Sunday, July 12, 2026 11:59 am

बढ़ते भारत के साथ बदलता स्टेशन- पुनर्विकास के अंतर्गत यात्री केन्द्रित सुविधाओं का किया जाएगा उन्नयन एवं आधुनिकीकरण

रायपुर रेलवे देश की लाइफलाइन है। रेलवे लगातार यात्री सेवा को सुलभ करने के लिए नवीनतम तकनीक, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। वर्तमान में रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु स्टेशनों के पुनर्विकास व "अमृत भारत स्टेशन" योजना के अंतर्गत स्टेशनों के उन्नयन का कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिलासपुर रेलवे स्टेशन को 435 करोड़ रुपए की लागत, रायपुर रेलवे स्टेशन को 456 करोड़ रुपए की लागत एवं दुर्ग रेलवे स्टेशन को 463 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्री सुविधाओं को उन्नत करना, भीड़ प्रबंधन में सुधार लाना और स्टेशन परिसर को आधुनिक बनाने के साथ-साथ इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। पुनर्विकास के तहत बेहतर प्रतीक्षालय, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और हरित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिलासपुर स्टेशन का पुनर्विकास बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत आने वाले समय में दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काँन्कोर्स में एकसाथ लगभग 800 यात्रियों के बैठने के लिए वेटिंग एरिया का प्रावधान, 1123 से अधिक वाहनों के लिए लगभग 28 हजार वर्ग मीटर पार्किंग एरिया का प्रावधान, बेहतर भीड़ प्रबंधन हेतु स्टेशन में प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग का प्रावधान, 3 नए फुट चौड़े ओवरब्रिज का प्रावधान किया गया है जिसमें दो स्टेशन प्रवेश के लिए तथा एक स्टेशन से निकास के लिए होगा। 6000 वर्ग मीटर का काँन्कोर्स का प्रावधान किया गया है, बुजुर्गों तथा दिव्याङ्ग यात्रियों की विशेष सुविधा के लिए 30 लिफ्ट एवं 22 एस्केलेटर बनाए जाएंगे जिससे यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म जाने में आसानी होगी। यात्रियों की संख्या: प्रति दिन 65,867 (अधिकतम 6,587 पीक आवर्स में) क्षमता के अनुरूप तैयार किया जाएगा। रायपुर स्टेशन का पुनर्विकास बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत आने वाले समय में दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काँन्कोर्स में अधिकतम यात्रियों के बैठने के लिए 4974 वर्ग मीटर वेटिंग एरिया का प्रावधान, लगभग 2200 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग एरिया का प्रावधान, बेहतर भीड़ प्रबंधन हेतु स्टेशन में प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग का प्रावधान तथा लगभग 3400 वर्ग मीटर का काँन्कोर्स का प्रावधान किया गया है। बुजुर्गों तथा दिव्यांग यात्रियों की विशेष सुविधा। यात्रियों की संख्या: प्रति दिन 47,967 (अधिकतम 4,797पीक आवर्स में) क्षमता के अनुरूप तैयार किया जाएगा। दुर्ग स्टेशन का पुनर्विकास बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत आने वाले समय में दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर काँन्कोर्स में एकसाथ लगभग 1300 यात्रियों के बैठने के लिए वेटिंग एरिया का प्रावधान, 925 से अधिक वाहनों के लिए लगभग 19 हजार वर्ग मीटर पार्किंग एरिया का प्रावधान, बेहतर भीड़ प्रबंधन हेतु स्टेशन में प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग मार्ग का प्रावधान, 03 नए फुट चौड़े ओवरब्रिज का प्रावधान किया गया है जिसमें दो स्टेशन प्रवेश के लिए तथा एक स्टेशन से निकास के लिए होगा। 35 वर्ग मीटर का काँन्कोर्स का प्रावधान किया गया है, बुजुर्गों तथा दिव्याङ्ग यात्रियों की विशेष सुविधा के लिए 45 लिफ्ट एवं 21 एस्केलेटर बनाए जाएंगे जिससे यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म जाने में आसानी होगी। यात्रियों की संख्या: प्रति दिन 39,498 (अधिकतम 3,950 पीक आवर्स में) क्षमता के अनुरूप तैयार किया जाएगा। स्टेशन पुनर्विकास के अंतर्गत बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग स्टेशनों में पर्यावरण संरक्षण के लिए क्लीन एनर्जी के महत्व को रेखांकित करते हुए स्टेशन की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा। जल संरक्षण के दृष्टिगत स्टेशन भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व इमरजेंसी पावर बैक-अप के साथ फायर फाइटिंग स्थापित किए जाएंगे। यात्रियों को दी जाने वाली जरूरी सुविधाओं में खान-पान, पीने का पानी, एटीएम, इंटरनेट, वॉशरूम, कवर शेड, स्टैंडर्ड साइनेज तथा दिव्यांगजन फ्रेंडली सुविधाएं आदि शामिल है। बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग स्टेशनों को विश्वस्तरीय रूप देते हुए ग्रीन स्टेशन का रूप दिया जा रहा है, जहां प्राकृतिक रौशनी और वेंटिलेशन का प्रावधान होगा। पुनर्विकास के बाद बिलासपुर स्टेशन हाईटेक यात्री सुविधाओं के साथ टेक्नोलॉजी, स्थानीय संस्कृति और समृद्ध विरासत का आकर्षक केंद्र बनेगा। यात्रियों की संख्या बढ?े के साथ-साथ रोजगार बढ?े की व्यापक संभावना विकसित होगी जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। यह स्टेशन इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यापार एवं पर्यटन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन स्टेशनों के अतिरिक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 46 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत उन्नयन किया जा रहा है। recent visitors 35

