महेंद्र सिंह परस्ते मत्ते सिंह मसराम की जगह पर टीचिंग करते हैं, शिक्षा अधिकारी ने मामले की प्राथमिकता से जांच कराने का आश्वासन दिया

डिंडौरी एक शासकीय शिक्षक अपनी जगह पर डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन पर एक युवक को बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा था। मामला अमरपुर के टिकरा टोला स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल का है। यहां महेंद्र सिंह परस्ते मत्ते सिंह मसराम की जगह पर टीचिंग करते हैं। शिक्षक मत्ते सिंह मसराम की शराब के नशे में रहने की आदत की शिकायतें भी हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने मामले की प्राथमिकता से जांच कराने का आश्वासन दिया है। शराब के नशे में घर में मिला शिक्षक दरअसल जिले में अभी तक शराबी शिक्षक, दो पति-पत्नी वाले शिक्षक के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन अब शिक्षक की जगह दूसरे लोग स्कूल में पढ़ाते नजर आ रहे हैं। टिकरा टोला स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक शराब के नशे में घर में आराम फरमाते मिले। उनकी जगह पर एक युवक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहा था। शिक्षक की युवक बच्चों को पढ़ाता है शासकीय उन्नत प्राथमिक स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे युवक का नाम महेंद्र सिंह परस्ते है। मत्ते सिंह ने महेंद्र को डेढ़ सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए रखा है। पूछताछ में मत्ते सिंह ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए सो रहे थे। वे पढ़ाने जाते हैं। थोड़ी देर बाद मत्ते सिंह गमछा लपेटे ही स्कूल पहुंच गए। गुरूजी से अब हुआ शिक्षक ग्रामीण ने बताया कि शिक्षक मत्ते सिंह मसराम वर्ष 1997 में गुरुजी के पद पर भर्ती हुए थे। इसके बाद शिक्षाकर्मी बने और वर्ष 2015 में शिक्षक बन गए। तब से वे इसी स्कूल में पदस्थ हैं। हमेशा शराब के नशे में रहने का आरोप भी लोगों ने लगाया है। इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अमरपुर ने बताया कि मामले को प्राथमिकता से दिखवाया जाएगा। recent visitors 143

तकनीकी उपयोग कर खनिजों की करें खोज, छत्तीसगढ़ के खनिज सचिव ने भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम की बैठक में दिए निर्देश

रायपुर. राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक आज खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाईन विश्राम भवन के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि किसी भी देश एवं राज्य के विकास में खनिजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम् तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों का अन्वेषण करे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिजों के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों को आपस में साझा करने और परस्पर समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी है। श्री पी. दयानंद ने बताया कि वर्ष 2023-24 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है। खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2023-24 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वर्ष 2023-24 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री सुनील कुमार जैन सहित केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों और उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रदेश में चूना पत्थर और लौह अयस्क के नए भण्डार खोजे गए भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री जैन ने वर्ष 2023-24 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 1050 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के कुल 179 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2023-24 में चूनापत्थर हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को NMET के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु तीन प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें दो ग्रेफाईट एवं एक दुर्लभ मृदा धातुएँ (REE) शामिल है। केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. सुदीप भट्टाचार्या ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, कॉपर, ग्लूकोनाईट, ग्रेफाइट, बेसमेटल, डायमण्ड, लिथियम, REE, PGE, फास्फोराइट, फ्लोराईट खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न खनिजों की कुल 25 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है। संयुक्त संचालक (भौमिकी) श्री संजय कनकने ने बताया कि संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2024-25 में कुल 12 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें मैंगनीज पर 01, ग्रेफाईट पर 01, चूनापत्थर पर 03, लौह अयस्क पर 05 एवं बाक्साइट पर 02 परियोजना शामिल है। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2024-25 में अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को राज्य में अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये हैं। जिसमें 01 लिथियम तथा 01 ग्रेफाईट का प्रस्ताव सम्मिलित है। इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रदेश में 10 विभिन्न खनिजों की कुल 44 परियोजना अन्वेषण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें फास्फोराईट के 02, गोल्ड के 05, ग्लुकोनाईट के 06, REE (Lithium, Tantalum etc.) के 11, लेड-जिंक के 01, फास्फेट के 01, बॉक्साईट के 05, लौह अयस्क के 09, कॉपर के 02, ग्रेफाईट की 01 एवं लीथियम की 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजना शामिल है। recent visitors 92

