पुणे में बड़ा हादसा, हेलीकॉप्टर हुआ क्रैश, हादसे में 3 की मौत..

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां बावधन बुद्रुक इलाके में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हेलिकॉप्टर क्रैश में तीन लोग मारे गए हैं। हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में क्रैश हुआ है। हिंजवडी पुलिस के कंट्रोल रूम में सूचना के बाद मौके पर पुलिस और अधिकारी पहुंचे हैं। पिछले महीने भी यहां एक और हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। इमरजेंसी सर्विसेस की स्थिति का आकलन करने और क्रैश में प्रभावित लोगों को निकालने के लिए टीम पहुंची है। पिंपरी चिंचवाड़ के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'पुणे जिले में बावधन के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दो लोगों के मारे जाने की आशंका है। अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।' हेलिकॉप्टर की जांच जारी हिंजवाड़ी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक कन्हैया थोराट ने बताया, 'बावधन इलाके में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन लोगों के मारे जाने की आशंका है, लेकिन हेलीकॉप्टर की सटीक पहचान और स्वामित्व की पुष्टि की जानी बाकी है क्योंकि यह अभी भी आग की लपटों में घिरा हुआ है।' पुणे हेलिकॉप्टर क्रैश का वीडियो आया सामने पुणे क्रैश का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि आसमान से उड़ते-उड़ते हेलिकॉप्टर जमीन पर आकर गिरा। कुछ ग्रामीणों की नजर हेलिकॉप्टर पर पड़ी तो उन्होंने इसका वीडियो बनाया। हेलिकॉप्टर जमीन पर गिरा और इसमें आग लग गई। तेज आवाजों और धमाकों के साथ कुछ ही देर में हेलिकॉप्टर जलकर पूरी तरह से राख हो गया। recent visitors 48

मोदी सरकार की स्मार्ट मीटर-पीसी की ट्रस्टेड सोर्स से जांच की प्लानिंग, पेजर अटैक से इजरायल ने हिज्बुल्लाह को बनाया निशाना

नई दिल्ली  भारत सरकार चीन से आने वाले सामानों पर पैनी नजर रखने के लिए तैयार है। जिस तरह पेजर सप्लाई चेन में कमियों का फायदा उठाकर इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की। उस घटना के बाद भारत सरकार बेहद अलर्ट हो गई है। यही वजह है कि केंद्र ने स्मार्ट मीटर, पार्किंग सेंसर, ड्रोन के पुर्जे और लैपटॉप-डेस्कटॉप जैसे सामानों की जांच 'विश्वसनीय स्रोत' से करवाने का प्लानिंग की है। इन इलेक्ट्रिक डिवाइस को ट्रस्टेड सोर्स से जांच की अनिवार्यता के दायरे में लाया जा सकता है। इससे पहले सीसीटीवी के मामले में भी सरकार की ओर से ऐसा ही कदम उठाया गया था। चीन के सामानों को लेकर अलर्ट सरकार सरकार का टारगेट उन सामानों पर कड़ी नजर रखना है जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का हिस्सा हैं। ऐसी आशंका है कि भारत के उत्तरी बॉर्डर पार की कंपनियों और एजेंसियों को इन उपकरणों से जरूरी डेटा मिल सकता है। ऐसे में सरकार ने निगरानी कैमरों की सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का पता चलने के बाद अब कैमरों की जांच को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए निर्धारित लैब से जरूरी सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके अलावा, कुछ खास पुर्जों को भी एजेंसियों की ओर से सर्टिफिकेशन कराना होगा। उसके बाद ही भारतीय या अन्य निर्माता इनका इस्तेमाल कर पाएंगे। 'सिस्टम ऑन अ चिप' को जांच में लाने की तैयारी 'सिस्टम ऑन अ चिप' या SoC भी जांच के दायरे में है। यह एक इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) होता है जो एक ही चिप पर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के ज्यादातर कंपोनेंट्स को समाहित करता है। एक सूत्र ने बताया कि हमारा उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए एक विश्वसनीय सप्लाई चेन बनाना है क्योंकि हम कोई कमजोर कड़ी नहीं चाहते। जिसका फायदा विदेशी कंपनियां उठा सकें। खासकर जब हमारे आस-पास शत्रुतापूर्ण नेबरहुड हो। केंद्र सरकार का ये है प्लान सरकार पहले टैरिफ की दीवार खड़ी करके चीन से आयात रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब उसने तकनीकी मानकों पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसका कारण यह है कि WTO के IT Agreement-I (ITAI) के तहत सरकार पर टैरिफ लगाने की सीमाएं हैं। इसके अलावा, चीनी कंपनियां सस्ते उपकरण बनाती हैं और टैरिफ की ऊंची दीवार को पार करके भी बाजार पर अपना कब्जा जमा सकती हैं। सीसीटीवी के बाद सरकार का अगला प्लान जिस तरह सीसीटीवी के लिए अनिवार्य मानकों को पहले सरकारी खरीद के लिए लागू किया गया था और फिर खुदरा बाजार में भी लागू कर दिया गया। ठीक उसी तरह अन्य क्षेत्रों में भी यही रणनीति अपनाई जा सकती है। इससे भारतीय सेलर्स को बदलाव के लिए तैयारी करने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने का समय मिल जाएगा। सरकार क्यों करना चाहती है नियमों में बदलाव पिछले साल पीसी और लैपटॉप उद्योग ने आयात पर सरकारी नियंत्रण का विरोध किया था। उनका तर्क था कि इससे आपूर्ति कम हो जाएगी और कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे कंज्यूमर्स पर असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि धीरे-धीरे बदलाव लाना ज्यादा फायदेमंद होगा। recent visitors 65

