Thursday, July 9, 2026 10:44 pm

उप मुख्यमंत्री ने कहा- ऐतिहासिक नगरी के विकास के लिए प्रतिबद्ध

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने जन्म दिवस पर रतनपुर में सफाई कर्मचारियों का पद प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया और ऐतिहासिक नगरी के गौरव को लौटाने का वादा किया। महामाया देवी के दर्शन कर उन्होंने राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जनदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मकान की चाबियां सौंपी । कार्यक्रम में लगभग 2 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई, जिसमें 30 लाख रुपए के छह ई-रिक्शा भी शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा रतनपुर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। पिछले 10 महीनों में 6 करोड़ रुपए की योजनाओं को पूरा किया गया है। हम इस नगरी के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए ईमानदारी से कार्यरत हैं। उपमुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने तौला लड्डूओ से जन्म दिवस पर उप मुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने लड्डुओं से तौला और मिठाई वितरित किया । कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें गुलदस्ता भेंटकर शुभकामनाएं दीं।     मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1552 में हुआ था।     मंदिर का जीर्णोद्धार वास्तुकला विभाग द्वारा कराया गया है।     मंदिर का स्थापत्य कला भी बेजोड़ है।     गर्भगृह और मंडप एक आकर्षक प्रांगण के साथ किलेबंद हैं।     जिसे 18 वीं शताब्दी के अंत में मराठा काल में बनाया गया था।     भारत में फैली 52 शक्तिपीठों में से एक है। देवी महामाया शक्तिपीठ रतनपुर।     मंदिरों और तालाबों का यह नगर मां महामाया के नगर के नाम से विख्यात है।     न्यायधानी बिलासपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है रतनपुर।     आदिशक्ति मां महामाया देवी की पवित्र पौराणिक नगरी रतनपुर का इतिहास प्राचीन एवं गौरवशाली है।   recent visitors 55

डीएम के निर्देश के बाद रफ्तार से आने वाली गाड़ियों पर लग रही है ब्रेक

देहरादून. विगत दिनों ओएनजीसी चौक में सड़क दुर्घटना को लेकर, जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने रेखीय विभाग के साथ सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार विमर्श करने के उपरांत, उन्होंने ओएनजीसी चौंक सहित शहर के अन्य चौक एवं सड़कों को सुरक्षात्मक बनाने हेतु सुधारीकरण कार्य करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित रेखीय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया, कि मानक के अनुरूप सड़क को सुव्यवस्थित रूप से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि सड़क में किसी भी प्रकार घटना ना हो इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्य कराया जाय। जिलाधिकारी के दिशा निर्देशन के अनुपालन में सड़क सुधारीकारण का कार्य प्रगति पर है, मानक के अनुरूप कार्यदाई विभाग सड़क को सुगम और सुरक्षित बनाने में जुटी है, जिसके चलते ओएनजीसी चौक में गति अवरोधक का कार्य किया गया, जहां अब चौक में आने वाली गाड़ियों की गति धीमी होती दिखाई दे रही है। recent visitors 61