लोक निर्माण विभाग प्रदेश में नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा देने संकल्पित-ईएनसी श्री मेहरा

भोपाल   प्रदेश में सड़कों की स्थिति और उनकी मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रयासों पर जानकारी साझा करते हुए ईएनसी आरके मेहरा ने बताया कि प्रदेश में कुल 81,000 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है। इसमें 9,315 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग, 12,568 किलोमीटर स्टेट हाईवे, 25,420 किलोमीटर मुख्य जिला मार्ग और 33,697 किलोमीटर ग्रामीण सड़के शामिल हैं। भोपाल शहर में सड़कों की स्थिति भोपाल शहर में लोक निर्माण विभाग के अधीन कुल 573 किलोमीटर सड़के हैं, जिनमें से 400 किलोमीटर सड़के परफॉर्मेंस गारंटी के अंतर्गत आती हैं और 173 किलोमीटर सड़के साधारण मरम्मत के अंतर्गत आती हैं। वर्षा ऋतु के दौरान शहर में डामर की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिसकी मरम्मत की जा रही है। श्री मेहरा ने बताया कि हाल ही में भोपाल शहर के 14 मार्गों पर 22 किलोमीटर की लंबाई में लगभग 523 वर्गमीटर में गड्ढे पाए गए थे। इनमें से 6 सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है, और शेष सड़कों में भी मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। 6 अगस्त को अधीक्षण यंत्री मण्डल भोपाल द्वारा इन सड़कों का निरीक्षण किया गया था, जिसमें वर्षा ऋतु के कारण शहर की लगभग 3 प्रतिशत सड़कों में गड्ढे पाए गए थे। इनमें से अधिकांश की मरम्मत कर दी गई है। लोकपथ ऐप सहित अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग सड़कों की मरम्मत को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने लोक पथ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति सड़कों में गड्ढों की फोटो अपलोड कर शिकायत कर सकता है। अब तक विभाग को लोकपथ ऐप के माध्यम से 1868 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,662 का निराकरण कर दिया गया है।इसी के साथ विभाग ने अधिक क्षतिग्रस्त स्थानों पर 100 एमएम पेव्हर ब्लॉक का उपयोग कर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। विभाग ने नवीन तकनीकों का उपयोग कर लगभग 600 किलोमीटर की सड़कों का विस्तृत रखरखाव किया है, जिनमें जेट पेचर, वेलोसिटी पेचर और इन्फ्रारेड तकनीक शामिल हैं। भविष्य में शहरी मार्गों को बार-बार क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए व्हाइट टॉपिंग तकनीक का उपयोग करने की योजना है। लोक निर्माण विभाग के इन प्रयासों से प्रदेश की सड़कों की स्थिति में सुधार आएगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। विभाग का यह कदम सड़कों की सुरक्षा और यातायात की सुगमता में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिससे प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार होगा। recent visitors 75

विश्वविद्यालयों की गतिविधियों पर की चर्चा, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से मिले कुलपति

रायपुर. आज राजभवन में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव और आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल एवं कुलपति डॉ. टी. रामाराव ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होेंने अपने-अपने विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत कराया। लक्ष्य का 89 प्रतिशत बोनी पूर्ण चालू खरीफ सीजन में अब तक लक्ष्य का 89 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुका है। जबकि इस सीजन में राज्य सरकार द्वारा 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों के बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 43.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। जनदर्शन 8 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में होने वाला साप्ताहिक जनदर्शन का कार्यक्रम इस गुरुवार 8 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा। जनदर्शन में आम जनता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रूबरू होकर अपने आवेदन/ समस्या रख सकेंगे और समाधान प्राप्त कर सकेंगे। recent visitors 94

गुड गवर्नेंस जिनका डायरेक्ट इम्पेक्ट पब्लिक पर हो ऐसे मुद्दे शामिल किये जाये: श्री ममतानी

