Sunday, July 5, 2026 8:30 am

अगर यूरोपीय संघ समझौते में डेयरी उद्योग को जोड़ने की मांग पर जोर देता रहेगा तो यह समझौता नहीं हो पाएगा

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय संघ समझौते में डेयरी उद्योग को जोड़ने की मांग पर जोर देता रहेगा तो यह समझौता नहीं हो पाएगा। अपनी बात पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि दोनों पक्षों के बीच में मुक्त व्यापार समझौता वार्ता में तेजी आए लेकिन यह आपसी संवेदनशीलता और समझने की क्षमता के बिना नहीं हो सकता। एशिया पैसिफिक के नाम से आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी समझौते पर आगे बढ़ने के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की प्रति व्यक्ति आय भारतीय राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। जिस समय केंद्रीय मंत्री गोयल यह बात बोल रहे थे वहां पर जर्मनी के आर्थिक मंत्री बैठे हुए थे। डेयरी सेक्टर नहीं खोल सकता- पीयूष गोयल केंद्रीय मंत्री ने डेयरी सेक्टर पर अपनी बात साफ-साफ रखते हुए कहा कि मैं भारत का डेयरी सेक्टर नहीं खोल सकता। यदि आप बार-बार इस पर जोर देते हैं तो फिर यह समझौता होगा ही नहीं। आप इसके बिना कोई बेहतर विक्लप पर आ सकते हैं तो फिर यह बेहतर है। आप ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण ले लीजिए, हम दोनों ही देशों में डेयरी सेक्टर मजबूत है ऐसे में हमारे बीच में जो एफटीए साइन हुआ वह बिना डेयरी सेक्टर के हुआ। पहले औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान दें दोनों पक्ष- जर्मन मंत्री भारत की तरफ से सीधी बात रखी जाने के बाद जर्मनी के आर्थिक मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए यही बेहतर होगा कि पहले औद्योगिक पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि इस समझौते के लिए एक समस्याग्रस्त क्षेत्र है क्योंकि भारत और जर्मनी में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या में भारी अंतर है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में यह जनसंख्या का 2 प्रतिशत है जबकि भारत में यह लगभग 60 प्रतिशत है। अगर समझौते के तहत भारत का कृषि बाजार खोल दिया जाएगा तो यह भारत के लिए परेशानी खड़ी कर देगा। recent visitors 58

‘रुमाल’ से शुरू हुई थी पंकज त्रिपाठी की लव स्टोरी, पत्नी ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

मुंबई, पंकज त्रिपाठी हिंदी सिने जगत का बड़ा नाम हैं। हर जॉनर की फिल्में की हैं। सीधे साधे त्रिपाठी रोमांटिक भी खूब हैं। अक्सर अपने प्यार की कहानी कई मंचों पर साझा करते आए हैं। इस बार उनकी पत्नी मृदुला ने अपने उन दिनों के प्यार की कहानी बताई है। फिल्म निर्माता अतुल तैशेते के साथ बातचीत में अभिनेता पंकज त्रिपाठी की पत्नी मृदुला ने बताया कि उन्होंने पहली बार स्टार को एक तस्वीर में देखा था और उनकी प्रेम कहानी 1993 में शुरू हुई। इसके बाद दोनों ने साल 2004 में शादी कर ली। मृदुला ने बताया ‘मैंने अपने पति को और उन्होंने मुझे पहली बार 23 मई 1993 को देखा था। उससे पहले हमने एक दूसरे को तस्वीरों में देखा था। यह तस्वीर मेरे भाई की शादी के लिए थी। एक लड़की की तस्वीर आई थी। तस्वीर में उसके दो भाई और माता-पिता थे। यह तब आई थी जब मैं नौवीं में थी और वह ग्यारहवीं में थे। मृदुला ने बताया कि उन्होंने उस तस्वीर को अपने बैग में रख लिया और स्कूल ले गईं, जिसे देखकर उनकी दोस्त उन्हें काफी चिढ़ाती थीं। कहती थीं छोटा भाई तुम्हारे साथ अच्छा लगेगा। मृदुला ने पंकज को सामने से पहली बार अपने भाई के तिलक के दिन देखा था। उन्होंने कहा हमने एक-दूसरे को तिलक में बहुत बार देखा। मैं अभी भी पंकज से कहती हूं कि मैंने तुम्हें तब देखा था जब तुम्हारी दाढ़ी आनी शुरू हुई थी और अब मैं तुम्हें तब देख रही हूं जब तुमने चश्मा लगा लिया है। यह एक लंबा सफर रहा है। प्रेम कहानी के बारे में मृदुला ने आगे कहा हम दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे और फिर कहानी आगे बढ़ाने के लिए और मिलने के लिए वजह ढूंढने लगे। पंकज की पत्नी ने बताया कि उनकी कहानी में खास रोल रूमाल ने निभाया। दिलचस्प किस्से को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि हमारे बीच बातचीत की शुरुआत ऐसे हुई कि हाथ धोया तो फिर रुमाल चाहिए और वह देने में हाथ टच होना ही था, जो कि आपको एक अलग अहसास देता है। फिर सिलसिला आगे बढ़ा। मैं पंकज को आप कहती थी। खास बात है कि मां को अंदाजा भी नहीं था और वह मुझे पंकज को भैया बुलाने के लिए कहती थीं। क्योंकि वह मेरी भाभी के भाई थे और मुझसे दो साल बड़े थे। दुविधा थी कि मैं उन्हें भैया नहीं कह सकती थी। मैंने पंकज जी से शुरुआत की और उन्हें कभी भैया या पंकज नहीं कहा। मृदुला ने खुलासा किया कि वह पंकज को पति बुलाती हैं। पंकज और मृदुला की एक बेटी है, जिसका नाम आशी है। उन्होंने बताया कि आज भी मैं उन्हें पति कहती हूं। जब वह 6 महीने या एक साल में कलकत्ता (कोलकाता) आते थे तो जानबूझकर मेरे पैर छूते थे। वह बहुत शरारती हैं। 1993 में शुरू हुई एक छोटी सी प्रेम कहानी 2004 में शादी के साथ खूबसूरत मुकाम पर आई। उन्होंने बताया कि दोनों ने कभी एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार नहीं किया मगर मृदुला ने ही शादी करने की गुजारिश की थी वो भी तब जब त्रिपाठी एनएसडी में थे।   recent visitors 151

