जैन दादाबाड़ी में आयोजित दीक्षा महोत्सव में सम्मिलित हुए राज्यपाल

रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका गत दिवस रायपुर के जैन दादाबाड़ी में आयोजित पंच दिवसीय दीक्षा महोत्सव में विशेष रूप से सम्मिलित हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने वहां स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और उपस्थित तपस्वी जैन मुनियों से प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।     इस अवसर पर राज्यपाल ने 12 कठिन व्रतों के साथ आत्मशुद्धि की क्रिया को मुमुक्षुओं द्वारा मानवता के लिए की जा रही कठोर तपस्या बताते हुए उनके त्याग और समर्पण को नमन किया। महोत्सव में रायपुर (उत्तर) विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जैन समुदाय के लोग उपस्थित रहे। recent visitors 49

इंदौर से बैंकॉक के लिए जल्द शुरू होगी सीधी उड़ान, एयर इंडिया और इंडिगो तलाश रही संभावनाएं

  इंदौर अगर आप भी न्यू ईयर पर बैंकॉक जाने का प्लान बना रहे है, तो इसके लिए आपको अब मुंबई-दिल्ली जाकर फ्लाइट लेने की जरूरत नहीं, अब आप इंदौर से सीधे बैंकॉक की उड़ान भर सकते है। जी हां… इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द ही एक और इंटरनेशनल फ्लाइटl शुरू होने जा रही है। यह उड़ान इंदौर से सीधे बैंकॉक के लिए होगा। माना जा रहा है कि इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों से थाईलैंड जाने वाले पर्यटकों को नए साल में सीधी उड़ान का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए एयर इंडिया एयरलाइंस कंपनी ने प्रस्ताव बनाकर दिया है। जो जल्द ही मंजूर हो सकता है। एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष और सांसद शंकर लालवानी ने जानकारी देते हुए कहा कि हमने बैंकॉक और सिंगापुर के लिए प्रस्ताव भेजा था। यह दोनों ऐसी जगह हैं जहां टूरिज्म और यूरोपियन कंट्री में जाने के लिए काफी डिमांड है। जिसे लेकर एयरलाइंस ने विचार किया है और उनकी योजना है कि इंदौर से बैंकॉक फ्लाइट शुरू हो सकती है। बता दें कि इंदौर से सिंगापुर और बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की मांग लंबे समय से सामने आती रही है। फिलहाल इंदौर से एयर इंडिया द्वारा दुबई और शारजाह के लिए सीधी उड़ान का संचालन किया जा रहा है, जो प्रदेश की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ाने हैं और दोनों ही उड़ानों को यात्रियों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। इंदौर एयरपोर्ट से जल्द ही एक और इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। इंडिगो एयरलाइंस इंदौर से बैंकॉक के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है। इंदौर से बैंकॉक फ्लाइट शुरू करने के लिए एयर इंडिया भी काफी समय से प्लानिंग कर रही है। एयर इंडिया सिंगापुर के लिए भी कर सकती है इंदौर से फ्लाइट का संचालन इंदौर एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयर इंडिया इंदौर से सिंगापुर के लिए भी सीधी उड़ान शुरू करने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस फ्लाइट को शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन जब कंपनी ने ट्रैवल एजेंट्स से चर्चा की तो एजेंट्स ने यह फ्लाइट शुरू करने से मना कर दिया। वहीं इस फ्लाइट को लेकर टीके जोश का कहना है कि एयर इंडिया के अधिकारी इंदौर से सिंगापुर के लिए उड़ान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, इसके लिए उन्होंने हमसे चर्चा भी की थी। लेकिन हमने कंपनी को सिंगापुर की जगह बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करने की सलाह दी है। दरअसल, हमने एयरलाइंस के अधिकारियों को बताया है कि इंदौर से सिंगापुर के लिए अधिक पैसेंजर लोड नहीं मिलेगा। एयरक्राफ्ट की कमी के कारण शुरू नहीं हो पा रही इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि दोनों ही एयरलाइंस कंपनियां इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। लेकिन एयरक्राफ्ट की कमी के कारण यह फ्लाइट शुरू नहीं हो पा रही है। पिछले दिनों इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट को लेकर सांसद शंकर लालवानी ने भी कहा था की एयरलाइंस को नए एयरक्राफ्ट की डिलीवरी मिलना थी, जो इंजन की समस्या के कारण प्रभावित हुई है। एयरलाइंस का कहना है कि नए एयरक्राफ्ट मिलते ही हम प्रायोरिटी पर इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करेंगे। वहीं, इंदौर से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की बात करें तो बड़ी संख्या में लोग थाईलैंड और सिंगापुर भी जाते हैं। अगर इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू होती है तो इंदौर के आस-पास के यात्रियों को ज्यादा सुविधा होगी। यूक्रेन वॉर के कारण अटकी इंदौर-बैंकॉक फ्लाइट सांसद शंकर लालवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि एयरलाइंस का प्रस्ताव है और वह गंभीरता से इस बारे में विचार कर रहे हैं। लेकिन यूक्रेन वॉर के कारण इंजन की समस्या आ रही है। इस वजह से फ्लाइट शुरू करने में देरी हो रही है। दरअसल, एयरलाइंस को नए क्राफ्ट की डिलेवरी मिलना थी जो इंजन की समस्या होने से इफेक्टेड हुई है। एयरलाइंस का कहना है कि जैसे ही हमें ऑर्डर मिल जाएंगे हम पहली प्रायोरिटी में इंदौर से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करेंगे। थाईलैंड-बैंकॉक जाने के लिए भारत में यहां से मिलती है फ्लाइट भारत के कई प्रमुख शहर जैसे नई दिल्ली, बैंगलोर, कलकत्ता, चेन्नई, मुंबई, वाराणसी से थाईलैंड के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। थाईलैंड में आप कुछ प्रमुख एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं, यहाँ से आप तीन घंटे के भीतर बैंकॉक पहुँच सकते हैं। वहीं जानकारों की माने तो इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दुबई और शारजाह के लिए सीधी उड़ान से यात्रियों द्वारा कंपनी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद इंदौर से थाईलैंड-बैंकॉक तक सुविधा देने के लिए जल्द ही फ्लाइट शुरू की जा रही है। इंदौर हवाई अड्डे पर अब ई-वीजा भी होगा स्वीकार वहीं, देवी अहिल्याबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब ई-वीजा भी स्वीकार किया जाएगा। पहले सिर्फ कागजी वीजा ही लिया जाता था, लेकिन अब ई-वीजा की सुविधा भी शुरू हो रही है। सरकार ने मध्य भारत के इस व्यस्त हवाई अड्डे पर ई-वीजा स्वीकार किए जाने की यात्रियों की चार साल पुरानी मांग मंजूर कर लिया है। इसकी जानकारी देते हुए इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि मुझे यह सूचित करते हुए प्रसन्नता है कि देवी अहिल्याबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ई-वीजा स्वीकार किए जाने को मंजूरी मिल गई है। पहले स्थानीय हवाई अड्डे पर ई-वीजा को स्वीकार किए जाने की व्यवस्था नहीं होने से विदेश से आने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी।   recent visitors 67