भोपाल मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल के अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने आयोग के 30वें स्थापना दिवस 13 सितम्बर, 2024 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में ''नगरीय सुशासन-मानव अधिकार'' विषय पर आधारित विभिन्न मुद्दों पर प्रारम्भिक चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस जिनका डायरेक्ट इमपेक्ट पब्लिक पर हो ऐेसे मुद्दे शामिल किये जायें। उन्होंने कहा कि जो सुशासन पर विपरित प्रभार डालते है, उनको कैसे दूर किया जायें, जनसामान्य की नित प्रतिदिन की मूलभूत समस्याओं का निदान कैसे किया जा सकें। इस पर अमल किया जायें। बैठक में आयोग के सदस्य श्री राजीव कुमार टण्डन भी उपस्थित थे। आयोग अध्यक्ष श्री ममतानी ने बैठक में कहा कि विशेष रूप से आवारा कुत्तों /जानवरों, स्वाच्छ पेयजल, स्मार्ट सिटी, अतिक्रमण विभिन्न विभागों के इंटीग्रेशन, शव वाहन, रेन बसेरा जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम में उनके विभागों के प्रयासों एवं उसके परिणामों को उजागर किया जा सकें। इससे जनसामान्य में योजनाओं की जानकारी मिल सकें और वे उसका लाभ ले सकें। आयोग के प्रभारी सचिव श्री गोयल ने सभी उपस्थित अधिकारियों को कहा कि आयोग के आगामी 30वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में समन्वय के लिए वह अपने विभाग से किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामांकित कर आयोग को शीघ्र नाम/पदनाम सहित सूचित करें। इस संबंध में पुन: बैठक आयोग के सभाकक्ष में 20 अगस्त, 2024 को रखी गई है। बैठक में प्रारंभिक चर्चा के अनुसार विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहें। बैठक में नगर एवं ग्राम निवेश संयुक्त संचालक डॉ. अमित गजभिये, भोपाल नगर निगम अतिरिक्त आयुक्त सुश्री टीना यादव, , नगरीय आवास एवं विकास की अतिरिक्त आयुक्त श्री कैलाश वानखेड़े, अटल बिहारी वायपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेाषण संस्थापन के निदेशक श्री राजेश गुप्ता, अटल बिहारी वायपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेंषण संस्थान के ओएसडी श्री निमीश पाण्डेय, अटल बिहारी वायपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेशषण संस्थासन के कन्सलटेंट श्री चिन्मय सक्सेना और आयोग के प्रभारी सचिव एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री अशोक गोयल एवं आयोग के वरिष्ठ अधिकारि उपस्थित थे।   recent visitors 72

ओ . पी जिंदल की दूरदर्शिता का केंद्र बिंदु एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत था

रायपुर मंदिर हसौद मशीनरी डिवीज़न में जिंदल संस्थापक चैयरमैन ओ पी जिंदल की जयंती मनाई गयी। ओ पी जिंदल जिन्हे प्यार और सम्मान से बाउजी पुकारा जाता हैं वह एक दूरदृष्टा थे ओ. पी जिंदल की जीवनी उनकी दूरदर्शिता और राष्ट्र के लिए देखे गए सपनो की याद ताज़ा कराता हैं जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया बाउजी ने अपने कर्मयोग से अनगिनत व्यक्तियों को राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान करने के लिए प्रेरित किया उनकी दूरदर्शिता का केंद्र बिंदु एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत था जो पुरे गर्व और स्वाभिमान के साथ विकसित औद्योंगिक राष्ट्र की कतार में खड़ा हो। बाउजी के दूरदर्शी आदर्श और सिद्धांत JSP के लिए निरंतर प्रेणा के स्त्रोत हैं जो हमे न सिर्फ राष्ट्र के निर्माण बल्कि समुदायों के सशक्तिकरण का हौसला भी देते हैं। बाउजी एक जन्मजात इंजीनियर थे उन्होंने स्वदेशी तकनीक पर आधारित जिंदल इंडिया नामक एक पाइप मिल की स्थापना की जिसे आज जिंदल इंडस्ट्रीज के नाम से जाता हैं 1970 में उन्होंने जिंदल स्ट्रिप्स लिमिटेड की स्थपना की और शुरू से ही अनुसन्धान पर ध्यान  दिया बाउजी की मौलिक सोच,बदलाव लाने का उनका जूनून और इन सबसे बढ़कर भारत को  आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये गए उनके प्रयास ने उन्हें मशीनों से बात करने वाले शख्सियत के रूप में विश्व विख्यात कर दिया। उनका जन्म भले ही हरियाणा में हुआ हो लेकिन पूरा भारत उनकी कर्मभूमि था O P जिंदल ग्रुप जैसे विशाल औद्योगिक समूह के संस्थापक और अग्रणी राजनेता होने के बावजूद बाउजी ने कभी भी अपने कार्यालय का दरवाजा बंद नहीं रखा आम हो या खास सभी के लिए उनके दरवाजे २४ घंटे खुले रहे। बाउजी ने राजनीति में आकर जनसेवा की एक नई परिभाषा प्रस्तुत की शिक्षा स्वास्थ और लोगो की सम्पन्नता के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया । वे तीन बार हिसार के विधायक रहे उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से OP जिंदल ग्रुप जैसे विशाल औद्योगिक समूह की स्थापना कर राष्ट्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्ही के सिद्धांतो और विचारो को जिवंत कर मंदिर हसौद स्तिथ मशीनरी डिवीज़न में उनकी 94 वी जयंती मनाई गयी जहा सुबह भजन कीर्तन के साथ कार्यक्रम की शरुआत की गयी बाउजी को याद कर मशीनरी डिवीज़न स्तिथ हेरिटेज पार्क में कारखाने के कर्मचारियों द्वारा बाउजी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित किये गए साथ ही इस अवसर पर कैंसर जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविरव वृक्षारोपण का आयोजन किया गया तथा माना  स्तिथ वृद्धाश्रम में भोजन फल एवं वस्त्रो का वितरण किया गया इस उपलक्ष्य में मशीनरी डिवीज़न के अधिकारी सहित कर्मचारी मौजूद रहे सभी ने बाउजी को श्रद्धासुमन अर्पित किया।   recent visitors 96

राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों का तत्काल करें निराकरण, छत्तीसगढ़-जगदलपुर कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश

जगदलपुर. कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि नगरीय निकायों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त हो रहे राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों का तत्काल निराकरण करवाएं। साथ ही सामाजिक सहायता कार्यक्रम अन्तर्गत संचालित पेंशन योजनाओं की राशि का भुगतान बैंक सखी के माध्यम से करवाने की पहल की जाए। कलेक्टर श्री विजय मंगलवार की शाम समय-सीमा की बैठक जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में ली। बैठक में कलेक्टर ने पालक-शिक्षक मेगा बैठक की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन का मॉनीटरिंग, छात्रों की उपस्थिति, टीचर की उपस्थिति, छुट्टी हेतु ऑनलाईन आवेदन, स्कूल के मरम्मत की स्थिति, शाला त्यागी अप्रवेशी बच्चों की स्थिति का भी आगामी पालक-शिक्षक की बैठक में शामिल होने वाले जिला स्तरीय अधिकारी जांच करेंगे। उन्होंने जिला स्तर के अन्य अधिकारियों को भी स्कूल निरीक्षण के दायित्व देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में समय-सीमा के प्रकरणों, जन शिकायत, जन चौपाल के मामलों का संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही कर निराकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, नक्सल प्रभावितों के परिजनों-आत्म समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बादल अकादमी और ज्ञानगुड़ी केन्द्र के कार्यो की समीक्षा की गई। उन्होंने विभागीय कार्यो और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत् बैंक लिंकेज के माध्यम से अधिक से अधिक महिला स्व-सहायता समूहो को रिवाल्विंग फंड की उपलब्धता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक सखी द्वारा ट्राजेक्शन, स्व-सहायता समूहो के सदस्यों को बीमा योजना से लाभ की समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वित्तीय वर्ष के आधार पर विशेष केन्द्रीय सहायता अन्तर्गत स्वीकृत अपूर्ण कार्यो का, पीएम आदि आदर्श ग्राम योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यो, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति, चिरायु योजना में स्कूली बच्चों का जांच करवाने, स्वास्थ्य विभाग के निर्माणाधीन भवनों की प्रगति, शालाओं में पोषण वाटिका-किचन गार्डन विकसित, उल्लास पोर्टल में विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की विकासखण्डवार एन्ट्री की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 433 पंचायत में मनरेगा का मानव दिवस सृजित करने लक्ष्य तय कर कार्यो का प्रगति देने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृतसरोवर की प्रगति और पंचायत स्तर पर अपूर्ण विकास कार्य की वित्तीय वर्ष के आधार पर समीक्षा कर कार्यो को प्रगति देने के निर्देश दिए। बैठक में खाद्य विभाग द्वारा नवीनीकरण किए जा रहे राशनकार्डो और निरस्तीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बस्तर व लोहण्डीगुड़ा में निरस्तीकरण के आवेदनों पर विशेष कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विकासखण्ड और नगरीय निकायों में ऑफलाईन प्रक्रिया से संचालित उचित मूल्य दुकानों की निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पीडीएस बारदाने संकलन के लिए बस्तर, बकावण्ड पर विशेष ध्यान देने कहा। साथ ही विभाग के सम्बद्ध कार्य एजेसिंयों से चावल जमा करवाने की स्थिति, पीडीएस दूकानों में खाद्यान भण्डारण की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे, वनमण्डलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 76