CM महिला उद्यमियों द्वारा संचालित उद्योगों का और लोकार्पण और 10 से अधिक उद्योगों का भूमिपूजन भी करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 13 अगस्त को महिला उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया है कि कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब 80 से अधिक उद्योगों का और लोकार्पण और 10 से अधिक उद्योगों का भूमिपूजन भी करेंगे। मंत्री काश्यप ने आज सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की और आयोजन में सभी व्यवस्थाएं बहनों के अनुकूल उत्कृष्ठ करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डा यादव को बहने राखी बांधेंगी। सम्मेलन में प्रदेश की 800 से अधिक महिला उद्यमी बहनें शामिल होंगी। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता और स्टार्टअप पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रसारण भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ महिला उद्यमी अपने अनुभव भी साझा करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को प्रतीकात्मक रूप से ऋण वितरित करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण क्षेत्रीय टीवी न्यूज चैनल और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किया जायेगा। महिला सशक्तिकरण के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें तीन-तीन सफल महिला स्टार्ट-अप के साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएंगे। महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल होंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 63

प्रदेश का हर MLA अब ई-विधान से जुड़ेगा और उन्हें हर विषय की पूरी जानकारी सिंगल क्लिक पर उपलब्ध रहेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में विधायकों को अब सरकार लैपटाप या कंप्यूटर खरीदने के लिए अलग से राशि नहीं देगी। इसके स्थान पर ई-विधायक ऑफिस योजना प्रारंभ की जा रही है। इसमें प्रत्येक विधायक को पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे ऑफिस की व्यवस्था बनाएंगे। यह ई-विधान से जुड़ेगा और विधायक को हर विषय की पूरी जानकारी सिंगल क्लिक पर उपलब्ध रहेगी। अभी केवल प्रश्न पूछने की व्यवस्था ऑनलाइन है। नई विधानसभा के गठन के समय विधायकों को कामकाज में आसानी हो, इसके लिए लैपटाप खरीदने 35 हजार रुपये तक दिए जाते हैं। विधायक लैपटाप या कंप्यूटर लेकर उसका बिल विधानसभा सचिवालय को आवेदन के साथ देते हैं और फिर राशि संसदीय कार्य विभाग से राशि मिल जाती है लेकिन 16वीं विधानसभा के गठन के बाद यह राशि भी नहीं दी गई। बजट के दौरान टैबलेट खरीदकर दिए थे इसी तरह वित्त विभाग ने पिछले बजट के लिए टैबलेट खरीदकर दिए थे। बजट पुस्तिका देने के कारण इस वर्ष यह भी नहीं दिए गए। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि अभी किसी विधायक की ओर से लैपटाप के लिए राशि दिलाने का आवेदन नहीं दिया गया है। ई-विधायक ऑफिस योजना का क्रियान्वयन भी शासन द्वारा किया जाना है इसलिए राशि की व्यवस्था भी उसी स्तर से होगी। उधर, संसदीय कार्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था की घोषणा बजट में हुई है पर इसका क्रियान्वयन कैसे और कौन सा विभाग करेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। ई-विधायक ऑफिस का उपयोग जनता के लिए होगा सूत्रों का कहना है कि योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। वही, निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि या स्वेच्छानुदान में से पांच-पांच लाख रुपये निकालकर उपलब्ध कराएगा क्योंकि ई-विधायक ऑफिस योजना का उपयोग भी क्षेत्र की जनता के लिए होगा। उनके आवेदनों को सीधे संबंधित विभागों को सीधे विधायक के कार्यालय से ऑनलाइन प्रेषित कर दिया जाएगा। विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों और आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी शासन स्तर से सीधे विधायकों को मिलती रहेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 85

