सभी रेलवे अस्पतालों को ऑनलाइन माध्यम से गया जोड़ा, अब किसी भी स्टेशन पर मिलेगी ऑनलाइन चिकित्सा सुविधा, APP करे इंस्टॉल

रायबरेली रेलकर्मियों के लिए बहुत राहत भरी खबर है। अब उन्हें चिकित्सीय सुविधा के लिए रेलवे अस्पताल में पर्चा बनवाना नही पड़ेगा। न ही जांचों की रिपोर्ट को लेकर इधर उधर भागना पड़ेगा रेलवे चिकित्सा सुविधा को एकीकृत करते हुए सभी रेलवे अस्पतालों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ दिया है। इसके तहत रेल कर्मियों को अपने मोबाइल पर हेम्स ऐप से इंस्टॉल करना होगा। पंजीकरण के बाद आईडी हो जाएगी तैयार एप के पंजीकरण के बाद उनकी पेंशेंट आईडी तैयार हो जाएगी। फिर इसके बाद व अपना उपचार चाहे रायबरेली रेलवे अस्पताल में कराए या फिर चिन्नई रेलवे अस्पताल में मरीज के रोग संबंधी सभी जांच व रिपोर्ट भी इसी एप पर उपलब्ध रहेगी। स्टेशन के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रेलवे का अस्पताल है। जिस अस्पताल में रेलवे के 12सौ कर्मचारी व 398 रिटायर कर्मचारियों का उपचार किया जाता है। जिस अस्पताल के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रेलवे प्रशासन ने अहम फैसला लेते हुए हेम्स ऐप्स यानी हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फ्रार्मेशन सिस्टम से अस्पताल को भी जोड़ दिया है। देश के किसी स्टेशन पर करवा सकते हैं इलाज अस्पताल के तहत आने वाले 16 स्टेशनों के कर्मचारियों को देश के किसी भी स्टेशन पर अपना उपचार करवा सकते है जिसको लेकर उनको न पर्चा बनवाना पड़ेगा न ही उसके लिए अस्पताल के चक्कर लगाना होगा। सिर्फ आपके हाथ में मोबाइल हो और हेम्स एप डाउनलोड हो। मेडिकल कार्ड के पड़े नंबर को एप में डालते ही मर्ज के अनुसार ऑप्शन में क्लिक करते ही जिले की ही नहीं चेन्नई से लेकर किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना उपचार जाकर करवा सकते है। उपचार के बाद विभिन्न मर्ज की जांच रिपोर्ट तक आगे उपचार करने हेतु उनको लाना नही पड़ेगा क्योंकि इसी ऐप्स में सब डाउनलोड रहेगा। यहां तक की प्रत्येक दवा की एक एक गोली का रिकॉर्ड तक मौजूद रहेगा। जिसका शुभारम्भ प्रारंभ कर दिया गया है। जिस अस्पताल को उच्चीकृत के श्रेणी में लिया गया है । इन स्टेशन के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ     रायबरेली स्टेशन के साथ-साथ बछरावां     कुंदनगंज     हरचंदपुर     गंगागंज     रूपामउ     फुर्सतगंज     दरियापुर     लक्ष्मनपुर     रामचन्द्रपुर     उंचाहार     उबरनी     डलमउ     जलालपुरधई     मंझलेपुर     ईश्वरदासपुर इसके अलावा कई स्टेशन के 12 सौ कर्मचारी व 398 रिटायर कर्मचारी को हेम्स एप्स का लाभ मिलेगा। जिससे समस्त ड्यूटी धारक व रिटायर कर्मचारियों को राहत भरी खबर से ऐसी पहल प्रारंभ करने से हर्ष व्याप्त है। अब नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर यदि आपका घर बिहार, कश्मीर, उतराखंड, गुजरात व हिमाचल प्रदेश समेत देश के किसी भी कोने में है तो आप छुट्टी में हैं या रिटायर होने के बाद अपने पैतृक गांव पहुंच गए तो उनको अब रायबरेली आने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि हेम्स ऐप्स के डाउनलोड करने के बाद उसी में मर्ज के अनुसार सारी जांच से लेकर एक-एक दवा का रिकॉर्ड भी रहेगा जबकि पहले तैनाती स्थल जाकर उपचार करवाने की प्रथा थी जिससे अब निजात मिल गया है। ये है अस्पताल में चिकित्सक     स्टेशन के अस्पताल में इंचार्ज हेल्थ यूनिट डॉ. रश्मि श्रीवास्तव     चीफ फार्मासिस्ट विजय कुमार     डेसर ज्ञानचन्द्र     हॉस्पिटल असिस्टेंट नितिन व कलावती     सफाई कर्मी पप्पू अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बोले अपर मुख्य चिकित्साधिकारी रेलवे डॉ. वी एस हंकी ने बताया कि रेलवे के जीएम के निर्देश पर रायबरेली अस्पताल को उच्चीकृत में ले लिया गया है जहां के अस्पताल के सभी रेलवे के ड्यूटी व रिटायर रेल कर्मचारियों को हेम्स ऐप्स से जोड़ा जाएगा। जिनका अब पर्चा नही बनवाया जाएगा हेम्स ऐप्स से जुड़ने से देश के किसी भी रेलवे अस्पताल में मर्ज के अनुसार उनके चिकित्सकों को ऐप्स डाउनलोड करके उसमें रेलवे के पीएफ, आधारकार्ड, मोबाइल नंबर, उम्मीद मेडिकल कार्ड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाकर दिखवाया जा सकता है जिसको रायबरेली में प्रारंभ करवा दिया गया है। recent visitors 79

मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा 2024 में भाग लेने के लिए आवेदन की लास्ट डेट 15 अक्टूबर निर्धारित

 नई दिल्ली मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा 2024 में भाग लेने के लिए आवेदन की लास्ट डेट 15 अक्टूबर 2024 निर्धारित है। ऐसे में जो अभ्यर्थी इस परीक्षा की तैयारियों में लगे हैं और अभी तक किसी कारणवश फॉर्म नहीं भर सके हैं वे अंतिम समय में होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए तुरंत ही आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर केवल ऑनलाइन ही भरा जा सकता है। अन्य किसी भी प्रकार से फॉर्म स्वीकार नहीं किये जायेंगे। 20 अक्टूबर तक फॉर्म में करेक्शन करने का रहेगा मौका अगर एप्लीकेशन फॉर्म भरते से अभ्यर्थी से त्रुटि हो जाती है तो वे ऑनलाइन माध्यम से इसमें संशोधन भी कर सकते हैं। करेक्शन विंडो 20 अक्टूबर 2024 तक ओपन रहेगी। आवेदन कैसे करें इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आप यहां दी जा रही स्टेप्स को फॉलो करके स्वयं ही फॉर्म भर सकते हैं। इससे आप कैफे में लगने वाले अतिरित्त चार्ज से बच सकते हैं। MP TET Application Form 2024 भरने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर विजिट करें। वेबसाइट के मुख्य पेज पर हिंदी या अंग्रेजी का चुनाव करें। अब वेबसाइट के होम पेज पर आपको Online Form – Primary School Teacher Eligibility Test – 2024 Start From का लिंक दिखाई देगा उस पर क्लिक करें। अब अभ्यर्थी पअप्लाई वाले लिंक पर क्लिक करके मांगी गई सभी जानकारी सही सही भरकर फॉर्म को भर लें। अंत में निर्धारित शुल्क जमा करें और फॉर्म को सबमिट कर दें। अब पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के सन्दर्भ के लिए सुरक्षित रख लें। MP TET 2024 Application Form डायरेक्ट लिंक अधिसूचना डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। एप्लीकेशन फीस आवेदन पत्र भरने के साथ उम्मीदवारों को वर्गानुसार निर्धारित आवेदन शुल्क अवश्य जमा करना है तभी आपका फॉर्म स्वीकार किया जाएगा। अनारक्षित वर्ग एवं एमपी के बाहर के उम्मीदवारों को 500 रुपये जमा करना होगा वहीं ओबीसी, ईडब्ल्यूएस एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों को 250 रुपये का भुगतान करना होगा। कियोस्क के माध्यम से फॉर्म भरने पर पोर्टल शुल्क 60 रुपये या रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के माध्यम से आवेदन करने पर पोर्टल शुल्क 20 रुपये अतिरिक्त जमा करना होगा। recent visitors 69

