Thursday, July 9, 2026 9:30 pm

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है- मंत्री सुश्रीनिर्मला भूरिया

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि आज का ज़माना सोशल मीडिया का है ,इसलिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। सभी युवाओं को सोशल मीडिया साक्षरता, डिजिटल एक्सटॉर्शन और ऑनलाइन लैंगिक हिंसा के बारे में शिक्षित किया जाना समय की आवश्यकता है।मंत्री सुश्री भूरिया सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में “हम होंगे क़ामयाब” पखवाड़े के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का भी प्रसारण किया गया। उन्होंने अपने संदेश में प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि हमारी बेटियों और बहनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा व सम्मान केवल सरकार या पुलिस की ज़िम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है। आज से 10 दिसंबर तक “हम होंगे क़ामयाब” पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें पुरुष वर्ग की भूमिका ज़्यादा अहम है। डॉ. यादव ने कहा कि यह आवश्यक है कि माता-पिता अपने बच्चों को जागरूक करें। महिलाओं पर होने वाली हिंसा का विरोध करें ।साथ ही समाज और परिवार में सभी समानता का माहौल बनाए।  मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि लैंगिक हिंसा आज भी हमारी सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियों में से एक है। यह न केवल महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती है बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के रास्ते में भी बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि "हम होंगे क़ामयाब" पखवाड़ा 25 नवम्बर से लेकर 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया और पूरे प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए है। हम होंगे क़ामयाब अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा की रोकथाम है। 25 नवंबर को हम महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाते हैं। इस 16 दिवसीय सक्रियता अभियान से निश्चित ही हमें महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे इन गंभीर मुद्दों को गहराई से समझने और ठोस समाधान तलाशने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि एक सभ्य समाज का निर्माण तभी हो सकता है जब महिला पुरुषों में समानता हो।महिलाओं के साथ किसी भी तरह की हिंसा ,मारपीट ,भेदभाव किसी भी आयु के पुरुष के द्वारा न किया जाए एवं प्रत्येक पुरुष सुनिश्चित करें कि वह अपने घर परिवार पड़ौस एवं गाँव में किसी महिला के प्रति हिंसात्मक दुर्व्यवहार नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के विरुद्ध की गई हिंसा आपके परिवार के विरुद्ध की गई हिंसा ही है, क्योंकि पीड़ित महिला हम आप में से किसी की बहन, बेटी, माँ ही है और दूसरी तरफ़ हिंसा करने वाला पुरुष भी किसी का भाई, बेटा, पति अथवा पिता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि हमें ख़ासकर घर के बड़ों को नौजवानों को समझाना होगा कि किसी भी तरह की अनैतिक हिंसात्मक गतिविधियां सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा गंभीर सामाजिक और क़ानूनी चुनौती है महिला सुरक्षा का मतलब केवल शारीरिक सुरक्षा से नहीं है बल्कि यह मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी शामिल करता है।  महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हें लागू करने के लिए कानूनों और नीतियों का निर्माण किया गया है जिससे महिलाएँ अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें ।कई राज्यों में महिलाओं के लिए विशेष पुलिस स्टेशन खोले गए हैं जहाँ महिलाएँ बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 महिलाओं के लिए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती है। महिला हेल्पलाइन की जानकारी प्रदेश की प्रत्येक महिला तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने इस अभियान में महिला हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। महिलाओं को परामर्श देने वाली एक बड़ी टीम ज़िले में भी हो जो कठिन परिस्थिति में महिलाओं को सही परामर्श दे सके। महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर अंधेरे से उजाले की तरह है क्योंकि जब महिलाएँ घरेलू हिंसा से पीड़ित होती है तो उसे उस स्थिति से बाहर निकालने में वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर की मॉनिटरिंग करने के लिए भी एक सेल का गठन किया जाना चाहिए जो पूरे प्रदेश में वन स्टॉप सेंटर पर आने वाले प्रकरणों की संख्या की मॉनिटरिंग कर सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सरकारी नहीं बल्कि ग़ैर सरकारी संगठन भी महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है ये संगठन महिलाओं की शिक्षा को शिक्षा स्वास्थ्य क़ानून सहायता और रोज़गार के अवसर प्रदान करने के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करते हैं। घरेलू हिंसा के लिए पुलिस व न्यायिक व्यवस्था में समन्वय होना चाहिए ।महिला थानों में भी आने वाले प्रकरणों में उन्हें क़ानूनी सलाह प्रदान करने की व्यवस्था होनी चाहिए।  विशेष पुलिस महानिदेशक महिला अपराध शाखा श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि हम होंगे क़ामयाब का बीज आज रखा गया है। हम लोगों को "मैं" से "हम" का प्रयास करना चाहिए ।इस पखवाड़े के माध्यम से “मैं नारी हूँ और कभी न हारी हूँ” को सभी महिलाओं को अपनाना चाहिए।  प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि ये पखवाड़ा बच्चों और महिलाओं पर केंद्रित नहीं बल्कि पुरुषों की मानसिकता बदलने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनके व्यवहार में परिवर्तन ही नए समाज की नींव रखेगा पूरे पखवाड़े के दौरान ज़िलों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से समन्वय गतिविधियां निर्धारित की गई है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने “हम होंगे क़ामयाब” अभियान का अधिकारिक लोगो भी लॉन्च किया। इस अवसर पर उपयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफ़िया फ़ारूक़ी वली सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।     recent visitors … Read more

