Sunday, July 5, 2026 2:09 am

संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली दिल्ली के भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा। संभल घटना पर दिल्ली भाजपा नेता ने कहा है कि कोर्ट का आदेश है, सर्वे होगा और सच सामने आएगा। उसके बाद जो होना चाहिए वह भी होगा। जो करोड़ों लोग जिस चीज़ की प्रतीक्षा में उसका निर्माण भी वहां होगा। अगर कोई सोचता है कि वे पत्थर फेंककर, गुंडागर्दी करके या दंगे कराकर अदालत के आदेश या लाखों लोगों की आस्था को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। संभल में एक अत्याचार हुआ था। अब उसे अत्याचार को दूर करने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि न्याय की दृष्टि से कानून की दृष्टि से जो आदेश आया है उसका पालन होना चाहिए। संभल में दंगा करने की कोशिश की जा रही है। इस पर भाजपा नेता ने कहा है कि दंगों से न अयोध्या रुकी है और ना ही संभल रुकेगा, दंगों से ना काशी मथुरा रुका है। कानून अपना काम करेगा संभल में लोगों की जो आस्था है। वह सत्य वैज्ञानिक आधार पर सच सामने आएगा वह सच है जो वहां पर पहले था दोबारा बनेगा यह भी सत्य है, मुझे लगता है कुछ लोग जरूर उत्पाद करने की कोशिश करेंगे। लेकिन योगी आदित्यनाथ उनका इलाज कर देंगे। शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया था। जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा फैल गई। मौके पर संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे, लेकिन फिर भी माहौल बिगड़ता चला गया। पुलिस द्वारा किए जा रहे सर्वे के खिलाफ स्थानीय लोगों ने रोष जताया। इसी बीच, हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया और साथ ही फायरिंग भी की गई। इस बीच, पुलिस को खुद को बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फायरिंग और पथराव के बीच पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। recent visitors 86

रूस अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल ओरेश्निक को तैनात कर चुका है, 24 घंटे में कर सकते है उपयोग

रूस यूक्रेन ने अमेरिकी लॉन्ग-रेंज मिसाइल ATACMS से रूस के कुर्स्क इलाके में हमला किया है। इसके जवाब में, रूस अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल  "ओरेश्निक" को तैनात कर चुका है। अब यह मिसाइल राष्ट्रपति पुतिन के आदेश का इंतजार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24 घंटे में रूस इसका इस्तेमाल कर सकता है।  रूस की "ओरेश्निक" मिसाइल न केवल उसकी सैन्य ताकत का प्रदर्शन है बल्कि पश्चिमी देशों और नाटो को एक सीधी चेतावनी भी है। इस कदम से यूरोप में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अब दुनिया पुतिन के अगले कदम का इंतजार कर रही है।   यूरोप के 16 और 44 नाटो बेस रूस की रेंज में "ओरेश्निक" मिसाइल की ताकत इतनी है कि यह न केवल यूक्रेन बल्कि यूरोप के 16 देशों में फैले  44 नाटो देशों को भी निशाना बना सकती है। इनमें पोलैंड, जर्मनी, रोमानिया, इटली, बेल्जियम और इंग्लैंड जैसे महत्वपूर्ण नाटो बेस शामिल हैं।  पुतिन पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि रूस की सीमा पर किसी भी देश ने लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया, तो वह जवाबी हमले में देर नहीं करेगा। अब "ओरेश्निक" का तैनात होना पश्चिमी देशों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।   मिसाइल की अद्वितीय क्षमताएं   12,300 किमी/घंटा, जिससे यह रडार की पकड़ से बाहर रहती है।   5,500 किमी, एक बार लॉन्च होने पर कई देशों तक पहुंचने में सक्षम।   एक साथ 6-8 टारगेट पर हमला करने की क्षमता।   पारंपरिक और न्यूक्लियर दोनों तरह के हथियारों से लैस।   यह दिशा और एंगल बदलकर दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देती है।   नाटो बेस पर संभावित निशाने पोलैंड : अमेरिकी एयरफोर्स और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग साइट्स।  जर्मनी : रामस्टीन एयर बेस, जहां अमेरिकी और नाटो का मुख्यालय है।   रोमानिया : नाटो के पूर्वोत्तर बेस और एजीस एशोर मिसाइल सिस्टम।   इंग्लैंड : रॉयल एयर फोर्स बेस, जहां अमेरिका और नाटो के बड़े ऑपरेशन्स चलते हैं।   बेल्जियम और इटली : अमेरिकी परमाणु हथियारों के ठिकाने।   पश्चिमी देशों के लिए चुनौती   रूसी सैन्य विशेषज्ञों का दावा है कि अमेरिका और नाटो के पास "ओरेश्निक" का जवाब नहीं है। इसकी गति और तकनीक इसे रोकने के लिए लगभग असंभव बनाती है। पश्चिमी देशों की मिसाइलें, जैसे "डार्क ईगल," स्पीड और रेंज में इससे काफी पीछे हैं।   कितनी घातक है "ओरेश्निक"? अगर यह मिसाइल रूस के अस्त्राखान से दागी जाती है, तो:   पोलैंड : 8 मिनट में   जर्मनी : 11 मिनट में   बेल्जियम : 14 मिनट में   इंग्लैंड : 19 मिनट में पहुंच सकती है।  recent visitors 50

