवं उनके अभिवावकों को बाध्य किया जाता है। जो अभिभावक इससे मना करते हैं, संस्था द्वारा उन बच्चों को परेशान किया जाता है। संस्था में एनसीआरटी की पुस्तकों के अलावा स्वतंत्र प्रकाशकों की पुस्तकें चलाई जाती हैं। जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। अंकसूची देने के लिए भी राशि ली जाती है, लेकिन इसकी रसीद नहीं दी जाती है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर किया निरीक्षण वहीं, कलेक्टर को शिकायत प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी सतना द्वारा 11 मार्च को संस्था का निरीक्षण कर शिकायत की जांच की गई। उसमें पाया गया कि संस्था द्वारा सत्र 2024-25 और सत्र 2025-26 के पत्रक के बिना सक्षम समिति के अनुमोदन के कक्षा नर्सरी से कक्षा 4 तक की शुल्क वृद्धि 20 प्रतिशत, कक्षा 5 में लगभग 15 प्रतिशत और कक्षा 7 एवं 8 में 20 प्रतिशत वृद्धि नियमों के विपरीत की गई है। स्कूल में मिले दुकान के कार्ड निरीक्षण के दौरान उपस्थित स्टाफ ने बताया कि स्कूल ड्रेस और पुस्तकें माही साइबर एवं स्टेशनरी नामक प्रतिष्ठान राजेन्द्र गली नम्बर 3 से प्राप्त करने के लिए अभिभावकों को कहा जाता है। इस संस्थान का कार्ड भी संस्था में काफी मात्रा में रखे पाये गये है। संस्था द्वारा एनसीआरटी के अतिरिक्त स्वतंत्र प्रकाशकों की पुस्तकें नर्सरी कक्षाओं के अलावा अन्य कक्षाओं में भी अधिनियम की धारा 6 कण्डिका (घ) के विपरीत चलाई जा रही हैं। दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने ठोका जुर्माना जिला शिक्षा अधिकारी ने संस्था की सुनवाई और बचाव का नैसर्गिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया, जिसके उत्तर में समाधानकारक तथ्य नहीं पाये गये। कलेक्टर ने प्रथम बार दो लाख, वहीं दूसरी बार जारी करने पर 4 लाख रूपये की सजा और इसके आगे के आदेशों पर 6 लाख रूपये तक की सजा अधिरोपित करने के प्रावधान हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 52

जीएसडीपी को दुगुना करने का मोहन संकल्प

भोपाल मध्य प्रदेश की विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किए। सर्वेक्षण में उद्यमशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य पूर्ति के महानतम संकल्प हेतु राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में वर्ष 2028-29 तक दोगुना करने का संकल्प लिया है। वर्तमान में ‍प्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर रूपये 1503395 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2023-24 में रूपये 1353809 करोड़ था। पिछले वित्‍तीय वर्ष से 11.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।मप्र की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय दर के सापेक्ष लगभग डेढ़ गुनी से अधिक है।यह वृद्धि दर मोहन सरकार की आर्थिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का ही परिणाम है, सुफल है।मध्‍यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद वर्ष 2024-25 में स्थिर भावों पर जीएसडीपी 712260 करोड़ रूपये है जो वर्ष 2023-24 में 671636 करोड़ रहा। यह 6.05 प्रतिशत की वास्‍तविक वृद्धि दिखाता है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय वर्ष 2024-25 प्रचलित भावों पर पिछले वर्ष के सापेक्ष लगभग 9 प्रतिशत की दर से बढ़कर रूपये 152615 हो गई है। स्थिर भाव पर वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय रूपये 70434 है । मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्य वर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। मोहन सरकार ने लोक वित्‍त में अपनी मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिये प्रभावी कदम उठाये गये है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में राजस्‍व अधिशेष रूपये 1700 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.11 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। राजस्‍व प्राप्तियां रूपये 263344 करोड़ तक पहॅुचने का अनुमान है।विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के रूप में राज्य अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगा। प्रदेश की मजबूत बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय समावेश की शक्ति से आर्थिक तंत्र निरंतर सशक्त हो रहा है आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि फसल क्षेत्र का प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत योगदान वर्ष 2024-25 में 30.90 प्रतिशत रहा।प्रचलित भाव पर यह 10.8 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह पशुधन क्षेत्र में 7.45 प्रतिशत का योगदान रहा है । कृषि और कृषि प्र-संस्करण के माध्यम से आय के स्रोतों में वृद्धि हो रही है, जबकि सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग, बड़ी अधोसंरचनात्मक परियोजनाएं, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विस्तार, और ऊर्जा उपलब्धता में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण घटक एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में प्रदेश की प्रगति को दर्शाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक और सामाजिक समावेश तथा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने से आर्थिक और सामाजिक उन्नति में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, और नारी शक्ति जैसे चार प्रमुख मिशनों की शुरुआत की है। ये मिशन क्रमशः समाज के वंचित वर्गों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के समग्र विकास एवं आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने कार्यरत हैं। सरकार का संकल्प है कि राज्य की आर्थिक नीतियां समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास में सहायक हों और व्यापक आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करें। मध्यप्रदेश सरकार ने 'ईज़ ऑफ लिविंग' और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने के लिए मानकों के सरलीकरण, जनविश्वास बिल, राजस्व महाभियान और पीएम जनमन कार्यक्रम जैसे प्रभावी उपायों को अपनाया है, जिससे सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि, टाइगर एवं चीता रिजर्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें, और पर्यटन स्थलों ने मध्यप्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक प्रतिबद्धताओं, विकास योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह सर्वेक्षण राज्य की विकास यात्रा को प्रतिबिंबित करता है और यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश सतत और समावेशी आर्थिक विकास के मार्ग पर अग्रसर है। मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 को "उद्योग वर्ष’’ घोषित किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में द्वि‍तीयक क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रूपये के सकल मूल्‍य वर्धन तक पहॅुच गया। राज्‍य में सामाजिक क्षेत्र के लिये महत्‍वपूर्ण बजटीय आवंटन किये गये है जिसमें पिछले चार वर्षो में 82.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार ने समस्‍त बाल विकास को प्राथमिकता देते हुये राज्‍य के कुल बजट का 21.6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है। पोषण भी पढाई भी,स्‍व-सहायता समूह, सामुदायिक संस्‍थागत विकास, लखपति दीदी,विकसित मध्‍यप्रदेश विजन 2047 आदि इस दिशा में अग्रणी प्रयास है। स्‍वास्‍थ्य क्षेत्र मे राज्‍य का बजट वर्ष 2024-25 में 15744 करोड़ रूपये तक पहॅुच गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.85 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किये गये है। वर्ष 2024-25 में शिक्षा का बजट 11.26 प्रतिशत आवंटित किया गया है। व्‍यावसायिक शिक्षा में 14 ट्रेडस शुरू किये गये है।उच्‍च शिक्षा के अंतर्गत 1346 महाविद्यालय में 10.5 लाख सीट उपलब्‍ध है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 3.49 लाख छात्रों को व्‍यावसयिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।10 आई.टी.पार्क एवं 4 आई.टी SEZ विकसित किये गये है। 4895 से अधिक मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टार्ट-अप कार्यरत है। मध्य प्रदेश का अधिसूचित वन क्षेत्र 94.69 हजार वर्ग किलोमीटर तथा वनावरण 77.07 हजार वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल के साथ अग्रणी स्थिति पर है।खनिज उत्‍पादन मूल्‍य पिछले वर्ष की तुलना में 16.71 प्रतिशत अधिक रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में मोहन सरकार का राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को पाँच वर्षों में दोगुना करने का संकल्प स्पष्ट रूप से झलक रहा है, दृष्टि गोचर हो रहा है।   टिप्पणीकार-सत्येंद्र जैन Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व … Read more

प्रदेश में 27 हजार शिक्षकों को ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा

भोपाल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में अध्ययन के स्तर और दक्षता को सुधारने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ब्रिज कोर्स का संचालन कर रहा है। इसके लिये हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित विषय के 9 हजार 312 रिसोर्सपर्सन तैयार किये गये हैं। इनका प्रशिक्षण भोपाल के वाल्मी संस्थान में फरवरी माह में कराया जा चुका है। प्रदेश में 4 हजार 200 हाई स्कूल और 4 हजार 100 हायर सेकेण्डरी सरकारी स्कूल हैं। अब इन स्कूलों में हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षण देने की व्यव्स्था मार्च माह से शुरू कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 27 हजार शिक्षकों को ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ब्रिज कोर्स के माध्यम से सरकारी स्कूलों को ड्रॉप-आउट दर को कम करने में मदद मिलेगी। ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अप्रैल माह में और 16 जून से 20 जुलाई तक ब्रिज कोर्स का संचालन करेंगे। ब्रिज कोर्स का संचालन सभी सरकारी हाई और हायर सेकण्डरी स्कूलों में होगा। इसके साथ ही इन 3 विषयों के अलावा विज्ञान एवं संस्कृत विषय की पढ़ाई भी इन बच्चों को कराई जायेगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल में लगने वाली ब्रिज कोर्स की समय-सारणी भी तैयार की है। बेसलाइन टेस्ट ब्रिज कोर्स के दौरान ही 5 और 12 अप्रैल को इन विद्यार्थियों का बेस लाइन टेस्ट अंग्रेजी, गणित और हिन्दी में लिया जायेगा। बेस लाइन टेस्ट पेपर 31 मार्च को स्कूल शिक्षा विभाग के "विमर्श" पोर्टल पर अपलोड कर दिये जायेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। तय तिथियों में जो विद्यार्थी किन्ही वजह से टेस्ट नहीं दे पायेंगे, उनके लिये अलग व्यवस्था की गई है। बेस लाइन टेस्ट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधित शिक्षकों द्वारा उसी दिन किये जाने की व्यवस्था की गई है। बेस लाइन टेस्ट में कम दक्षता वाले विद्यार्थियों के लिये अंग्रेजी, हिन्दी और गणित विषय के ब्रिज कोर्स की व्यवस्था की गई है। एंडलाइन टेस्ट सरकारी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में ब्रिज कोर्स की समाप्ति पर 20 जुलाई के बाद विद्यार्थियों की गुणवत्ता जांचने के लिये एंडलाइन टेस्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। यह टेस्ट 21 से 25 जुलाई के बीच होगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिये हैं। ब्रिज कोर्स की मॉनिटरिंग के लिये 3 स्तर पर राज्य, संभाग और जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जायेगी। जिला शिक्षा अधिकारी को प्रति माह कम से कम 10 विद्यालयों में मॉनिटरिंग किये जाने के लिये कहा गया है। उनके इस कार्य में जिला परियोजना समन्वयक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मदद करेंगे। जिला स्तर पर होगा मूल्यांकन ब्रिज कोर्स संचालन के दौरान जिला स्तर के अधिकारी रेन्डमली कम से कम 10 प्रतिशत विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जिला स्तर पर बुलाकर पुन: मूल्यांकन करेंगे। इन बच्चों की दक्षता सुधार के लिये लोक शिक्षा संचालनालय स्तर पर वर्ष भर सतत् प्रयास किये जायेंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश, छात्रों को शारीरिक सजा देना दंडनीय अपराध होगा