सरल संयोजन पोर्टल से ऑनलाइन बिजली कनेक्शन लेना आसान

कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 1 लाख 90 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने लिया कनेक्शन भोपाल सरल संयोजन पोर्टल के माध्यम से भोपाल शहर में घरेलू, गैर घरेलू तथा अस्थाई श्रेणी के लगभग 1 लाख 90 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को घर बैठे ही नवीन कनेक्शन प्रदान किये गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु सरल और सुवधिाजनक तरीके से त्वरित नवीन बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गयी है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के पोर्टल पर आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में तत्काल नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नये कनेक्शन लेने के लिए बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY एप पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज अपलोड कर समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर आनलाइन शुल्क जमा करने की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन आवेदन एवं भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत उपभोक्ता को एक एसएमएस के माध्यम से आवेदन की स्वीकृति मिलते ही बिजली कंपनी द्वारा समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर विधिवत किए गए आनलाइन आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कंपनी की ओर से स्टेप बाई स्टेप कंफर्मेशन दिया जाएगा। बिजली कर्मचारी द्वारा सर्वे करने के बाद लाइनमेन नये कनेक्शन के लिए मीटर लेकर उपभोक्ता के परिसर में पहॅुंच जाएगा। आनलाइन आवेदन में बिजली खंभे से उपभोक्ता के परिसर में स्थापित होने वाले मीटर की दूरी तक सर्विस केबल लगाने की सुविधा सशुल्क मुहैया कराई जाएगी। सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करने के उपरांत उपभोक्ता के घर या परिसर में कनेक्शन को जारी करने में किसी भी तरह की देरी नहीं की जा सकेगी। यह कार्य बिजली कंपनी द्वारा निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। recent visitors 51

भारत फाइनेंस कंपनी में करीब 38 लाख का गबन, फरार आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार

रामानुजगंज भारत फाइनेंस कंपनी में गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को रामानुजगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने कंपनी में काम करते हुए 37 लाख 99 हजार रुपये का गबन किया था और पिछले एक साल से अलग-अलग स्थानों पर छिपा हुआ था. जानकारी के अनुसार, भारत फाइनेंस इनक्लूजन लिमिटेड में कार्यरत सुरेंद्र दास (24 वर्ष) ने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर बैंक से ग्राहकों को मिलने वाली रकम और जमा राशि का गबन कर उसे अपने व्यक्तिगत उपयोग में खर्च किया. इस मामले में रामानुजगंज थाने में धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र के तीन अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. सुरेंद्र दास, जो सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के अंचला माझापारा गांव का निवासी है, लंबे समय से फरार था. पुलिस को मुखबिर से सुरेंद्र की मौजूदगी की सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सुरेंद्र को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय रामानुजगंज में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. recent visitors 58

