Tuesday, July 7, 2026 12:24 pm

प्रयागराज महाकुंभ में जाने वालों के लिए खुशखबरी, प्रयागराज और नैनी जंक्शन पर रुकेंगी ये ट्रेनें, जानें शेड्यूल

प्रयागराज 2025 में प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ को लेकर एक तरफ जहां स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. वहीं,  दूसरी तरफ महाकुंभ में शामिल होने जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर भारतीय रेलवे भी तैयारी कर रहा है. इसी क्रम में महाकुंभ-2025 के अवसर पर प्रयागराज जं. एवं नैनी जं. स्टेशनों पर ट्रेनों का अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया गया है. ताकि महाकुंभ में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को पहुंचने में आसानी हो सके. हम यहां पर उन सभी ट्रेनों की लिस्ट दे रहे हैं जो महाकुंभ के दौरान प्रयागराज और नैनी स्टेशनों पर रुकेंगी. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि महा कुंभ-2025 के अवसर पर रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालु यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित ट्रेनों का 02 मिनट का अस्थाई ठहराव प्रदान किया गया है. यहां देखें ट्रेनों की लिस्ट : > राजेन्द्रनगर से 09.01.2025 से 27.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 12393 राजेंद्र नगर-नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस प्रयागराज 00.20 बजे पहुंच कर 00.22 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी.  > राजेन्द्रनगर से 09.01.2025 से 27.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 12394 नई दिल्ली- राजेंद्र नगर संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस प्रयागराज 00.38 बजे पहुंच कर 00.40 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी. > रक्सौल से 11.01.2025 से 22.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 15267 रक्सौल-लोकमान्य तिलक अंत्योदय एक्सप्रेस नैनी जं. 07.33 बजे पहुंच कर 07.35 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी. > रक्सौल से 13.01.2025 से 24.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 15268 लोकमान्य तिलक-रक्सौल अंत्योदय एक्सप्रेस नैनी जं. 15.43 बजे पहुंच कर 15.45 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी.  > पुणे से 05.01.2025 से 26.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 11033 पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस नैनी जं. 15.43 बजे पहुंच कर 15.45 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी.  दरभंगा से 10.01.2025 से 21.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 11034 दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस नैनी जं. 07.33 बजे पहुंच कर 07.35 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी. > दरभंगा से 15.01.2025 से 26.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 15559 दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस नैनी जं. 07.33 बजे पहुंच कर 07.35 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी. > अहमदाबाद से 10.01.2025 से 21.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 15560 अहमदाबाद-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस नैनी जं. 19.50 बजे पहुंच कर 19.52 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी.  > अहमदाबाद से 10.01.2025 से 26.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 19483 अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस 03.44/03.46 बजे भरतकूप स्टेशन पर और 03.52/03.54 बजे शिवरामपुर स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी.  >बरौनी से 09.01.2025 से 27.02.2025 तक खुलने वाली गाड़ी सं. 19484 बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस 09.29/09.31 बजे शिवरामपुर स्टेशन पर और 09.37/09.39 बजे भरतकूप स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी.   recent visitors 69

इंडिगो को सितंबर तिमाही में 986 करोड़ का नुकसान

इंडिगो को सितंबर तिमाही में 986 करोड़ का नुकसान -बीते वित्त वर्ष कंपनी को 188.9 करोड़ का लाभ हुआ था नई दिल्ली  देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो को चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 986.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने कहा कि उसे यह घाटा ठप विमानों और ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण हुआ है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 188.9 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इंडिगो के एक अ‎धिकारी ने कहा कि एयरलाइन की वृद्धि और विस्तार जारी रहा और सितंबर तिमाही में इसकी आमदनी 14.6 प्रतिशत बढ़कर 17,800 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने कहा ‎कि परंपरागत रूप से कमजोर दूसरी तिमाही में ठप विमानों और ईंधन लागत से संबंधित प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण परिणाम और भी प्रभावित हुए। हमने एक नया मोड़ लिया है क्योंकि ठप विमानों की संख्या और संबंधित लागत में कमी आनी शुरू हो गई है। सितंबर तिमाही में एयरलाइन की ईंधन लागत 12.8 प्रतिशत बढ़कर 6,605.2 करोड़ रुपये हो गई।   recent visitors 78

