महाकुंभ 2025: दिन-रात संगम क्षेत्र की सफाई और संरक्षण में जुटेेंगे 500 गंगा प्रहरी

प्रयागराज उत्तरप्रदेश में जोर शोर से महाकुंभ 2025 की तैयारी की जा रही है। हर वर्ष प्रयागराज के पवित्र संगम में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते है। सीएम योगी के निगरानी में महाकुंभ की तैयारियां की जा रहा है। इस बार करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है, ऐसे में घाटों और नदियों की स्वच्छता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए प्रयागराज में 500 गंगा प्रहरी तैनात किए गए है, जो दिन-रात संगम क्षेत्र की सफाई और संरक्षण में जुटे है। प्रत्येक घाट पर 15 से 20 गंगा प्रहरी तैनात होंगे, जो शिफ्ट में काम करेंगे। गंगा प्रहरी न केवल नदियों की सफाई करेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं को भी जागरूक करने का काम करेंगे। महाकुंभ के दौरान देशभर से 200 अतिरिक्त गंगा प्रहरियों को बुलाया जाएगा, ताकि स्वच्छता और व्यवस्थाओं में कोई कमी न रह जाए। पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 का शुभारंभ करने के लिए 13 दिसंबर को प्रयागराज आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का आह्वान करेंगे। इस महाभियान में जिले के चार लाख स्कूली बच्चे जुड़ेंगे। इसके लिए भी तैयारियां शुरू हो गई है। recent visitors 138

22 नवंबर को दिल्ली में चुनाव प्रभारियों की बैठक, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा संभव

रायपुर विधानसभा-लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद अब भाजपा निकाय चुनाव में ताकत झोंकेगी। इसके पहले भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के लिए संगठन चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। फिलहाल बूथ स्तर पर भाजपा के सक्रिय सदस्यों को पदाधिकारी चुना जा रहा है। भाजपा के संगठन पर्व के तहत 14 नवंबर से बूथ कमेटी के चुनाव शुरू हो चुके हैं, जो 20 नवंबर तक चलेंगे। मंडल और जिलाध्यक्ष के चुनाव से पहले 22 नवंबर को सभी राज्यों के चुनाव प्रभारियों की दिल्ली में बैठक होने जा रही है, जिसमें अगले चरणों की तिथि तय की जाएगी। पार्टी नेताओं का यह भी आकलन है कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। चुनाव में भागीदारी के लिए भाजपा का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य हैं। सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए एक लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 50 हजार सदस्य बने हैं। बाकी सामान्य सदस्यों के 60 लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 53 लाख सदस्य बने हैं। संगठन ने इस बार सक्रिय सदस्यता में हर वर्ग को जोड़ने का संदेश दिया है। ऐसे लोग जो कि समाज हित में काम कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। संगठन के चुनाव के जरिए भाजपा अपना ताकत दिखाने के लिए रणनीति बना रही है। समर्थक-रिश्तेदारों को बैठाने से परहेज पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस पर भाजपा के संगठन चुनाव में विधायक-सांसदों पर कड़ी नजर है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बूथ, मंडल या जिलाध्यक्ष के चुनाव निष्पक्ष और सर्वसम्मति से होने चाहिए। विधायक या सांसद अपने समर्थक या रिश्तेदार को संगठन में बैठाने का प्रयास करें तो उसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा पीढ़ी परिवर्तन की रणनीति पर काम कर रही है। इसका सीधा आशय यही है कि कोई भी जनप्रतिनिधि संगठन को जेब में रखने यानी अपनी मर्जी से चलाने की कोशिश करेगा तो ऐसे प्रयास को विफल कर देना है। नड्डा की कार्यशाला में बनेगी रणनीति जानकारी के मुताबिक दिल्ली में संगठन चुनाव को लेकर आयोजित कार्यशाला पार्टी के नेताओं ने एक ही संदेश दिया जाएगा कि पार्टी अपनी ताकत का एहसास करने के लिए तैयार रहे। जिला स्तर तक कार्यशालाएं कराकर भाजपा इस बार के संगठन चुनाव को और मजबूत बनाएगी। राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार अगले 90 दिनों में भाजपा के जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष में परिवर्तन को तय करने की रणनीति बनी है। इस कार्यशाला में भाजपा के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सभी प्रदेश अध्यक्षों सहित संगठन से जुड़े लगभग सवा सौ शीर्ष नेता शामिल होंगे। सक्रिय सदस्यता अभियान की होगी समीक्षा: संजय श्रीवास्ताव भाजपा के प्रदेश महामंत्री व सक्रिय सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में 405 मंडल हैं और प्रत्येक मंडल में 200 सक्रिय सदस्यता बनाने का लक्ष्य है। एक लाख सक्रिय सदस्य बनाएंगे। अभी 50 हजार सक्रिय सदस्य बन चुके हैं। दिल्ली में हो रही बैठक में इसकी समीक्षा हो सकती है। बागी संगठन चुनाव की प्रक्रिया को लेकर भी रूपरेखा तैयार होगी। इसमें प्रदेश के नेता शामिल होंगे। निकाय चुनाव पर भाजपा-कांग्रेस दोनों का फोकस राज्य में नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने-अपने होमवर्क पर काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस-भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों का मुख्य फोकस युवा मतदाता हैं। इन्हें साधने के लिए भाजपा ने अपने भाजयुमो और कांग्रेस ने एनएसयूआई को आगे कर दिया है। इन दोनों का प्रयास है कि आने वाले चुनाव से पहले युवा और नए मतदाताओं को अपनी-अपनी पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए भाजयुमो और एनएसयूआइ को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि कांग्रेस में कुछ स्तर पर पदाधिकारियों के बदलाव के संकेत हैं, इसकी सूची कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को भेजी गई है। हम निकाय चुनाव में पूरा फोकस करेंगे। recent visitors 93