मंत्री लखन पटेल ने कहा विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए, जिससे पशुओं की नस्ल में सुधार हो और दुग्ध उत्पादन बढ़े। केंद्र और राज्य सरकार पशुपालन के क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने और छात्राओं की स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की बात कही। मंत्री पटेल ने आज जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप सिंह, कुलसचिव डॉ. श्रीकांत जोशी, वित्त नियंत्रक महेश कोरी, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. तोमर, संचालक अनुसंधान डॉ. जी.पी. लखानी उपस्थित थे। मंत्री पटेल द्वारा विश्वविद्यालय स्थित कुक्कुट विभाग, पंचगव्य उत्पादन इकाई, मिनरल मिक्सचर यूनिट तथा डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने मुर्गी की कड़कनाथ नस्ल को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे इस नस्ल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिले और ग्रामीणों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पंचगव्य के विपणन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक ऐसा स्थान चयन किया जाए, जहां पर पंचगव्य से निर्मित उत्पादों की बिक्री हो और वे आसानी से जनता को मिल सकें। मंत्री पटेल ने बताया कि हीफर गाय को किसानों को वितरित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। निराश्रित गायों को गौशाला में भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की डेयरी में एंब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी के उपयोग से देशी गायों के नस्ल सुधार कार्य पर प्रसन्नता व्यक्ति की तथा आधुनिक तकनीकी से नस्ल सुधार पर जोर दिया। recent visitors 25