भोपाल शिक्षक महोदय जी सावधान हो जाइए। अगर आपने बच्चों के सामने कड़क बनने की कोशिश की तो आपकी खटिया खड़ी हो सकती है। बच्चों से मारपीट के मामले में मध्यप्रदेश सरकार अब सख्त होती नजर आ रही है। प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट या किसी भी तरह की शारीरिक सजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर किसी शिक्षक या अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों ने ऐसी हरकत की तो उन पर कानूनी कार्रवाई हो जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए ऐसी हालत में कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही ऐसे मामलों की रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है। आयोग की चिट्ठी के बाद एक्शन बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चिट्ठी के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने यह दिशा निर्देश जारी किये हैं। आयोग ने इसको लेकर 4 फरवरी 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में अलग-अलग बातें लिखी गई हैं। इस मामले में सख्त एक्शन के निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसा करना दंडनीय अपराध होगा पत्र में लिखा है कि मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 17 (1) में शारीरिक मानसिक प्रताड़ना और भेदभाव पूरी तरह प्रतिबंधित है। साथ ही धारा 17 (2) के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध है। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत शारीरिक दंड भी प्रतिबंधित है। इस कारण सभी जिलों में संचालित सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों को शारीरिक दंड देने की घटनाओं की त्वरित पहचान करने और इस तरह की स्थितियों पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश इस पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ये निर्देश भी दिए गए हैं कि किसी स्कूल या शिक्षक द्वारा शारीरिक दंड देने के मामले में तत्काल एक्शन लेकर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

ग्वालियर कलेक्टर ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त निर्देश, विद्यार्थियों को निश्चित दुकान से खरीदी के लिए बाध्य करता है तो होगी कड़ी कार्रवाई

 ग्वालियर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं. यदि कोई स्कूल विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल की यूनिफॉर्म, कॉपी, किताबें और अन्य स्टेशनरी किसी निश्चित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों को कलेक्टर का अल्टीमेटम यह आदेश ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने जारी करते हुए स्कूल संचालकों को स्पष्ट रूप से अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने कहा है कि 8 मार्च तक आवश्यक रूप से स्कूल प्रबंधन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए ड्रेस और पुस्तक की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की बैठक भी आयोजित की जाए, जिसमें आदेश के परिपालन में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. शिकायतों के बाद कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि आम लोगों की ओर से शिकायत प्राप्त हो रही थी कि ग्वालियर के विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, पठन सामग्री, बैग, यूनिफॉर्म, स्पोर्ट्स किट, ट्रांसपोर्ट सुविधा के लिए बाध्य किया जा रहा है. इसी शिकायत को ध्यान रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उल्लंघन करने पर इनके खिलाफ होगी कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 (सरकारी आदेशों का उल्लंघन) और अन्य सुसंगत अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. विद्यालय द्वारा आदेश का पालन नहीं करने पर प्राचार्य संचालक के साथ-साथ शाला का प्रबंधक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के समस्त सदस्य भी दोषी माने जाएंगे. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

भोपाल के स्कूल को IED ब्लास्ट से उड़ाने की धमकी, तेलुगु भाषा में मेल किया, स्कूल खाली कराया गया; पुलिस और ATS ने ली तलाशी

भोपाल भोपाल के पिपलानी में एक प्राइवेट स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। शनिवार की सुबह स्कूल के ऑफिशियल ईमेल आईडी पर तेलगू भाषा में एक धमकी भरा मेल मिला। जिसमें स्कूल की बिल्डिंग को IED ब्लास्ट से उड़ाने की धमकी मिली है। स्कूल स्टाफ में एक व्यक्ति को तेलगू भाषा की समझ है। उसने तुरंत मेल को ट्रांसलेट करके अन्य स्टाफ को जानकारी दी। धमकी मिलने के बाद से स्कूल में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस की टीम बीडी (बॉम्ब डिस्पोजल) और डॉग स्क्वायड की टीम के साथ मौके पर पहुंची और स्कूल के कोने कोने की तलाशी ली। शनिवार को छुट्टी होने के कारण बच्चे स्कूल में नहीं थे। स्कूल में पैरेंट्स टीचर मीटिंग बुलाई गई थी। उस समय स्कूल में करीब 50 लोग मौजूद थे। सभी को परिसर से बाहर निकाल दिया गया। मामला शनिवार सुबह 10.30 बजे हरमन माइनर स्कूल का है। आज स्कूल की छुट्‌टी थी, लेकिन स्टाफ के कुछ सदस्य और कुछ छात्रों के परिजन मीटिंग के लिए मौजूद थे। धमकी मिलने के बाद तुरंत ही वे बाहर निकल गए और पुलिस को सूचना दी। स्कूल के हर कोने की हुई तलाशी मौके पर पहुंची पुलिस ने बीडी (बॉम्ब डिस्पोजल) और डीएस (डॉग स्क्वायड) की टीम के साथ स्कूल की सघन तलाशी शुरू कर दी। इसके अलावा, एटीएस (एंटी टेरर स्क्वायड) की टीम भी जांच के लिए पहुंची। थाना प्रभारी (TI) अनुराग लाल ने बताया कि स्कूल के कोने-कोने की तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। आईपी एड्रेस ट्रेस करने की कोशिश थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और विशेष सुरक्षा दल मौके पर पहुंचे। स्कूल के कोने कोने की तलाशी ली गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस का कहना है कि मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। उसका आईपी एड्रेस ट्रेस कर रहे हैं। पुलिस ने स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस के साथ एटीएस भी इम मामले की जांच करने में लगी हुई है। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है। लेकिन फिर भी जांच जारी है। तेलुगु भाषा में था मेल, स्टाफ ने किया ट्रांसलेट धमकी भरा मेल तेलुगु भाषा में लिखा गया था। स्कूल स्टाफ में मौजूद एक व्यक्ति को तेलुगु भाषा आती थी, उसने मेल को ट्रांसलेट कर इसकी जानकारी अन्य स्टाफ को दी। इसके बाद तुरंत स्कूल खाली कराया गया। उस समय वहां करीब 50 लोग मौजूद थे। स्कूल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

स्कूलों ने 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाई है, तो वो पैसा माता-पिता को वापस करना होगा: हाई कोर्ट

जबलपुर  एमपी हाई कोर्ट ने  निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर बड़ा फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने कहा कि अगर स्कूलों ने 2018 या उससे पहले 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाई है, तो वो पैसा माता-पिता को वापस करना होगा। यह मामला पैरेंट्स द्वारा स्कूलों की अवैध फीस वसूली के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। कोर्ट ने स्कूलों को फीस जमा करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। कैसे शुरू हुआ मामला मामले की शुरुआत पैरेंट्स द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर करने से हुई। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। इसके कारण उन्हें आर्थिक स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस याचिका पर सुनवाई हुई। नहीं हो रहा नियमों का पालन हस्तक्षेपकर्ता के वकील सुरेंद्र वर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि एमपी सरकार द्वारा बनाए गए स्कूल विनिमय अधिनियम 2018 के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। पैरेंट्स से एक बार में फीस वसूली के आदेश दिए जा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि अभिभावक फीस क्यों नहीं जमा कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने जवाब दिया कि अभिभावकों ने 70% फीस तो जमा कर दी है। लेकिन बाकी फीस का मामला कोर्ट में है, इसलिए वो फीस अभी जमा नहीं की गई है। निजी स्कूलों की दलील निजी स्कूलों की तरफ से वकील अंशुमान सिंह ने 13 अगस्त 2024 के हाई कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 2018 के नियम के हिसाब से 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने की अनुमति है। उसी के अनुरूप काम किया जा रहा है। वापस करनी होगी फीस- कोर्ट का फैसला इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि निजी स्कूलों को 50 प्रतिशत फीस तीन दिन में और बाकी 50 फीसदी फीस तीन महीने के अंदर जमा करनी होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर 2018 या उससे पहले किसी स्कूल ने 10 परसेंट से ज्यादा फीस बढ़ाई है, तो वह ज्यादा वसूली गई राशि पैरेंट्स को वापस करनी होगी। यह फैसला अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। इससे स्कूलों की मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

