पर्यावरणविदों की बढ़ेगी चिंता, जलवायु संकट को नहीं मानने वाले क्रिस राइट होंगे ट्रंप के नए ऊर्जा मंत्री

वॉशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन को शक की निगाह से देखने वाले क्रिस राइट को नया ऊर्जा मंत्री बनाया है। ट्रंप ने राइट को लालफीताशाही को कम करने और जीवाश्म ईंधन में निवेश को बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है। ट्रंप ने शनिवार को ऊर्जा सचिव के रूप में क्रिस राइट को नामित किया। ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'ऊर्जा मंत्री के रूप में, क्रिस एक प्रमुख नेता होंगे, जो नवाचार को आगे बढ़ाएंगे, लालफीताशाही को कम करेंगे और अमेरिकी समृद्धि और वैश्विक शांति के नए स्वर्ण युग की शुरुआत करेंगे।' जमीन से तेल गैस निकालने वाली कंपनी के हैं मालिक गौरतलब है कि क्रिस राइट लिबर्टी एनर्जी के संस्थापक हैं। यह कंपनी ऊर्जा कंपनियों के लिए काम करती है और फ्रैकिंग तकनीक से तेल और गैस निकालने का व्यापार करती है। फ्रैकिंग तकनीक तेल और गैस उत्पादन की एक विधि है जिसमें भारी मात्रा में पानी – रेत और जहरीले रसायनों के साथ मिश्रण को उच्च दबाव में धरती की गहराई में फेंका जाता है। फ्रैकिंग जमीन के भीतर मौजूद चट्टान संरचनाओं को तोड़ती है। जिससे तेल और गैस निकलती है। फ्रैकिंग तकनीक को लेकर आरोप लगते हैं कि यह हमारी हवा, पानी और जलवायु को भी प्रदूषित करती है  और वन्यजीवों और मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डालती है। ट्रंप द्वारा ऊर्जा मंत्री बनाए जाने के बाद राइट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए मेरा समर्पण दृढ़ है, जिसमें अमेरिकी ऊर्जा को अधिक किफायती, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने पर ध्यान केंद्रित करूंगा।' जलवायु संकट को नहीं मानते राइट ने लिखा कि 'ऊर्जा जीवन की वह शक्ति है, जो जीवन में सब कुछ संभव बनाती है। मैं काम करने के लिए उत्सुक हूं।' उल्लेखनीय है कि क्रिस राइट जलवायु परिवर्तन की बात को नकार चुके हैं। क्रिस राइट ने अपने एक बयान में कहा था कि 'कोई जलवायु संकट नहीं है और हम ऊर्जा परिवर्तन के दौर से भी नहीं गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्बन को प्रदूषण कहना अपमानजनक है क्योंकि सारा जीवन ही कार्बन डाइ ऑक्साइड पर चल रहा है। दुनिया में कुछ भी स्वच्छ ऊर्जा और दूषित ऊर्जा जैसा नहीं है, सारे ऊर्जा के स्त्रोत दुनिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह का असर डालते हैं।' जीवाश्म ईंधन को बढ़ावा देने का वादा किया है ट्रंप ने दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए जीवाश्म ईंधन में कटौती की वकालत की जा रही है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप जलवायु परिवर्तन को नहीं मानते और जलवायु संकट को महज धोखा करार देते हैं। ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान ऊर्जा कीमतों को कम करने के लिए घरेलू जीवाश्म ईंधन उद्योग को बढ़ावा देने का वादा किया था। ट्रंप ईंधन की कीमतें कम करके मुद्रास्फीति को कम करना चाहते हैं। ट्रंप ने 2015 के ऐतिहासिक पेरिस समझौते के तहत जलवायु परिवर्तन से निपटने की अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को भी खत्म करने का वादा किया था। इससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया के पर्यावरणविद् परेशान हो सकते हैं। recent visitors 55

एफएसएल जांच के बाद एक आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान-सिरोही के जावाल नगर पालिका में बांटे फर्जी पट्टे

