इंजीनियरिंग करने के बाद नहीं मिल रही है नौकरी तो कर लें ये काम, चमक उठेगा करियर

इंजीनियरिंग के बाद नौकरी को लेकर परेशान हैं तो आइये आपके करियर को मजबूत बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कोर्स के बारे में जानते हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरियों के लिए तैयार करते हैं. इंजीनियरिंग के बाद करियर की राह में आगे बढ़ने के लिए कई शॉर्ट टर्म कोर्स हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरी दिलाने में मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन शॉर्ट टर्म कोर्स के बारे में जो आपके करियर को निखार सकते हैं. डाटा एनालिटिक्स डाटा एनालिटिक्स एक ऐसा कोर्स है जो आजकल बहुत लोकप्रिय हो रहा है. इसमें आपको डेटा इकट्ठा करने, उसका विश्लेषण करने और बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करने की तकनीकें सिखाई जाती हैं. इसके बाद आप डाटा एनालिस्ट या बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं, जो उच्च सैलरी वाली नौकरियों में शामिल हैं. वेब डेवलपमेंट वेब डेवलपमेंट का कोर्स आपको वेबसाइट बनाने और प्रबंधित करने की स्किल्स सिखाता है. इस कोर्स में आपको HTML, CSS, और JavaScript जैसी तकनीकों का ज्ञान दिया जाता है. इस क्षेत्र में नौकरी के कई अवसर हैं, और सैलरी भी अच्छी होती है. साइबर सिक्योरिटी साइबर सिक्योरिटी में शॉर्ट टर्म कोर्स करने से आप विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों से अपने सिस्टम को सुरक्षित रख सकते हैं. इस क्षेत्र में सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है, और यह एक उच्च सैलरी वाली नौकरी पाने का एक अच्छा जरिया है. डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग कोर्स आपको ऑनलाइन मार्केटिंग की स्किल्स सिखाता है, जैसे कि SEO, SEM, और सोशल मीडिया मार्केटिंग. इस क्षेत्र में फ्रीलांसिंग के अवसर भी हैं और अच्छे पैकेज भी मिलते हैं. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का शॉर्ट टर्म कोर्स आपको प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने की कला सिखाता है. इस कोर्स के बाद आप प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं, जो कि बहुत अच्छी सैलरी वाली नौकरी होती है.   recent visitors 84

दुनिया का सबसे महंगा क्लब, मार्क जकरबर्ग भी हैं इसके मेंबर

नई दिल्ली आपने दुनिया का सबसे महंगा घर सुना होगा, सबसे महंगी कार सुनी होगी। क्या आपने दुनिया के सबसे महंगे क्लब के बारे में सुना है? यह क्लब अमेरिका में है। येलोस्टोन नाम का यह क्लब दुनिया का सबसे महंगा क्लब है। इस क्लब में दुनियाभर के 800 से ज्यादा अरबपतियों के घर हैं। इसके मेंबर में मार्क जकरबर्ग, बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा आदि शामिल हैं। इस क्लब में घूमने-फिरने के साथ खाने-पीने की लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें दुनिया का अकेला प्राइवेट स्की और गोल्फ कम्यूनिटी है। कौन-कौन है इसका मेंबर? यह क्लब अमेरिका के मोंटाना राज्य में येलोस्टोन नेशनल पार्क से करीब 80 किमी दूर है। इस क्लब में कुल 885 अरबपतियों के घर हैं। इनकी कुल संपत्ति 24 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। जो अरबपति इस क्लब के मेंबर हैं उनमें फेसबुक के मार्क जकरबर्ग, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स, गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट, गोप्रो के अरबपति फाउंडर निक वुडमैन, पॉप स्टार जस्टिन टिम्बरलेक टिम्बरलेक आदि शामिल हैं। क्या है इसमें ऐसा खास? इस क्लब को स्की और गोल्फ के लिए जाना जाता है। यहां काफी बड़े-बड़े पहाड़ हैं। इसके अलावा यहां नदियां भी बहती हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात के अनुसार यहां अलग-अलग एक्टिविटी होती हैं। यहां बने मकानों में कई अरबपति स्थायी रूप में भी रहते हैं। वहीं कई यहां सिर्फ छुट्टियां मनाने आते हैं। पूल और फिटनेस सेंटर भी इस क्लब में पूल और फिटनेस सेंटर भी बने हुए हैं। यहां शादी, पार्टी, प्रोग्राम या प्राइवेट इवेंट के लिए एक अलग स्पेस है। इसे 'द बार्न' नाम दिया गया है। इसका गोल्फ कोर्स एरिया 2800 स्क्वेयर फुट में फैला हुआ है। वहीं स्कीइंग के लिए 2900 से ज्यादा एरिया हैं। इनके अलावा यहां रहने वालों के लिए कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटी भी कराई जाती हैं। recent visitors 157