शाकिब अल हसन ने कहा टी10 क्रिकेट खेलने के लिए जरूरत हैं कुशल खिलाड़ियों की

अबू धाबी. बांग्ला टाइगर्स के कप्तान शाकिब अल हसन का मानना ​​है कि पिछले कई वर्षों में अबू धाबी टी10 एक प्रतियोगिता के रूप में विकसित हुई है और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही है। जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो, मैथ्यू वेड और राशिद खान सहित कई अंतरराष्ट्रीय सुपरस्टार खिलाड़ी अबू धाबी टी10 के चल रहे 2024 संस्करण में भाग ले रहे हैं, जो लीग का आठवां संस्करण है। शाकिब का यह बयान उनके टीम के सीजन के दूसरे मैच में जायद क्रिकेट स्टेडियम में न्यूयॉर्क स्ट्राइकर्स से सात विकेट से हारने के बाद आया है। हार के बावजूद, शाकिब और उनके साथी और अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान का गेंदबाजी प्रदर्शन उनकी टीम के लिए सबसे खास रहा, क्योंकि दोनों ने कम स्कोर वाले मुकाबले में विपक्षी टीम को खूब परेशान किया। मैच के बाद बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने कहा, “आज पिच पर स्पिनरों को मदद मिली। उन्होंने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की। सभी स्पिनरों को कुछ सहायता मिलेगी। जहां तक ​​टी10 की बात है, तो यह काफी आगे बढ़ चुका है। सभी बड़े खिलाड़ी इसमें भाग लेना चाहते हैं। अगर आप देखें तो इस टूर्नामेंट में सभी बड़े नाम आ रहे हैं। अबू धाबी में लगभग दो सप्ताह तक अच्छा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना एक शानदार मंच है।” शाकिब ने प्रतियोगिता में वर्तमान में खेल रहे प्रतिभा के स्तर की प्रशंसा की और कहा कि इससे टी10 प्रारूप की चुनौतियों का पता चलता है। उन्होंने कहा, “इस तरह के छोटे प्रारूप में हर कोई गेंदबाजों की तलाश करेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह तेज गेंदबाज है या स्पिनर। हर किसी को अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। इस समय, स्पिनर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। रात के समय, ओस हो सकती है और इससे बल्लेबाजों को मदद मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा, “टी10 खेलने के लिए आपको कुशल खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है। बहुत सीमित समय होता है और इस दौरान ही आपको अपनी गति बनानी होती है। हर गेंद पर आपको ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है। इस सीजन में हमारे पास सभी कुशल खिलाड़ी हैं।” 2022 के बाद से शाकिब के लिए अबू धाबी टी10 में यह दूसरा सीजन है। इससे पहले, उन्होंने 2022 सीजन में कप्तान के रूप में टाइगर्स का नेतृत्व किया था और उनकी टीम फाइनल में पहुंची थी। उनके मार्गदर्शन में, बांग्ला टाइगर्स इस साल की शुरुआत में जिम एफ्रो टी10 ट्रॉफी जीतने के बाद अबू धाबी में अपनी पहली ट्रॉफी जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। recent visitors 46

आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाज युजवेंद्र चहल 18 करोड़ रुपए की बड़ी रकम में बाइक

नई दिल्ली आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाज युजवेंद्र चहल को राजस्थान रॉयल्स ने मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन नहीं किया, जिससे वह नीलामी में शामिल हो गए। चहल ने 2 करोड़ रुपए के बेस प्राइस के साथ ऑक्शन में एंट्री की। कई टीमों के बीच उनके लिए जबरदस्त मुकाबला हुआ और अंततः पंजाब किंग्स ने उन्हें 18 करोड़ रुपए की बड़ी रकम में खरीदा, जो उनके बेस प्राइस का 9 गुना है। इसके साथ ही चहल आईपीएल के सबसे महंगे स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। चहल का आईपीएल सफर और शानदार रिकॉर्ड युजवेंद्र चहल ने आईपीएल में अपने करियर की शुरुआत मुंबई इंडियंस के साथ की थी। इसके बाद, 2014 में वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में शामिल हुए और 2021 तक इस टीम का हिस्सा रहे। 2022 के मेगा ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें खरीदा। चहल ने अपने आईपीएल करियर में अब तक 205 विकेट झटके हैं और वह इस टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज हैं। हर सीजन में 12+ विकेट का कमाल चहल का प्रदर्शन हर सीजन में लाजवाब रहा है। 2014 से अब तक उन्होंने हर सीजन में कम से कम 12 विकेट हासिल किए हैं। इनमें से 5 बार वह 20 से ज्यादा विकेट लेने में कामयाब रहे। 2022 में चहल ने 27 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती थी, जो आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को दी जाती है। राजस्थान रॉयल्स के लिए चहल का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। 2022 सीजन: 17 मैचों में 27 विकेट 2023 सीजन: 14 मैचों में 21 विकेट 2024 सीजन: 15 मैचों में 18 विकेट इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद, राजस्थान रॉयल्स ने चहल को रिटेन नहीं किया। इसके चलते वह एक बार फिर ऑक्शन में उतरे और बड़ी रकम हासिल की। पंजाब किंग्स में नई पारी की शुरुआत अब चहल पंजाब किंग्स का हिस्सा बन गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई टीम के लिए वह कैसा प्रदर्शन करते हैं और अपने रिकॉर्ड को कैसे आगे बढ़ाते हैं। recent visitors 59

मुख्यंत्री डॉ. यादव ने कहा- श्री मनोज शर्मा की संकल्पों की सिद्धि और दृढ़ता प्रदेश और देश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुम्बई में महाराष्ट्र कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री मनोज शर्मा (आईजी) एवं उनकी धर्मपत्नी, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती श्रद्धा शर्मा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री मनोज शर्मा की संकल्पों की सिद्धि और दृढ़ता प्रदेश और देश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री मनोज शर्मा ने विपरीत परिस्थितयों में चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त कर न केवल मुरैना बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। उललेखनीय है कि मध्यप्रदेश के निवासी श्री मनोज कुमार शर्मा 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं, जिन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हैं। वे वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनका जन्म चंबल संभाग के एक गांव में 3 जुलाई 1975 में हुआ था।   recent visitors 171