भारत ने कनाडा से मुख्य राजनयिक संजय कुमार वर्मा समेत 6 लोगों को वापस बुला लिया, खोल दी ट्रूडो सरकार की पोल

नई दिल्ली खालिस्तानी तत्वों को शरण देने और उनके बचाव में भारत से लड़ने के चलते कनाडा के साथ रिश्ते बिगड़ गए हैं। इसी के चलते भारत ने कनाडा से मुख्य राजनयिक संजय कुमार वर्मा समेत 6 लोगों को वापस बुला लिया है। भारत वापस लौटे संजय कुमार वर्मा ने कनाडा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार पर आरोप लगाया कि वह वोटबैंक के लिए खालिस्तानी तत्वों को शरण दे रही है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि उन्हें खालिस्तानी तत्वों से इतना ही प्यार है तो फिर उनका देश तो बहुत बड़ा है। उसके ही एक हिस्से को वह खालिस्तान क्यों नहीं घोषित कर देते। आखिर कनाडा का ऐसा रवैया क्यों है? इस सवाल पर संजय वर्मा ने कहा, ‘उनको शायद इससे कुछ फायदा मिलता होगा। कनाडा की आज की सरकार को उनसे सपोर्ट, पैसा और चुनाव में वोट मिलता है। वे लोग डरते हैं कि उनका वोटबैंक खिसक जाएगा। कनाडा चाहता है कि वे लोग वहां रहें और उनके प्रति नरमी रखता है। मैं तो कहूंगा कि यदि खालिस्तान का वह इतना ही समर्थन करते हैं तो फिर अपने ही एक हिस्से को खालिस्तान घोषित कर दें। कनाडा तो एक बहुत बड़ा देश है और वह ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में खालिस्तान बनना संभव नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि ये लोग इसलिए ऐसे अराजक तत्वों को सपोर्ट करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इनके माध्यम से कई जगहों पर चुनाव जीत सकते हैं। इसके अलावा उनको इनके माध्यम से फंडिंग भी मिलती है। संजय कुमार वर्मा ने एक अन्य इंटरव्यू में बताया था कि कनाडा में उनके ऊपर खालिस्तानी तत्वों ने तलवार से भी हमला किया था। बता दें कि भारत ने कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी को आधार बनाते हुए भारत ने अपने 6 राजनयिकों को वहां से वापस बुला लिया। वहीं कनाडा के भी कुछ राजनयिकों को भारत सरकार ने वापस लौटने का आदेश दिया है। recent visitors 137

कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ 10 माह पहले जो विश्वास जनता ने भाजपा पर जताया था वह विश्वास कायम है : सोनी