19 जिलों में बनेंगे जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में होने वाले विकास कार्यों के लिये बनाये गये हैं 6 सेक्टर्स भोपाल जनजातीय कार्य, लोक सेवा प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि देश के सभी जनजातीय बहुल गांवों के चहुंमुखी विकास के लिये केन्द्र सरकार द्वारा "धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए)" चलाया जा रहा है। इस अभियान में मध्यप्रदेश के 11 हजार 377 चिन्हित जनजातीय बहुल गांवों में हर जरूरी विकास कार्य कराये जायेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि अभियान में होने वाले विकास कार्यों के लिये 6 सेक्टर्स बनाये गये हैं। पहले सेक्टर में "जनजातीय बहुल गांवों में घरेलू एवं सामुदायिक बुनियादी संरचनाएं" तैयार की जायेंगी। इसमें जनजातियों को पक्का मकान, पक्की सड़क, हर घर नल से पेयजल, होम स्टे, जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केन्द्र स्थापना एवं घर-घर घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़ी संरचनाएं निर्मित की जायेंगी। दूसरे सेक्टर में "स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार" के लिये मोबाइल मेडिकल यूनिट, सिकल सेल एनीमिया रोग के उन्मूलन के लिए देखभाल/सक्षमता केंद्र, नई आंगनवाड़ियां एवं पोषण वाटिकाओं का निर्माण तथा सभी पात्रों के आयुष्मान कार्ड भी बनाये जायेंगे। "शिक्षण एवं प्रशिक्षण" के तीसरे सेक्टर में जरूरी संस्था में छात्रावास, जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के लिये आश्रम एवं विद्यालयों का निर्माण एवं जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) बनाये जायेंगे। चौथे सेक्टर में "विद्युतीकरण कार्य" में ग्रिड बिजली कनेक्शन, ग्रिड सोलर कनेक्शन एवं शासकीय संस्थानों की छत पर सोलर सिस्टम लगाये जायेंगे। पाँचवें "आर्थिक सशक्तिकरण" सेक्टर में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार दावों का त्वरित प्रदाय, वन अधिकार पत्र धारकों के लिये जीविका उपार्जन की व्यवस्था, मत्स्य पालन एवं कृषि उत्पादन विस्तार के लिये सभी जरूरी सहयोग प्रदान किये जायेंगे। जनजातीय क्षेत्रों में "कनेक्टिविटी बढ़ाने" के छठवें सेक्टर में रिमोट एरियाज में फोर-जी मोबाइल कनेक्टिविटी एवं डिजिटल इनीशिएटिव्स के प्रसार पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जायेगा। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि इस अभियान में केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा देशभर में 100 ट्रायबल मल्टी-पर्पज मार्केटिंग सेंटर्स (टीएमएमसी) या 'जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार' या कहें ट्राईबल मार्ट तैयार करने की योजना है। अभियान के तहत राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को 19 जिलों में एक-एक टीएमएमसी जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार या ट्राईबल मार्ट स्थापना के लिये विधिवत् प्रस्ताव भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि ये टीएमएमसी बुरहानपुर, खण्डवा (खालवा में), झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगौन, धार, मण्डला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिण्डौरी, नर्मदापुरम, बैतूल, रतलाम, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी में बनाये जाना प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव अनुसार ये टीएमएमसी एक-एक करोड़ रूपये लागत से लगभग 2000 स्क्वायर मीटर लैंड एरिया में बनाये जायेंगे, जिसका बिल्ट-अप लैंड एरिया करीब 367.80 स्क्वायर मीटर होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिये राज्य एवं जिला स्तर से विभिन्न प्रकार की सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियां (कैम्पेनिंग) भी संचालित जायेंगी। उल्लेखनीय है कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश के सभी जिलों के 267 ब्लॉक के 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांव चिन्हित किये गये हैं। इन गांवों में रहने वाले 18 लाख 58 हजार 795 जनजातीय परिवारों की कुल 93 लाख 23 हजार 125 जनजातीय आबादी को इस अभियान के सभी तय लक्ष्यों से सीधे तौर पर लाभान्वित करने की सरकार की योजना है। अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिये राज्य स्तर पर वन अधिकार अधिनियम प्रकोष्ठ (एफआरए सेल) एवं प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) की स्थापना भी की जायेगी। क्रियान्वयन से जुड़े विभागों के प्रशिक्षण के लिये राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जायेगी। इस अभियान में केन्द्र सरकार के 18 विभागों/मंत्रालयों की 25 प्रकार की नागरिक/आधुनिक सेवाएं/सुविधाएं लक्षित आबादी को प्रदान की जायेंगी। recent visitors 65