कलेक्टर का बड़ा एक्शन, भिंड के 126 निजी स्कूलों की मान्यता निलंबित, स्कूल एसोसिएशन ने मांगा समय

भिंड  मध्यप्रदेश में एक बार फिर प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मामला भिंड जिले का है जहां कलेक्टर ने एक साथ 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित कर दी है। स्कूल प्रबंधन द्वारा अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरतने के कारण ये एक्शन लिया गया है। कलेक्टर ने ये भी साफ कर दिया है कि जब तक स्कूल प्रबंधन अपार आईडी निर्माण कार्य पूरा कर उसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं करेंगे, तब तक उनकी मान्यता बहाल नहीं की जाएगी। कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने अपार आई डी निर्माण शुरू नहीं किये जाने पर नाराजगी जताते हुए जिले के 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित कर दी है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा है कि भारत सरकार की योजना अन्तर्गत नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के छात्र/ छात्राओं की अपारआईडी बनाई जा रही है जिसके लिये कई बार बैठकों एवं व्हाट्सएप के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं, कई स्कूलों ने उनके यहाँ पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के अपार आईडी के निर्माण का कार्य 29 जनवरी 2025 तक प्रारंभ नहीं किया जिसपर 30 जनवरी 2025 को कार्यालयीन पत्र भेजकर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया लेकिन आज दिनांक तक  उसका कोई जबाब प्राप्त नहीं हुआ। लापरवाह 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित इसलिए अपार आई डी निर्माण का कार्य प्रारंभ न किये जाने पर जिले के 126 अशासकीय विद्यालय की मान्यता निलंबित कर दी गई है। कलेक्टर ने सभी 126 अशासकीय विद्यालयों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अध्ययनरत विद्यार्थियों के अपार आईडी के निर्माण का कार्य पूर्ण करने के उपरान्त उसका प्रमाणीकरण प्रस्तुत करें तब ही मान्यता निलंबन से बहाल किये जाने पर विचार किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। अपार आईडी ( APAAR ID) यानि छात्र का 12 अंकों का यूनिक आईडी नंबर अपार आईडी यानी ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री – APAAR ID। केंद्र सरकार के निर्देश को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों ने अपने यहां संचालित सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों से कहा है कि वे हर छात्र की एक अलग खास पहचान बनाने के लिए उनके माता-पिता से सहमति लें। केंद्र सरकार की “वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी” योजना के तहत यह अपार आईडी कार्ड बनाया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक छात्रों को 12 अंकों का एक यूनिक आईडी नंबर जारी किया जा रहा है जिसे अपार आईडी का नाम दिया गया है। अपार आईडी के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट apaar education.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। हालांकि यह काम स्कूलों द्वारा पूरा किया जाना है। APAAR ID से छात्र को मिलेगी अलग पहचान अपार आईडी आधार नंबर की तरह ही एक तरह का आईडी है। योजना के तहत अपार आईडी में एक विद्यार्थी की बचपन से लेकर हायर एजुकेशन तक की शैक्षणिक गतिविधियों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। इस योजना के तहत हर विद्यार्थी को आजीवन एक खास अपार पहचान मिलेगी। अपार आईडी कार्ड में छात्र का नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, पैरेंट्स का नाम, फोटो के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र , कैरेक्टर सर्टिफिकेट, स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट सहित अन्य कई दस्तावेज मौजूद होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी की खेल प्रतियोगिता में हिस्सा, स्कॉलरशिप, जीते गए अवॉर्ड, स्किल ट्रेनिंग, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, ओलिंपियाड में सहभागिता की जानकारी भी इस आईडी कार्ड में दर्ज कराई जाएगी। अपार आईडी में छात्र का ब्लड ग्रुप, ऊंचाई और वजन जैसी अतिरिक्त जानकारी भी शामिल हो सकती हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

MP में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता की डेट समाप्त, स्कूल बंद होंगे तो आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों पर संकट आएगा

भोपाल मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के नए नियमों के कारण हजारों निजी स्कूलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि विभाग की कठोर शर्तों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कई विद्यालयों होंगे बंद। वजह, शासन ने मान्यता नियम के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा की शर्त रखी है, जो स्कूल संचालक पूरी नहीं करना चाह रहे। भोपाल में 1400 स्कूलों में से 232 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। अगर यह हालात रहे तो 18,000 निजी स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, खासकर उन छात्रों की जिनका नाम कम शुल्क वाले विद्यालयों में है। अजीत सिंह के अनुसार, जिन स्कूलों ने आवेदन किया है, उनमें भी कई स्कूलों के पास दस्तावेज़ पूरे नहीं हैं या वे नए नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभाग की चुप्पी बनी हुई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

एमपी में निजी स्कूलों के लिए बदले फीस के नियम, फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति लेनी होगी

 भोपाल  मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों में बस किराया और ट्यूशन फीस को लेकर बड़ा अपडेट है। अब निजी स्कूल अलग से बस फीस नहीं ले पाएंगे और इसे भी वार्षिक का ही भाग माना जाएगा। मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने मुहर लगा दी है। नए नियम के तहक बिना अनुमति अब 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ेगी। ₹25000 से ज्यादा सालाना फीस लेने वाले स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति लेनी होगी। इसी फीस में बस का शुल्क भी शामिल होगा। नई कानून पर राज्यपाल ने मुहर लगाई है। मध्यप्रदेश के 18000 स्कूल इसके दायरे में आएंगे। इस नए नियम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। फीस नियंत्रण पर अभिभावकों को राहत यह विधेयक निजी स्कूलों की फीस नीति को नियमित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न सिर्फ अभिभावकों के आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि शिक्षा में समानता और सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करेगा। सरकार के इस प्रयास से शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है, जो छात्रों और अभिभावकों के हित में साबित हो सकते हैं। यह विधेयक निजी स्कूलों की फीस नीति को नियमित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में 16 हजार स्कूल ऐसे आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में करीब 34,652 निजी स्कूल हैं। इनमें से लगभग 16 हजार ऐसे स्कूल हैं, जिनकी किसी भी कक्षा में वार्षिक फीस 25 हजार रुपये या इससे कम है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2017 के तहत वर्ष 2020 में नियम बनाए गए हैं। इसके अनुसार सरकार को यह अधिकार दिया गया कि वह निजी स्कूलों की फीस और अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी। नए प्रवाधानों में क्या नए प्रावधानों के अनुसार 10 प्रतिशत वार्षिक फीस बिना अनुमति के बढ़ाई जा सकती है लेकिन इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति लेना जरूरी होगा। स्कूल 25 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों को शिक्षकों के वेतन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन में परेशानी होती है। आपको बता दें कि यदि दस प्रतिशत वृद्धि करते हैं तो अभिभावकों पर अधिक भार नहीं पड़ता है, इसलिए नई उपधारा प्रस्तावित की गई है कि 25 हजार रुपये वार्षिक फीस लेने वाले स्कूल अधिनियम के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही परिवहन फीस स्कूलों की वार्षिक फीस का भाग होगा। अभी स्कूल इसे वार्षिक फीस से अलग लेते हैं और इसमें वृद्धि भी अधिक होती है। इससे वार्षिक फीस नियंत्रित रहेगी। समिति के अध्यक्ष होंगे शिक्षा मंत्री नए नियमों के अनुसार फीस बढ़ाने पर आपत्ति की अपील सुनने मंत्री की अध्यक्षता में समिति अधिनियम में यह संशोधन भी प्रस्तावित किया गया है कि वार्षिक फीस में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के आदेश के विरुद्ध अपील सुनने के लिए राज्य स्तरीय समिति होगी। इसके अध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री रहेंगे। समिति को यह अधिकार रहेगा कि वह विभागीय समिति द्वारा किसी स्कूल पर लगाए गए अर्थदंड को घटा या बढ़ा सकेगी। अलग से बस फीस नहीं ले पाएंगे प्राइवेट स्कूल मध्यप्रदेश सरकार ने  मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक पेश किया। इसमें ये प्रावधान किया गया है कि प्राइवेट स्कूलों के द्वारा बस फीस अलग से वसूली नहीं जा सकेगी और बस फीस को स्कूल की वार्षिक फीस का ही हिस्सा माना जाएगा। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल के पास अनुमति के लिए भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलते ही प्रभावी हो जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41

स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, नोएडा पुलिस, बम स्कवॉड और सभी बड़े अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर छानबीन कर रहे

नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ई मेल के जरिये मिली है। धमकी भरी मेल की जानकारी जैसे ही स्कूल प्रबंधक को मिली उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कमिश्नरेट पुलिस को दी। सूचना मिलने के तुरंत बाद ही पुलिस टीम, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गई। टीम ने स्कूल को खाली करवा कर छानबीन शुरु कर दी। इसमें नोएडा के कई नामी स्कूल शामिल है। नोएडा में नामी चार स्कूलों को आज सुबह एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी बुधवार की सुबह ईमेल के माध्यम से दी गई हैं। धमकी भरी आयी ईमेल मिलने के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। स्कूलों में डर का माहौल उत्पन्न हो गया। आनन फानन में स्कूल प्रबंधकों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। धमकी भरे ईमेल की सूचना मिलते ही कमिश्नरेट पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद टीम ने तत्काल स्कूल के एक-एक कोने में छानबीन शुरु कर दी। जिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल आया है, उनमें स्टेप बाय स्टेप स्कूल , द हेरिटेज स्कूल , ज्ञानश्री स्कूल  और मयूर स्कूल का नाम शामिल है। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है। दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ता के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर छानबीन कर रहे है। स्कूलों को खाली करवा कर दिया गया है। कई स्कूलों के बच्चों को सुरक्षित जगह पर इकठ्ठा किया गया है। अभी तक की मिली जानकारी के मुताबिक, किसी स्कूल में कोई आपत्तिजनक सामान नही मिला है। बम स्क्वायड के साथ कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्कूलों में पहुंच कर छानबीन कर रहे है। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्टेप बाय स्टेप स्कूल, द हेरिटेज स्कूल, ज्ञानश्री स्कूल और मयूर स्कूल में स्पेम ईमेल द्वारा बॉम्ब थ्रेट प्राप्त होने पर तत्काल अलग अलग पुलिस, बॉम्ब स्क्वाड, फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड, बीडीडीएस टीम से सभी जगह चेकिंग करा ली गई है। सब जगह नार्मल है। कई स्कूल में क्लासेज आरंभ हो गई हैं। साइबर टीम द्वारा ईमेल की विवेचना की जा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