सिरोही. नगर पालिका जावाल में फर्जी पट्टा प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बरलूट पुलिस द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यह गिरफ्तारी की गई। मामले में सहवाग पुत्र दिनेश कुमार राठौड़ को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस इस मामले में अग्रिम जांच कर और जानकारियां जुटा रही है। इससे पूर्व जांच के दौरान प्रार्थी व गवाहों से पूछताछ कर रिकॉर्ड प्राप्त किया गया तथा जारी फर्जी पट्टों के संबंध में एफएसएल जांच करवाई गई, जिसमें उक्त पट्टे फर्जी पाए गए। पुलिस के अनुसार इस मामले में 10 मई 2024 को नगर पालिका शिवगंज, जिला सिरोही के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी महेन्द्र कुमार राजपुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। वे उस समय अधिशासी अधिकारी नगर पालिका जावाल के पद पर कार्यरत थे। इस अवधि में उसके द्वारा अन्य कार्यों के साथ-साथ अलग-अलग कानूनों में पट्टे भी जारी किए थे, उनके द्वारा अंतिम पट्टा स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत 6 अक्टूबर 2023 को जारी किया था। उसके बाद राजस्थान विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण 6 अक्टूबर 2023 के बाद कोई पट्टा जारी नहीं किया था। इसके बाद उनका स्थानांतरण नगर पालिका शिवगंज में हो गया, जहां उन्होंने अपना कार्य ग्रहण किया था। वह अब तक नगर पालिका शिवगंज में कार्यरत हैं। 8 मई 2024 को वर्तमान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका जावाल के एक पत्र के माध्यम से पता चला कि विकास पुत्र मोहनलाल माली निवासी जावाल को जारी पट्टा संख्या 355 दिनांक 13 अक्टूबर 2023 पर अध्यक्ष एवं महेंद्र राजपुरोहित के हस्ताक्षर झूठे होने बाबद तथ्य अंकित किए गए थे। इस पर उन्होंने नगर पालिका कार्यालय जावाल जाकर रिकॉर्ड का अवलोकन किया तो पता चला कि उक्त पट्टे की पत्रावली व अन्य दस्तावेज नगर पालिका जावाल में दर्ज नहीं हैं एवं पट्टे पर उसके हस्ताक्षर फर्जी एवं कूटरचित किए हुए हैं। इसके अलावा यह पट्टा न तो उन्होंने जारी है न ही उस पट्टे पर उन्होंने कभी हस्ताक्षर किए हैं। उसके कार्यकाल में स्टेट ग्रांट एक्ट में प्रस्तुत आवेदन पत्रावलियों का तथा इस एक्ट में जारी पट्टों का इन्द्राज नगर पालिका जावाल के संधारित रजिस्टरों में किया हुआ है। उसके बावजूद इस व्यक्ति एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा उसकी जानकारी व सहमति के बिना फर्जी व कूटरचित तरीके से हस्ताक्षर कर पट्टे प्राप्त किए हैं। इस पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर वृत्ताधिकारी मुकेश चौधरी द्वारा जांच की गई थी। recent visitors 73

वहां शॉर्ट सर्किट से अचानक बिजली गुल, तमिलनाडु के जिस अस्पताल में डॉक्टर को मारा चाकू

