Wednesday, July 8, 2026 2:33 am

नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सीआरपीएफ जवानों से सीएम साय करेंगे मुलाकात, बढ़ाएंगे हौसला

रायपुर बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक लेने सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर दौरे पर हैं. इस दौरान सीएम साय बस्तर के सीआरपीएफ कैंप में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात करेंगे और उनका हौसला बढ़ाएंगे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक शुरू हुई. मुख्यमंत्री साय ने एनएमडीसी के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने सीएसआर मद में प्रेषित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने प्रबंधन को निर्देश दिए. उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश दिए. recent visitors 66

उत्तराखंड में हाईवे पर रूकी वाहनों की रफ्तार, NH के पास भूस्खलन जारी

अल्मोड़ा. यहां क्वारब की पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन से अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर शनिवार दोपहर से यातायात ठप है। इससे मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ और पहाड़ से मैदान की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद हो चुके हाईवे को खोलने में प्रशासन और लोनिवि लाचार नजर आ रहे हैं। क्वारब की पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का क्रम जारी है। लगातार दरक रही पहाड़ी के चलते हाइवे पर आए मलबे को साफ करना बहुत जोखिम भरा हो गया है। तीन जिलों का है मुख्य मार्ग अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग यहां अल्मोड़ा समेत बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले का मुख्य मार्ग है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमा पर क्वारब के समीप तीन महीनों से पहाड़ी दरक रही है। जिससे यहां से वाहनों का आवागमन करना खतरे से खाली नहीं है। इधर शनिवार दोपहर को पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से यहां भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर एनएच पर गिर गए। इधर रविवार को भी पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरता रहा। मलबे और बोल्डर की बौछार के बीच एनएच पर गिरे मलबे को साफ करना विभाग के लिए मुश्किल भरा हो गया है। इधर मलबा नहीं हटने के कारण मार्ग पर शनिवार से ही पूरी तरह यातायात ठप है। इससे यात्रियों को हल्द्वानी पहुंचने के लिए लमगड़ा और रानीखेत मार्ग से अतिरिक्त फेरा लगा कर पहुंचना पड़ रहा है। इस कारण लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां पर पहाड़ी दरक रही है, उस स्थान पर वाहनों का चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पहाड़ी से गिरते पत्थर वहां खतरा बने हुए हैं। तत्काल ट्रीटमेंट के नाम पर शुरू किया गया है कार्य, खतरा बढ़ा बीते दिनों दरकती पहाड़ी के लिए ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया, लेकिन यहां अब और खतरा बढ़ गया है। जिस स्थान पर ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है। उसी के बगल से पूरी पहाड़ी दरकते हुए नीचे खिसक रही है। इस बीच लोडर मशीन के आपरेटर अपनी जान जोखिम में डालकर मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। जिससे वहां पर काम करने में मजदूरों को दिक्कत हो रही है। मार्ग पर यातायात सुचारू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। -जेसी पांडे, एई राष्ट्रीय राजमार्ग। recent visitors 66

चित्रकोट में आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक का विरोध कर रहे कांग्रेसी, पुलिस ने थाने में किया नजरबंद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित चित्रकोट में आज बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक जारी है. इस दौरान बैठक का विरोध कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह सभी कांग्रेस भवन से निकल कर चित्रकोट की तरफ आ रहे थे. इसी बीच अनुपमा चौक के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार हुए कांग्रेसियों में जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन के साथ कई पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हैं. इन सभी को पुलिस ने बोधघाट थाने में नजर बंद कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक है. जिसमें साय सरकार बस्तर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने विकास कार्यों को लेकर चर्चा कर रही है. इसके लिए सीएम साय स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं. recent visitors 77

नर्सिंग इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में घुसा युवक, छात्राओं के साथ बदसलूकी, आरोपी को पकड़ कर किया पुलिस हवाले

