Sunday, July 5, 2026 7:25 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले फ्रांस के महावाणिज्य दूत श्री जीन मार्कसेरे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार शाम को फ्रांस के महावाणिज्य दूत श्री जीन मार्कसेरे ने मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास आकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मार्कसेरे से मध्यप्रदेश में व्यापार, वाणिज्य और उद्योग क्षेत्र में फ्रांस द्वारा निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मार्कसेरे का अंगवस्त्रम् से स्वागत किया और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला भी इस अवसर पर उपस्थित थे।   recent visitors 64

अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा वाले हवा बहुत बनाते हैं, CM फेस नहीं कर सकते इसलिए असिस्टेंट रखे हैं

मैनपुरी सपा मुखिया अखिलेश यादव अपने सियासी गढ़ मैनपुरी में शुक्रवार को पहुंचे, जहां उन्होंने फूफा और भतीजे के आमने सामने चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि जब बीजेपी को लगा कर वह चुनाव हार जाएंगे तो कोई न कोई तिगड़म करो कोई न कोई ऐसा संदेश दो जिसका समाजवादी पार्टी के लोग जवाब ही देते रहे। यह लोग तो परिवार बाद के खिलाफ वाले लोग थे जो लोग परिवार बात के खिलाफ थे आज रिश्तेदार वादी कैसे हो गए और मैं दावे के साथ कह रहा हूं करहल की जनता न कि इस चुनाव में बल्कि 2027 के चुनाव में भी ऐसा परिणाम आएगा और ऐतिहासिक परिणाम तेज प्रताप यादव जी के पक्ष में आने जा रहा है। वहीं हार का ऐतिहासिक परिणाम भाजपा के पक्ष में आएगा। वो खुद फर्जी है। आप मत कहलवाइये उनके बारे में यह उनकी पार्ट आफ स्ट्रेटजी है सर्कस तो आना बंद हो गए लेकिन जब कभी भी आप टीवी चैनल देखते होंगे तो कुछ समय ऐड कहा जाता है। यूट्यूब देखते हम कोई चीज अच्छी आ रही है गाना आप अच्छा सुन रहे है अचानक कोई ऐसी चीज आ गई जिसको आप हटाना चाहते हैं। यह विज्ञापन का समान है क्योंकि सरकार जानती है मुख्यमंत्री जी फेस नहीं कर सकते हैं इसलिए उन्होंने फेस न करना पड़े इसलिए उन्होंने कुछ असिस्टेंट रख रखे है यह फेस तो मुख्यमंत्री जी को करना चाहिए। 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे – अखिलेश केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिया गया बयान गठबंधन में खटाई में पढ़ चुका है और गठबंधन का जहाज डूबने वाला है जिस पर बोले अखिलेश यादव "समाजवादी और कांग्रेस की जो रणनीति है उसी से पस्त हो गए अगर रणनीति हमारी है तो उनके भी नेताओं के जो गठबंधन है तो उनको टिकट क्यों नहीं मिली कौन-कौन मनाने गया कौन-कौन स्वार्थ और लालच दे रहा है समाजवादी पार्टी और कांग्रेस हम विपक्ष में हैं हम किसी को लाभ नहीं दे सकते हम अपनी बात कह सकते हैं लड़ सकते हैं यह हमारी स्ट्रेटजी का हिस्सा है हम लोगों की रणनीति है हम लोग मिलकर इस तरह से मिल कर चुनाव लड़ रहे है न कि अभी लड़ रहे हैं इंडिया गठबंधन मजबूत करेंगे और 2027 के चुनाव में इनको मिलकर हारने का काम करेंगे।" दो जवान शहीद हुए हैं जिस पर बोले अखिलेश यादव प्रधानमंत्री जी अभी ब्रिक्स की मीटिंग में सभी महत्वपूर्ण नेताओं से मिले और चीन को लेकर के भी खबरें आई थी और इधर हमारी सीमा सुरक्षित नहीं है जब से बीजेपी की सरकार आई है और असुरक्षित हो गई है हमारे सिक्योरिटी फोर्सज के लोग पैरामिलिट्री आर्मी के लोग बड़े पैमाने पर शहीद हो रहे हैं उनकी जाने गई है और अगर हम आंकड़े निकलेंगे सबसे ज्यादा सोल्जर कश्मीर इश्यू पर हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी पर इंटरनल सिक्योरिटी पर कोई फेल हुआ है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार इंटरनल सिक्योरिटी में फेल है बॉर्डर सिक्योरिटी में फेल है हमारे जो संबंध दुनिया और देश से थे उनमें फेल है तो यह फ़ाइल सरकार को हटाने से ही हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगे तभी हमारे जवानों की जान बचेगी जब यह सरकार देश से हटेगी। 'कटोगे तो बटोगे' के नारे पर बोले अखिलेश यह नारा उनकी लैब में तैयार होता है अब हम लोगों को जानकारी करनी पड़ेगी कि वह लैब कहां है जिसमें यह नारे तैयार होते हैं। और यह नारा किस पर सबसे अच्छा लगेगा इस का भी बीजेपी ने रिसर्च किया है और मुख्यमंत्री जी से कहलवाया गया है। बहराइच की घटना को लेकर बोले अखिलेश बहराइच में यह लोग हिंदू मुसलमान कराना चाहते थे वहां पर घटना जरूर हुई लोगों की जान गई और नुकसान हुआ यह सब भारतीय जनता पार्टी ने किया और देखिए भारतीय जनता पार्टी किस स्थिति पर पहुंच गई है उन्हें अपने ही कार्यकर्ता पर FIR लिखानी पड़ी। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के चेहरे पर विनाश दिखाई देता है और उनके हाथ देखोगे तो विनाशकारी रेखाएं उनके हाथों पर दिखेंगे यह विकास नहीं कर सकते यह विनाश कर सकते हैं उनके हाथों में विनाशकारी रेखाएं हैं।   recent visitors 60

रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सुगम ऐप का शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहल पर प्रदेश में तकनीकी नवाचारों के निरंतर प्रयास से नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सुगम ऐप का शुभारंभ किया गया है। सुगम मोबाइल ऐप के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सभी पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा रहा है। इसके लिए एनजीडीआरएस (नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम) प्रणाली के अंतर्गत नई सुविधा शुरू की गई है। यह पहल धोखाधड़ी की संभावनाओं को रोकने के लिए उठाई गई है, ताकि संपत्ति के दस्तावेज पंजीयन को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सके। सुगम ऐप का उपयोग संपत्ति के तीन कोणों से फोटो अपलोड करने के लिए किया जाएगा, जिससे संपत्ति की वास्तविक भौतिक स्थिति को चिन्हांकित किया जा सके। ऐप स्वचालित रूप से संपत्ति के अक्षांश और देशांतर को कैप्चर कर एनजीडीआरएस प्रणाली के आॅनलाइन आवेदन में स्टोर कर देता है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दस्तावेजों की पारदर्शिता और सुरक्षा में वृद्धि होगी। सुगम ऐप अलग से कोई पंजीयन सॉफ्टवेयर नहीं है, बल्कि यह केवल संपत्ति के फोटो और उसकी अवस्थिति (अक्षांश-देशांतर) को एनजीडीआरएस सॉफ्टवेयर में कैप्चर करने के लिए तैयार किया गया है। दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता या पक्षकार इस ऐप का उपयोग करते हुए एनजीडीआरएस प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों का पंजीयन पहले की तरह ही कर सकते हैं। recent visitors 86

आप भी ना हो जाएं डिजिटल अरेस्ट का शिकार, देश में तेजी से बढ़ता फ्रॉड का नया तरीका, जानिए कैसे बचे