घरेलू स्तर पर स्वर्ण भंडार में 102 टन से अधिक की बढ़ोतरी : आरबीआई डेटा

नई दिल्ली भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने की कीमतों में उछाल जारी है, इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास 30 सितंबर तक 854.73 मीट्रिक टन सोना था, जिसमें से 510.46 मीट्रिक टन सोना घरेलू स्तर पर था। इस तरह स्वर्ण भंडार में 102 टन की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष अप्रैल से सितम्बर के बीच घरेलू स्तर पर रखे गए सोने में 102 टन से अधिक की वृद्धि हुई जबकि मार्च के अंत में यह 408 मीट्रिक टन था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ‘विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन पर अर्धवार्षिक रिपोर्ट: अप्रैल-सितंबर 2024’ के अनुसार, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) के पास 324.01 मीट्रिक टन सोना सुरक्षित रखा गया है, जबकि 20.26 मीट्रिक टन सोना जमा के रूप में रखा गया है। मूल्य के संदर्भ में (यूएसडी) कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी मार्च 2024 के अंत तक 8.15 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर अंत तक लगभग 9.32 प्रतिशत हो गई। छमाही के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार मार्च के अंत में 646.42 बिलियन डॉलर से बढ़कर सितम्बर में 705.78 बिलियन डॉलर हो गया। भुगतान संतुलन के आधार पर (मूल्यांकन प्रभावों को छोड़कर), अप्रैल-जून 2024 के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 5.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि अप्रैल-जून 2023 के दौरान इसमें 24.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार (मूल्यांकन प्रभाव सहित) अप्रैल-जून 2024 के दौरान 5.6 बिलियन डॉलर बढ़ गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 16.6 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी। सितम्बर के अंत तक रिजर्व बैंक की शुद्ध अग्रिम परिसंपत्ति (देय) 14.58 बिलियन डॉलर थी। जून 2023 के अंत और जून 2024 के अंत के बीच की अवधि के दौरान, बाह्य परिसंपत्तियों में 108.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और बाह्य देनदारियों में 97.7 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई। केंद्रीय बैंक ने कहा, “जून 2024 के अंत तक शुद्ध अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति (आईआईपी) 368.3 बिलियन डॉलर पर नकारात्मक थी, जबकि जून 2023 के अंत में 379.0 बिलियन डॉलर का नकारात्मक शुद्ध आईआईपी था, जिसका अर्थ है कि सभी बाहरी देनदारियों का योग दोनों अवधियों में बाहरी परिसंपत्तियों की तुलना में अधिक है। सालाना आधार पर नकारात्मक अंतर में कमी आई है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में बहु-मुद्रा परिसंपत्तियां शामिल होती हैं, जिन्हें मौजूदा मानदंडों के अनुसार बहु-परिसंपत्ति पोर्टफोलियो में रखा जाता है, जो इस संबंध में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप हैं। तंबर 2024 के अंत तक, कुल 617.07 बिलियन डॉलर के एफसीए में से 515.30 बिलियन डॉलर प्रतिभूतियों में निवेश किए गए, 60.11 बिलियन डॉलर अन्य केंद्रीय बैंकों और बीआईएस के पास जमा किए गए और शेष 41.66 बिलियन डॉलर विदेशों में वाणिज्यिक बैंकों के पास जमा थे।   recent visitors 77

जयंती पर दी श्रद्धांजलि, छत्तीसगढ़-रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को किया नमन

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज  जशपुर जिले के बगिया सीएम कार्यालय में देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने देश के लिए लौह पुरुष सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि सरदार पटेल अपनी देशभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस के लिए जाने जाते थे। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अग्रणी भूमिका थी। इस मौके पर विधायक श्रीमती गोमती साय भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्र भारत के नवनिर्माण में सरदार पटेल जी की अविस्मरणीय भूमिका को देखते हुए उनकी स्मृति और सम्मान में प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय एकता किसी भी देश की शक्ति और विकास का मूल स्तंभ होती है। भारत विविधताओं का देश है, जहां हर क्षेत्र की अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा है। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि एकजुट होकर अपने प्रदेश और  देश की प्रगति में अपना योगदान दें। recent visitors 152

अब घर बैठे भी जीवन प्रमाण बनवा सकते हैं Digital Life Certificate, जाने क्या है तरीका