लैलूंगा में उरांव समाज के करमा महोत्सव में मुख्यमंत्री साय होंगे शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज एक दिवसीय रायगढ़ जिले के लैलूंगा प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार मुख्यमंत्री साय दोपहर 2.15 बजे ग्राम-सिलौटा, जिला-सूरजपुर से हेलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर अपरान्ह 3 बजे लैलूंगा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 3.05 बजे वृहत सम्मेलन एवं उरांव समाज के करमा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय शाम 4.10 बजे लैलूंगा से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। लैलूंगा के कुंजारा हेलीपेड एवं आसपास का 3 कि.मी. क्षेत्र ’नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित हेलीपेड कुंजारा के 03 किलोमीटर क्षेत्र को ’नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री के जिला रायगढ़ तहसील लैलूंगा के कुंजारा हेलीपेड में लैडिंग, उड़ान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए हेलीपेड कुंजारा तहसील-लैलूंगा के 03 किलोमीटर की परिधि को ’नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है। recent visitors 67

जयवर्धने एमआई टीम में मार्क बाउचर की लेंगे जगह, बने टीम के हेड कोच, पारस म्हाम्ब्रे को बनाया गेंदबाजी कोच

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस ने श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने को टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। रविवार को MI ने इसकी पुष्टि की। वहीं, पारस म्हाम्ब्रे को गेंदबाजी कोच बनाया गया है। इससे पहले भी वह 2017 से 2022 तक मुंबई इंडियंस टीम के हेड कोच रहे थे। इसके अलावा वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। वह मार्क बाउचर की जगह लेंगे, जो 2022 और 2023 में टीम के मुख्य कोच थे। हालांकि रविवार को मुंबई इंडियंस की रिलीज में म्हाम्ब्रे की वापसी का जिक्र नहीं किया गया, लेकिन यह पुष्टि की जा रही है कि पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज, जिन्होंने दो टेस्ट और तीन वनडे खेले हैं, आने वाले सीजन के लिए मुंबई इंडियंस कैंप का हिस्सा होंगे। पांच बार की चैंपियन टीम के पास गेंदबाजी कोच के तौर पर लसिथ मलिंगा भी हैं और काम का बंटवारा किस तरह होगा, यह देखना होगा। आकाश अंबानी ने की पुष्टि मुंबई इंडियंस के आकाश अंबानी ने कहा, हम महेला को मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच के रूप में वापस पाकर रोमांचित हैं। हमारी फ्रेंचाइजी की टीमों ने अपने दुनिया भर की लीगों में अपनी जगह बना ली है, इसलिए उन्हें MI में वापस लाने का अवसर आया। उनके नेतृत्व, अनुभव और खेल के प्रति जुनून ने हमेशा MI को लाभ पहुंचाया है। मैं इस अवसर पर पिछले दो सत्रों में उनके योगदान के लिए मार्क बाउचर को भी धन्यवाद देना चाहूंगा। उनके कार्यकाल के दौरान उनकी विशेषज्ञता और समर्पण महत्वपूर्ण थे, और अब वे MI परिवार का अभिन्न सदस्य बन गए हैं। महेला जयवर्धने ने जताई खुशी मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने कहा, एमआई परिवार के भीतर मेरी यात्रा हमेशा विकास की रही है। 2017 में, हमारा ध्यान प्रतिभाशाली व्यक्तियों के एक समूह को एक साथ लाकर सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने पर था और हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। अब इतिहास के उसी क्षण में वापस लौटना, जहां हम भविष्य की ओर देखते हैं और एमआई के प्रति प्यार को और मजबूत करने, मालिकों के विजन पर निर्माण करने और मुंबई इंडियंस के इतिहास में योगदान देना जारी रखने का अवसर एक रोमांचक चुनौती है जिसका मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। पिछले सीजन रहा था खराब प्रदर्शन गौरतलब हो कि इससे पहले जयवर्धने 2017 से 2022 तक लगातार पांच साल तक टीम के मुख्य कोच रहे थे। हालांकि 2022 में MI फ्रेंचाइजी के दूसरे लीगों में वैश्विक विस्तार के कारण उन्हें फ्रेंचाइजी का ग्लोबल हेड बनाया गया था, लेकिन अभी उन्हें फिर से वापस लाया गया है। पिछले साल मुंबई इंडिया का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। मुंबई 10वें स्थान पर रही थी। मुंबई इंडियंस ने 14 में से केवल चार मैच जीते थे। recent visitors 70

हरियाणा में भाजपा 17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती के अवसर पर नई सरकार लेगी शपथ