सर्वे मुताबिक पाकिस्तान में लोगों को घर चलाने के लिए दो-दो जॉब करनी पड़ रही

करांची  पाकिस्तान में इस समय लोगों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। यहां लोगों को खाने के लाले पड़ रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के 74 फीसदी लोगों के पास जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। काफी लोग अपना खर्च चलाने के लिए दो-दो नौकरी करने को मजूबर हैं। वहीं काफी लोगों को उधार पैसे लेकर खर्च चलाना पड़ रहा है। ये बातें पल्स कंसल्टेंट की ओर से किए गए एक सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे को पाकिस्तानी मीडिया ने दिखाया है। इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान को इस समय वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान में पिछले एक साल में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उस अनुपात में इनकम में इजाफा नहीं हुआ है। यही कारण है कि शहर के लोगों को कई जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ रही है। सर्वे के मुताबिक मई 2023 में करीब 60 फीसदी लोगों ने माना था कि महंगाई के कारण उन्हें वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार यह 14 फीसदी और बढ़कर 74 फीसदी हो गया है। लोगों को करनी पड़ रहीं दो-दो नौकरी ARY न्यूज ने सर्वे के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान में शहरी लोगों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दो-दो जॉब करनी पड़ रही हैं। सर्वे के मुताबिक पाकिस्तान की करीब 240 मिलियन आबादी में आधे से ज्यादा लोग बचत नहीं कर पा रहे हैं। देश की आबादी के 56 फीसदी लोग जो भी कमाते हैं, इससे वह किसी तरह अपना खर्च चला पा रहे हैं। बेसिक जरूरतें पूरी करने के बाद भी इनके पास सेविंग के लिए कुछ भी रकम नहीं बचती। इतने लोगों पर हुआ सर्वे यह सर्वे पाकिस्तान के 11 बड़े शहरों में किया गया। जुलाई से अगस्त के बीच हुए इस सर्वे में 1110 लोगों से बात की गई। यह सर्वे 18 से 55 साल की उम्र के लोगों के बीच किया गया। पल्स कंसल्टेंट की ओर से हुए इस सर्वे में इन लोगों से फोन पर बातचीत की गई थी। इस बातचीत के आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की गई है। पाकिस्तान पर लगातार बढ़ रहा कर्ज पाकिस्तान अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए विदेशी कर्ज पर निर्भर है। यही कारण है कि पाकिस्तान पर कर्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते संसद में बताया कि करीब 16 साल में पाकिस्तान का सार्वजनिक कर्ज 61.4 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ चुका है। यह कर्ज 2008 में 6.1 लाख करोड़ रुपये था, जिसके 2024 के अंत तक 67.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 194

अस्त्र मार्क-1 अडवांस बियॉन्ड विजुवल रेंज एयर टू एयर मिसाइल, टारगेट लॉक होने का बाद निशाना पक्का