नेशनल हाइवे किनारे फेंका जा रहा अस्पतालों से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट

महासमुंद अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट खुलेआम नेशनल हाइवे के किनारे फेंक दिया गया है, जिससे इंसानों के साथ-साथ अन्य जीव-जंतु भी गंभीर बीमारी के चपेट में आ सकते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य अमला मामले की जानकारी आने के बाद जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है. जिला मुख्यालय से महज 5 किमी की दूरी पर नेशनल हाइवे 353 पर सड़क के किनारे लगभग 40-50 पैकेट में अस्पतालों से निकले वाला बायो मेडिकल वेस्ट खुलेआम फेंक दिया गया है. इसमें उपचार के दौरान इस्तेमाल बैंडेज, सिरिंज, दवाओं और ड्रीप की खाली बोतलें, मास्क, हैण्ड ग्लबस, प्लास्टर पट्टी, ऑपरेशन के दौरान निकलने वाले मेडिकल वेस्ट शामिल है. यह मेडिकल वेस्ट इतना बदबू दे रहा है कि गुजरने वाला अपनी नाक-मुंह बंद करने को मजबूर हैं. यह बायो मेडिकल वेस्ट लगभग एक हफ्ते से पड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इस बात का पता ही नहीं है. नियमानुसार सरकारी और निजी अस्पताल प्रबंधन खुले में मेडिकल वेस्ट नहीं फेंक सकते हैं. या तो इसे शासन द्वारा निर्धारित एसएमएस कंपनी को देगा या फिर निर्धारित मापदंड के अनुसार, सार्प पीट या डीप पीट दो अलग- अलग गड्ढे खोदकर डिकम्पोज करेगा. परन्तु यहां नियमों की धज्जिया उड़ाते हुए अस्पताल प्रबंधन खुलेआम सड़कों के किनारे फेंक रहे हैं. मामले में स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर का कहना है कि इस तरह का कृत्य नियम के विरुद्ध है. मामले की जांच कराई जाएगी, और जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस तरह के बायो मेडिकल वेस्ट से मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. recent visitors 54