नोएडा में एनकाउंटर, अब DLF मॉल के पास पुलिस के निशाने से घायल हुआ बदमाश, पैर में लगी गोली

नोएडा नोएडा में बीती रात दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए.  वहीं, एक बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश के लिए पुलिस द्वारा सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के कब्जे से चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किया है. पहली मुठभेड़ थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के अंतर्गत डीएलएफ मॉल के पास हुई, जब पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास कर रही थी. बदमाश की पहचान अजीत के रूप में हुई, जो रेकी कर दोपहिया वाहनों की चोरी और उनसे चेन व मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देता था. पुलिस द्वारा रोके जाने पर अजीत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने का प्रयास किया. जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया. अजीत मुख्य रूप से सेक्टर 16A फिल्म सिटी को निशाना बनाकर चोरी की वारदातें करता था. दूसरी मुठभेड़ थाना 126 क्षेत्र में पुस्ता रोड पर हुई, जहां बाइक सवार दो बदमाश फैक्ट्री और घरों में चोरी और राहगीरों के साथ लूट की घटनाओं में शामिल थे. पुलिस ने जब उन्हें चेकिंग के दौरान रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की. इस दौरान उनकी बाइक डिवाइडर से टकराकर फिसल गई. पुलिस की जवाबी फायरिंग में गौरव उर्फ तुषार नामक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया. गौरव को भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार बदमाश की तलाश जारी है.   recent visitors 109

घर पर मॉनिटर कैसे साफ करें: इन सरल चरणों का पालन करें

वर्कशॉप होम से करें तो हम आपको कुछ आसान टिप्स देते जा रहे हैं। इसकी मदद से आपका मॉनिटर साफ हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है तो हम इसमें शामिल होने के बारे में बताएंगे। आप घर बैठे अपना सकते हैं। साथ में कुछ अलग करने की भी जरूरत नहीं है। तो चलिए आपको भी इन टिप्स की जानकारी देते हैं- 1. मॉनिटर को बंद करें: सबसे पहले मॉनिटर को बंद कर दें और पावर केबल को कनेक्ट से हटा दें। इससे केवल आपकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि आप गंदगी और दाग को बेहतर तरीके से देख सकते हैं। 2. माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करें: स्क्रीन की सफाई के लिए हमेशा के लिए नरम माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करें। यह कपड़ा साफ़ नहीं करता है और कूड़ा-कचरा आसानी से हटा दिया जाता है। स्क्रीन को आकर्षक हाथों से साफ करें, ज्यादा जोर न लगाएं। 3. पानी या विशेष उपकरण का उपयोग करें: यदि मॉनिटर पर जिद्दी दाग ​​लगे हैं, तो आप सीधे पानी का उपयोग कर सकते हैं। वॉलपेपर को चित्रित करके स्क्रीन साफ ​​करें। ध्यान रखें, सीधे स्क्रीन पर पानी न छिड़कें। इसके अलावा, बाजार में मॉनिटर की सफाई के लिए विशेष उपकरण भी उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग आप कर सकते हैं। 4. किरायेदार और किरायेदार की सफाई: किरायेदार और किरायेदार के बीच भी कूड़ा-कचरा जमा होता है। उदाहरण के तौर पर छोटे ब्रश या माइक्रोफाइबर कपड़ों का इस्तेमाल करें। 5. हर सप्ताह नियमित रूप से सफाई रखें। इससे कूड़ा और कचरा जमा नहीं होगा, और लंबे समय तक स्क्रीन साफ ​​और चमकदार रहेगी। इन आसान रिकॉर्ड को अपनाकर आप अपने मॉनिटर को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साफ कर सकते हैं, जिससे आपकी स्क्रीन की गुणवत्ता बनी रहेगी और काम करने में भी कोई समस्या नहीं होगी। recent visitors 100