चेन्नई. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित सरकारी कलैइगनार सेंटेनरी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (केसीएसएसएच) में शनिवार रात अचानक बिजली गुल हो जाने से मरीजों और उनके परिजनों की सांसें अटक गईं। दरअसल, यहां इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आ गई। बाद में इसे तुरंत ठीक किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिजली जाने के कुछ ही देर बाद गड़बड़ी को ठीक करा सप्लाई फिर शुरू की गई। तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुप्रिया साहू ने कहा कि अस्पताल की मेन केबल में आग लग गई थी, जिससे वहां बिजली सप्लाई बंद हो गई। उन्होंने बताया कि जनरेटर की सप्लाई केबल पर भी प्रभाव पड़ा, लेकिन एक दूसरे जेनरेटर की मदद से अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखे गए 15 मरीजों को जानलेवा नुकसान से बचा लिया गया। फिलहाल केसीएसएसएच में 419 मरीज भर्ती हैं, जिन पर बिजली जाने का प्रभाव न पड़ने देने की कोशिश की गई। सुप्रिया साहू के मुताबिक, लोक कल्याण विभाग के मुख्य इंजीनियर और अन्य अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि अस्पताल को पावर सप्लाई एक हाईटेंशन केबल के जरिए मिलती रहे। फिलहाल जेनरेटर को ठीक करने का काम किया जा रहा है। अफसर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "अब हमारी प्राथमिकता यह है कि वेंटिलेटर सपोर्ट और क्रिटिकल केयर में रखे गए मरीजों पर प्रभाव न पड़े। हमने उनके साथ मौजूद लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिया। हॉस्पिटल की मेन सप्लाई चालू है और घबराने की कोई बात नहीं है।" एसीएस के अलावा तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम भी अस्पताल के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली आपूर्ति का काम देखा। इसी अस्पताल में डॉक्टर पर चाकू से हुआ था हमला बता दें कि इसी अस्पताल में एक मरीज के बेटे ने कैंसर रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पर चाकू से कई बार हमला किया था। आरोपी ने बाह्य रोगी विभाग के कमरे में हमले को अंजाम दिया और वह अस्पताल में भर्ती अपनी मां की इलाज से कथित तौर पर नाराज था। इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले को लेकर चिकित्सकों और नर्सों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन भी किया था। recent visitors 66

पाकिस्तान में निकले फतवे से लोग नाराज, ‘वीपीएन के जरिए अवैध सामग्री देखना शरिया के खिलाफ’

इस्लामाबाद. पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हालांकि, यहां सरकार, सेना और धार्मिक संगठनों की नजर इन परेशानियों को सुलझाने के बजाय लोगों की रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के खात्मे की ओर ज्यादा रही है। सरकार की तरफ से अलग अलग वक्त पर एक्स समेत कई वेबसाइटों और एप्स को बैन करने का फरमान सुनाया जाता रहा है। हालांकि, अब इन मसलों पर धार्मिक संगठन भी घुस गए हैं, जिसे लेकर पाकिस्तान की आवाम में जबरदस्त गुस्सा है। ताजा मामला पाकिस्तान के एक संवैधानिक धार्मिक संस्थान से जुड़ा है, जिसने इंटरनेट के लिए इस्तेमाल होने वाले वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) को ही इस्लाम विरोधी बता दिया और इसे लेकर फतवा जारी कर दिया। बता दें कि वीपीएन का इस्तेमाल किसी देश में प्रतिबंधित सामग्री, वेबसाइट या एप को चलाने में किया जाता है। इसे लेकर पाकिस्तान में काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (इस्लामी विचारधारा परिषद), जो कि धर्म से जुड़े शिक्षण और अन्य मुद्दों पर सरकार को सलाह भी देता है, की तरफ से फतवा लोगों को पसंद नहीं आया है। यहां तक कि डिजिटल अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं और कुछ धार्मिक नेताओं ने भी इसका विरोध किया है। इस्लाम के विद्वानों ने घेरा पाकिस्तान के डॉन अखबार के मुताबिक, सीआईआई के प्रमुख रघी नईमी ने कहा कि वीपीएन के जरिए इंटरनेट पर अवैध सामग्री देखना शरिया के खिलाफ है। सोशल मीडिया पर एक बयान में पाकिस्तान के जाने-माने धार्मिक नेता मौलाना तारिक जमील ने कहा कि अगर वयस्क सामग्री या ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री देखना ही मुद्दा है तो वीपीएन से पहले मोबाइल फोन को भी इस्लाम विरोधी घोषित कर देना चाहिए। दूसरी तरफ पाकिस्तान के एक सांसद और शिया संगठन मजलिस वहादत मुस्लिमीन के प्रमुख अल्लमा नसीर अब्बास ने कहा कि देश को अयोग्य और भ्रष्ट उच्च वर्ग चला रहा है, जो लोगों के असल प्रतिनिधि भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे कानून बनाते हैं और फतवे का इस्तेमाल अपने मन से करते हैं। recent visitors 107

फल-सब्जी विक्रेताओं ने भी रखा बंद, राजस्थान-शाहपुरा में जलझूलनी एकादशी के जुलूस पर मस्जिद से पत्थरबाजी का विरोध