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में जिला मुख्यालय में जीएनएम (GNM) नर्सिंग इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रविवार रात सुरक्षा व्यवस्था की कमी के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टला. देर रात 12 बजे एक युवक छत से कूदकर छात्राओं के हॉस्टल में घुस आया और छात्राओं के कमरे खटखटाने लगा. आरोपी ने छात्राओं के साथ बदसलूकी और हाथापाई भी की जिससे उन्हे चोट भी आई है. आरोपी ने छात्राओं के निजी कपड़े भी अपनी जेब में रख लिए थे. वहीं इस घटना में छात्राओं ने हिम्मत और दिमाग से काम लिया और आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया. फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है. जानकारी के मुताबिक, कोंडागांव जिला मुख्यालय में संचालित हो रहे  जीएनएम (GNM) इंस्टीट्यूट में रविवार रात 12 बजे छत से कूदकर   एक युवक नर्सिग छात्रों के हॉस्टल के अंदर घुस आया और वह छात्राओं के कमरे खटखटाने लगा. इससे छात्राएं गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी. की. इतना ही नहीं आरोपी ने लड़कियों के अंडर गारमेंट इनर अपनी पॉकेट में रख लिए थे. इसके बाद आरोपी युवक ने छात्राओं के साथ बदतमीजी और हाथापाई भी की, जिसके चलते कुछ छात्राओं को चोट भी आई है. लेकिन छात्राओं ने हिम्मत और विवेक से काम लेते हुए पुलिस को तत्काल सूचना दी और  आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. इस घटना में सबसे अधिक हैरानी की बात है कि आऱोपी ने गिरफ्तारी के वक्त लड़कियों से कहा कि मैं फिर आऊंगा और देख लूंगा… इस घटना के बाद से हॉस्टल की छात्राओं में डर बना हुआ है. वहीं इस घटना की खबर मिलते ही छात्राओं के परिजन भी हॉस्टल पहुंचकर बच्चों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. साथ ही नर्सिंग छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं परिजनों का कहना है कि  छात्रावास में 85 से ज्यादा छात्राएं रह रही हैं. लेकिन वहां कोई वार्डन की तैनाती ही नहीं है, जो रात में इन छात्रों का ख्याल रख सके. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल एक चौकीदार के भरोसे छात्राएं यहां निवासरत हैं. वही कमरों में अंदर से कुण्डी तक नहीं लगती. इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है. हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि वहां किसी भी कमरे के अंदर लगे दरवाजे की कुंडी नहीं लगती. रात में कोई महिला वार्डन भी साथ नहीं रहती. इसकी शिकायत हमने कई बार की है. लेकिन अब तक समाधान कोई समाधान नहीं किया गया. इस हादसे से हम सभी लोग डरे सहने से हैं. हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाई जाने की जरूरत है. वहीं इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय ने बताया कि युवक राहुल नेम को गिरफ्तार कर लिया गया है, फिलहाल उससे पूछताछ जारी है. नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की प्राचार्य अनीता सोनी ने बताया कि यहां पर कल वार्डन भी छुट्टी पर थी और वार्डन को भी यहां अटैच किया गया है. इसके अलावा हमने भी कई बार लिखित शिकायत ऊपर अधिकारियों को दी है. recent visitors 58

मुख्यमंत्री ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ| उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी| जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनन्दन किया| प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं| इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के  बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी|   'बस्तर कॉफी' के सफर की दिखी झलक बस्तर जिले के स्टाल में 'बस्तर कॉफी'  की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया  गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। 'बस्तर कैफे' की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है। कला और नवाचार का संगम कोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, 'मावा कोण्डानार' मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई। शिक्षा और बाल विकास में नवाचार दंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है। लघु वनोपज से बढ़ती आजीविका कांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों  सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।  महिला सशक्तिकरण का उदाहरण नारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है। यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगति सुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव,  लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया। 'नियद नेल्ला नार' योजना के सकारात्मक परिणाम बीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित 'नियद नेल्ला नार' योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है। recent visitors 60

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती है। संवेदनशील अधिकारी, समाज और राष्ट्र के सच्चें सेवक होते है। वे अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को बहुत कुछ दे सकते है। इसीलिए अपने कार्य व्यवहार में अधिकारियों को संवेदनशीलता के भाव को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्रीमती सोनाली मिश्रा मौजूद थी। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि इस पद तक पहुँचाने में आपके माता-पिता और गुरुजनों की विशेष भूमिका है। समाज के हर व्यक्ति का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान है। उन सबके प्रति कृतज्ञता के भाव को जीवन में हमेशा याद रखे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सभी युवा अधिकारी, विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। विकसित भारत के लिए ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की पहल करे, जिसमें जनता कानून लागू करने वालों से नहीं डरे, बल्कि कानून का सम्मान करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आम आदमी आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून व्यवस्था के संरक्षक और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी मानते है। उनके विश्वास पर खरा उतरना ही आपके कार्य की सफलता की कसौटी होगी। अपनी शक्तियों का उपयोग, समाज के अंतिम पंक्ति और कमजोर व्यक्ति को सशक्त बनाने में करे। साइबर क्राइम के बदलते स्वरूपों के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील और पेशेवर पहचान बनाने में आपकी मेधा और ज्ञान महत्वपूर्ण है। बिना भय, विलम्ब और पक्षपात के कार्य कर स्वयं के उदाहरण से पुलिस बल को प्रेरित करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौती, साइबर क्राईम और इसके बदलते स्वरूपों के प्रति जागरूकता और नवाचार बहुत जरुरी है। आमजनों और विशेष कर वंचित वर्गों को नवीनतम साईबर खतरों जैसे- डिजिटल अरेस्ट आदि विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाचारों के साथ प्रयास करे। राज्यपाल पटेल का स्वागत, प्रशिक्षु अधिकारी सुउर्वशी ने किया। राज्यपाल पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक, श्रीमती मिश्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2022 और 2023 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के कुल 11 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल है। आभार प्रदर्शन अकादमी के उपनिदेशक मलय जैन ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अन्य अधिकारी और संबंधित उपस्थित थे।   recent visitors 75

मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, भेजी जाएंगी CAPF की 50 और कंपनियां

इंफाल  भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 5,000 से ज्यादा कर्मियों वाली सीएपीएफ की 50 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। इनमें से 35 यूनिट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और बाकी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) से होंगी। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल ए.डी. सिंह और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य में मौजूद हैं। इसी बीच, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने सोमवार को 6 बजे एनडीए के मंत्रियों और विधायकों की एक मीटिंग बुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि यह मीटिंग इसलिए बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके। यह पूरा का पूरा घटनाक्रम ऐसे टाइम में हो रहा है जब एनपीपी के सात विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। एनपीपी ने दावा किया कि राज्य की बीरेन सिंह सरकार पूर्वोत्तर राज्य में समस्या को हल करने में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। एनपीपी के बीजपी से समर्थन वापस लेने से भी बीजेपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बीजेपी के पास अपने 32 विधायकों के साथ बहुमत हासिल है। एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार को नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायकों और जेडीयू के छह विधायकों का भी समर्थन हासिल है। इस बीच, मुख्यमंत्री के सचिव निंगथौजम ज्योफ्रे ने मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति को लिखे पत्र में इंफाल घाटी में शक्तिशाली निकाय से आग्रह किया कि वह इस जरूरी मोड़ पर किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन से बचे। COCOMI ने सरकारी ऑफिस बंद रखने का किया था आह्वान COCOMI ने पहले कहा था कि कुकी-हमार उग्रवादियों द्वारा हमलों और हत्याओं से लोगों की जिंदगी और संपत्तियों की सुरक्षा करने में केंद्र विफल रहा है और इसके विरोध में सभी सरकारी ऑफिस को बंद रखेंगे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि जिरीबाम जिले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। पुलिस ने पुष्टि की कि गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन कहा कि यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई, जबकि चश्मदीदों ने दावा किया कि गोलीबारी सुरक्षा बलों की दिशा से हुई थी। यह घटना रविवार देर रात हुई जब उग्रवादियों द्वारा अगवा की गई महिलाओं और बच्चों की हत्या के विरोध में आंदोलनकारी जिरीबाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बाबूपारा में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई है। यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई। उन्होंने कहा कि मरने वाले की पहचान के अथौबा के तौर पर हुई है। यह करीब 20 साल का था। कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिस और जिरीबाम के निर्दलीय विधायक के घर में प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि वह संपत्तियों से फर्नीचर, कागज और अन्य चीजें बाहर ले आए और इमारत के सामने उनमें आग लगा दी। पांच लोगों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा कि असम के सिलचर कस्बे में एक सरकारी अस्पताल में जिरीबाम जिले से लापता हुए पांच लोगों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और कुकी-जो उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ के बाद जिरीबाम से लापता हुए छह लोगों में से पांच के शव पिछले कुछ दिनों में असम के कछार में जिरी नदी और बराक नदी में पाए गए और उन्हें सिलचर मेडिकल कॉलेज लाया गया। इतना ही नहीं एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एसएमसीएच में सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। संबंधित डॉक्टर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी मणिपुर प्रदेश एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष के ऋषिकांत ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। 15 नवंबर को बीजेपी के जिरीबाम मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों ने भी जिरीबाम और पूरे मणिपुर में की अशांति का हवाला देते हुए राज्य अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। क्या है मणिपुर विधानसभा की तस्वीर 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी, जिसके सात विधायक हैं, ने पहले बीरेन सिंह सरकार को बाहरी समर्थन दिया था क्योंकि वह एनडीए का हिस्सा है। गौरतलब है कि एनपीपी के समर्थन वापस लेने से एन बीरेन सिंह सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।   इंफाल में स्कूल-कॉलेज बंद   इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में कर्फ्यू लगाए जाने के बीच, मणिपुर सरकार ने कई जिलों में राज्य विश्वविद्यालयों सहित संस्थानों, कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की । इंफाल में सभी स्कूल, कॉलेज 19 नवंबर तक बंद रहेंगे।  recent visitors 87