नईदिल्ली इंडियन एयरफोर्स को जल्द ही 200 एयर टू एयर अस्त्र मार्क-1 मिसाइल मिलेंगी। इनके प्रॉडक्शन को एयरफोर्स ने मंजूरी दे दी है। ये मिसाइल फाइटर जेट सुखोई और स्वदेशी फाइटर जेट तेजस में फिट होंगी। अस्त्र मार्क-1 मिसाइल की खरीद को पिछले साल रक्षा अधिग्रहण समिति ने मंजूरी दी थी। जिसके बाद इसके कई टेस्ट किए गए और सभी टेस्ट में सफल होने के बाद अब एयरफोर्स ने इसके प्रॉडक्शन के लिए क्लियरेंस दे दिया है। इसे डीआरडीओ ने डिवेलप किया है और भारत डायनामिक लिमिटेड (बीडीएल) इसे बनाएगा। टारगेट लॉक होने का बाद निशाना पक्का पिछले साल इस मिसाइल को फाइटर जेट तेजस से 20 हजार फीट की ऊंचाई पर लॉन्च किया गया था और यह तय मानकों पर पूरी तरह खरा रहा। अस्त्र मार्क-1 अडवांस बियॉन्ड विजुवल रेंज एयर टू एयर मिसाइल है। इसमें यह तकनीक भी है जिससे यह मिसाइल उस टारगेट को भी आसानी से निशाना बना सकती है जो जैमर के आसपास होता है। अस्त्र मार्क-1 में स्वदेशी सीकर लगा है यानी यह लॉक करके सटीक निशाना लगा सकती है। अगर इस मिसाइल से टारगेट लॉक कर दिया तो ये उसे निशाना बनाकर ही छोड़ेगी। अस्त्र मार्क-1 मिसाइल की रेंज 100 किलोमीटर तक है। अस्त्र मार्क-2 डिवेलप करने पर भी काम हो रहा है। अस्त्र मार्क-2 की रेंज करीब 130 किलोमीटर होगी। जल्द ही इसके टेस्ट शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही लॉन्ग रेंज अस्त्र डिवेलप करने की योजना भी है। जिसकी रेंज 300 किलोमीटर तक हो सकती है। हालांकि अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। पड़ोसी देशों के पास क्या है?पाकिस्तान के फाइटर जेट F-16 में AMRAAM (AIM-120) अडवांस्ड मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल फिट है जिसकी मारक क्षमता 100 किलोमीटर से ज्यादा है। इसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने बालाकोट स्ट्राइक के बाद किया था और उस वक्त इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन के मिग-21 पर पाकिस्तान के फाइटर जेट ने इसी से अटैक किया था। चीन के पास है PL-15 मिसाइल है। जिसकी रेंज 200 से 300 किलोमीटर बताई जाती है। इसे चीन ने अपने J-16 और J-20 फाइटर जेट में फिट किया है। इस मिसाइल के एक्सपोर्ट वर्जन PL-15 E मिसाइल चीन ने पाकिस्तान को भी दी है। इसकी रेंज 145 किलोमीटर बताई जाती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 71

SpaceX के क्रू ड्रैगन मिशन के जरिए सुनीता को धरती पर लाया जाएगा, इसमें फरवरी 2025 तक का समय लग सकता है!