शाहपुरा. भीलवाड़ा संसदीय क्षेत्र के शाहपुरा जिले के जहाजपुर कस्बे में बीते चार दिनों से सर्व हिंदू समाज का धरना-प्रदर्शन जारी है। दो माह पूर्व जलझूलनी एकादशी पर बेवाण के धार्मिक जुलूस पर समुदाय विशेष के धर्मस्थल से पत्थरबाजी की घटना को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन ने अब व्यापक रूप ले लिया है। शनिवार को महिलाओं और युवाओं के प्रदर्शन के बाद आज रविवार को जहाजपुर के सब्जी और फल विक्रेताओं ने भी जहाजपुर बंद का समर्थन कर दिया है। इसके चलते जहाजपुर में सब्जी और फल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। प्रदर्शन का असर अब व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। रविवार को सब्जी और फल विक्रेताओं ने भी बंद का समर्थन कर दिया, जिससे कस्बे में सब्जी और फल मिलना बंद हो गया है। यह पूरा मामला करीब दो महीने पहले जलझूलनी एकादशी के दौरान पीतांबर श्याम के धार्मिक जुलूस पर मस्जिद के भीतर से हुए पत्थरबाजी से शुरू हुआ था। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की थी लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। हिंदू संगठनों ने प्रशासन के समक्ष 14 सूत्रीय मांगें रखी थीं, जिनमें जुलूस पर पत्थरबाजी के आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना शामिल था। प्रशासन की ओर से इन मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को महिलाओं ने थाने के बाहर रैली निकालकर प्रदर्शन किया था। देर रात युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला और मोबाइल टॉर्च जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर मुख्य मार्ग से रैली निकाली और थाने का घेराव भी किया। कस्बे में इस आंदोलन के चलते राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। यह क्षेत्र भीलवाड़ा लोकसभा सीट के सांसद दामोदर अग्रवाल का गृह क्षेत्र है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद आंदोलन जारी रहने से सियासी चर्चाएं गरमा गई हैं। शनिवार देर रात जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और प्रशासन की कार्रवाई का विवरण साझा किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने उनकी बातों से असहमति जताई और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं शाहपुरा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने शनिवार को जहाजपुर थाना अधिकारी नरपत राम को हटाकर मनीष देव को नया थाना अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद पिछले दो महीने की कार्रवाई का विवरण साझा किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। विहिप के जिला मंत्री शशिकांत पत्रिया व बजरंगदल के जिला संयोजक श्यामलाल गुर्जर का कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी 14 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करता, आंदोलन जारी रहेगा। बजरंग दल के अध्यक्ष श्याम गुजर ने कहा, यह आंदोलन हिंदू समाज की अस्मिता और न्याय के लिए है। हमारी मांगें पूरी होने तक हम शांत नहीं बैठेंगे। आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी ने इसे और व्यापक बना दिया है। प्रदर्शन में शामिल मायादेवी ने कहा कि हम अपने हक और सम्मान के लिए यहां खड़े हैं। प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धरने और रैलियों के कारण कस्बे में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है। जहाजपुर का यह आंदोलन केवल धार्मिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक असंतोष का प्रतीक बन चुका है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कैसे करता है और कस्बे में शांति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाता है। recent visitors 122

‘चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर दी है’, मौलाना सज्जाद की विभाजक टिप्पणियों पर बोले सोमैया