नई दिल्ली देश में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या किसी अन्य सरकारी संगठन के करोड़ों पेंशनर्स हैं। इन पेंशनर्स के लिए अक्टूबर और नवंबर का महीना काफी महत्वपूर्ण होता है। इन दिनों में उन्हें अपने बैंक में जा कर जीवित होने का प्रमाण जमा करना होता है। हालांकि अब सरकार ने कुछ ऐसी व्यवस्था कर दी है कि पेंशनर्स घर बैठे भी जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल तरीके से बनवा और जमा कर सकते हैं। हम बता रहे हैं इसका तरीका।     क्या है डिजिटल जीवन प्रमाण?     डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण पत्र) पेंशनभोगियों के लिए बायोमेट्रिक-सक्षम डिजिटल सेवा है। केंद्र या राज्य सरकार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या किसी अन्य सरकारी संगठन के पेंशनभोगी जिनकी पेंशन वितरण एजेंसी डीएलसी के लिए सक्रिय है, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।     कौन जारी कर रहा है?     इस समय इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक India Post Payments Bank (IPPB) डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी कर रहा है। इसके लिए बैंक ने भारत सरकार के नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर या एनआईसी से हाथ मिलाया है। दरअसल, DLC एनआईसी के अप्लिकेशन पर जारी किया जा रहा है।     कैसे बनवाएं डिजिटल जीवन प्रमाण ?     यदि पेंशनर के पास वक्त हो या वे सक्षम हों तो किसी भी डाकघर में पहुंचें। ऐसा नहीं कर सकते हैं तो अपने पोस्टमैन/ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से दरवाजे पर इन सेवाओं का लाभ उठाएं। डाक सेवक को अपने पेंशन खाते से संबंधित बेसिक जानकारी प्रदान करें, वह आपका डिजिटल जीवन प्रमाण जनरेट करने में मदद करेगा।     डीएलसी जारी करने के लिए कौन से कागजात हैं जरूरी?     यदि आपको डिजिटल जीवन प्रमाण चाहिए तो आपके पास पेंशन भुगतान आदेश या पेंशन पेमेंट आर्डर की मूल कॉपी होनी चाहिए। साथ ही बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, आधार संख्या भी होना चाहिए।     डीएलसी बनवाने के लिए क्या जानकारी देनी होगी?     पेंशनभोगी को आधार नंबर, नाम, मोबाइल नंबर और स्व-घोषित पेंशन संबंधी जानकारी जैसे पीपीओ नंबर, पेंशन खाता संख्या, बैंक विवरण, पीएसए, पीडीए का नाम आदि देना होगा। पेंशनभोगी को अपनी बायोमेट्रिक्स, या तो आईरिस या फिंगरप्रिंट भी देना होगा। वर्तमान में, केवल फिंगरप्रिंट विकल्प आईपीपीबी के माध्यम से लाइव है।     क्या कोई शुल्क भी देना होगा?     घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आपको महज 70 रुपये का छोटा सा शुल्क चुकाना होगा। इसमें सर्विस टैक्स भी शामिल है।     डीएलसी बन जाने के बाद इसे बैंक या डाकघर जा कर जमा करना होगा‌?     अक्सर पेंशनभोगी सवाल करते हैं कि डीएलसी बनवाने के बाद अपने बैंक/डाकघर आदि में जीवन प्रमाण पत्र या डीएलसी जमा करने की आवश्यकता है? इसका उत्तर है नहीं। पेंशनभोगी को बैंक/डाकघर/पीडीए में डीएलसी जमा करने की आवश्यकता नहीं है। डीएलसी स्वचालित रूप से उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से मिल जाएगा। recent visitors 92

शहादत दिवस पर किया नमन, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद संत कंवर राम को किया याद

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 01 नवंबर को अमर शहीद संत कंवर राम साहिब जी के शहादत दिवस पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सन्त कंवर राम जी ने भक्ति के माध्यम से सत्य, अहिंसा, साम्प्रदायिक सौहार्द, मानवीय प्रेम, समता और नैतिक आचरण का संदेश लोगों पहुंचाया। मानव सेवा ही उनका मुख्य ध्येय था। सेवा के क्षेत्र में संत कंवर राम साहिब का नाम सर्वाेच्च स्थान पर आता है।उन्होंने दिव्यागों, रोगियों,एवं कुष्ठ-रोगियों की सेवा स्वयं अपने हाथों से की।  उनके परोपकारी एवं आध्यात्मिक जीवन ने मानव के संस्कारो में कल्याण, सर्व धर्म समभाव, परोपकार एवं मानव आदर्शों को नई दिशा प्रदान की है। recent visitors 85