इंदौर : एनडीपीएस और आईपीएस प्रबंधन को आया धमकी भरा ई-मेल, स्कूल खाली करवा दिया, आला अधिकारी मौके पर

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्कूल में बम की धमकी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस और आईपीएस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। प्रिंसिपल को तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई है। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वाड दस्ता भी मौके पर पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्कूल खाली करवाया। बच्चों को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार इंदौर के खंडवा रोड़ स्थित एनडीपीएस और राऊ स्थित आईपीएस कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। राउ स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल परिसर में मंगलवार सुबह स्टूडेंट्स को अचानक घर जाने के लिए कहा गया। कोई कुछ समझ पाता उसके पहले ही बसों में बच्चों को बैठाकर घर रवाना कर दिया। कहा जा रहा है कि स्कूल और परिसर में लगने वाले कॉलेज के बच्चों ने अपने पेरेंट्स को फोन करके बताया कि संभवतः स्कूल को किसी तरह की धमकी मिली है। हजारों स्टूडेंट्स को ताबड़तोड़ बाहर निकाल दिया गया। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स स्कूल के सामने की लाइन में स्थित मंदिर परिसर में जमा हो गए थे। अभी तक इस मामले को लेकर अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है। एनडीपीएस में दूसरी शिफ्ट में आए बच्चों को स्कूल मैदान के बाद क्लास में नहीं जाने दिया और वापस बस में बैठाकर घर भेजा गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

ग्वालियर में शीतलहर को देखते हुए 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदला, आज रहेगी छुट्टी

ग्वालियर ग्वालियर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया है। 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश सरकारी और गैर-सरकारी सभी स्कूलों, आईसीएससी और सीबीएसई स्कूलों पर लागू होगा। परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार को निर्देशित किया, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। इससे पहले, 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद थे। स्कूलों के समय में बदलाव बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से लिए गए इस निर्णय के तहत स्कूलों के समय में बदलाव कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने सभी स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिले में बढ़ती ठंड और गिरते पारे को देखते हुए लिया गया है, जिससे बच्चों को शीतलहर से बचाया जा सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

मप्र उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी तक के‍ लिए खोला पोर्टल, कॉलेज छात्राओं को 10 महीने तक 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना में पंजीयन करने के लिए पोर्टल खोल दिया है। अब छात्राएं दोनों में से एक योजना में 500-500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीयन करा सकेंगी। पोर्टल फरवरी तक खुला रहेगा, इसमें पूर्व छात्राओं का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वालीं छात्राओं के नवीन पंजीयन होंगे। 12वीं में 60 फीसदी अंक और बीपीएल बता दें, गांव की बेटी योजना के लिए ग्रामीण छात्रा को ग्रामीण निवासी होना अनिवार्य है। वहीं 12वीं में 60 फीसद अंक होने के साथ उसका गरीबी रेखा के नीचे होना जरूरी है। इसके बाद विभाग उसे साल के 10 महीने 500-500 रुपये देगा। वहीं प्रतिभा किरण योजना के लिए शहरी क्षेत्र की छात्राओं को 12वीं में 60 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। उसे भी 10 महीने तक 500-500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दोनों ही योजनाओं की लाभार्थी छात्राएं प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं। इसके बाद में विभाग के द्वारा उसको साल के 10 महीने पांच ₹500 की रकम दी जाती है और यहां प्रतिभा किरण योजना जो कि शहरी क्षेत्र की छात्राओं के लिए है । बताया जा रहा है कि यह स्कीम में 12वीं में 60 फिसदी तक के अंक आना जरूरी होते हैं जिसमें यह ₹500 की रकम हर महीने दी जाती है दोनों ही योजना का फायदा लाभार्थी छात्राओं को निजी तथा सरकारी कॉलेज में प्रवेश के बाद में मिलता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 132

2023-24 में लड़कियों के स्कूली नामांकन में 16 लाख की कमी, जबकि लड़कों के नामांकन में 21 लाख की गिरावट दर्ज

नई दिल्ली भारत में स्कूलों जाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आई हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2023-24 में करीब 37 लाख छात्रों ने स्कूली पढ़ाई छोड़ी दी है, जिनमें 16 लाख लड़कियां शामिल हैं. साल 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में स्कूली छोड़ने वाली छात्रों की संख्या अधिक है. शिक्षा मंत्रालय की एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE) की एक रिपोर्ट में यह डेटा में सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, 2022-23 में कुल 25.17 करोड़ छात्र स्कूलों में नामांकित थे, जबकि 2023-24 में यह संख्या घटकर 24.80 करोड़ रह गई और 2021-2022 में करीब 26.52 करोड़ था. इसके अनुसार, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में छात्रों के नामांकन में 37.45 लाख की गिरावट आई है. इस तरह2023-24 में लड़कियों के नामांकन में 16 लाख की कमी आई, जबकि लड़कों के नामांकन में 21 लाख की गिरावट दर्ज की गई. अल्पसंख्यकों की भागीदारी UDISE 2023-24 ने पहली बार छात्रों का व्यक्तिगत डेटा और स्वैच्छिक आधार पर उनके आधार नंबर जुटाए. 2023-24 तक 19.7 करोड़ छात्रों ने अपने आधार नंबर शेयर किए. कुल नामांकन में 20% छात्र अल्पसंख्यक समुदायों से थे. इनमें 79.6% मुस्लिम, 10% ईसाई, 6.9% सिख, 2.2% बौद्ध, 1.3% जैन और 0.1% पारसी समुदाय से थे. जातीय वर्गीकरण रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल लेवल पर पंजीकृत (UDISE डेटा के अनुसार), 26.9% छात्र सामान्य वर्ग से, 18% अनुसूचित जाति से, 9.9% अनुसूचित जनजाति से और 45.2% अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग राज्यों में स्कूलों, शिक्षकों और नामांकित छात्रों की उपलब्धता अलग-अलग है। 'घोस्ट स्टूडेंट्स' की पहचान व्यक्तिगत डेटा से फर्जी छात्रों ('घोस्ट स्टूडेंट्स') की पहचान और सरकार की योजनाओं का लाभ सही छात्रों तक पहुंचाने में मदद मिली. इससे सरकारी खर्च में बचत और बेहतर प्रबंधन संभव हुआ. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तिगत छात्र डेटा जुटाया गया. इसलिए, यह डेटा 2021-22 या उससे पहले के आंकड़ों से तुलनात्मक नहीं है. यह प्रक्रिया स्कूल-वार डेटा से अलग है, जिससे शिक्षा प्रणाली की वास्तविक स्थिति सामने आती है. राज्यों में स्कूल और छात्रों का अनुपात उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और राजस्थान में स्कूलों की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक है. वहीं, तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और बिहार में छात्रों की संख्या स्कूलों से ज्यादा है. यह रिपोर्ट बताती है कि नई डेटा प्रणाली से छात्रों के ड्रॉपआउट और शिक्षा में प्रगति को सटीकता से ट्रैक किया जा सकेगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 182

उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

मध्य प्रदेश के स्कूलों में हुई 10 दिन की छुट्टी, बढ़ गया शीत कालीन अवकाश

भोपाल एमपी में बीतते वर्ष को विदाई देने व नए साल के स्वागत में जश्न मनाने के लिए स्कूली बच्चों को खासी छुट्टियां मिल गई हैं। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। एमपी में राज्य सरकार के कोर्स वाले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा केंद्र सरकार के सीबीएसई, आईसीएसई कोर्स वाले स्कूलों में अलग अलग अवकाश अवधि की घोषणा की गई है। प्रदेश के केंद्रीय स्कूलों में जहां 9 और 10 दिन की छुट्टी रहेगी वहीं राज्य सरकार के स्कूलों में केवल 5 दिन की छुट्टी दी गई है। हालांकि रविवार पड़ जाने के कारण राज्य सरकार के स्कूली बच्चों का शीतकालीन अवकाश भी एक दिन और बढ़ गया है। स्कूली बच्चों को ऐसे में 6 दिन की लगातार छुट्टी मिल रही है। छात्रों को इस समय एक साथ पांच से लेकर दस दिन तक की छुट्टियां मिलेंगी, जो उन्हें 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक मिलने वाली छुट्टियों के साथ मिलकर अधिक लंबी हो गई हैं। छुट्टियों की अवधि में विभिन्न विद्यालयों के लिए बदलाव मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय और अन्य बोर्ड के स्कूलों में छुट्टियों की अवधि अलग-अलग होगी। राज्य सरकार से संबद्ध स्कूल: प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक 5 दिन की शीतकालीन छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि, 5 जनवरी को रविवार होने के कारण बच्चों को एक और दिन की छुट्टी मिल रही है। इस तरह, राज्य सरकार के स्कूलों के छात्र 6 जनवरी से स्कूलों में वापस लौटेंगे। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की अवधि अधिक होगी। सीबीएसई के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक यानी 9 दिन की छुट्टी रहेगी, और स्कूल 2 जनवरी से खुलेंगे। वहीं, आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में छुट्टियां 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक होंगी, यानी 10 दिन की छुट्टी होगी। केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश: केंद्रीय विद्यालयों में भी छुट्टियों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक अवकाश रहेगा, और 3 जनवरी से स्कूल खुलेंगे। केंद्रीय विद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह अवकाश छात्रों के लिए कल यानी 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।  इधर एमपी के सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक का यानि 9 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहेगा। अब 2 जनवरी 2025 को ये स्कूल खुलेंगे। मध्यप्रदेश के स्थानीय कोर्स के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक का यानि 5 दिनों का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। चूंकि 5 जनवरी को रविवार है इसलिए एक दिन का अवकाश बढ़ गया है। ऐसे में एमपी के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 6 जनवरी 2025 से लगेंगे। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के जनसंपर्क अधिकारी डा. कपिल भार्गव के अनुसार केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार कल से 2 जनवरी तक स्टूडेंट के लिए अवकाश रहेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 198