चंडीगढ़ हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार 17 अक्टूबर को शपथ लेगी। पहले ऐसी खबरें थीं कि सैनी सरकार 15 अक्टूबर को शपथ लेगी, लेकिन फिर 17 अक्टूबर का दिन तय हो गया। तारीख में परिवर्तन क्यों किया गया, इसकी वजह अब साफ हो गई है। असल में 17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती है। इस दिन शपथ लेकर भाजपा दलितों को खास संदेश देना चाहती है। बता दें कि हरियाणा सरकार ने पहले ही रामचरितमानस के रचयिता के जन्म की तारीख पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर रखी है। वाल्मीकि संप्रदाय में वाल्मिकी जयंती परगट दिवस के रूप में मनाई जाती है। गौरतलब है कि शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में हरियाणा में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। वह यहां पर 10 में से केवल पांच सीटें ही जीत पाई थी। लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए चीजें पूरी तरह से बदल गई हैं। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा हरियाणा में रिकॉर्ड तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की इस जीत के पीछे जाटलैंड में उसकी मजबूती और दलित-ओबीसी वोटों पर पकड़ का अहम योगदान रहा है। लोकसभा चुनाव में यही दलित-ओबीसी वोट कांग्रेस के खाते में चले गए थे। इसके अलवा सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं की भूमिका भी काफी अहम रही है। इसमें 500 रुपए में सिलिंडर, मध्य प्रदेश के लाडली बहन योजना की तर्ज पर लाडो लक्ष्मी योजना लाना खास रहा। इन योजनाओं ने दलितों और महिला वोटरों को पार्टी की तरफ मोड़ा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि भाजपा ही वह पार्टी है, जिसने गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सम्मान दिया है। यह उन दलों की तरह नहीं है, जो केवल इन लोगों तक पहुंचने का दिखावा करती हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा ने इन सभी के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। इस चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा में अपना सीएम बदला था। उसने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर ओबीसी नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। फिर चुनाव में भी उन्हें ही सीएम फेस बनाया। पार्टी को इसका फायदा भी मिला है। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिड्यूल कास्ट के लिए रिजर्व 17 में से 8 सीटें जीती हैं। यह इस आबादी का कुल 20 फीसदी है। वहीं, करीब 30 फीसदी ओबीसी वोटर भी भाजपा को मिले हैं। इस चुनाव में भाजपा का चेहरा रहे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद भी ओबीसी समुदाय से हैं। यह पहली बार नहीं है भाजपा ने महर्षि वाल्मिकी को दिमाग में रखकर कोई कदम उठाया है। जनवरी में उसने अध्योध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर कर दिया था। भाजपा के मुताबिक यह सत्य, नैतिकता और आध्यात्म का संदेश देने वाला होगा। इसके अलावा हरियाणा में साल 2014 में सत्ता के आने के साथ ही भाजपा ने संतों को लेकर विभिन्न कार्यक्रम शुरू कर दिए थे। अक्टूबर 2015 में खट्टर सरकार ने हरियाणा की यूनिवर्सिटी का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर कर दिया। 2016 के बाद से 17 अक्टूबर के दिन प्रदेश में वाल्मिकी जयंती मनाई जा रही है। जून 2021 में खट्टर के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने कैथल यूनिवर्सिटी को महर्षि वाल्मिकी संस्कृत यूनिवर्सिटी कर दिया था। इसी तरह जनवरी में अयोध्या में राम मंदिर उद्धाटन के मौके पर पानीपत में गोहना इंटरसेक्शन को श्रीराम चौक और रेलवे रोड इंटरसेक्शन को वाल्मिकी चौक नाम दिया गया था। अपने कार्यकाल में खट्टर ने भाजपा के लिए महर्षि वाल्मिकी के महत्व पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार का मकसद अंत्योदय और सामाजिक समरसता है। भाजपा विकास कार्यों के जरिए महर्षि वाल्मिकी के राम राज्य की कल्पना को साकार कर रही है। उन्होंने कहा था कि देश को शक्तिशाली बनाने में महर्षि वाल्मिकी की शिक्षाओं का योगदान अहम है। वाल्मिकी जयंती के अलावा भाजपा सरकार ने हरियाणा में अन्य संतों को भी महत्व दिया है। जून 2022 में खट्टर ने आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास को संत कबीर कुटीर नाम दिया था। इसी साल खट्टर सरकार ने संत-महापुरुष विचार सम्मान और प्रसार योजना शुरू की। इसमें प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों में धार्मिक नामों को पहचान दी गई। recent visitors 115