MP में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने सरकारी स्कूल और छात्रवासों में कराटे ताइक्वांडो और मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी जा रही

भोपाल  भोपाल से कुछ ही दूरी पर स्थित मुबारकपुर की रहने वालीं चांदनी कुशवाहा की उम्र 14 साल है. इस छोटी सी उम्र में वो बड़ी बात कहती हैं. वो कहती हैं- मेरी दो और छोटी बहनें हैं. मुझे और इन दोनों को पहले मेरे माता-पिता स्कूल भेजने से डरते थे. अब मैं रोज इन्हें लेकर अकेले स्कूल जाती हूं. क्योंकि हमें गुड टच और बैड टच बताया गया है. कोई हमें परेशान करेगा तो हम उनको पंच मारेंगे. हम जानते हैं बुरे लोगों को कैसे निबटाना है. चांदनी में बुरे लोगों का मुकाबला करने का आत्मविश्वास यूं ही ही नहीं आया…दरअसल मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल (Government Schools of Madhya Pradesh) और छात्रावासों में बच्चियों को कराटे ताइक्वांडो और मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी जा रही है. इस योजना के तहत शासकीय विद्यालयों, 408 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (Kasturba Gandhi Girls School) और 324 नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका विद्यालयों में बालिकाएं सशक्त बन रहीं है.इस योजना में कन्या शालाओं के साथ उन सभी माध्यमिक स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें बालिकाओं की संख्या ज़्यादा है. यहां महिला प्रशिक्षक बेटियों को शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार कर रही है. चांदनी जैसी लड़कियां सिर्फ भोपाल में ही नहीं है. रायसेन में रहने वाली आठवीं क्लास की महक मीना और साक्षी लोधी भी पिछले दो साल से हॉस्टल में रहकर कराटे की ट्रेनिंग ले रही हैं. वे आदिवासी इलाके से आती हैं. अब वे कराटे का हर दांवपेंच जानती है. महक कहती हैं उन्हें अब अकेले आने-जाने में डर नहीं लगता. दूसरी तरफ साक्षी का कहना है कि मैं अपने बहनों को भी आत्मरक्षा के गुण सीखा रही हूं. मैं अब बहुत सुरक्षित महसूस करती हूं. बता दें कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश में संचालित 207 कस्तूरबा गाँधी विद्यालय और 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोद बालिका छात्रावास में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है,महिला प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए रखा गया है,जहाँ रोज़ बच्चियों को ट्रेनिंग के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है,गुड और बैड टच भी सिखाया जाता है. कराटे ट्रेनर  अलीशा बतती हैं कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए ये बेहद ज़रूरी है. हम उनको ब्लॉक और अन्य चीज़ों की ट्रेनिंग देते हैं. यदि कोई मनचला जबरन हाथ पकड़े तो कैसे बचना है ये बताया जाता है. एक सुभाष चंद्र बोस छात्रावास केन्द्र की प्रभारी अर्चना तिवारी बताती हैं कि  हम लम्बे समय से ये सब सिखाते आ रहे हैं. लड़कियों को इसके आलावा मानसिक तौर पर भी तैयार किया जाता है. उन्होंने बताया कि एक बार एक लड़की को उसके पिता ही शोषित कर रहे थे,उसने हमें बताया , हमने उनके चंगुल से उसे छुड़ाया. दरअसल इस ट्रेनिंग में लड़कियां हर तरह के दांवपेंच सीख रही है. चाहे किसी भी दांव की बात करें,ट्रिपल पंच, मिडिल पंच, सिंगल हैंड ग्रिप, चिन पंच, फेस पंच, चेस्ट अटैक, थाई डिफेंस, नेक अटैक, एल्बो अटैक, बैक साइड डिफेंस, रिब अटैक और फारवर्ड ब्लाक जैसे दांव हमारी बेटियां सीख रही हैं. बता दें कि प्रदेश के सरकारी छात्रवासों में कुल 61 ,450 बच्चियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है , साथ ही स्कूल की 74 ,466 छात्राएं ट्रेनिंग के ज़रिये आत्मनिर्भर बन रहीं हैं. अहम ये है कि ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं की इन विधाओं में परीक्षा भी ली जाती है. जिसके बाद उन्हें पुरुस्कृत कर सर्टिफिकेट दिए जाते हैं. इस ट्रेनिंग के माध्यम से लड़कियां टूर्नामेंट भी खेल रही हैं. recent visitors 113