Saturday, July 4, 2026 12:52 pm

मोहला-मानपुर में अवैध रेत से लदे ट्रक फंसे, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे ब्लॉक

रायपुर/मानपुर। छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 930 पर लंबा जाम लग गया है. अवैध रेत से लदे हाइवा और तीन भारी मानपुर ब्लॉक मुख्यालय स्थित फारेस्ट बैरियर के पास फंस गए, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात से मानपुर ब्लॉक मुख्यालय स्थित फारेस्ट बैरियर के पास अवैध रेत से लदे वाहन के गड्ढे में फंस जाने से नेशनल हाइवे जाम हो गया है. वहीं मौके पर करीब दर्जन भर हाइवा वाहन अवैध रेत से लदे हुए हैं, जो जाम का कारण बने हैं. बावजूद इसके अवैध रेत परिवहन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है. मानपुर तहसील कार्यालय के सामने ही अवैध रेत से लदी ट्रकें सड़क पर खड़ी हैं. जाम को खुलवाने के लिए पुलिस के जवान जुटे हुए हैं, लेकिन स्थिति अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है. कुछ दिन पहले अवैध रेत परिवहन से सड़कें जर्जर होने से परेशान सहपाल गांव के ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था. यह घटना माइनिंग विभाग और स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है. नेशनल हाइवे पर जाम लगने से हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. recent visitors 147

नवीन ग्राम पंचायतों के परिसीमन हेतु प्रथम प्रकाशन, 21 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

जगदलपुर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन वर्ष 2024-25 के तहत नवीन ग्राम पंचायतों का परिसीमन के लिए 14 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायतों का प्रथम प्रकाशन किया जाकर दावा-आपत्ति संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (रा0) बस्तर में 21 अक्टूबर तक प्रस्तुत किया जा सकता है। अनुविभागीय अधिकारी (रा0) बस्तर के द्वारा प्राप्त दावा-आपत्ति का निराकरण कर प्रारूप (क) में प्रतिवेदन कार्यालय जनपद पंचायत बस्तर, तहसील कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी (रा0) बस्तर के कार्यालय में 23 अक्टूबर को चस्पा किया जाएगा। उक्त निराकरण से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में 24 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक न्यायालय कलेक्टर बस्तर में उपस्थित होकर सुसंगत तथ्यों के साथ अभ्यावेदन यथा दावा-आपत्ति प्रस्तुत किया जा सकता है। अपर कलेक्टर जगदलपुर से मिली जानकारी अनुसार उक्त समय-सीमा के पश्चात प्राप्त दावों पर विचार नहीं किया जाएगा। recent visitors 46

डॉ. शर्मा बोले- दीनबन्धु भगवान् राम से वृद्धों की सेवा की प्रेरणा लें

दुर्ग असत्य पर सत्य की विजय और अत्याचारियों के सत्यानाश अलावा वृद्धजनों की सेवा की प्रेरणा भी भगवान् श्री राम के जीवन से मिलती है। उन्होंने ऋषियों, मुनियों और वृद्धजनों के पास पहुंच कर उनको सुख पहुंचाया। साधन हीन लोगों के कुछ कष्ट तो हम उनकी प्रेरणा से दूर कर सकते हैं।" ये विचार हैं भारतीय पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा प्रकोष्ठ दुर्ग सम्भागीय प्रभारी डॉ.महेशचन्द्र शर्मा के। आचार्य डॉ. महेशचन्द्र शर्मा ने पुलगांव दुर्ग के वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ दशहरा मनाया। उनका मुंह मीठा कराया, वस्त्र के साथ वृद्धों को चलने सहायक छडियां भी वितरित कीं। उन्होंने सभी वृद्धों का अभिवादन किया, उनसे संवाद कर सुख-दुख पूछने के बाद उक्त बातें कहीं। धर्म, संस्कृति और साहित्य लेखन हेतु देश-विदेश के अनेक सफल दौरे कर चुके आचार्य डॉ.महेशचन्द्र शर्मा ने बताया कि वृद्धजनों की सेवा से हमारी आयु , विद्या यश और बल बढ़ते हैं। चूंकि साहित्य समाज का दर्पण है इसलिये लेखन में समाज की ये बातें आनी चाहियें। अत: बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार आवश्यक है। आश्रम के प्रबन्धक दीपक चापिरा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। recent visitors 59

मोटिवेशनल स्पीकर मुंबई के लोकप्रिय इंफ्लूएंसर मुनव्वर जमा और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया

