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भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने धान उत्पादक किसानों को बोनस देने का संकल्प लिया था। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट बैठक में हुए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, किसान हित में यह बड़ा कदम उठाया गया है। केन- बेतवा, पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजनाओं से जुड़ी 19 अन्य सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।
 
कैबिनेट में यह भी फैसला हुआ है कि मध्य प्रदेश में लोग ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना सकेंगे। भारत के महा रजिस्ट्रार कार्यालय ने इसके लिए प्रारूप नियम तैयार किया है। इसी के आधार पर मध्य प्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2024 तैयार किया गया है। इसके अनुसार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक का उपबंध किया गया है। इसमें गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी।

क्षिप्रा किनारे बनेगा 29 किमी लंबा घाट
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 29 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जाएगा। यह क्षिप्रा नदी के दायीं किनारे पर शनि मंदिर से नागदा बाय पास तक बनेगा। इसकी लागत 771 करोड रुपये आएगी।
 
मध्य प्रदेश कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
प्रदेश में 100 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को संचित बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
केन बेतवा, पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना की 19 में से 16 योजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
जनजाति क्षेत्र के समेकित विकास के लिए धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रदेश के 52 जिलों के आदिवासियों को लाभान्वित किया जाएगा।
सभी पंचायत में अटल ग्रामीण सेवा सदन बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी।
पॉलिटेक्निक यूनानी चित्र सहित शिक्षण संस्थानों में इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों किसी से बस्ती को महंगाई सूचकांक से जोड़ने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है।

इससे पहले प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिए समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है।

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