कर्नाटक
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट में किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ चल रही कर्ज वसूली प्रक्रिया को चुनौती दी है। विजय माल्या ने दावा किया है कि किंगफिशर एयरलाइंस पर करीब 6200 करोड़ का कर्ज था। बैंक के अधिकारियों ने प्रारंभिक कर्ज की राशि की तुलना में कहीं अधिक वसूल लिया है। आपको बता दें कि यह याचिका 3 फरवरी 2025 को दायर की गई थी। इस मामले पर न्यायमूर्ति आर देवदास द्वारा बुधवार को संक्षिप्त सुनवाई की गई।

विजय माल्या के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील साजन पूवैया ने हाईकोर्ट को बताया कि वह किसी अंतरिम राहत के लिए नहीं कह रहे हैं, जब तक कि संबंधित पक्षों से सुनवाई न हो जाए। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दस बैंकों, एक वसूली अधिकारी और एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस जारी किया है। आपको बता दें कि इन्हें याचिका में पार्टी बनाया गया है।

विजय माल्या ने इस सप्ताह की शुरुआत में कई राष्ट्रीय और प्राइवेट बैंकों (जिनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी शामिल हैं) के खिलाफ उनकी वसूली प्रक्रिया को चुनौती दी थी। अपनी याचिका में माल्या ने कोर्ट से यह अनुरोध किया कि फिलहाल इस रिकवरी की प्रक्रिया को रोकी जाए और अंतरिम स्थगन आदेश जारी किया जाए।

पिछले साल दिसंबर महीने में विजय माल्या ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि बैंकों ने 6,203 करोड़ के कर्ज की राशि के अलावा ब्याज भी वसूल लिया है। यह राशि डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित की गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में लोकसभा में यह कहा था कि विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ की संपत्तियां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लौटा दी गई हैं। आपको बता दें कि विजय माल्या 2016 में ब्रिटेन भाग गए थे। भारत में किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए कई बैंकों के कर्जों में डिफॉल्ट के कारण वह वांटेड हैं।

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