सिकंदराबाद सिकंदराबाद के कुम्मारिगुडा में मुथ्यालम्मा मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद हैदराबाद पुलिस ने मुंबई के लोकप्रिय इंफ्लूएंसर मुनव्वर जमा और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और नफरत फैलाने का आरोप लगा है। दो अन्य लोगों में अब्दुल रशीद बशीर अहमद और रहमान का नाम शामिल है। ये दोनों रेजिमेंटल बाजार में मेट्रोपोलिस होटल के मालिक और प्रबंधक हैं। पुलिस ने कहा कि वे एक महीने तक चलने वाले इस कार्यशाला के आयोजन की आड़ में हिंदुओं के प्रति नफरत भड़काया गया। पुलिस के अनुसार भारत के विभिन्न हिस्सों से 151 लोग आए थे। उनमें सलमान सलीम ठाकुर उर्फ ​​सलमान भी शामिल था, जिसने 14 अक्टूबर को मंदिर में घुसकर एक स्थानीय देवता की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। उसे स्थानीय लोगों ने ऐसा करते हुए पकड़ लिया और पुलिस को सौंपने से पहले उसकी पिटाई कर दी। उसका वर्तमान में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अब इसमें शामिल होने वाले अन्य व्यक्तियों और जमा के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मुनव्वर ज़मा ने न केवल धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया, बल्कि उन्होंने प्रतिभागियों को दंगे भड़काने के लिए उकसाया। गोपालपुरम पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर एल सुरेश ने कहा, "उन्होंने सलमान को मुथ्यालम्मा मंदिर में देवी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भी उकसाया।" जमा ने कार्यशाला आयोजित करने की अनुमति नहीं ली थी। बशीर और रहमान ने आयोजित करने में उनकी मदद की। पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। तीनों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उन पर धारा 299 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं का अपमान या अपमान), 192 (दंगा भड़काने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण या बेवजह उकसावा), 196 (विभिन्न आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी और घृणा को बढ़ावा देना), 223 (लोक सेवकों के आदेशों की अवहेलना करना जिससे बाधा या खतरा हो सकता है) और बीएनएस की धारा 49 (अपराध करने के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम सम्मेलन की रिकॉर्डिंग, प्रतिभागियों को वितरित की गई सामग्री और कई अन्य विवरणों की भी जांच कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों को होटल के 49 कमरों में ठहराया गया था। पुलिस ने अब तक पाया है कि ज़ामा इंग्लिश हाउस अकादमी का संस्थापक है और खुद को एक प्रेरक वक्ता और व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक के रूप में पहचानता है। recent visitors 183

कछारडीह में परिवर्तन की शुरूआत, जल जीवन मिशन से पेयजल समस्या से मिली निजात

महासमुंद जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर स्थित ग्राम कछारडीह लंबे समय से पेयजल समस्याओं से जूझ रहा था। गांव के पास पानी के कुछ साधन जैसे 4 हैंडपंप और 2 पावर पंप थे, लेकिन गर्मियों में वे सूख जाते थे, जिससे पानी की भारी कमी हो जाती थी। कई परिवारों के घरों में पीने के पानी की कोई निजी व्यवस्था नहीं थी, और उन्हें तालाबों और कुओं से निस्तारी के लिए पानी लाना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पीने के पानी की सुविधा का अभाव था, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा था। ग्राम कछारडीह में परिवर्तन की शुरूआत तब हुई जब जल जीवन मिशन के तहत ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों को इस योजना के उद्देश्यों और लाभों से अवगत कराया गया। क्रियान्वयन के लिए संगम सेवा समिति को जिम्मेदारी दी गई। इस योजना अंतर्गत ग्राम जल स्वच्छता समिति का गठन किया गया, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई। समिति के अध्यक्ष के रूप में ग्राम सरपंच और सचिव के रूप में पंचायत सचिव की नियुक्ति की गई। जल जीवन मिशन के तहत गांव में गांव में 66.09 लाख रुपये की लागत से 40 किलोलीटर की जल टंकी का निर्माण किया गया। 635 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे हर घर में नल से पानी पहुंचना संभव हुआ। जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल परीक्षण समिति बनाई गई। इस समिति में मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं को प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे फील्ड टेस्ट कीट और भ्२ै विधि से पानी की शुद्धता की नियमित जांच कर सकें। recent visitors 31