डिजिटल चुनौतियों से समूचे भारत में लाखों पेंशनभोगी प्रभावित

डिजिटल चुनौतियों से समूचे भारत में लाखों पेंशनभोगी प्रभावित नई दिल्ली  पेंशन परिषद और मजदूर किसान शक्ति संगठन (एमकेएसएस) ने कहा कि डिजिटल चुनौतियों से समूचे भारत में लाखों पेंशनभोगी प्रभावित हो रहे हैं। एमकेएसएस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राजस्थान के पेंशनभोगियों को 500-750 रुपये मासिक पेंशन मिल रही थी, लेकिन पिछले दो वर्ष से उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है। यह ऐसे में और चिंताजनक है जब पेंशन की राशि बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है।’’ बयान में कहा गया है कि, पेंशन परिषद ने प्रभावित पेंशनभोगियों की टिप्पणियां साझा कीं जिनमें बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाएं शामिल हैं। इन्हें विभिन्न प्रशासनिक और डिजिटल बाधाओं के कारण पेंशन नहीं मिल पा रही हैं। इसमें कहा गया, ‘‘उल्लेखित मुद्दों में मृत्यु संबंधी गलत घोषणा, बेमेल डेटा, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण विफलताएं और आधार आईडी हासिल करने में चुनौतियां शामिल हैं।’’ पेंशन परिषद एवं एमकेएसएस के निखिल डे ने पेंशनभोगियों के सामने उनकी आयु, विकलांगता या अन्य संवेदनशीलताओं के कारण उनकी बढ़ती हुई उपेक्षा को रेखांकित किया और सरकार के दृष्टिकोण को असंवेदनशील तथा उपेक्षापूर्ण करार दिया। डे ने बयान में कहा, ‘‘सरकार ने दावा किया है कि आधार अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन उसने इसे प्रभावी रूप से अनिवार्य बना दिया है। इससे प्रणालीगत विफलताएं उत्पन्न हो रही हैं जिससे वे लोग अलग-थलग पड़ रहे हैं, जिन्हें सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है।’’ कानूनी विद्वान ऊषा रामनाथन ने बताया कि आधार की बायोमेट्रिक निर्भरता से संबंधित समस्याएं 2010 में यूआईडीएआई आने के बाद से ही स्पष्ट हैं। एमकेएसएस के शंकर सिंह ने कहा, ‘‘राजस्थान में सरकार ने जीवितों को मृत घोषित कर दिया है।’’ उन्होंने आधार सत्यापन पर राज्य की निर्भरता की आलोचना की तथा इसकी तुलना ऑक्सीजन से की (जो आवश्यक है, लेकिन इसमें हेरफेर की गई है)। उन्होंने मांग की कि पेंशन को उसी उत्साह के साथ वितरित किया जाना चाहिए जिससे राजनीतिक अभियान चलाए जाते जाते हैं।   recent visitors 69

पीएंडजी हाईजीन का मुनाफा सितंबर तिमाही में मामूली बढ़कर 212 करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली  प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी) हाईजीन एंड हेल्थकेयर लिमिटेड का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 0.57 प्रतिशत बढ़कर 211.90 करोड़ रुपये रहा है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 210.69 करोड़ रुपये रहा था। पीएंडजी हाईजीन एंड हेल्थकेयर (पीजीएचएच) लिमिटेड जुलाई से जून के वित्त वर्ष का अनुसरण करती है। कंपनी की परिचालन आय सितंबर तिमाही में 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,135.16 करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,138.35 करोड़ रुपये थी। पीजीएचएच ने तिमाही आंकड़ों की घोषणा करते हुए कहा, “उद्योग में मात्रा वृद्धि अब भी धीमी है। कंपनी ने महिला देखभाल श्रेणी में वृद्धि देखी और तिमाही में व्यवसाय की संरचनात्मक लाभप्रदता में सुधार करने में प्रगति जारी रखी।” पीजीएचएच के पोर्टफोलियो में विक्स और व्हिस्पर ब्रांड के साथ स्वास्थ्य सेवा और स्त्री देखभाल के उत्पाद हैं। कंपनी का कुल खर्च सितंबर तिमाही में 1.3 प्रतिशत घटकर 858.29 करोड़ रुपये रहा है।   recent visitors 48

किसानों को सशक्त बनाने के लिए 3एफ ऑयल पाम ने कर्नाटक सरकार के साथ किया समझौता

किसानों को सशक्त बनाने के लिए 3एफ ऑयल पाम ने कर्नाटक सरकार के साथ किया समझौता मुंबई ग्रामीण समुदायों में टिकाऊ कृषि को आगे बढ़ाने के लिए ‘3एफ ऑयल पाम’ ने कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान के अनुसार, यह साझेदारी किसानों को उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आवश्यक संसाधनों तक पहुंच प्रदान करेगी। इससे उत्पादकता बढ़ेगी और कर्नाटक के बढ़ते बागवानी क्षेत्र को समर्थन मिलेगा। 3एफ ऑयल पाम के प्रमुख (कृषि) श्रीनिवासराव किलारि ने कहा, ‘‘यह समझौता ज्ञापन एक बड़ी उपलब्धि है, जो स्थानीय किसान समुदायों के उत्थान के हमारे मिशन से जुड़ा है। साथ ही टिकाऊ तेल पाम खेती के लिए नए मानक स्थापित करता है। हम कर्नाटक बागवानी विभाग का उनके महत्वपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हैं।’’ कंपनी भारत में पाम तेल के विकास कार्यक्रम में लगी हुई है।   recent visitors 71