‘ईआरसीपी योजना से राजगढ़ क्षेत्र को मिलेगा पानी’, राजस्थान-अलवर के विद्यालय में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने किया प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान

जयपुर। केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु प​रिवर्तन मंत्री व अलवर सांसद श्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को अलवर जिले के राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में  राजकीय माध्यमिक विद्यालय, नयागांव माचाड़ी में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्रा-छात्राओं को सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने सम्मानित हुए छात्रा-छात्राओं को शुभकामना देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के बच्चे बड़े प्रतिभावान है और ये जीवन में तरक्की कर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पाड़ा, माचाड़ी और नयागांव तीनों ग्राम पंचायत के बीच में सांसद कोष से ई—लाइब्रेरी और खेल मैदान का निर्माण कराया जाएगा, उसके लिए तीनों ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद जब पहली बार बझेड़ा गांव में आए तो वहां के लोगों ने कहा कि काफी वर्षों से यहां केंद्रीय विद्यालय बनवाने की मांग चल रही है। इस मांग को  पूरा करने के लिए राजगढ़ में जल्द ही केंद्रीय विद्यालय बनवाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना में जिन ठेकेदारों ने अधूरे काम छोड़ दिए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो गांव डार्क जोन में हैं, उनमें भी पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना कामें जो पानी आना था डीपीआर में राजगढ़ क्षेत्रा को भी शामिल कर दिया गया है, जिससे कि ईआरसीपी योजना का पानी राजगढ़ को भी मिलेगा । कार्यक्रम में  श्री अशोक गुप्ता, श्री बन्नाराम मीणा, अंजली यादव सहित प्रबुद्ध व्यक्ति और ग्रामीण मौजूद रहे। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री ने गणेश पोल स्थित रिद्धि-सिद्धि मंदिर में पूजा अर्चना की तथा राजगढ़ कस्बे के माचाडी चौक, चौपड़ बाजार में खुली जीप से अभिवादन करते हुए मालाखेड़ा दरवाजा पहुंचे। जहां उन्होंने कस्बे के मालाखेड़ा गेट का अनावरण  किया। उन्होंने कहा कि मालाखेड़ा दरवाजा  राजगढ़ की ऐतिहासिक शान रहा है।  उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में राजगढ़ के विकास में कार्य करूंगा और कदम से कदम मिलाकर चलूंगा। इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  श्री संजय शर्मा,  श्री अशोक गुप्ता, श्री बन्ना राम मीणा सहित प्रबुद्ध व्यक्ति एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 127

सरकार ने स्कूलों में प्रकाश की व्यवस्था के लिए हर विद्यालय को 20 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई

भोपाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड के मद्देनजर स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कहा है ताकि सर्द हवाएं चलने पर कक्षाओं में खिड़की बंद रखकर पढ़ाई कराई जा सके। इसके चलते अंधेरा न हो और पठन पाठन का काम प्रभावित न हो। शासकीय विद्यालयों की कक्षाओं में विद्युत व्यवस्था के संबंध में मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा है कि सर्दी में ठंडी हवा से बचाव के लिए खिड़कियों को बंद करने पर कक्षाओं में पर्याप्त प्रकाश की आवश्यकता बढ़ जाती है। प्रकाश के अभाव में विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सुधार के लिए कक्षाओं में आवश्यक प्रकाश की व्यवस्था की जाएं। हर कक्षा में कम से कम 4 एलईडी ट्यूबलाईट की व्यवस्था की जाए। प्रकाश व्यवस्था के लिए 7 हजार 125 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर विद्यालय के हिसाब से 20 हजार रुपए की राशि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। शाला प्रभारियों को प्रकाश व्यवस्था के साथ बिजली के स्विच बोर्ड और आंतरिक विद्युतीकरण व्यवस्था अन्तर्गत तार की मरम्मत के लिये भी कहा है। ऐसे शासकीय विद्यालयों में जहां विद्युतीकरण नहीं है, एमपीईबी से एस्टीमेंट लेकर कर स्वीकृति के लिये वरिष्ठ कार्यालय को भेजे जाएं। इस कार्य को प्राथमिकता दिए जाने के लिए भी कहा है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

भोपाल में स्कूलों की टाइमिंग बदली, जारी किया आदेश, अब 9 बजे से होंगा संचालन

भोपाल जिले में तापमान में कमी और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि विद्यालय का संचालन अब सुबह 9 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के स्वास्थ्य पर शीतलहर के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन पूर्व नियत समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें और विद्यार्थियों की भलाई के लिए उचित कदम उठाएं। राजधानी भोपाल में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब जिले के 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुलेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। अभी और गिरेगा तापमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान और गिर सकता है। अनुमान है कि अगले 6-7 दिनों तक न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। साथ ही, प्रदेश के न्यूतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की कमी देखी जा सकती है। इंदौर में पांच डिग्री लुढ़का पारा प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल का रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा ग्वालियर में 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.4 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में दिन के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। यहां तापमान सबसे कम 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री के साथ इन शहरों में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

प्रिंसिपल के सिर में गोली मारकर छात्र स्कूटी लेकर हो गया फरार,जाने क्या है पूरा मामला

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल की स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी। मर्डर करने के बाद आरोपी छात्र मृतक प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। घटनाओं की जानकारी लगने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल एवं आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एफएसएल की टीम घटना की बारीकी से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार के दोपहर 1:00 बजे की है। छतरपुर जिले के धमोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले प्रिंसिपल पुष्पेंद्र सक्सेना के सिर उस वक्त गोली मार दी जब वह स्कूल में बनी बाथरूम में गए हुए थे। इसी बीच स्कूल में ही पढ़ने वाला छात्र पीछे से पहुंचा और उनके सिर में गोली मार दी। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 12वीं क्लास के छात्र ने घटना को दिया अंजाम आरोपी छात्र कक्षा 12वीं का है। वह गणित विषय से पढ़ाई कर रहा था। घटना को अंजाम देने के पीछे क्या वजह क्या है फिलहाल इस का पता नही लग सका है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी छात्र के पास अवैध हथियार कहां से आया और उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। फिलहाल आरोपी छात्र फरार है और मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह एसएसपी अमन मिश्रा मौके पर मौजूद है| गोली की आवाज से दहला स्कूल स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य शिक्षकों ने बताया की अचानक से गोली चलने की आवाज आई किसी को कुछ समझ में नहीं आया। इस पहले हम सब कुछ समझ पाते छात्र दौड़ते हुए बाथरूम से बाहर निकला। हमने अंदर जाकर देखा तो प्रिंसिपल सर की लाश जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। घटना के तुरंत के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को घर भेज दिया है वहीं पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

बच्चो के लिए अच्‍छी खबर: प्रदेश के सभी स्कूलो में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अवकाश रहेगा , परिवार के साथ बनाएं प्‍लान; देखें छुट्टियों की

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, जिसमें 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में स्थानीय अवकाश शामिल है। इसके अलावा, क्रिसमस डे (25 दिसंबर) पर भी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। इस महीने को लेकर कुछ अन्य ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। 3 दिसंबर, 2024 को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के अवसर पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में कई ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिनमें 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांग दिवस’, 4 दिसंबर को ‘क्रांतिसूर्य टंट्या भील बलिदान दिवस’, 18 दिसंबर को ‘गुरु घासीदास जयंती’, 14 दिसंबर को ‘दत्तात्रय जयंती’, 27 दिसंबर को ‘महाराजा खेतसिंह खंगार जी की जयंती’, और 31 दिसंबर को ‘बालीनाथ जी बैरवा जयंती’ शामिल हैं। शीतकालीन अवकाश की भी घोषणा इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा भी कर दी है। इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेगा, जो अगले दिन 5 जनवरी को रविवार की छुट्टी से जुड़कर 6 जनवरी तक मिलेगा। इन पांच दिनों के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों में शीतलाकीन अवकाश का ऐलान कर दिया है। इस बार मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी स्कूलों शीतकालीन अवकाश किया जाता है, हालांकि अभी तक किसी भी राज्य ने इनकी घोषणा नहीं की है। अभी तक मध्य प्रदेश के स्कूलों में पांच दिन की विंटर वेकेशन घोषित की गई है। 6 जनवरी को रविवार होने की वजह से इस दिन भी विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश के स्कूलों में 6 दिनों की छुट्टी रहेगी। न्यू ईयर के अवसर पर छुट्टी मिलने से स्कूली छात्रों में खुशी की लहर है।  दिल्ली में विंटर वेकेशन दिल्ली के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां जनवरी 2024 के आरंभ में होगी। ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली में स्कूलों को 1 जनवरी से 6 जनवरी (Delhi Winter Vacation 2024 Dates) तक बंद रखा जाएगा। हालांकि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा विंटर वेकेशन की डेट्स अलग से घोषित की जाएंगी। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में शीतकालीन अवकाश रहेगा। चार दिन की लंबी छुट्टी का मौका भोपाल में 3 दिसंबर को गैस त्रासदी के मौके पर स्थानीय अवकाश होने के कारण, अगर कोई कर्मचारी या छात्र सोमवार को भी छुट्टी लेता है, तो उसे लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। वहीं, कुछ स्कूलों में परीक्षा का दौर भी होने की वजह से छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव हो सकता है। घूमने का बेस्ट मौका मध्य प्रदेश के लोग इन छुट्टियों का लाभ उठाकर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, सांची और माण्डी जैसी जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श हैं। इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के लोगों को विभिन्न छुट्टियों का लुत्फ उठाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा, और वे इन अवकाशों का उपयोग अपने परिवार के साथ सैर-सपाटे, आराम और नए साल की खुशियों का स्वागत करने के लिए कर सकते हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 105