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेता किरीट सोमैया ने विभाजनकारी टिप्पणी के लिए मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी के खिलाफ महाराष्ट्र चुनाव आयोग के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी। रविवार को इसकी कार्रवाई पर बात करते हुए भाजपा नेता ने बताया कि चुनाव अधिकारी ने  मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी की विभाजनकारी टिप्पणियों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आज शाम तक आने की संभावना है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मीडिया से इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, "मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी ने बयान दिया था कि भाजपा को समर्थन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार वोट जिहाद है। मैंने जो शिकायत दर्ज कराई थी, उस संबंध में महाराष्ट्र चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जानकारी दी। परभणी जिले के चुनाव अधिकारी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद है कि आज शाम तक रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी।" राकांपा-एसपी प्रमुख शरद पवार और महाविकास अघाड़ी गठबंधन पर निशाना साधते हुए किरीट सोमैया ने उनपर ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड का समर्थन करने 10 प्रतिशत आरक्षण एवं आरएसएस को बैन करने की मांगों को मानने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "क्या शरद पवार को शर्म आती है? या वे हिंदुओं के बारे में बोलने से डरते हैं। मौलाना खलीलुर रहमान सज्जाद नोमानी जैसा बयान कोई नहीं देता। हिंदुत्व में इस तरह की भाषा मौजूद नहीं है। शरद पवार साहब आपने अपना समर्थन ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की तरफ बढ़ा दिया है। शरद पवार और कांग्रेस मराठी मुस्लिम सेवा संघ का समर्थन करते हैं। शरद पवार और कांग्रेस ने उनकी 10 प्रतिशत आरक्षण और आरएसएस को बैन करने की मांग को मान किया है। शरद पवार वोट जिहाज जैसी बाते फैलाते हैं। राहुल गांधी और सलमान खुर्शीद के परिवार वाले वोट जिहाद पैला रहे हैं।" उद्धव ठाकरे-संजय राउत को भी घेरा किरीट सोमैया ने शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं उद्धव ठाकरे और संजय राउत को भी घेरा। उन्होंने कहा कि उन्हें (उद्धव गुट को) अपना नाटक बंद कर देना चाहिए, क्योंकि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक सभी के बैग की जांच कर रहा है। भाजपा नेता ने कहा, "उद्धव ठाकरे की हालत खराब हो गई है। वे नाटक करते हैं और चुनाव आयोग को गालियां देते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके बैग की जांच की। चुनाव आयोग का कहना है कि वे सभी के बैग की जांच कर रहे हैं।" बता दें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इसे सत्ता से बेदखल करने के प्रयास में है। recent visitors 74

टिकट न मिलने पर बुकिंग विंडो पर किया हंगामा, राजस्थान-सवाई माधोपुर के रणथंभौर में उमड़े पर्यटक

सवाई माधोपुर. सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में इन दिनों पर्यटकों की खासी भीड़ जुट रही है, जिसके चलते रणथंभौर की टिकट बुकिंग विंडो पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। टिकट नहीं मिलने से नाराज पर्यटकों ने टिकट विंडो पर जमकर हंगामा किया और वनाधिकारियों एवं कर्मचारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज पर्यटकों ने रणथंभौर के वनाधिकारियों और कार्मिकों को भ्रष्ट एवं चोर तक बता दिया। वहीं पर्यटन से जुड़े वनाधिकारियों ने पर्यटकों के आरोपों को सिरे से नकार दिया है तथा संख्या से अधिक पर्यटक आने व अवेलेबल टिकट के आधार पर बुकिंग किए जाने की बात कही। पर्यटन विंडो पर टिकट नहीं मिलने से नाराज पर्यटकों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर टिकट ब्लैक करने का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। पर्यटकों के अनुसार विभाग ने टिकट बुकिंग विंडो से टिकट देना निर्धारित किया हुआ है, लेकिन विभाग की टिकट खिड़की से पर्यटकों को टिकट नहीं मिल रहा है। टिकट नहीं मिलने से करीब 20 से 25 मिनट तक पर्यटकों का जमकर हंगामा देखने को मिला। पर्यटकों ने वन विभाग पर टिकटों की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया और कहा कि यहां टिकट की कालाबाजारी का गड़बड़झाला पिछले दो सालों से चल रहा है। पर्यटकों ने टिकट विंडो पर हंगामा करते हुए अपने सभी लोगों को रणथंभौर आने से मना किया और यहां की अव्यवस्था के बारे में लोगों को बताने की बात कही। मामले को लेकर रणथंभौर के उप वन संरक्षक पर्यटन प्रमोद धाकड़ ने बताया कि वीकेंड के दौरान रणथंभौर में पर्यटकों की ज्यादा ही भीड़ रहती है। जिसके चलते विभाग की ओर से 15 पर्यटक वाहन बढ़ाकर जंगल में भेजे जा रहे हैं। फिलहाल 15 में से 9 कैंटर पार्क भ्रमण के लिए भेजे जा रहे हैं। भीड़ अधिक होने से सभी पर्यटकों को टिकट मिलना संभव नहीं है। recent visitors 94