भुजबल ने कहा, ‘तीनों दल एक साथ बैठेंगे और तय किया जाएगा कि हमारा नेता कौन होगा, कहा-अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद महायुति गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा गरम है। अभी तक यह साफ नहीं है कि राज्य में सीएम की कुर्सी शिवसेना, भाजपा या एनसीपी नेता को मिलेगी। इस बीच, एनसीपी लीडर छगन भुजबल के बयान ने हलचल फिर बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं। भुजबल ने कहा, 'तीनों दल एक साथ बैठेंगे और तय किया जाएगा कि हमारा नेता कौन होगा। हम तीनों दल एकसाथ बैठेंगे और तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। अजित पवार भी सीएम बन सकते हैं। उनका स्ट्राइक रेट बहुत अच्छा है।' छगन भुजबल ने कहा कि आज हमारे सभी विधायक बैठक में आए। कई विधान परिषद सदस्य भी आए थे। इस दौरान सभी ने तय किया कि विधानसभा में हमारा नेतृत्व अजित पवार करेंगे, लेकिन सीएम कौन होगा, ये हम तीनों दल मिलकर तय करेंगे। वहीं, एनसीपी के पुणे अध्यक्ष दीपक मानकर ने भी अजित पवार के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा, 'NCP के कार्यकर्ता चाहते हैं कि अगर दादा (अजित पवार) होंगे, तो महाराष्ट्र को एक अच्छी दिशा मिलेगी। दादा में काम करने की क्षमता है। हम जानते हैं कि पिछले 2.5 वर्षों में उन्होंने महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री के रूप में किस तरह का काम किया।' 'पीएम मोदी और अमित शाह लेंगे फैसला' दीपक मानकर ने कहा कि महायुति सबको साथ लेकर चल रही है। पीएम मोदी और अमित शाह फैसला लेंगे, सभी साथ बैठेंगे। फडणवीस, शिंदे और दादा (अजित पवार) तीनों ही सक्षम हैं। वहीं, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महायुति नेता और भाजपा नेतृत्व यह तय करेंगे कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित किए गए। महायुति गठबंधन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी शामिल है। recent visitors 38

MP में 9 पुलिस अधीक्षकों के तबादले, दिनेश कुमार प्रजापति को पुलिस मुख्यालय भोपाल से एसडीओपी, सीतामऊ मंदसौर भेजा

भोपाल राज्य शासन ने नौ पुलिस अधीक्षकों के स्थानांतरण कर दिए हैं। इनमें एसीपी इंदौर नंदिनी शर्मा को डीएसपी, ईओडब्ल्यू इंदौर बनाया गया है। इसी तरह, दिनेश कुमार प्रजापति को पुलिस मुख्यालय भोपाल से एसडीओपी, सीतामऊ मंदसौर पदस्थ किया गया है। निकिता सिंह मंदसौर में एसडीओपी विश्वदीप सिंह को सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी बिसबल इंदौर से एसडीओपी सरदारपुर धार बनाया गया है। इसके अलावा, शिवेन्दु जोशी को एसीपी आसूचना इंदौर से एसीपी अन्नपूर्णा इंदौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निकिता सिंह को एसडीओपी मंदसौर से डीएसपी महिला सुरक्षा नीमच नियुक्त किया गया है। किशोर पाटनवाला को डीएसपी सीआइडी पुलिस मुख्यालय भोपाल से डीएसपी रतलाम के रूप में तैनात किया गया है। आशुतोष पटेल को इंदौर की जिम्मेदारी आशुतोष पटेल को एसडीओपी धार से एसीपी अपराध इंदौर की जिम्मेदारी दी गई है। इंद्रजीत सिंह चावड़ा को सहायक सेनानी राजभवन सुरक्षा से डीएसपी पुलिस मुख्यालय भोपाल नियुक्त किया गया। अभिलाष कुमार भलावी को एसडीओपी रतलाम से सहायक सेनानी राजभवन सुरक्षा पदस्थ किया गया है। कैलाश मकवाना बने नए पुलिस महानिदेशक प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कैलाश मकवाना की नियुक्ति की गई है। वह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल 1 दिसंबर से शुरू होकर 2 साल तक रहेगा। वे सुधीर सक्सेना की जगह लेंगे, जो 30 नवंबर को अवकाश ग्रहण करेंगे। recent visitors 63