ऐनेस्थियोलॉजिस्ट से दूसरों की सेवा कर बनायें बेहतर भविष्य…

ऑपरेशन थियेटर में मरीज का इलाज करने के लिए डॉक्टर की एक बड़ी टीम मौजूद होती है। लेकिन डॉक्टर्स की यह टीम तब तक अपना काम शुरू नहीं कर सकती, जब तक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट वहां पर मौजूद न हो। ऐनेस्थियोलॉजिस्ट के काम की शुरूआत तो ऑपरेशन से पहले ही शुरू हो जाती है। दरअसल, एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट मरीज को सही तरह से एनेस्थीसिया देता है ताकि बिना किसी दर्द से मरीज का इलाज हो सके। यह काम देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन वास्तव में यह काफी कठिन होता है। एक छोटी सी चूक से मरीज के अंग प्रभावित हो सकते हैं और यही कारण है कि अलग से ऐनेस्थियोलॉजिस्ट की जरूरत पड़ती है। आप भी अगर मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं तो बतौर ऐनेस्थियोलॉजिस्ट ऐसा कर सकते हैं− क्या होता है काम एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट का मुख्य काम मरीज को एनेस्थीसिया यानी बेहोश करने वाली दवाई ठीक तरह से देना होता है। उसे इस बात का ध्यान रखना होता है कि मरीज को एनेस्थीसिया देते समय उसे किसी तरह का दर्द न हो, साथ ही वह ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया भी बिना दर्द के पूरी कर ले और उस दौरान उसके सभी अंग ठीक तरह से काम करे। इतना ही नहीं, एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट सर्जरी से पहले, उस दौरान व बाद में मरीज की ब्रीदिंग, हार्टरेट आदि की मॉनिटरिंग भी करता है। स्किल्स चूंकि एक ऐनेस्थियोलॉजिस्ट को टीम के साथ मिलकर काम करना होता है, इसलिए आपको बतौर टीमवर्क काम करना आना चाहिए। इसके अतिरिक्त आपको अपने कार्य की सटीक जानकारी होनी चाहिए। आपकी एक छोटी सी भूल मरीज के जीवन पर भी भारी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त आपको हमेशा खुद को अपडेट रखने के लिए सेमिनार आदि भी जरूर अटेंड करने चाहिए। योग्यता अगर आप ऐनेस्थियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो आपके पास 12वीं में साइंस विषय के साथ मैथ्स या बॉयोलॉजी का होना अनिवार्य है। इसके बाद आप एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद ऐनेस्थियोलॉजी में एमडी कर सकते हैं।   संभावनाएं एक प्रोफेशनल ऐनेस्थियोलॉजिस्ट सरकारी व निजी अस्पतालों से लेकर हेल्थ क्लीनिक, ग्रामीण हेल्थ केयर सेंटर आदि में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त मेडिकल शिक्षण संस्थानों में भी बतौर लेक्चरर भी आप काम कर सकते हैं। प्रमुख संस्थान -वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज व सफरदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली -इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, बिहार -एसवीएस मेडिकल कॉलेज, आंध्र प्रदेश -अमृता इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, केरल -आरजी कार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता   recent visitors 76

मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की देंगे सौगात

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक सोमवार 18 नवंबर को चित्रकोट में होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर को 265 करोड़ 22 लाख की लागत के 115 विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें लगभग 138 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत वाली 55 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ 15 लाख 46 हजार लागत राशि के 60 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। लोकार्पण के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर बाईपास मार्ग, तोकापाल से करंजी मार्ग, छोटेदेवड़ा से आवराभाटा पाहुरबेल मार्ग, परपा में खनन से प्रत्येक प्रभावित व्यक्तियों हेतु आजिविका संवर्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र भवन, स्वामी आत्मानंद स्कूल धरमपुरा व दरभा सहित अन्य विकास कार्य की 78 करोड़ 67 लाख 93 हजार रूपए की लागत से 14 निर्माण कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा सोरगांव से जामगांव मार्ग, भैंसगांव ठोटीपारा से अलवाही मार्ग, गुलपुर से गुटीगुडापारा मार्ग, भानपुरी नवीन तहसील कार्यालय सहित 32 करोड़ 46 लाख 94 हजार रूपए की लागत से 13 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भरसागुड़ा से पखनाकोंगेरा ने 5 करोड़ 68 लाख  23 हजार रूपए की लागत से एक वृहद पूर्ण निर्माण कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 79 लाख 79 हजार रूपए की लागत से 02 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 19 करोड़ 94 लाख हजार रूपए की लागत से रेट्रो फिटिंग जल प्रदाय योजना के तहत 23 गांवों में विकास कार्य और स्वास्थ्य विभाग के 50 लाख रूपए की लागत से 2 विकास कार्य का लोकार्पण करेंगे। भूमिपूजन के तहत लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग 1 के द्वारा जगदलपुर चित्रकोट मार्ग का चैड़ीकरण सहित अन्य 3 कार्य की लागत 38 करोड़ 13 लाख 34 हजार रूपए की 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग बस्तर संभाग क्रमांक 2 के द्वारा कुम्हराकोट मोंगरापाल मार्ग की लागत 2 करोड़ 29 लाख 20 हजार रूपए की एक कार्य, आदिवासी विकास विभाग के द्वारा 5 आदिवासी बालक छात्रावास भवन 9 करोड़ 57 लाख 55 हजार रूपए की लागत, जल संसाधन विभाग के द्वारा एनीकट और स्टाप डेम हेतु 60 करोड़ 81 लाख 92 हजार रूपए की लागत से 21 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा महतारी सदन निर्माण हेतु 3 करोड़ 50 लाख 40 हजार रूपए की लागत से 12 कार्य, नगर पालिक निगम के 1 करोड़ 28 लाख 61 हजार रूपए की लागत से 4 कार्य, कृषि विभाग के 30 लाख रूपए की लागत से एक विकास कार्य, स्वास्थ्य विभाग के एक करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से 3 विकास कार्य, जिला निर्माण समिति के 10 करोड़ 18 लाख 44 हजार रूपए की लागत से 9 विकास कार्य का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत कुल 37 हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण करेंगे। जिसके तहत पशु चिकित्सा विभाग के 8 हितग्राहियों को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास एवं मादा वल्स भरण पोषण योजना के तहत 2 लाख 97 हजार रुपए की अनुदान राशि, उद्यानिकी विभाग के चार हितग्राहियों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 22 लाख 88 हजार रुपए का राशि, मछली पालन विभाग के 12 हितग्राहियों को नाव-जाल सहायता योजनांतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सामग्री, समाज कल्याण विभाग के दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत एक हितग्राही को 1 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि और 2 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्रायसायकल, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा लघु व्यवसाय हेतु ऋण योजना एवं सक्षम योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को 4 लाख 10 हजार रुपए की राशि का चेक वितरण किया जाएगा। साथ ही श्रम विभाग के श्रमिक कार्ड वितरण योजनांतर्गत 5 हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाएगा। recent visitors 72

उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में अब ठंड होने लगी है। कई राज्यों में तो सुबह और रात के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे में 17 और 18 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी है। अंडमान और निकोबार में भी इस हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। उत्तर भारत की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी यूपी, बिहार में 17 की रात और 18 नवंबर की सुबह तक बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी असम, मेघालय में 18 नवंबर तक कोहरे के छाए रहने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, उत्तरी कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मराठवाड़ा, तटीय कर्नाटक के इलाकों में न्यूतनम तापमान औसत से अधिक चल रहा है। आज मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान दिल्ली में 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 12-17 डिग्री सेल्सियस के बीच है। अधिकतम तापमान औसत से एक डिग्री जहां ज्यादा है, तो मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से कई जगह चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।   recent visitors 92

कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं, अब इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री खुद समभालेंगी ये विभाग

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने इस्तीफा दे दिया है। उनके पास परिवहन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी। अब जानकारी सामने आई है कि सीएम आतिशी ही इन विभागों की कमान संभालेंगी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के एलजी को प्रस्ताव भेज दिया है। दिल्ली की नजफगढ़ सीट से विधानसभा पहुंचने वाले कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं। कैलाश गहलोत के मौजूदा विभाग कैलाश गहलोत के पास परिवहन मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक सुधार, महिला और बाल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे। अब इन विभागों की जिम्मेदारी सीएम आतिशी संभालेंगीं। सीएम आतिशी के मौजूदा विभाग दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। सीएम आतिशी के पास इस समय शिक्षा, पॉवर, लोक निर्माण विभाग, ट्रेनिंग और टेक्निकल एजूकेशन, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, जल, सतर्कता, योजना और कानून न्याय और विधिक मामले जैसे विभाग हैं। इसके अलावा उनके पास उन सभी विशेष विभागों की जिम्मेदारी है जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। पहले भी आतिशी पर दिखाया गया था भरोसा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। इसके अलावा अब उनके पास और भी जिम्मेदारियां आ जाएंगीं। आपको बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में जाने के दौरान भी पार्टी ने आतिशी पर भरोसा जताया था। उस समय भी मनीष सिसोदिया के विभाग आतिशी के पास पहुंचे थे। इसमें शिक्षा मंत्रालय की चर्चा काफी हुई थी। recent visitors 90