वाशिंगटन 5 जुलाई 2024… जब एक खराब कैप्सूल या स्पेसक्राफ्ट से किसी तरह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचे सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विलमोर. आठ दिन रुकने का प्लान था. लेकिन बोईंग के स्टारलाइनर कैप्सूल, जिससे ऊपर गए थे, वही खराब हो गया. वैसे नासा कह रहा है कि सितंबर में उन्हें धरती पर लाने का प्रयास किया जाएगा. लेकिन हो सकता है कि 8 दिन की यात्रा 8 महीने में बदल जाए. अगले साल फरवरी में ये लोग नीचे आएं. अब छोटे-छोटे प्वाइंट्स में समझिए पूरी कहानी… देरी क्यों हुई… सुनीता विलियम्स की वापसी में देरी हुई है बोईंग स्टारलाइनर में आई हीलियम लीक और थ्रस्टर्स की दिक्कत की वजह से. जल्द वापसी कब… सबकुछ सही रहा तो विलियम और विलमोर दोनों ही सितंबर में धरती पर वापस लाए जा सकते हैं. लेकिन नासा ने तारीख नहीं बताई है. इमरजेंसी प्लान क्या है…  अगर स्टारलाइनर सही नहीं होता है तो SpaceX के क्रू ड्रैगन मिशन के जरिए दोनों को धरती पर लाया जाएगा. लेकिन इसमें फरवरी 2025 तक का समय लग सकता है. अभी क्या स्थिति है… सुनीता और विलमोर दोनों ही स्पेस स्टेशन पर मौजूद हैं. स्वस्थ हैं. रिसर्च कर रहे हैं. बाकी एस्ट्रोनॉट्स की अलग-अलग कामों में मदद कर रहे हैं. क्या स्पेस स्टेशन में इतनी जगह है कि दोनों छह महीने और बिता सकें? सुनीता और बुच विलमोर को किसी बात का खतरा नहीं है. ये दोनों आराम से अगले छह महीने तक स्पेस स्टेशन पर बिता सकते हैं. इस समय स्पेस स्टेशन पर सात एस्ट्रोनॉट्स मौजूद हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि एस्ट्रोनॉट्स को अपनी यात्रा बढ़ानी पड़ी है. हालांकि सुनीता की ये पहली अप्रत्याशित लंबा स्टे होगा स्टेशन पर. सितंबर में कैसे आएंगे सुनीता और विलमोर धरती पर? इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर एक स्पेसक्राफ्ट सितंबर में जाने वाला है. इसमें भारतीय एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला समेत तीन और एस्ट्रोनॉट्स जाएंगे. ये लोग वहां 14 दिन रुकेंगे. एक्सिओम-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए. पूरी संभावना है कि जब ये कैप्सूल वापस आए तो उसमें सुनीता और बुच धरती लौट आएं. आगे का प्लान नासा ने शेयर नहीं किया है. क्या स्पेस स्टेशन पर इतने लोग रह पाएंगे? स्पेस स्टेशन पर इस समय सात एस्ट्रोनॉट्स मौजूद हैं. इसमें सुनीता और विलमोर भी हैं. स्पेस स्टेशन इतना बड़ा है कि यह अभी और एस्ट्रोनॉट्स को संभाल सकता है. सितंबर में जब भारतीय एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ तीन और लोग जाएंगे. उसे लेकर लोगों में चिंता है. पर डरने की जरूरत नहीं है. स्पेस स्टेशन में छह बेडरूम से ज्यादा की जगह है. इसमें छह स्लीपिंग क्वार्टर हैं. दो बाथरूम है. एक जिम है. जिस स्पेसक्राफ्ट से एस्ट्रोनॉट्स जाते हैं. वो इससे जुड़े रहते हैं. अधिक यात्री होने पर उसमें भी सोया जा सकता है. हाल ही में कार्गो सप्लाई गई है. ताकि एस्ट्रोनॉट्स को खाने-पीने की कमी न हो. सुनीता के लौटते समय स्पेसक्राफ्ट में स्टेशन का कचरा भी साथ आएगा. इसे वायुमंडल में छोड़ देते है, जो जलकर खत्म हो जाता है. पिछले हफ्ते ही नॉर्थरोप ग्रुम्मन का सिग्नस स्पेसक्राफ्ट स्पेस स्टेशन से जुड़ा है. यह अपने साथ 3700 किलोग्राम कार्गो लेकर गया है. जिसमें खाना समेत कई अन्य वस्तुएं भी हैं. इसे अभी तक खोला भी नहीं गया है. यह पैक्ड रखा है. ये जनवरी तक स्पेस स्टेशन पर रहेगा. इसके जरिए वापस नहीं ला सकते.   अंतरिक्ष में इतना लंबा समय बिताना ठीक रहता है क्या? अंतरिक्ष में 8 से 10 महीने बिताना अच्छी बात नहीं है. लेकिन कई एस्ट्रोनॉट्स इससे ज्यादा समय स्पेस स्टेशन पर बिता चुके हैं. सबसे ज्यादा दिन अंतरिक्ष में बिताने का रिकॉर्ड रूसी कॉस्मोनॉट वलेरी पोल्याकोव के पास है. वो 438 दिन मीर स्पेस स्टेशन पर रहे थे. जनवरी 1994 से मार्च 1995 तक. सुनीता और विलमोर इस बार करीब 250 दिन बिताकर स्पेस स्टेशन से वापस लौटेंगे. विलियम इससे पहले 2006 में 196 दिन बिता चुकी हैं. इतने दिन स्पेस में रुकने पर क्या होता है शरीर पर असर? लंबे समय के तक स्पेस स्टेशन पर रुकते ही नासा एस्ट्रोनॉट के शरीर पर पड़ने वाले असर की स्टडी करने लगता है. नासा का एक प्रोग्राम चल रहा है, जिसमें 3.5 महीने रुकने पर शरीर पर क्या असर होता है. आठ महीने रुकने पर और उससे ज्यादा रुकने पर. इस दौरान शरीर की मांसपेशियां कमजोर होती है. हड्डियों का घनत्व कम होता है. ज्यादा समय तक रुकने पर दिल संबंधी बीमारियों का भी खतरा रहता है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 90