जंगली जानवरों के हमले से मौत पर दो किस्त में 25 लाख रुपये देगी MP सरकार

MP government will give Rs 25 lakh in two installments on death due to attack by wild animals भोपाल ! मध्य प्रदेश में वन्य जीव के हमले से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर आठ लाख रुपये के स्थान पर अब 25 लाख रुपये देने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। वन विभाग मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की घोषणा के अनुसार जंगलों में वन्यप्राणी के हमले में मरने वाले व्यक्तियों को 25 लाख रुपये हर्जाना देने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसमें आर्थिक सहायता दो किस्त में दी जाएगी। वन्यप्राणी के हमले पर व्यक्ति की मृत्यु पर उसके स्वजन को तुरंत 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। शेष 15 लाख रुपये की बैंक में एफडी की जाएगी। इसमें 10 लाख रुपये की एफडी पांच साल बाद और शेष पांच लाख रुपये की एफडी 10 साल बाद तोड़ी जाएगी। यह राशि मृतक के वारिसों को ब्याज सहित भुगतान की जाएगी। एक साल में करीब 40 मामले वर्तमान में वन विभाग के पास एक साल में जनहानि के करीब 40 मामले आते हैं, जिनमें मुआवजा देने के लिए करीब तीन करोड़ रुपयों का बजट रखा जाता है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत करने की तैयारी है। महाराष्ट्र में इसी तरह वन्यजीव के हमले से मृत्यु पर स्वजन को राशि दी जाती है। बता दें कि मप्र में वर्तमान में जनहानि पर मुआवजा राशि आठ लाख रुपये, उपचार पर हुआ व्यय तथा स्थाई अपंगता पर दो लाख रुपये दिए जाते हैं। वहीं महाराष्ट्र में वन्यप्राणी के हमले से जनहानि पर 25 लाख, छत्तीसगढ़ में छह लाख और उत्तर प्रदेश, राजस्थान व गुजरात में पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। पांच साल में 292 से अधिक लोगों की मौत मध्य प्रदेश में बाघ-तेंदुआ सहित अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों के जंगल से बाहर निकलकर नजदीक की बस्ती में पहुंचने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे मानव-वन्यप्राणी द्वंद की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले पांच साल में वन्यप्राणियों के हमले में 292 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वर्ष 2023-24 से अक्टूबर माह तक वन्यप्राणी के हमले से जनहानि, व्यक्ति के घायल होने और पशु हानि के प्रकरणों में 15 करोड़ तीन लाख रुपये की राशि पीड़ित परिवारों को क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान की जा चुकी है। मप्र से सटे राज्यों में अलग-अलग है मुआवजा राशि छत्तीसगढ़ : जनहानि पर छह लाख रुपये व स्थाई अपंगता पर कोई राशि देय नहीं है।उत्तर प्रदेश : जनहानि पर पांच लाख रुपये, स्थाई अपंगता पर चार लाख रुपये।राजस्थान : जनहानि पर पांच लाख रुपये, स्थाई अपंगता पर तीन लाख रुपये।गुजरात : जनहानि पर पांच लाख रुपये, स्थाई अपंगता पर दो लाख रुपये।महाराष्ट्र : जनहानि पर 25 लाख रुपये एवं स्थाई अपंगता पर साढ़े सात लाख रुपये। recent visitors 141

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहापीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है। फिजियोथैरेपी से जुड़े विद्यार्थी और सेवार्थी आरोग्य भारती के सेवा भावी कार्यों से प्रेरणा ले। गरीब, वंचित और पीड़ितों की सेवा के लिए हमेशा सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने फिजियोथैरेपी से जुड़े विशेषज्ञ और चिकित्सकों से कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उपचार और शोध में फिजियोथैरेपी के उपयोग और संभावना पर मंथन करे। उन्होंने कहा कि शरीर और मन की तंदुरूस्ती के लिए युवा स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। पौष्टिक खान-पान, नियमित योग, व्यायाम, भरपूर पानी और नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सभी खराब खान-पान और अनियमित जीवनशैली से स्वास्थ्य में गिरावट, परेशानी और कष्ट का अनुभव करते हैं। ऐसे समय में फिजियोथैरेपी के माध्यम से बिना किसी दवा, मरहम और सर्जरी के संपूर्ण स्वास्थ्य को समग्र रूप से ठीक किया जाना सम्भव है। उन्होंने कहा कि फिजिकल थैरेपी, व्यक्ति की जीवन चर्या, खान-पान और शरीर की प्रभावी देखभाल से चमत्कारी परिणाम दे सकती है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य को प्राप्त करने में फिजियोथैरेपी का प्रसार महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि फिजियोथैरेपी पद्धति का प्रभावी अभिलेखन हो। शोध और अनुसंधान के प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी चिकित्सा प्रणाली तक वंचित और गरीब जन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में आरोग्य भारती जैसी संस्थाऐं समाज का नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रचार और सहयोग प्रयासों के लिए संस्था की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धनवन्तरी और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पटेल का आरोग्य भारती संस्था भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष ने श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अभिजीत देशमुख ने दिया। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने संस्था के कार्यों और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह और चिरायु मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका ने अपने विचार रखे। आभार डॉ. पी.आर. सुरेश ने माना। कार्यक्रम में फिजियोथैरेपी से जुड़े चिकित्सक, विशेषज्ञ, विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 66

रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन

देहरादून. सचिवालय एथलेटिक्स एवं फिटनेस क्लब के तत्वावधान में रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 8.00 सचिवालय एटीएम चौक से प्रारंभ होकर राजपुर रोड से होते हुए सचिवालय का एक पूरा चक्कर लगाने के पश्चात एटीएम चौक पर समाप्त हुआ। रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता को अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन प्रदीप सिंह रावत द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार लखेड़ा एवं महासचिव राकेश जोशी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में राजेंद्र प्रसाद जोशी एवं महिला वर्ग में गोदावरी रावत चैंपियन रहे। इसके अतिरिक्त विभिन्न आयु समूह के महिला ओपन वर्ग में रश्मि, 30 प्लस में रेखा, 40 प्लस में निधि, एवं पुरुष ओपन वर्ग में कुशल सिंह, 30 प्लस में शोबन सिंह, 50 प्लस में दिनेश चंद्र तथा 60 प्लस में आरएस चौहान प्रथम स्थान पर है। क्लब के अध्यक्ष ललित चंद्र जोशी ने अवगत कराया कि क्लब द्वारा प्रत्येक वर्ष दो बार रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन कर सचिवालय परिसर में कार्यरतअधिकारी कर्मचारियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास किया जाता है। इस अवसर पर क्लब की उपाध्यक्ष रीता कौल, रीना शाही, निधि, अर्चना कोहली, चंद्रशेखर, सुभाष चन्द्र लोहनी, डॉ आरएस राणा, प्रदीप पपनै, जीडी नौटियाल, रूपचंद गुप्ता, हर्षमणि भट्ट, एमपी रतूड़ी सहित 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 71

पटवारी को भितरवार में 25 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

ग्वालियर ग्वालियर की लोकायुक्त टीम ने भितरवार में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी भितरवार तहसील के गोधारी लुहारी हल्के पर पदस्थ है। आरोपित पटवारी को भितरवार में वार्ड क्रमांक 8 में गुरुद्वारे की दुकानों में अपने आफिस से ही पकड़ा गया है। आरोपित पटवारी उमाशंकर आदिवासी है। लोकायुक्त की टीम मौके प कार्रवाई कर रही है। टीम निरीक्षक कविंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही है।   ग्वालियर लोकायुक्त एसपी राजेश मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले के ग्राम टीकरी थाना रिठौरा कलां निवासी 35 वर्षीय किसान चंद्रभान सिंह गुर्जर ने एक शिकायती आवेदन ऑफिस में दिया था जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत थी। ऑनलाइन नामांतरण के बदले मांगी किसान से रिश्वत  आवेदन में चंद्रभान सिंह गुर्जर ने बताया, ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील के ग्राम खडीचा में स्थित उसकी माँ के नाम की 18 बीघा 13 विस्वा कृषि भूमि का ऑनलाइन नामांतरण करवाने के एवज में हल्का पटवारी उमाशंकर आदिवासी 5000 रु प्रति बीघा के हिसाब से कुल 90000 रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन बातचीत करने पर वो 25000 रुपये लेकर नामांतरण करने के लिए तैयार हो गया। आवेदक की शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और इसका प्रमाण मिलने पर ट्रैप प्लान की, ट्रैप दल द्वारा आज 25 नवम्बर को पटवारी उमाशंकर आदिवासी को तहसील भितरवार के पीछे गुरुद्वारे के पीछे दुकान में बने अपने निजी कार्यालय में आवेदक से 25000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के अन्तर्गत कार्यवाही कर रही है। recent visitors 56