सीएम पद पर नतीजों से पहले ही भिड़ गए कांग्रेस और उद्धव सेना, फायर हो गए संजय राउत

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा में मतदान एग्जिट पोल आते ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खबरें हैं कि MVA यानी महाविकास अघाड़ी के नेताओं के अलग-अलग सुर हैं। एक ओर जहां कांग्रेस अपना CM बनाने का दावा कर रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी ने इसे मानन से इनकार कर दिया है। बुधवार को जारी अधिकांश एग्जिट पोल राज्य में महायुति सरकार की संभावनाएं जता रहे हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, 'कांग्रेस के नेतृत्व में MVA सरकार बनेगी। जैसे की मतदान के रुझान आ रहे हैं, जैसा की लोग कह रहे हैं, उसके आधार पर कांग्रेस के अधिकांश उम्मीदवार जीतेंगे। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि महाविकास अघाड़ी की सरकार बनेगी। सीएम महाविकास अघाड़ी से होगा। जिस तरह से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव को पैसा बांटते हुए देखा गया। जिस होटल में वह रह रहे थे, वहां 5 बहजे के बाद रहने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने आदर्श आचार संहिता का पालन नहीं किया।' उन्होंने आगे कहा, 'वह कह रहे थे कि वह लेटर बांटने गए थे। अगर वह लेटर बांटने गए थे, तो क्या उनके पास जमीन पर कार्यकर्ता खत्म हो गए हैं। वह और कितने झूठ बोलेंगे। देवेंद्र फडणवीस का पीए वर्धा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके वेयरहाउस में शराब की बोतलें मिली हैं। वर्धा जिले में शराब पर पाबंदी है। क्या वो शराब और पैसा बांटकर नोट जिहाद करना चाहते हैं? यह सवाल उठता है। मुझे लगता है कि भाजपा संवैधानिक व्यवस्था में भरोसा नहीं करती है।' उखड़ी शिवसेना शिवसेना यूबीटी ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा, 'मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगा और कोई भी इसे नहीं मानेगा। हम साथ बैठेंगे और तय करेंगे कि नाना पटोले ने ऐसा कहा है और क्या नाना पटोले के पास कांग्रेस की कमान है। कांग्रेस आलाकमान ने कहा है कि आप सीएम बनेंगे, तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी को इसका ऐलान करना चाहिए…।' सीट बंटवारा महायुति में भारतीय जनता पार्टी का 152 सीटों पर चुनाव लड़ना तय हुआ था। जबकि, महाविकास अघाड़ी की तरफ से सबसे ज्यादा सीटें 101 कांग्रेस के खाते में आई थीं। एक ओर जहां शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने 80 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वहीं, उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 96 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी को 52 और एनसीपी एसपी को 87 सीटें मिलना तय हुआ था। recent visitors 104