नई दिल्ली कुछ दिनों पहले दिग्गज उद्योगपति एस पी ओसवाल के साथ 7 करोड़ रुपए की ठगी होने की खबर सामने आई थी। साइबर ठगों ने उद्योगपति से कहा कि वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ हो गए हैं और अपनी बात साबित करने के लिए नकली वर्चुअल कोर्ट रूम भी बनाया। पैसे अपने बैंक में ट्रांसफर करवाने के लिए ठगों ने फर्जी सीबीआई और नकली चीफ जस्टिस के ऑर्डर तक पेश कर दिए। इसी तरह डिजिटल अरेस्ट की वजह से दिल्ली के एक 50 वर्षीय पत्रकार को 1.86 करोड़ रुपये गवांने पड़े। वहीं कुछ दिनों पहले ही साइबर अपराधियों ने अहमदाबाद की एक 27 साल की महिला से 5 लाख रुपये की जबरन वसूली करने से पहले उसे वेबकैम पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। इन मामलों में एक बात समान है। सभी मामलों में पीड़ितों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया था। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में साइबर अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक जवाब में लोकसभा को बताया था कि 2023 में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की 11 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। देश में इंटरनेट यूजर्स की बढ़ती संख्या के बीच साइबर फ्रॉड के नए नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट भी इन्हीं में से एक है। क्या है डिजिटल अरेस्ट? डिजिटल अरेस्ट के दौरान ऑडियो या वीडियो कॉल के जरिए अपराधी फर्जी अधिकारी बन कर लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी के झूठे दलील से उन्हें उनके घर में रहने पर मजबूर करते हैं। इस दौरान वह उन्हें छोड़ने के बदले में उनसे पैसे ऐंठते हैं। मार्च 2024 में गृह मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। इसके जरिए सरकार ने लोगों को सचेत किया था कि किस तरह अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, आरबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और दूसरे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का रूप धारण करके लोगों को ब्लैकमेल करते हैं और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देते हैं। कैसे लगाते हैं चूना इस तरह के मामलों में अपराधी आम तौर पर पीड़ितों से संपर्क करते हैं और आरोप लगाते हैं कि पीड़ित ने या तो अवैध सामान, जैसे ड्रग्स, नकली पासपोर्ट या अन्य प्रतिबंधित सामान वाला पार्सल भेजा है या उसे प्राप्त होने वाला है। कुछ मामलों में वे आरोप लगाते हैं कि पीड़ित का कोई करीबी रिश्तेदार या दोस्त किसी अपराध में शामिल रहा है और अब हिरासत में है। तथाकथित मामले को सुलझाने के लिए धोखेबाज पैसे की मांग करते हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों को कहा जाता है कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है और जब तक अपराधियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक उन्हें स्काइप या अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लगातार निगरानी में रखा जाता है। ठग पुलिस स्टेशनों और सरकारी दफ़्तरों की तर्ज पर स्टूडियो का इस्तेमाल करते हैं और असली दिखने के लिए वर्दी पहनते हैं। सरकार ने किया है आगाह गृह मंत्रालय के मुताबिक यह एक संगठित ऑनलाइन अपराध है और इसे सीमा पार का सिंडिकेट संचालित करता है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज़ नहीं है फिर भी पढ़े-लिखे लोग इन अपराधियों के शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराध से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए बनाए गए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी एक चेतवानी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सीबीआई, पुलिस या ईडी वीडियो कॉल पर किसी को भी गिरफ्तार नहीं करते हैं। कहां करें शिकायत इस तरह के धोखाधड़ी वाले कॉल आने के बाद व्यक्ति को तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए। ऑनलाइन स्टॉकिंग से लेकर वित्तीय धोखाधड़ी तक किसी भी साइबर अपराध की रिपोर्ट गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर की जा सकती है। मदद के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से भी संपर्क किया जा सकता है। न्यूज 18 ने सैट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लिमिटेड के कंट्री मैनेजर मोहन मदवाचर के हवाले से बताया कि अपराधी 'जेल', 'पुलिस स्टेशन' और 'गिरफ्तारी' जैसे शब्दों से व्यक्ति के डर और कलंक का फायदा उठाते हैं। उन्होंने इन स्कैमर्स से निपटने के लिए जागरूकता अभियान की जरूरत पर जोर दिया है। recent visitors 82

मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ‘पेपर लिखकर दोषी मगरमच्छों को चुनाव के बाद जेल की हवा खिलाने’ का बयान दे दिया