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किये निर्देश, अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा

भोपाल प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इस वर्ष 16 दिसम्बर से अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन किया जायेगा। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यह अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन कक्षा 3 से 8 की सभी शासकीय शालाओं, अशासकीय शालाओं के साथ मदरसों में भी होगा। अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा। अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन 30 नवम्बर 2024 तक पढ़ाये गये पाठ्यक्रम के अनुसार किया जायेगा। मूल्यांकन के लिये प्रश्न पत्र राज्य शिक्षा केन्द्र तैयार कर रहा है। कक्षा 5 और 8 के विषयवार प्राप्त अंकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर की जायेगी। अधिभार की गणना शाला द्वारा नहीं की जायेगी। यह गणना सॉफ्टवेयर में स्वत: ही हो जायेगी। इस संबंध में विस्तृत निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिये गये हैं। कक्षा 5 और 8 के बच्चों की पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन पोर्टल rskmp.in पर की गई है। अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने संबंधी निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने GFMS पोर्टल पर पूर्व से कार्यरत अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने के संबंध में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। निर्देश में बताया गया है कि शासकीय शालाओं में नवीन भर्ती से शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही उच्च पद प्रभार से भी शिक्षक पदस्थ किये गये हैं। इस कारण स्वीकृत पद के विरूद्ध रिक्त पद उपलब्ध न होने पर संबंधित विषय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को रिलीव किया जाना होगा। इस संदर्भ में एक ही विषय में एक से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा रिक्त पद एक ही है, तो अतिथि शिक्षक को रिलीव करने की कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर प्रदर्शित किये गये है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 78

वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली-NCR में खुलेंगे स्कूल! SC ने कहा, AQI लेबल देखें, फिर

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई की और स्कूल खोलने से पहले दो दिन और इंतजार करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, "हमारा सुझाव है कि अगले दो दिनों के लिए AQI लेबल देखें.. परसों डेटा लाएं, फिर हम देखेंगे कि पिछले दो दिनों में क्या रुझान रहा है और फिर शिक्षण संस्थान खोलने से जुड़े मामले पर फैसला लेंगे।" दिल्ली एनसीआर में स्कूल फिर से खुल सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम (Commission for Air Quality Managemen) को ऑफलाइन स्कूलों या हाइब्रिड कक्षाओं की अनुमति देने पर विचार करने की अनुमति दी है. एससी ने मध्याह्न भोजन और ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच की कमी को इस अपवाद के पीछ के मुख्य कारणों के तौर पर बताया है. फिलहाल सीएक्यूएम के फैसले तक कक्षाएं ऑनलाइन ही रहेंगी.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान IV (जीआरएपी IV) के तहत वर्तमान में लागू कुछ उपायों में छूट देने पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की है. इन उपायों में स्कूलों को बंद करना भी शामिल है.  इसे लेकर कुछ माता-पिता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि हर घर में स्वच्छ हवा नहीं है और सभी के पास बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के "गंभीर से अधिक" श्रेणी में पहुंचने के बाद सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था. कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया गया था.  बता दें कि जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है कि ग्रेप 4 के तहत लगी पाबंदियों को जारी रखा जाए या उनमें कुछ छूट दी जाए. इस पर SC ने पूछा कि कितनी चेकपोस्ट की जांच की गई? वकील ने बताया कि कोर्ट कमिश्नर ने कुल 83 चेकपोस्ट की जांच की है. एमाइकस अपराजिता सिंह ने कहा कि कई चेक पोस्ट्स पर तो कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों की तैनाती की गई. उनके बीच दिशा-निर्देशों को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है.  सर्वे करने गए वकील ने बताया कि चेक पोस्ट्स पर चेकिंग तो हो रही थी लेकिन प्रभावी तरीके से नहीं. कुछ चेक पोस्ट पर हरियाणा और दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों को रोका जा रहा था. वहां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं थे. कोई बैरिकेड नहीं थे. पुलिस ट्रकों को रोकने के लिए सड़क के बीच जाकर चेकिंग कर रही थी. दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि तीन से चार अलग-अलग स्तर के कर्मचारी चेकिंग मे लगाए गए थे. दिल्ली पुलिस,नगर निगम के कर्मचारी और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक थे.  इस पर एमाइकस ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों को यह नहीं पता था कि उन्हें दिल्ली में प्रवेश करना है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि 18 नवंबर के बाद क्या कोई लिखित आदेश आया था जिसमें पुलिस को चेकपॉइंट पर स्थायी रूप से तैनात करने का निर्देश दिया गया था? ट्रकों के प्रवेश को रोकने के लिए 13 एंट्री प्वाइंट पर तैनात लोगों को सूचित करने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए? ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि आदेश दिए गए थे लेकिन अभी हमारे पास कॉपी नहीं है.  पीठ ने कहा कि हम बयान दर्ज करना चाहते हैं. हमें बताएं कि क्या आदेश को लागू करने के लिए इन चेकपोस्ट पर 24/7 पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए कोई आदेश जारी किया गया था? ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि हमें 23 प्रमुख चेकपॉइंट पर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए जाने चाहिए. अभी आदेश नहीं आया है, लेकिन हमारे पास की गई कार्रवाई का विवरण है.  उधर, कोर्ट कमिश्नर ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन नहीं हो रहा है. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कुछ जगहों पर चेक पोस्ट बने हैं चेकिंग हो रही है लेकिन वह प्रभावी नहीं है.  बेरिकेड्स नहीं होने की वजह से अवैध रूप से दिल्ली में घुस रहे ट्रकों को रोकने के लिए बीच सड़क पर हाईवे के चलते ट्रैफिक में पुलिस के जवान कूदकर ट्रकों को रोकते हुए पाए गए.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 तारीख को 13 वकीलों को कोर्ट कमिश्नर्स नियुक्त किया था जिन्हें रिपोर्ट देना था कि दिल्ली में इंटर करने वाले ट्रकों को रोकने के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रेप 4 के दिशानिर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया है. ट्रकों को दिल्ली आने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि सिर्फ़ 13 पोस्ट पर ही क्यों चेकपोस्ट लगे? यह लापरवाही सिर्फ़ 23 प्वाइंट पर की गई. हम CAQM आयोग को धारा 14 के तहत दिल्ली के पुलिस आयुक्त पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम CAQM को सभी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जवाब लेने और उन पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे.  सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत प्रतिबंधों को ठीक से लागू न करने के लिए दिल्ली सरकार की भी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रुप 4 के दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। यूपी के इन शहरों में खुल गए स्कूल दिल्ली से सटे नोएडा में स्कूल बंद हैं. इसका आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया था. गाजियाबाद के स्कूलों को खोलने का भी कोई नोटिस नहीं आया है. वहीं, मेरठ के डीएम दीपक मीणा ने सोमवार, 25 नवंबर 2024 से सभी स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया है. यहां अब ऑनलाइन क्लास के बजाय बच्चों को स्कूल जाकर ही पढ़ाई करनी होगी. मेरठ और हापुड़ में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग समेत सभी … Read more

डेढ़ लाख बालिकाओं को दिलाया गया रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण

स्कूल में पढ़ने वाली बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिये दिया जा रहा है प्रशिक्षण  प्रदेश में एक लाख 50 हजार बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिये जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया डेढ़ लाख बालिकाओं को दिलाया गया रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण भोपाल प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आत्म-विश्वास और सुरक्षा की भावना सशक्त करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रानी लक्ष्मीबाई आत्म सुरक्षा प्रशिक्षण योजना चलाई जा रही है। योजना से प्रदेश में करीब एक लाख 50 हजार बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया है। योजना में 15 हजार 245 शासकीय विद्यालयों की 80 हजार 466 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया। इसी के साथ प्रदेश में संचालित 207 कस्तूरबा गांधी विद्यालय और 324 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास में अध्ययनरत 70 हजार 450 बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 की बालिकाओं के विद्यालयों के लिये प्रशिक्षण राशि भी जारी की है। दृष्टि बाधित बच्चों को पुस्तकों का वितरण स्कूल शिक्षा विभाग ने दृष्टि बाधित बच्चों की सुविधा को देखते हुए उनके पाठ्यक्रम की समस्त पुस्तकें ब्रेल लिपि में उपलब्ध करवाई हैं। ब्रेल लिपि पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण शासकीय ब्रेल प्रेस भोपाल से कराया गया है। दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढने वाले दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन शिविरों के माध्यम से कराया गया। पिछले वर्ष 30 जिलों के विकासखंडों पर आयोजित शिविर में 6 हजार 560 दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरित किये गये। इसी के साथ दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को भी गृह आधारित शिक्षा एवं बच्चों की दैनिक गतिविधियों पर फेस-टू-फेस प्रशिक्षण जिला स्तर पर प्रदान किया गया है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 118