एडीबी जैजैपुर से मिशन चौक तक बंद सड़क का निर्माण कार्य शुरू

जैजैपुर कहते हैं कि यदि काम करने की इच्छा शक्ति मन में हो तो कोई भी काम काम असंभव नहीं है,और अच्छे कार्य के लिये साथ देने सभी तैयार रहतें हैं। स्थानीय विधायक और नव पदस्थ तहसीलदार ने 9 वर्षों से कचंदा चौक से मिशन चौक मालखरौदा एवं छोटे सीपत से गोबराभांठा तक जाने वाली विवादित सड़क का निराकरण कर सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया। करीब 9 वर्ष पूर्व इस सड़क का शिलान्यास तो काफी तामझाम के साथ किया गया था लेकिन उसके बाद इस सड़क पर बीच-बीच में रोड़े आए जिसकी ओर शासन प्रशासन ने ध्यान देना मुनासिब नही समझा। नतीजा 9 साल होने को आए, लेकिन सड़क का लाभ क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पाया था अभी भी लोग जर्जर सड़क से आवागमन करने को विवश हो रहे थे। चुनाव की डुगडुगी बजते ही यह सड़क एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बना था।और जनप्रतिनिधियों को विधानसभा चुनाव में तथाकथित नेताओ को हार का सामना करना भी पड़ा था लोगों में आक्रोश था। स्थानीय लोग कहते हैं कि बस जनता का मुंह बंद करने के लिए शिलान्यास का दिखावा किया गया था और जहाँ जहाँ ज्यादा खुलकर विरोध हुआ वहां वहां की सड़क को बना दिया गया था लेकिन जहां जहां विवादित सड़क थी उसे ठेकेदार ने बीच बीच मे छोड़ दिया था अगर सड़क निर्माण की सच में नीयत होती तो अब तक सड़क बन चुकी रहती थी लेकिन,हालत यह थी कि संवेदक ने सड़क पर कंक्रीट बिछाया भी नही है और बड़े बड़े जानलेवा गड्ढा बनकर कुआं जैसे आकार ले चुका था जिससे आवागमन और मुश्किल हो गया था। आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे थे। जानकारी के अनुसार एडीबी योजना से निर्माण होने वाली यह सड़क स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण था। यह सड़क जैजैपुर से गोबराभांठा को जोड़ती है। उक्त सड़क पर साधारण बारिश में भी जलजमाव की स्थिति बन जाती थी। उक्त योजना से स्वीकृत सड़क निर्माण के लिए कार्य एजेंसी रायगढ़ के एक ठेकेदार को बनाया है उक्त सड़क का शिलान्यास क्षेत्रीय बसपा विधायक ने लगभग 9 वर्ष पूर्व को किया था शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण शुरू तो हुआ था लेकिन सड़क पर विवादित होने के कारण पूरा नही हो सका था। recent visitors 47

नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली तो अरविंद शर्मा को भी मंत्री बनाया गया, यहां की जलेबी हुई थी मशहूर

गोहाना गोहाना की विशाल जलेबी और हरियाणा चुनावों के बीच एक मीठा संबंध बन गया था। पूरे चुनाव के दौरान इसकी खूब चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी भाषणों में इसका जिक्र किया था। हलांकि जिस दिन नतीजे सामने आए उस दिन यह सीट भाजपा की झोली में गई। अरविंद शर्मा यहां से विधायक बने। आज जब नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली तो अरविंद शर्मा को भी मंत्री बनाया गया। डॉ. अरविंद शर्मा 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर सियासी दिग्गजों को चौंका दिया था। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए और करनाल से 2004 और 2009 में फिर सांसद बने। 2014 में कांग्रेस छोड़कर बसपा में चले गए। हालांकि वह विधानसभा चुनाव भी हार गए। 2019 में वह भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने रोहतक लोकसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा को 7503 मतों से हराया। 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें गोहाना से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक को चुनाव हराया। गोहाना की मशहूर जलेबी को 1958 में मातू राम गोहाना में लेकर आए थे। अब इसे मातू राम की तीसरी पीढ़ी चला रही है। जलेबी शुद्ध देसी घी से बनाई जाती है। ये कुरकुरी और रसभरी होती है और हर का वजन लगभग 250 ग्राम होता है। यह मिठाई एक हफ्ते से अधिक समय तक रखी जा सकती है। चुनावों के दौरान नेताओं की ओर से भारी ऑर्डर आते हैं, जबकि उनमें से कुछ लोग मिठाई खाने के लिए गोहाना की दुकान पर जाना पसंद करते हैं। राहुल ने किया था जिक्र गोहाना में एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रसिद्ध जलेबी निर्माता मातू राम हलवाई का डिब्बा दिखाते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी जलेबी पूरे देश में बेची जानी चाहिए और निर्यात की जानी चाहिए। इससे अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लोकसभा चुनाव में PM ने साधा था निशाना इससे पहले, मई में गोहाना में लोकसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए मातू राम की जलेबी का जिक्र किया था। विपक्षी इंडिया गठबंधन पर हमला करते हुए मोदी ने तब कहा था कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो उनके पास पांच साल में पांच प्रधानमंत्री बनाने का फॉर्मूला है। उन्होंने कहा, उनसे पूछो क्या प्रधानमंत्री का पद हमारी मातू राम की जलेबी है? चौधरी देवीलाल भी जलेबियों के शौकीन रहे पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल भी मातू राम की जलेबियों के शौकीन थे। हरियाणा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी और कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा कुछ देर के लिए इस दुकान पर रुके थे। recent visitors 146