दौसा मुख्यमंत्री की सभा में राजस्थान सरकार के मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बड़ा बयान देकर फिर चर्चाओं में आ गए हैं । दरअसल, किरोड़ी ने 'पेपर लिखकर दोषी मगरमच्छों को चुनाव के बाद जेल की हवा खिलाने' का बयान दे दिया है, उसके बाद सियासी हल्कों में हलचने मचना लाजमी था । यहीं नहीं डॉ. मीणा आगे बोले कि कई थानेदार ट्रेनिंग सेंटरों से दीवार कूदकर घर भागने की फिराक में भी लगे हैं। गुरुवार यानी 24 अक्टूबर को दौसा में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा की नामांकन के बाद हुई सभा में जगमोहन के पक्ष में वोट मांगने आए थे । जहां डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने खुद के साथ हुई ना इंसाफी का जिक्र करते हुए मतदाताओं को अपने जीवनकाल की घटित घटनाओं से रूबरू करवाया । बड़े मगरमच्छ अब जेल की हवा खाएंगे- किरोड़ी मीणा इधर, डॉक्टर मीणा ने स्पष्ट कर दिया कि जैसे ही राजस्थान में उपचुनाव खत्म होंगे, उसी के साथ बड़े मगरमच्छ अब जेल की हवा खाएंगे तो इसका मतलब ये यह मान लिया जाए कि बड़े मगरमच्छ जाल में फंस गए हैं । बस चुनाव के बाद वह जेल में दिखेंगे । इतना ही नहीं डॉक्टर मीणा ने आगे कहा कि कभी आपने देखा है देश में 50-50 थानेदार जेल की हवा खा रहे हो, ऐसा कभी भी इतिहास में आपने कहीं भी नहीं देखा होगा, लेकिन ऐसा राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पेपर लीक के दोषी थानेदारों को जेल में डालकर कर दिखाया । हमारी सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध- किरोड़ी मीणा उधर, डॉक्टर मीणा ने मुख्यमंत्री की सभा में एक और बयान देकर राजस्थान में भ्रष्टाचार मिटाने की बात भी कही है । उन्होंने कहा कि कई ट्रेनिंग सुधा थानेदार तो अभी भी ऐसे हैं जो ट्रेनिंग सेंटरों की दीवार खुद कर भाग रहे हैं । इसलिए डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा बोले कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है । मोदी है तो सब मुमकिन है- किरोड़ी मीणा वहीं पीएम मोदी के लिए डॉक्टर मीणा बोले कि मोदी है तो सब मुमकिन है क्योंकि कांग्रेस वाले अब ईआरसीपी का पानी नहीं आएगा यह कहकर आपको भटकाएंगे, लेकिन डॉक्टर मीणा ने स्पष्ट किया है कि इस तरह से हजार करोड़ रुपए राजस्थान के पूर्व क्षेत्र को पानी के लिए दिए गए हैं, समय जरूर लगता है बच्चा भी पेट में आने के बाद 9 महीने बाहर आने तक ले लेता है, इसलिए किसी के बहकावे में मत आना पानी ईआरसीपी जरूर आएगा  । दौसा को एजुकेशन हब बनाने के पूरे प्रयास करूंगा- जगमोहन मीणा इस बीच दौसा विधानसभा सीट से भाजपा की ओर से उपचुनाव लड़ रहे जगमोहन मीणा ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, उन्होंने कहा है कि दौसा को एजुकेशन हब बनाने के पूरे प्रयास करूंगा । recent visitors 93

नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर दो ग्रामीणों की हत्या कर दी