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों को प्रशासन का बड़ा आदेश, स्कूलों के बोर्ड पर टीचरों की फोटो लगानी होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर प्रशासन ने बड़ा आदेश जारी किया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश दिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के बोर्ड पर टीचरों की फोटो लगानी होगी. ताकि, बच्चे अपने टीचर को पहचान सकें. गौरतलब है कि, सागर जिले में कुछ टीचर अपनी जगह किराये के लोगों से बच्चों को पढ़वा रहे थे. इसकी जानकारी लगते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था. इसके बाद विभाग ने कई टीचरों को सस्पेंड भी कर दिया था. लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने इस आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है. बता दें, हाल ही में शिक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि सागर जिले में कुछ टीचर और जनशिक्षक स्कूल नहीं जा रहे. वे अपनी जगह कुछ दूसरे लोगों को भेजकर बच्चों की क्लास लगवा रहे हैं. विभाग ने जब इसकी जांच की तो यह जानकारी सही पाई गई. इसके बाद शिक्षा विभाग ने 3 जनशिक्षकों और 5 टीचरों को सस्पेंड कर दिया था. इन्होंने 3 से 5 हजार रुपए महीने मे दूसरे लोगों को अपनी जगह काम पर लगाया था. इस मामले में लापरवाही बरतने और निरीक्षण न करनें पर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इन पर चला सरकार का डंडा जानकारी के मुताबिक, रूप सिंह चढ़ार, इंद्र विक्रम सिंह परमार,अनिल मिश्रा, जानकी तिवारी, अवतार सिंह ठाकुर ने अपनी जगह दूसरे लोगों को पढ़ाई के लिए रखा था. इन्होंने 3 से 5 हजार रुपये देकर किराए पर टीचर रख लिए थे. ये धांधली मुख्य तौर से जिले के खुरई, मालथौन, जैसीनगर, बिलहरा इलाकों से सामने आए. इन शिक्षकों का वेतन 50 से 70 हजार रुपये है. ये बच्चों को पढ़ाने कभी स्कूल नहीं गए. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 127

जबलपुर के 5 प्राइवेट ने वसूली 166 करोड़ रुपए की अवैध फीस, 2 लाख रुपये का जुर्माना, ऐसे हुआ खुलासा

जबलपुर शहर के पांच निजी स्कूलों की 31.5 करोड़ रुपए की अवैध फीस वसूली पकड़ी गई है। यह रकम इन स्कूलों के संचालकों ने 52 हजार छात्रों से वसूल की थी। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ है। सेंट अगस्टीन स्कूल सगड़ा, सेंट्रल एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल विजयनगर, एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल हाथीताल, आदित्य कान्वेंट स्कूल गोपालबाग एवं अशोका हॉल जूनियर एंड हाई स्कूल विजय नगर के संचालकों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए अवैध तरीके से वसूली गई फीस 30 दिन के भीतर अभिभावकों को वापस किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इन स्कूलों को लौटाने होंगे पैसे सेंट अगस्टीन स्कूल, सगड़ा- 4.76 करोड़ रुपये सेंट्रल एकेडमी हायर सेकेंडरी, विजयनगर- 3.86 करोड़ रुपये एमजीएम हायर सेकेंडरी, हाथीताल- 7.19 करोड़ रुपये आदित्य कॉन्वेंट स्कूल, चेरीताल- 5.03 करोड़ रुपये अशोका हॉल जूनियर और हाई स्कूल, विजयनगर- 10.67 करोड़ रुपये जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना  ने बताया कि इन स्कूलों ने 2024-25 सत्र के लिए फीस में अत्यधिक बढ़ोतरी की थी. इस पर अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जिला समिति ने गहन जांच की. जांच में पाया गया कि ये स्कूल मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे थे. जांच के बाद प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वो बढ़ी हुई फीस वसूली के बजाय पहले से तय फीस ही अभिभावकों से लेंगे. प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 5 निजी स्कूलों के मालिकों को जुर्माने की दो-दो लाख की राशि 30 दिन के भीतर जमा करने के लिए निर्देशित किया है.     अशोका हॉल जूनियर और हाई स्कूल, विजयनगर- 10.67 करोड़ रुपये जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना  ने बताया कि इन स्कूलों ने 2024-25 सत्र के लिए फीस में अत्यधिक बढ़ोतरी की थी. इस पर अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जिला समिति ने गहन जांच की. जांच में पाया गया कि ये स्कूल मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे थे. इन स्कूलों पर प्रशासन ने ठोंका 2-2 लाख रुपये का जुर्माना इन 5 स्कूल प्रबंधनों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे 30 दिनों के भीतर जमा करने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि को लौटाने का निर्देश भी दिया गया है. फीस के नाम पर 166 करोड़ की अवैध वसूली मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 के तहत गठित जिला समिति ने अब तक जिले के 25 स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 160 करोड़ रुपये से अधिक की फीस वापसी सुनिश्चित की है. इस निर्णय से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 80

राजस्थान में प्रदूषण के कारण स्कूलों में छु्ट्टी, 300 के पार पहुंचा AQI; जानिए आदेश

जयपुर राजस्थान में प्रदूषण अब एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है. राजस्थान के इतिहास में पहली बार प्रदूषण के कारण सरकार को स्कूल बंद करने का फैसला लेना पड़ा है. राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण, जिला प्रशासन ने स्कूलों में 20 से 23 नवंबर तक छुट्टी घोषित की है. यह आदेश राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है. ख़तरनाक AQI के कारण स्कूलों में अवकाश जिला कलक्टर किशोर कुमार ने आदेश जारी कर बताया कि खैरथल-तिजारा में स्थित सभी राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों में 20 से 23 नवंबर तक पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन करना होगा. इस दौरान स्कूलों में शिक्षकों की छुट्टी नहीं होगी और वे स्कूल आकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण लिया गया है. ग़ौरतलब है कि राजस्थान में सर्दी बढ़ने के साथ ही करीब 25 से ज्यादा जिलों में एक्यूआई ख़तरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. यहां कि कई जिले खतरनाक स्तर पर प्रदूषित हो चुके हैं. राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस समय राजस्थान के कई प्रमुख जिले जैसे झुंझुनूं, भिवाड़ी, करौली और बीकानेर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से भी ज्यादा दर्ज किया गया है. झुंझुनूं का AQI 432, बहरोड़ का 350, भिवाड़ी का 348 और अलवर का 175 तक पहुंच चुका है, जो एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है. राजस्थान-दिल्ली में आरोप प्रत्यारोप दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के लिए राजस्थान को भी दोषी ठहराया था मगर राजस्थान सरकार का कहना है कि राजस्थान की आबो हवा दूसरे राज्यों की वजह से ख़राब हुई है. राजस्थान में न तो पराली जलाई जाती है और न ही इतनी फैक्ट्रियां हैं जिनकी वजह से प्रदूषण हो. इस बीच, सरकार ने लोगों से प्रदूषण को लेकर सतर्क रहने और मास्क पहनने जैसी सावधानियां बरतने की अपील की है, ताकि प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके. जानें आदेश में क्या? कलक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश व दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 450 पार जाने के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को आदेश जारी किए थे। उसी के अनुसरण में खैरथल-तिजारा में स्थित सभी राजकीय और गैर राजकीय विद्यालयों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए 20 नवंबर से 23 नवंबर तक भौतिक अवकाश घोषित किया जाता है। इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन क्लास संचालित करने की व्यवस्था करेंगे। यह आदेश केवल विद्यार्थियों के लिए ही लागू होगा।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 90

MP में सर्दी बढ़ी: ठंड की दस्तक के साथ ही बदली स्कूलों की टाइमिंग, 20 नवंबर के बाद और बढ़ेगी ठंड

भोपाल  मध्य प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है राजधानी भोपाल में भी ठंड का असर बढ़ने लगा है। भोपाल में सुबह लगने वाली स्कूलों ने अपना समय बढ़ाना शुरू कर दिया है। दरअसल सर्द हवाएं चलने से ठंड का असर है। इस वजह से अब स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। भोपाल में कई प्राइवेट स्कूलों ने 30 मिनट तक टाइमिंग बढ़ा दी है। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन में भी समय बदलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 20 नवंबर के बाद सर्दी का असर और बढ़ेगा। रात के तापमान में आ रही गिरावट प्रदेश में ठंड का असर दिखने लगा है पचमढ़ी सबसे ठंडा है यहां का न्यूनतम पर 7.8 तक लुढ़क चुका है। मौसम विभाग की माने तो पहाड़ों में जेटस्ट्रीम हवाएं चलने और वेस्टर्न डिस्टबेंस (पश्चिम विक्षोभ) की वजह से पिछले एक सप्ताह से कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर लुढ़का है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तापमान सामान्य से 2 डिग्री तक कम है। वहीं, ग्वालियर-इंदौर में सामान्य के बराबर है।आने वाले तीन-चार दिनों में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड का असर ज्यादा बढ़ा रहेगा। राजधानी में इन स्कूलों के समय में परिवर्तन राजधानी भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है जिनमें से कोलार, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स स्थित सेंट जोसेफ स्कूल ने अपनी टाइमिंग बढ़ा दी है। जो स्कूल सुबह 7.30 बजे शुरू होते थे, वह आज से सुबह 8 बजे लगना शुरू हो गए हैं। सेज इंटरनेशनल स्कूल ने एक हफ्ते पहले ही समय में बदलाव कर दिया था। अन्य स्कूलों की टाइमिंग भी बदली जा रही है। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में रविवार-सोमवार की रात तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल में 13.2 डिग्री, इंदौर में 15.7 डिग्री, ग्वालियर में 16.2 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल और जबलपुर में पारा सामान्य से नीचे रहा। इसी तरह छिंदवाड़ा में 12.6 डिग्री, मंडला में 10.2 डिग्री, नौगांव में 12.2 डिग्री, रीवा में 12.6 डिग्री, उमरिया में 11.6 डिग्री और बालाघाट में 11.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

UP में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करते हुए उन्हें बंद करने की तैयारी !