आज हर दसवां कर्मचारी ऐसी भूमिका निभा रहा जिसका 2000 में वजूद भी नहीं थाः लिंक्डइन

नई दिल्ली  कार्यस्थल पर रोजगार का परिदृश्य असामान्य रफ्तार से बदल रहा है। हालत यह है कि इस साल वैश्विक स्तर पर नियुक्त हर दसवां कर्मचारी ऐसे पदों पर काम कर रहा है जिसका 2000 में वजूद भी नहीं था। हाल के समय में सृजित हुई इन भूमिकाओं में सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, एआई इंजीनियर और सोशल मीडिया मैनेजर जैसे पद शामिल हैं। पेशेवर नेटवर्किंग मंच लिंक्डइन की तरफ से कार्य प्रकृति में बदलाव पर किए गए अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक, अब कार्यस्थल पर सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, एआई इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, सोशल मीडिया मैनेजर और कस्टमर सक्सेस मैनेजर जैसी भूमिकाएं सामान्य हो गई हैं। कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी नई प्रौद्योगिकियों का उदय और टिकाऊ प्रवृत्ति पर बढ़ता ध्यान नई रोजगार भूमिकाओं की मांग के पीछे प्रमुख कारण हैं। यह अध्ययन दुनिया भर के 5,000 से अधिक कारोबारी दिग्गजों के बीच कराए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। लिंक्डइन ने इस अध्ययन में पाया है कि भारत के 82 प्रतिशत कारोबारी दिग्गज इस बात से सहमत हैं कि कामकाज में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है। इसकी वजह यह है कि नई भूमिकाओं, कौशल और प्रौद्योगिकी की मांग बढ़ रही है। वैश्विक कारोबारी दिग्गजों ने जनरेटिव एआई की रूपांतरकारी क्षमता को स्वीकार किया है। दस में से सात कारोबारी दिग्गजों ने वर्ष 2025 में एआई टूल को अपने परिचालन में अपनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। लिंक्डइन टैलेंट सॉल्यूशंस की भारत प्रमुख रुचि आनंद ने कहा, ‘‘कंपनियां 2025 में एआई को तेजी से अपनाने पर जोर दे रही हैं। वे अपने कर्मचारियों को बेहतर बनाने और उन्हें फिर से कुशल बनाने में भी सार्थक निवेश कर रही हैं। एआई को अपनाना सिर्फ गति से संबंधित नहीं है, यह टीमों को सशक्त बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और सफल होने के लिए तैयार लचीले कार्यबल बनाने के बारे में भी है।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 69 प्रतिशत मानव संसाधन पेशेवरों को लगता है कि काम पर उनसे अपेक्षाएं पहले से अधिक हो चुकी हैं। वहीं 60 प्रतिशत पेशेवरों का कहना है कि सिर्फ अनुभव अब प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए पर्याप्त नहीं है और करियर में आगे बढ़ना काफी कुछ एआई को अपनाने की क्षमता पर निर्भर करता है।       recent visitors 79

एनएसई के कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के पार

एनएसई के कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के पार नई दिल्ली नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने  कहा कि डिजिटल बदलाव और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण के कारण एक्सचेंज में पंजीकृत कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। इसमें आज तक के ग्राहक पंजीकरण शामिल हैं। एनएसई ने बयान में कहा, “एक्सचेंज (खातों) में ग्राहक कोड की कुल संख्या 20 करोड़ को पार कर गई है, जो आठ महीने पहले 16.9 करोड़ थी।” एनएसई के मुख्य कारोबार विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि यह वृद्धि भारत की विकास गाथा में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। मोबाइल ट्रेडिंग ऐप को व्यापक रूप से अपनाए जाने और निवेशकों की बढ़ती जागरूकता, सरकार की डिजिटल पहल के समर्थन ने बाजार तक पहुंच को प्रभावी रूप से लोकतांत्रिक बनाया है। इससे विशेष रूप से दूसरी, तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों के निवेशकों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार सुव्यवस्थित केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) प्रक्रियाओं, उन्नत वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों और निरंतर सकारात्मक बाजार धारणा द्वारा समर्थित है, जो इक्विटी, ईटीएफ, रीट, इनविट्स और विभिन्न बांड सहित विविध निवेश साधनों में मजबूत भागीदारी से दिखता है। राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र 3.6 करोड़ खातों के साथ सबसे आगे है। उसके बाद उत्तर प्रदेश (2.2 करोड़), गुजरात (1.8 करोड़), राजस्थान और पश्चिम बंगाल (1.2 करोड़) हैं। इन राज्यों में कुल ग्राहक खातों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि शीर्ष 10 राज्यों में कुल खातों का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है।   recent visitors 123