सुकमा कोंटा और किस्टाराम थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने मुखबिरी करने का आरोप लगाकर दो ग्रामीणों की हत्या कर दी है। नक्सलियों ने एक ग्रामीण युवक बुधरा को धारदार हथियार से गला रेतकर मारने के बाद उसके शव को गांव के नजदीक फेंक दिया है। तो वहीं दूसरे ग्रामीण कोम्माराम गंगा को फांसी के फंदे से लटका दिया है। हालांकि मौके से किसी भी तरह का कोई नक्सली पर्चा नहीं मिला है। पुलिस दोनो मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहला मामला कोंटा के मेहता पंचायत के आश्रित गांव गंगराजपाड़ का है, दो दिन पहले इस गांव के रहने वाले युवक बुधरा को नक्सलियों ने घर से उठा लिया था। जिसके बाद उसे गांव के पास के ही जंगल में लेजाकर धारदार हथियार से वारकर मार डाला। वारदात के बाद नक्सलियों ने शव को गांव के ही जंगल में फेंक दिया था। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गुरुवार की देर शाम पुलिस को दी गई। दूसरा मामला सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र के पालाचलमा के आमापेंटा का है। इस गांव के कोम्माराम गंगा उम्र 55 वर्ष का शव आज शुक्रवार सुबह जंगल मे फंदे से लटकता हुआ मिला। बताया जा रहा है कि सादे कपड़े में पहुंचे नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाकर इसे मौत की सजा दी है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि हमें खबर मिली है कि नक्सलियों ने एक ग्रामीण की हत्या की है, दूसरे ग्रामीण का शव फंदे से लटकता हुआ मिला है। आशंका है कि उसने आत्महत्या किया है। फिलहाल नक्सकियों ने इस दोनो वारदाता को अंजाम दिया है या नहीं इसकी हम जांच कर रहे हैं। recent visitors 58

इजरायल की सिर्फ इस एक गलती पर 1000 मिसाइलें दागेगा ईरान, खतरनाक प्लान का खुलासा

इजरायल इजरायल फिलहाल लेबनान और गाजा में हमले कर रहा है। हमास ने तो सीजफायर को लेकर भी सहमति जता दी है, लेकिन एक बड़ी जंग शायद मुहाने पर खड़ी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान प्लान कर रहा है कि यदि इजरायल ने उस पर 1 अक्टूबर को किए गए अटैक के जवाब में हमला किया तो क्या ऐक्शन लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के ही 4 अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्लाह खामेनेई ने सेना को तैयारी करने को कहा है। उन्होंने सेना से कहा है कि वह संभावित स्थितियों के लिए तैयार रहे और इजरायल यदि अटैक करता है तो फिर जवाबी हमला कैसे किया जाएगा, उसे लेकर प्लान बना लिया जाए। इनमें से 2 अधिकारी ईरान की सेना से ही जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि इजरायल ने ईरान के परमाणु एवं तेल ठिकानों पर हमला किया तो फिर युद्ध नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि ईरान फिर जंग को नए स्तर पर ले जाएगा और इसकी चपेट में पूरा मध्य पूर्व ही आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि ईरान की ओर से बलिस्टिक मिसाइलों का बेड़ा तैयार रखा गया है। यदि इजरायल ने कोई हमला किया तो फिर जवाब में 1000 बलिस्टिक मिसाइलें दागी जा सकती हैं। 1 अक्टूबर को 200 मिसाइलें ही दागी गई थीं। अमेरिका समेत तमाम देशों की चिंता यह है कि यदि युद्ध इस लेवल पर पहुंचा तो फिर तेल की सप्लाई पर असर होगा। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रेड रूट भी बाधित होगा। वहीं ईरान का नेतृत्व इस बात पर भी विचार कर रहा है कि यदि इजरायल ने उसके सैन्य ठिकानों पर ही हमला किया तो फिर ज्यादा ऐक्शन नहीं लिया जाएगा। इस बात की भी संभावना है कि फिर ईरान सीधा हमला न करे। इस तरह दो बड़ी शक्तियों के बीच सीधी जंग थम जाएगी। बता दें कि इससे पहले चर्चे थे कि इजरायल की ओर से ईरान के तेल एवं परमाणु ठिकानों को टारगेट किया जा सकता है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सीधे तौर पर ईरान को धमकी दी थी कि इस हमले का बदला लिया जाएगा। खासतौर पर ईरान के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के नेता यह कहते रहे हैं कि हम क्षेत्र में जंग और अस्थिरता नहीं चाहते हैं। विदेश मंत्री अब्बास अरागची कई बार यह बात दोहरा चुके हैं। लेकिन ईरान को यह भी लगता है कि इससे यह संदेश न जाए कि वह बैकफुट पर है और इजरायल के मुकाबले रक्षात्मक है। यही वजह है कि ईरान आक्रामक तेवर भी दिखा रहा है, लेकिन सीधे तौर पर किसी बड़ी जंग में उतरने से बचना भी चाहता है। recent visitors 56