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के 27 हजार बेसिक स्कूलों के जल्द बंद होने की खबरों ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब सरकार की ओर से इन खबरों का खंडन कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करते हुए उन्हें बंद करने की बाते कहीं जा रही है, जो बिल्कुल भ्रामक और निराधार है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि इस संबंध में ऐसी कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है।  बेसिक शिक्षा विभाग के एक्स पर इस संबंध में कई पोस्ट किए गए हैं। पोस्ट के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि मीडिया में ऐसी खबरें चल रही है। इसमें 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में विलय करते हुए बंद करने की बात की गई है, जो बिल्कुल भ्रामक और निराधार है। साथ ही यह भी साफ किया गया कि किसी भी विद्यालय को बंद किए जाने की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है। ड्राप आउट दर कम करने की कोशिश जारी वहीं विभाग की ओर से बताया गया कि प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने पोस्ट के जरिये बताया कि छात्रों विशेषकर बालिकाओं के ड्राप आउट दर को कम करने के लिए विभाग लगातार प्रयत्नशील है। इसको लेकर समय-समय पर विभिन्न अध्ययन भी किए जाते रहे हैं। इसके साथ ही विभाग ने बताया कि बीते सालों में प्रदेश के विद्यालयों में कायाकल्प, निपुण, प्रेरणा आदि योजनाओं के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति और सुधार हुए हैं। विभाग के लिए प्रदेश के छात्रों का हित सर्वोपरि है। बता दें, 50 से कम बच्चों वाले प्राथमिक स्कूलों को बंद कर नजदीकी स्कूलों में मर्ज किये जाने की खबरे चल रही थी। फिलहाल इन खबरों का खंडन कर दिया गया है। एक्स पर पूछा जा रहा ये सवाल आपके द्वारा जारी खंडन को झूठा करार देते हुए यह कागज वायरल हो रहा है। कागज 13 और 14 नवंबर को आयोजित बैठक को लेकर जारी विस्तृत एजेंडा का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप विद्यालयों को मर्ज करने की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट की गई थी। कुछ कहना चाहेंगे? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 208

मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण चयनित जिलों में, एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बालकों में सकारात्मक सोच के लिये उज्ज्वल कार्यक्रम में प्रशिक्षण मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य बालकों को बढ़ती उम्र के साथ विभिन्न पहलुओं और बदलाव में उनकी सकारात्मक भूमिका के प्रति सजग करना है। यह एक नवीन पहल है, जो बालकों में एक नयी सोच का संचार करेगी, जिससे वे सकारात्मक सोच के साथ विभिन्न मुद्दों को समझ पायें। किशोर अवस्था में अर्जित ज्ञान और कौशल का प्रभाव आजीवन रहता है। इसलिये आवश्यक है कि "पौरूष" की अवधारणा से बालक प्रारंभ से ही परिचित हो सकें और उनके अनुकूल जीवन में व्यवहार करने की सोच उनके अंदर विकसित हो सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फण्ड एक्टिविटी (यूएनएफपीए) के सहयोग से इस नवीन आवधारणा को लेकर मार्गदर्शिका उज्ज्वल का निर्माण किया है। उज्ज्वल में शामिल मुद्दे मार्गदर्शिका "उज्ज्वल" में भेदभाव, हिंसा, टकराव, सायबर अपराध, लैंगिक अपराधों और कुप्रथाओं को रोकने में बालकों की भूमिका, घरेलू कामों में बालकों व पुरूषों की बराबरी की भागीदारी जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल किये गये हैं। मार्गदर्शिका का क्षेत्रीय परीक्षण प्रदेश के डिंडोरी, बैतूल, गुना एवं भोपाल जिलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के साथ चर्चा की गई। उनसे मिली प्रतिक्रियाओं और सुझावों को मार्गदर्शिका की विषय-वस्तु में शामिल किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका का प्रथम प्रारूप तैयार कर इसकी समीक्षा शिक्षकों के साथ की है। विभाग संशोधित मार्गदर्शिका को अंतिम स्वरूप देने पर काम कर रहा है। किशोरियों के लिये भी मार्गदर्शिका कन्या छात्रावासों में अध्ययन करने वाली कक्षा 9वीं से 12वीं की किशोरियों के लिये भी सशक्त मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है। मार्गदर्शिका के सहयोग से किशोरियां दक्षता अर्जित कर पाएंगी, जो उनके भावी जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगी। किशोरियां विभिन्न जीवन कौशल विकसित कर जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम हो पायेंगी। किशोरियां अपने अधिकारों, कर्त्तव्यों और सामाजिक जिम्मदारियों के प्रति जागरूक होकर हॉस्टल, घर और समुदाय में परिवर्तन लाने की दिशा में भी सहयोग कर पायेंगी।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 65

छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर की खेल सुविधायें उपलब्ध कराने 110 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना

भोपाल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर की खेल सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने हर जिले के सरकारी स्कूलों में 110 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना की है। इन केन्द्रों के जरिये छात्र-छात्राओं को खेल अधो-संरचना के साथ उत्कृष्ट स्तर की खेल सामग्री और खेल प्रशिक्षण की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के खेल प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सहभागिता में भी बढ़ोत्तरी हुई है। विभिन्न नोडल केन्द्रों के करीब 200 खिलाड़ियों ने राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सहभागिता कर विभिन्न खेलों में 80 पदक प्राप्त किये। राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न विधाओं में सहभागिता की। पिछले वर्ष 67वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में 14, 17 और 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 7 खेलों में 26 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य समेत कुल 53 पदक प्राप्त किये। स्कूलों में खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये कक्षा 9वीं से 12वीं तक आवासीय खेलकूद संस्थान, सीहोर में संचालित किया जा रहा है। इस आवासीय संस्थान में 200 सीट निर्धारित है। विद्यार्थी यहां विद्यालय में 4 वर्ष तक पढ़ाई के साथ अपनी रूचि के खेलों का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस आवासीय संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न खेल प्रतियोगितायों में श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। फिट इण्डिया मूवमेंट में गतिविधियां स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फिट इण्डिया मूवमेंट के अंतर्गत 'फिटनेस का डोज-आधा घण्टा रोज' कार्यक्रम सरकारी स्कूलों में आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न खेल गतिविधियों में सहभागिता की। फिट इण्डिया मूवमेंट के अंतर्गत 5वां 'फिट इण्डिया वीक' पिछले वर्ष सभी जिलों में मनाया गया।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

मैडम देती थीं पैसे का लालच, छत्तीसगढ़-बिलासपुर के स्कूल में मासूम बच्चों से उठवाया दो क्विंटल चावल

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में शिक्षा की बदहाली के कई मामले सामने आ चुके हैं। कप-प्लेट धुलवाने से लेकर पान-गुटखा मंगवाने के कई मामले पहले ही वायरल हो चुके हैं। अब ताजा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के प्राइमरी स्कूल का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें स्कूली बच्चे साइकल पर 50-50किलो की चावल की बोरी ढोकर ले जाते दिख रहे हैं। दरअसल, मस्तूरी विकासखंड के सोन गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के लिए चावल स्कूली बच्चों से ढुलवाने का मामला सामने आया है। यहां की हेड मास्टर पुष्पा साहू पर बच्चों से काम कराने का आरोप है। साइकिल में चावल लाने वाले छात्रों ने बताया कि चार बार में 50-50 किलो कर 2 क्विंटल स्कूल में लेकर आए। कभी पैसे का लालच तो कभी धमका कर काम स्कूल की हेड मास्टर पर आरोप है कि वह वह स्कूल के बच्चों को कभी पैसे का लालच देकर तो कभी धमकियों का सहारा लेकर चावल ढुलवाने के लिए मजबूर करती है। बच्चों के साइकिल पर चावल ढोते हुए देखकर गांव के कुछ युवकों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। हालांकि इस तरह बच्चों से काम कराने के चलते उनकी पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। हेड मास्टर ने कहा-बदनाम करने की कोशिश वहीं, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर हेडमास्टर ने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए पुराना वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है। वीडियो सितंबर महीने का है जिसे अब शेयर कर उन्हें परेशान करने के लिए कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर ब्लाक शिक्षा अधिकारी सोनवानी ने बताया कि मामला पुराना है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल का निरीक्षण किया गया था। मामला सही पाए जाने पर चेतावनी दी गई थी। आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले बिल्हा ब्लाक में बच्चों से कप प्लेट धुलवाने की घटना हुई थी। वहीं, मस्तूरी ब्लाक में ही प्यून के द्वारा बच्चों से पान-गुटखा मंगवाने का मामला सामने आया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 89