दो सत्रों में होगा टैट परीक्षा का आयोजन, 24 और 26 नवंबर को होगी परीक्षा

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शेष बचे चार विषयों की टेट परीक्षाओं का कार्यक्रम वीरवार को घोषित कर दिया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक चार विषयों की टैट परीक्षाएं 24 और 26 नवंबर को दो सत्रों में आयोजित की जाएंगी। चार विषयों में सबसे पहले 24 नवंबर को टीजीटी नॉन मेडिकल टैट की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह के सत्र में 10:00 बजे से लेकर 12:30 तक आयोजित की जाएगी। उक्त परीक्षा के लिए 7176 अभ्यर्थी हैं जिनके लिए प्रदेश भर में 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसी दिन दोपहर बाद के सत्र में भाषा अध्यापक विषय की टैट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा दोपहर बाद 2:00 बजे से लेकर 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। उक्त परीक्षा के लिए 2508 अभ्यर्थी हैं जिनके लिए 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह 26 नवंबर को सुबह के सत्र में 10:00 बजे से लेकर 12:30 तक पंजाबी टैट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा के लिए 88 अभ्यर्थी हैं जिनके लिए एक परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी दिन दोपहर बाद दूसरे सत्र में उर्दू विषय की टैट की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जो दोपहर 2:00 से लेकर 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा में 12 अभ्यर्थी हैं जिनके लिए एक परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बोर्ड के सचिव डॉ मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि उपरोक्त परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड बोर्ड की वेबसाइट पर दर्शाए गए लिंक पर जाकर अपना आवेदन नंबर और जन्मतिथि डालकर प्राप्त कर सकते हैं। recent visitors 190

देहरादून में यातायात नियमों में बदलाव, सिग्नल का समय बढ़ा

देहरादून. नगर के ओएनजीसी चौक में हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब रात 12 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल चालू रहेंगे। इसके अलावा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर प्रमुख चौक पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने गुरुवार काे बताया कि यातायात की सुरक्षा को देखते हुए अब रात 12 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल चालू रहेंगे। साथ ही, प्रत्येक चौक पर स्पीड ब्रेकर बनाए जा रहे हैं, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके। उन्हाेंने कहा कि इन सुधारों से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क हादसों की संख्या को कम करने में मदद मिलेगी। दरअसल, ओएनजीसी चौक पर दर्दनाक सड़क हादसे से यातायात नियमों की खामियां सामने आई थीं। इस घटना के बाद दून पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए सिग्नल की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब रात 10 बजे के बजाय ट्रैफिक सिग्नल रात 12 बजे तक काम करेंगे। इसके अलावा, हर चौक-चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे, जिससे तेज गति से चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण पाया जा सके। recent visitors 105