हिजबुल्लाह ने इजरायल के आर्मी बेस पर दागे ड्रोन, 4 सैनिकों की मौत और 60 से ज्यादा घायल

इजरायल ईरान समर्थित आतंकी गुट हिजबुल्लाह ने इजरायल के आर्मी बेस पर ड्रोन हमले किए हैं। यह अटैक इतना घातक था कि 4 इजरायली सैनिकों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हैं। इजराइली बचाव सेवा की ओर से कहा गया कि बिनयामीना शहर में स्थित सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया। लेबनान के चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है। इजरायल की वायु-रक्षा प्रणालियां इतनी मजबूत मानी जाती है कि ड्रोन या मिसाइल हमले में इतनी संख्या में लोगों के घायल होने की आशंका नहीं के बराबर रहती है। हालांकि, इस बार नुकसान पहुंचा है। इजरायली मीडिया ने बताया कि रविवार को लेबनान से 2 ड्रोन दागे गए। इजराइली सेना का कहना है कि एक ड्रोन को मार गिराया गया। यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घायलों में शामिल लोग आम नागरिक हैं या सैनिक। हिजबुल्लाह ने बयान में कहा कि उसने बेरूत में इजरायल की ओर से किए गए 2 हमलों के जवाब में इजरायल की सेना के प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया। गुरुवार को बेरूत में किए गए हमले में 22 लोग मारे गए थे। पिछले 2 दिन में यह दूसरी बार है जब इजरायल में ड्रोन से हमला किया गया। शनिवार को तेल अवीव के उपनगर में ड्रोन अटैक हुआ, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हिजबुल्लाह के 50 लड़ाकों को मार गिराया गयाः इजरायली सेना दूसरी ओर, इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में आमने-सामने की मुठभेड़ों में हिजबुल्लाह के 50 आतंकवादियों को मार गिराया। आईडीएफ ने शनिवार को कहा कि उसने उत्तरी इजरायल के इलाकों और सेना बलों को निशाना बनाकर भूमिगत सुरंग शाफ्ट, कई हथियार भंडारण बुनियादी ढांचे, रॉकेट लांचर, मोर्टार बम और एंटी-टैंक मिसाइलों सहित 200 से अधिक हिजबुल्लाह के लक्ष्यों को निशाना बनाया। बयान में कहा गया कि इजरायली वायु सेना ने सीरिया-लेबनान सीमा पर भूमिगत सुविधाओं को निशाना बनाकर अभियान भी चलाया, जहां हिजबुल्लाह के हथियार रखे गए थे। इस बीच, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में अपना अभियान जारी रखा। सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया और टैंक फायर, शॉर्ट-रेंज फायर व वायु सेना के हमलों के माध्यम से कई आतंकवादियों को मार गिराया। recent visitors 70

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के तीसरे संस्करण की शुरुआत 14 अक्टूबर से, पर्यटकों को मिलेगा प्रकृति के साथ रोमांच का बेमिसाल अनुभव

भोपाल गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के तीसरे संस्करण की शुरुआत सोमवार 14 अक्टूबर, 2024 से होगी। ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ पर्यटकों के लिए प्राकृतिक सौन्दर्य, रोमांचक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का यह बेमिसाल संयोजन होगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मंदसौर के पास गांधीसागर के बैकवाटर्स किनारे स्थापित फॉरेस्ट रिट्रीट रोमांच, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभवों का एक अद्भुत संगम है। गांधीसागर बैकवाटर्स अपने आप में अद्भुत दर्शनीय पर्यटन स्थल है, जहाँ एक ही स्थान पर गांधीसागर बाँध जलाशय में वाटर एडवेंचर , हिंगलाजगढ़ क़िले में हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभ्यारण्य में वन्यप्राणी सफारी तथा आसपास के ग्रामों में ग्रामीण परिवेश के अलौकिक अनुभव का आनंद लिया जा सकता है।  मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा इस अत्याधुनिक टेंट सिटी को ऑफबीट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित और प्रस्तुत किया जा रहा है। ऑल सीजन टेंट सिटी में आरामदायक स्टे देने के साथ यह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को पारंपरिक कला, आकर्षक प्रस्तुतियों और स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर है। यहाँ पर्यटक कई रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। इसमें हॉट एयर बैलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कयाकिंग, मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां होंगी। साथ ही म्यूजिक परफॉर्मेंस भी होंगी। इच्छुक पर्यटक 078087 80899 पर संपर्क कर बुकिंग संबंधी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं।   recent visitors 146