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुनील सोनी ने रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव हेतु शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिहदेव ,उपमुख्यमंत्री अरुण साव,  भाजपा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित हजारों कार्यकतार्ओं व जनता के साथ भाजपा कार्यालय एकात्मक परिसर से रैली निकाल के कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर नामांकन रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुनील सोनी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। पूर्व सांसद, रायपुर नगर निगम के महापौर-सभापति रहे, और विभिन्न पदों पर रहकर लंबे समय तक रायपुर की सेवा कार्य किया है। ऐसे लोकप्रिय श्री सोनी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। रायपुर दक्षिण विधानसभा में 35 साल से लगातार भारतीय जनता पार्टी जीतती रही है। यह अपराजेय योद्धा बृजमोहन अग्रवाल का क्षेत्र है। आज भाजपा उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, केंद्र में संसद सदस्य बनाकर भेज दिया है। इसलिए श्री सुनील सोनी को भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर चुनाव के मैदान में उतारा है। उनको आशीर्वाद देकर विजयी बनाना है। कांग्रेस के 5 वर्षों के कुशासन को प्रदेश की जनता ने देखा है। भाजपा के सुशासन व विकास के सपने को दक्षिण में उतारने के लिए भाजपा को जीताना है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस चाहे जितने दावे-पर-दावे करती रहे, आज इस नामांकन रैली और सभा में उमड़ा जनसमूह यह बता रहा है कि भाजपा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में जीत का नया रिकॉर्ड बनाएगी। भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी से रायपुर का प्रत्येक नागरिक सुपरिचित है। छात्र राजनीति से संसदीय राजनीति तक का सफर तय कर चुके श्री सोनी ने रायपुर नगर निगम के सभापति व महापौर, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और फिर रायपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद के तौर पर विकास की इबारतें लिखी हैं। देव ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के विधायक कार्यकाल में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए उन कार्यों को और बेहतरीन गति प्रदान कर विकास की गंगा बहाने के लिए भाजपा और भाजपा प्रत्याशी श्री सोनी के तत्पर रहने का भरोसा दिलाते हुए श्री देव ने भाजपा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह दक्षिण विधानसभा का चुनाव एक-एक कार्यकर्ता के लिए बड़ा महत्वपूर्ण चुनाव है। नामांकन रैली को देखकर कांग्रेसी घबरा रहे हैं। रायपुर दक्षिण के सभी लोगों से निवेदन है कि आइए हम सब मिलकर रिकॉर्ड तोड़े और रायपुर दक्षिण के सच्चे जन सेवक सुनील सोनी को रिकॉर्ड वोटों से जिताना है। भाजपा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज रायपुर शहर का जो नया स्वरूप दिखाई देता है, उसकी नींव रखने वाले रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी हैं। अग्रवाल ने कहा कि 15 वर्ष के भाजपा शासन काल की बात करे जिसने 1 किलो चावल देकर जनता को  भूख से निजात दिलवाया। मा नरेंद्र मोदी जी के 10 वर्ष के शासन में जनता के मकान, स्वास्थ्य, स्वच्छता आम जीवन को परिवर्तित करने वाले सारे कार्य हुए। या फिर विगत 10 माह के विष्णुदेव साय के कार्यकाल हो जहां पर महिलाओं, किसान, गरीबों,  विद्यार्थियों सभी के जीवन स्तर को ऊपर उठाने वाले व्यक्ति मूलक कार्य हुए । जनता जानती है कि उनका विकास भाजपा के साथ ही संभव है। श्री अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के संकल्प और विश्वास के साथ मैदान में है। भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने नामांकन रैली में उमड़ी जनता और कार्यकर्ता की विशाल भीड को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता ने कोंग्रेस के भूपेश बघेल के पिछले 5 वर्ष के कार्यकाल को देखा है उसने छत्तीसगढ़ को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कोल घोटाला, डीमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एक भी मौका नहीं बचा जब उसने छत्तीसगढ़ की जनता को न लूटा हो । उनसे परेशान होकर जनता ने भारतीय जनता पार्टी को चुना और रायपुर दक्षिण में भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल को 67000 से अधिक मतों से जिताया । बृजमोहन अग्रवाल जी को भाजपा ने बड़ा दायित्व देकर रायपुर का सांसद बना दिया है और उस क्षेत्र के जनता की सेवा का मौका मुझे दिया है उन्होंने कहा कि जनता अच्छे से जानती है कि 10 माह पहले जो विश्वास उन्होंने भाजपा पर जताया था वह विश्वास कायम है और वे जानते है कि भाजपा की जीत से डबल इंजन की सरकार के विकास की रफ्तार दक्षिण में भी  तेज गति से दौड़ेगी। उन्होंने कहा आज फिर आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले समय में  जनता के  भरोसे विश्वास और आशीर्वाद से और तेजी से विकास करेंगे। recent visitors 91

उत्तरकाशी में मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ा, हिंदू संगठनों ने किया बंद का ऐलान, धारा 163 लागू

उत्तराखंड उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ गया है। आरोप है कि यह मस्जिद अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाई गई है। इस मस्जिद को हटाने की मांग करते हुए हिंदू संगठनों के लोग दो दिन से सड़कों पर उतरे हुए हैं। गुरुवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसका विरोध करते हुए हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारियों का समर्थन गंगाघाटी और यमुनाघाटी प्रांतीय उद्योग व्यापार संघ ने पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया है। उन्होंने सभी व्यापार मंडलों से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने के लिए कहा है। पिछले दिन भी संयुक्त हिंदू संगठन की 'जन आक्रोश' रैली के समर्थन में उत्तरकाशी, डुंडा, भटवाड़ी और जोशियाड़ा में बाजार बंद रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर BNS 163 लागू की है, जिसके तहत 5 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकेंगे। आज शुक्रवार की नमाज अदा की जानी है, लेकिन हिंदूवादी संगठनों ने नमाज का विरोध किया है।   पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 7-8 पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया।   प्रशासन की कार्रवाई प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मस्जिद में जुमे की नमाज पर भी रोक लगाने की मांग की है। तनाव के मद्देनजर पूरे उत्तरकाशी शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का दावा है कि गुरुवार के प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। हालांकि, फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सतर्क है।   recent visitors 57