लाइफ में कभी सक्सेसफुल नहीं होते कमजोर इंसान

कमजोर होने का मतलब केवल शरीर से नहीं होता, ऐसा इंसान जो भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं। उन्हें भी वीक पर्सनैलिटी में ही रखा जाता है। कमजोर इंसान की कुछ आदतें होती हैं। अगर गलत चीजों को देखकर उसे सही करने का हिम्मत नहीं रखते या इच्छाशक्ति नहीं होती है। तो ऐसे इंसान कमजोर कहलाते हैं। कमजोर इंसानों में अक्सर एक सी आदतें देखने को मिलती है। ये 8 आदतें कमजोर पर्सनैलिटी की ओर इशारा करती हैं। बुरी आदत पर कंट्रोल ना करना कमजोर इंसान वो होते हैं जो अच्छी तरह से जानने के बाद भी अपनी बुरी आदतों पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं और बुरी लत में फंते रह जाते हैं। खुद को विक्टिम साबित करते हैं जो लोग कमजोर मानसिकता के होते हैं वो हमेशा खुद को विक्टिम और बेचारे दिखाते हैं। ऐसे लोग जब किसी काम में फेल होते हैं तो उसका दोष दूसरों पर लगा देते हैं। दूसरों के बारे में बात करना कमजोर लोग हमेशा दूसरों के बारे में बात करना पसंद करते हैं। बुराई, गपशप करने में वो हमेशा आगे रहते हैं। खुद की आलोचना बर्दाश्ता ना करना जो लोग कमजोर मानसिकता के होते हैं वो खुद की आलोचना सुनना पसंद नहीं करते। मेहनतकश लोग अपनी आलोचना से सीखते हैं लेकिन कमजोर इंसान को खुद की आलोचना पसंद नहीं आती। दूसरों के प्रभाव में आ जाना कमजोर इंसान की खासियत होती है कि वो अपने बारे में ना सोचकर दूसरों के बारे में सोचना, उनकी लाइफस्टाइल, बातों से प्रभावित हो जाते हैं। डिसिप्लिन की कमी इंसान वहीं कमजोर होता है जो खुद को डिसिप्लिन में ना रख पाए। अगर इंसान के अंदर अनुशासन में रहने और पालन करने की क्षमता ना हो तो वो कमजोर इंसान माना जाता है। हार्ड वर्क की बजाय पहले आनंद खोजना कमजोर इंसान हार्ड वर्क से घबराते हैं। उन्हें लगता है कि मेहनत करने की बजाय पहले आनंद उठा लिया जाए। जिसकी वजह से अक्सर लाइफ में फेलियर हाथ लगता है। सेल्फ रिस्पेक्ट और सेल्फ कॉन्फिडेंस दोनो ही कम होते हैं कमजोर इंसान में आत्मविश्वास की कमी होती है। साथ ही ऐसे लोग के अंदर खुद का भी सम्मान नहीं होता है। recent visitors 104

अब पक्के मकान में भयमुक्त होकर जीवनयापन कर रही शांति बाई

जशपुरनगर प्रधानमंत्री आवास योजना से गांव की झोपड़ी में रहने वाले अनेक परिवारों का पक्के मकान का सपना पूरा हो रहा है। राज्य में शासन की योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिले और लोगों की सपने पूरे हो इस आशा से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के दिशा-निर्देशन में शत् प्रतिशत प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सार्थक पहला किया जा रहा है।          ऐसी कहानी है दुलदुला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत छेरडांड़ निवास शांति बाई की। जिनके सपनों का महल प्रधानमंत्री आवास योजना से बना है। अब शांति बाई और उनका परिवार पक्के मकान में आराम से रहते है। शांति बाई ने राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया। आज उन्ही के कारण हमारे पास अपना पक्का मकान है। शांति बाई की कहानी उनकी जुबानी शांति बाई ने बताया कि मेरे पति मजदूरी करते है। बचपन से ही शांति बाई ने गरीबी को देखा है। उनका पूरा परिवार कच्चे मकान में रहता है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत में किये जा रहे कार्यों में मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उन्होंने कहा कि गरीबी के कारण हम लोग अपना स्वयं का मकान नहीं बनवा सके तथा सदैव यह सपना होता था कि हमारा भी एक पक्का मकान हो जिसमें हम अपने परिवार के साथ रह सके। परंतु आर्थिक तंगी के चलते वह सपना पूर्ण नहीं हो पा रहा था। अंदर से मन खिन्न हो चला था उसी समय कुछ लोगों ने हमें बताया कि प्रधानमंत्री ने गरीब असहाय लोगों के लिए घर बनवाने की एक योजना चलाई है, जिसके द्वारा गरीब असहाय लोगों के अपने पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। मुझे इसका विश्वास न हुआ परंतु प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का बना गया।         शांति बाई ने बताया कि पक्के मकान नहीं होने से पहले झोपड़ी में जिंदगी गुजर रही थी। धूप, बरसात और कीड़े, जानवरों के डर के साये में जिना पड़ता था। छप्पर झोपड़ी की जिंदगी से परेशान थे। नातेदार रिश्तेदार के सामने भी बेइज्जती होती थी। परंतु मजबूरी से सब कुछ सहन करना पड़ता था। बरसात में तो खाना बनाने और रात में सोने में बहुत कठिनाई होती थी। परंतु अपनी गरीबी पर रोते थे जब उन्हें पता चला कि उनका नाम भी आवास सूची में है और प्रधानमंत्री आवास आबंटित हुआ उनका सपना पूरा होता नजर आया। जिसे वे बड़ी लगन व मेहनत से बना कर तैयार किया। वर्तमान में आवास बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि वे निर्धन व मजदूरी पेशा होने के चलते कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इतना सुंदर घर अपने जीवन में बना पाएगे।    recent visitors 70