साल दर साल बढ़ते ही जा रहे दाम निर्माण सामग्री के दाम, कैसे हो सपनो का आवास पूर्ण

रायगढ़ अति गरीब लोगों के आवास अधूरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री शहरी और ग्रामीण आवास योजना वर्ष 2016-17 में शुरू हुई थी। जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में 942 से ज्यादा आवास ऐसे हैं जो या तो अधूरे हैं, या निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम स्तर पर भी 200 से ज्यादा आवास के मामले लंबित पड़े हैं। सिविल इंजीनियर का कहना है कि वर्ष 2016 से 2023 तक शहरी क्षेत्र में अनुदान 2.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में अनुदान 1.30 लाख रुपये के साथ 17 हजार रुपये की मनरेगा मजदूरी का प्रविधान किया गया था। अब सामग्री के दाम आसमान पर पहले महंगाई कम थी तो इतनी लागत में मकान बन गए। वर्ष 2024 तक निर्माण सामग्री के दाम आसमान पर चढ़ गए। 18 प्रतिशत जीएसटी अलग है। वही देखा जाए तो इससे अब अनुदान राशि से मकान बनाना मुश्किल है। कम दिख रही राशि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में वर्ष 2024 में लागत 10 हजार रुपये कम दिख रही है। पहले लागत 1.30 लाख रुपये दिख रही थी, अब 1.20 लाख नजर आ रही है। इस लागत के साथ 18 हजार रुपये मनरेगा मजदूरी और 12 हजार शौचालय के अलग हैं। सरकार ने लागत राशि घटा दी है। इस साल 22 हजार मकान बनाए जाने हैं। नौ साल में इतने बढ़े निर्माण सामग्रियों के दाम सामग्री – साल 2016- 2024 सीमेंट 225 – 340-350 रु. बोरीछड़ 40-53-55 रु. किलो रेत 1,500 रुपये -3000 रुपये ट्राली गिट्टी -1,000 रुपये- 3,500 रुपये ट्राली फेक्ट फाइल आवास अनुदान 2.50 लाख रुपये शहरी एवं 1.50 ग्रामीण आवास अनुदान केस नबंर एक कर्ज लेकर पूरा कराया काम लैलूंगा रहवासी मिनकेत प्रधान साहू ने बताया कि उनको पीएम की अनुदान राशि मिली है, लेकिन इतने में निर्माण नहीं हो पा रहा था। ऐसे में कर्ज से लेकर निर्माण कार्य पूरा करवाया गया। सरकार को अनुदान राशि में बढ़ोतरी करनी चाहिए। केस नबंर दो – निर्माण में लगात अधिक कैसे कराए पूरा दिनेश मंडल धर्मजयगढ़ ने 2018 में मकान का आवंटन हुआ था, लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं हुआ। आवंटन की किस्तें भी लंबे इंतजार के बाद मिली हैं। जो निर्माण सामग्री पहले सस्ते में मिलती थी वह महंगी हो गई है। एक नजर रायगढ़ में आवास योजना पर     तहसील – टारगेट- पूर्ण -अपूर्ण     धर्मजयगढ़ -14576-13520-1056     घरघोड़ा-4857-4676-181     खरसिया-9569-9212-357     लैलूंगा-4677-4507-169     पुसौर- 10825-10487-338     तमनार-4270-4158-112     रायगढ़ -9019-8794-225     टोटल- 57753-55355-2438   recent visitors 57

संविधान निर्माण के साथ अलंकरण में भी मध्यप्रदेश के मनीषियों ने दिया अविस्मरणीय योगदान