जन सुनवाई में प्राप्त आवेदन पत्रो का त्वारित निराकरण करे विभागीय अधिकारीः-शुक्ला

कलेक्टर ने की 171 आवेदन पत्रो पर जनसुनवाई जन सुनवाई में प्राप्त आवेदन पत्रो का त्वारित निराकरण करे विभागीय अधिकारीः-शुक्ला  सिंगरौली लेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन सुनवाई में जिले के विभिन्न अंचलो से आएं हुये 171 व्यक्तियों के द्वारा अपनी समस्याओं से कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला को अवगत कराते हुये अपना आवेदन पत्र दिया गया। जन सुनवाई कर रहे कलेक्टर शुक्ला के द्वारा सभी आवेदन पत्रो पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुये कई आवेदनो का निराकरण जन सुनवाई में उपस्थित अधिकारियो से कराया गया। साथ ही ऐसे आवेदन पत्र जिनका निराकरण जन सुनवाई के दौरान नही कराया  जा सका संबंधित विभागीय अधिकारियो की ओर भेजते हुये निर्देश दिया गया कि समय सीमा में आवेदन पत्रो का निराकरण सुनिश्चित किया जाये।   कलेक्टर ने निर्देश देते हुये कहा कि विभागीय अधिकारी जन सुनवाई मे प्राप्त आवेदन पत्रो का तत्परता से निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करे ताकि संबंधित आवेदनकर्ता के समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित हो सके। जन सुनवाई के दौरान  अपर कलेक्टर अरविंद झा, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, , डिप्टी कलेक्टर माइकेल तिर्की सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 46

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

सियानजनों की सेवा से मिलता है पुण्य और आशीर्वाद: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री वृद्धजनों की भावनाओं को समझते हुए उनकी सेवा में तत्पर है छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानों का सम्मान     रायपुर  अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।      मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।     समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है।     आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है।     समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया। सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा  राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं। 187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी     सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम … Read more

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। ताजा सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2022-23 में रोजगार बढ़कर 1.84 करोड़ हो गया है, जो कि 2021-22 में 1.72 करोड़ पर था। वित्त वर्ष 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 55 प्रतिशत रोजगार के अवसर तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में थे। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के इंडस्ट्रीज के वार्षिक सर्वे (एएसआई) के मुताबिक, इंडस्ट्रीयल आउटपुट में पिछले साल के मुकाबले 21 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 7.3 प्रतिशत बढ़ा है। सर्वे के मुताबिक, 2022-23 में 2021-22 के मुकाबले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इनपुट 24.4 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, इस दौरान आउटपुट में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। 2022-23 में धातु, पेट्रोलियम, खाद्य उत्पाद, केमिकल और केमिकल उत्पाद और मोटर वाहन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है। समीक्षा अवधि में सेक्टर के कुल आउटपुट में इन इंडस्ट्री का योगदान 58 प्रतिशत था। इनके आउटपुट में 24.5 प्रतिशत और जीवीए में सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। एएसआई के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाले लोगों की संख्या महामारी के पहले (2018-19) के आंकड़े से 22.14 लाख अधिक हो गई है। 2022-23 में जीवीए में महाराष्ट्र पूरे भारत में शीर्ष पर रहा है। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का नाम है। वित्त वर्ष 23 में ज्यादातर आर्थिक आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें निवेशित पूंजी, इनपुट, आउटपुट, जीवीए और रोजगार शामिल हैं।     recent visitors 90