मध्यप्रदेश के चित्रकार के हुनर से सजा है संविधान भोपाल भारतीय संविधान के निर्माण में मध्यप्रदेश के मनीषियों ने भी अपना अमूल्य और अविस्मरणीय योगदान दिया है। लगभग तीन वर्ष में लिखे गए संविधान को संविधान सभा के 299 सदस्यों ने तैयार किया, इनमें मध्यप्रदेश के भी 19 मनीषी शामिल हैं। संविधान की निर्मात्री समिति के प्रमुख बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मस्थल भी मध्यप्रदेश में इंदौर जिले का महू कस्बा है। इनके साथ ही सर डॉ. हरिसिंह गौर संविधान सभा के सदस्य तो थे ही, उन्होंने निर्माण से पूर्व ही सर्वप्रथम संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया था। उन्होंने संविधान को संवारने के साथ इसमें सम्मिलित करने के लिए हिंदू लॉ की व्याख्या भी की थी। अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल ने संविधान सभा के सदस्य के रूप में हिंदी को राजभाषा का दर्जा देने का सुझाव दिया था। संविधान सभा में इसके लिए सशक्त तर्क प्रस्तुत किए थे। उनकी पहल पर अंततः अनुच्छेद-343 में देश की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी को माने जाने का प्रावधान किया गया। मध्यप्रदेश के श्रमिक नेता श्री रतनलाल मालवीय ने भी संविधान सभा में शामिल होकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। संविधान के बारे में नागरिकों को जागरूक करने और संविधान के महत्व के प्रसारण के उद्देश्य से देश भर में प्रति वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में भारत का संविधान अपनाया गया था। संविधान तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लगे लगे। भारत का संविधान 26 जनवरी 1949 को बनकर तैयार हो गया था। इसे आधिकारिक रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। पहली बार संविधान दिवस डॉ. गौर की जयंती 26 नवंबर 2015 को मनाया गया। तब से प्रति वर्ष यह दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। संविधान के अलंकरण में मध्यप्रदेश के जबलपुर में जन्में कलाविद एवं चित्रकार श्री राममनोहर सिंह ब्योहार ने अपने हुनर का योगदान दिया, उनके इस योगदान के स्मरण के बिना संविधान की चर्चा अधूरी ही रहेगी। उनके ही चित्रों से संविधान के प्रस्तावना पृष्ठ को अलंकृत किया गया है। साथ ही उनके द्वारा बनाए गए लगभग 10 चित्रों को संविधान में अलग-अलग पृष्ठों पर स्थान दिया गया है। इन चित्रों के माध्यम से देश की गौरवगाथा प्रस्तुत की गई है। उनके पहले चित्र में सिंधु घाटी सभ्यता के प्रतीक वृषभ को शामिल किया गया। इसके बाद उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता के गुजरात स्थित लोथल बंदरगाह के साथ सुमेरियन सभ्यता के बंदरगाह बेबीलोन को जोड़ते हुए चित्र बनाए। इसके साथ ही फारस में मिले स्वास्तिक को भी उनके परामर्श पर संविधान में दर्शाया गया, ताकि यह बताया जा सके कि फारस तक भारत की सभ्यता विस्तृत थी। शैव संप्रदाय के नटराज, उड़ीसा के कलिंग साम्राज्य का कोणार्क सूर्य मंदिर, नालंदा विश्वविद्यालय की मुहर, देश के इतिहास में स्वर्णिम युग कहे जाने वाले गुप्तकाल की मुद्राओं के साथ ही भारत की प्राकृतिक संपदा की विविधता को दर्शाते श्री राममनोहर सिंह जी के लैंडस्केप चित्रों से संविधान के अलग-अलग पृष्ठों को सजाया गया था। श्री राममनोहर सिंह ब्योहार ने अपने इस योगदान के बदले में किसी भी प्रकार का पारिश्रमिक लेना स्वीकार नहीं किया था। बल्कि, जब उनसे डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और पं. जवाहर लाल नेहरू ने प्रस्तावना पृष्ठ के अलंकरण के बाद हस्ताक्षर करने का आग्रह किया तो उन्होंने एक स्थान पर प्रतीक स्वरूप सिर्फ "राम" लिख दिया था। भारतीय संविधान के 75 वर्ष देश की प्रगति, एकता और न्याय का प्रतीक है। संविधान न केवल अधिकारों के प्रति, बल्कि कर्त्तव्यों के प्रति भी जागरूक बनाता है। इसी के दृष्टिगत रखते हुए इस वर्ष मध्यप्रदेश सरकार "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान चलाकर आमजन में जागरूकता लाने की अहम पहल कर रहा है। संविधान दिवस पर भोपाल में "संविधान दिवस पद यात्रा" निकाली जाएगी। साथ ही रवीन्द्र भवन भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की उपस्थिति में संविधान दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। recent visitors 44

शराब पीकर चला रहा था गाड़ी, अनियंत्रित होकर घुसी खेत में, हादसे में 6 लोग घायल

बालोद छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले के राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर स्थित कोरगुड़ा गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक मैक्सी कैब अनियंत्रित होकर खेत में घुस गई और एक बाइक सवार को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिनमें से सभी को गंभीर चोटें आईं। घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 11 बजे हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मैक्सी कैब में सवार सभी लोग राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव क्षेत्र से एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव उमरादाह लौट रहे थे। तभी अचानक कैब का चालक जो नशे की हालत में था, जिसके कारण वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और वह खेत में पलट गई। घटना के बाद मौके पर सिटी कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि चालक शराब के नशे में था, जिससे यह दुर्घटना हुई। कैब में कुल 17 लोग सवार थे, जो इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए, लेकिन छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है। recent visitors 62

शीतलहर: ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर मासूम

बिलासपुर न्यायधानी में सुबह-सुबह शहर को ठंडी हवाओं और हल्के कोहरे ने अपनी चादर में लपेट लिया है। लोगों को सूर्य की पहली किरणें देखने के लिए अब देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त रजाई छोड़ना किसी चुनौती से कम नहीं लगता। सूरज की गर्माहट भी दिन चढ़ने पर ही महसूस हो रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। शीतलहर जैसी स्थिति ने न केवल जनजीवन को धीमा कर दिया है, बल्कि आम दिनचर्या से लेकर खान-पान और बाजारों तक सब कुछ बदल दिया है। सुबह ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। खेल मैदानों में अब सूरज उगने के बाद ही गतिविधियां शुरू हो रही हैं। लोग देर तक रजाई में रहते हैं। रूम हीटर और अलाव ठंड से बचाव का प्रमुख साधन बन गए हैं। ठंड के चलते बदल रही आदतें सर्दी के असर ने रसोई के रुझान को भी बदल दिया है। अब घरों में गर्म तासीर वाले भोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। दाल-चावल के साथ-साथ अदरक वाली चाय, सूप और मेथी, सरसों जैसी सब्जियां लोगों के मेन्यू में शामिल हो गई हैं। फ्रीज में रखे ठंडे पानी और खाद्य पदार्थों से लोग बच रहे हैं। आइसक्रीम, दही और छाछ का सेवन लगभग बंद हो चुका है। शहर में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी बाजारों में गर्म कपड़ों की रौनक देखते ही बन रही है। स्वेटर, जैकेट, मफलर, शाल और दस्ताने खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। कपड़ा विक्रेता आर वाधुमल के अनुसार ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण ऊनी कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। शनिचरी, तेलीपारा, पुराना बस स्टैंड, बुधवारी और सरकंडा क्षेत्र के दुकानों में देर रात तक ग्राहकी बनी रहती है। स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव स्वास्थ्य विशेषज्ञ ठंड में बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, गर्म पानी पीने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह की हल्की धूप में बैठना और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करने से सर्दी से बचा जा सकता है। इधर लोग सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में जल्दी लौट रहे हैं। अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिशें हो रही हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था देखी जा रही है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक उत्तर से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है। वातावरण के मध्य स्तर में नमी का आगमन प्रारंभ हो रहा है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 26 नवंबर से दक्षिण छत्तीसगढ में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में बहुत हल्की वृद्धि हुई है। पांच दिनों में न्यूनतम तापमान 24 नवंबर 14.4 23 नवंबर 13.2 22 नवंबर 13.6 21 नवंबर 14.6 20 नवंबर 14.4 recent visitors 103