प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा को नई दिल्‍ली में पुष्पगुच्छ भेंटकर दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा को नई दिल्‍ली में पुष्पगुच्छ भेंटकर दी जन्मदिन की शुभकामनाएं सांसद ने भोपाल के गुफा मंदिर में की पूजा-अर्चना, कार्यकर्ताओं, समाजजन और संगठनों के पदाधिकारियों ने दी बधाईयां भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली में संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी, लोकसभा स्पीकर श्री ओम बिड़ला जी, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं आशीर्वाद दिया। इस दौरान संसद भवन में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, श्रीमती सावित्री ठाकुर सहित अन्य सदस्यों ने भी श्री आलोक शर्मा को जन्मदिन की बधाई दी। सांसद श्री आलोक शर्मा के भोपाल एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, प्रदेश शासन के मंत्री श्री विश्वास सारंग, श्री राकेश शुक्ला एवं पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया ने श्री आलोक शर्मा को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। सांसद श्री शर्मा ने परिवार के सदस्यों के साथ गुफा मंदिर पहुंचकर भगवान परशुराम जी, बूढ़े हनुमान जी और भोले बाबा का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में पुजारी, ब्राह्मण बंधुओं ने स्वस्तिवाचन कर पूजन विधि संपन्न कराई। तत्पश्चात श्री आलोक शर्मा हिंदी भवन में आयोजित समारोह में शामिल हुए। जहां संसदीय क्षेत्र भोपाल, सीहोर और बैरसिया से विभिन्न समाजों और संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंचकर अपने प्रिय नेता को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दी। हिंदी भवन में आयोजित जन्मदिन कार्यक्रम में प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला मीडिया प्रभारी श्री राजेंद्र गुप्ता, श्री वालिस्ता रावत, श्री महेंद्र दवे, श्री मनोज राठौर, श्री पंकज चौकसे, श्री राकेश सहित प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, पाषर्दगढ़, सीहोर जिला अध्यक्ष, बैरसिया ग्रामीण जिलाध्यक्ष, सीहोर विधायक श्री सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर के नेतृत्व में और बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ता बधाई देने पहुंचे। इसी तरह समाज और संगठनों के लोग भी बधाई देने पहुंचे। पूर्व सांसद आलोक संजर भोपाल नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता सामाजिक संस्थाओं एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने समारोह में पहुंचकर सांसद शर्मा को शुभकामनाएं प्रेषित की और उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु होने की कामना की। recent visitors 22

हमीदिया हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक हुई 100वीं कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दी बधाई

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सफलतापूर्वक 100वें कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी ऑपरेशन की उपलब्धि पर चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है।उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के प्रयास राज्य के वंचित मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के हमारे लक्ष्य को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीन जीएमसी भोपाल डॉ. कविता सिंह ने बताया कि यह सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत की गई। जो मरीज आयुष्मान योजना के तहत नहीं आते, उनके लिए भी यह सर्जरी मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि बीना के ग्राम माला सानातू की निवासी 54 वर्षीय श्रीमती सरोज रानी पाठक का सफल ऑपरेशन किया गया। उन्हें एक माह पूर्व सीने में दर्द की समस्या पर हमीदिया चिकित्सालय रेफर किया गया। ऐन्जियोग्राफी के दौरान ब्लॉकेज का पता चला। इसके बाद कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग में उनका सफल ऑपरेशन किया गया। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी टीम का नेतृत्व कार्डियक सर्जन डॉ. प्रवीण शर्मा (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष) और डॉ. ऋषि तिवारी (सहायक प्राध्यापक) ने किया। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आर. पी. कौशल (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष), डॉ. बृजेश कौशल (सह प्राध्यापक), डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और डॉ. असीम गार्गेव (सहायक प्राध्यापक), जूनियर डॉक्टरों की टीम में डॉ. धनेश्वरी, डॉ. नितेश, डॉ. हनुमंत, डॉ. अरविंद, डॉ. लीना और डॉ. महेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परफ्यूजनिस्ट विनय केलकर सहित चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय टीम ने अपनी भूमिका का निर्वहन किया।   recent visitors 60

सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ का बजट स्वीकृत, 9 अप्रैल से 8 मई तक तीन शाही स्नान और सात पर्व स्नान होंगे

उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 की तैयारी राज्य सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट प्रवधान भी किया गया है। मगर, सिंहस्थ के कार्यों में इससे अधिक व्यय होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत 18 विभागों ने 568 कार्यों का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। इन कार्यों में 15,567 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें नदियों पर घाटों का निर्माण, वहां सुरक्षा व्यवस्था, सड़क, पुल निर्माण, सिंहस्थ मेला क्षेत्र का विकास, परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं, तीन साल से अधिक अवधि के कार्यों को लेकर भी बजट निर्धारित किया जाएगा। केंद्र सरकार से मांगा जाएगा बजट इनमें से अधिकांश कार्यों के लिए केंद्र सरकार से भी बजट मांगा जाएगा। विभागों को केंद्र से सहायता प्राप्त करने के लिए कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इनमें जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। बताते चलें कि भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में हैं। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। भीड़ संभालने के लिए बनेगी कुशल यातायात प्रणाली हर 12 वर्ष में पवित्र शहर उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक विशेष स्थान रखता है। वहीं, सिंहस्थ में दुनिया भर से लगभग 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद की जा रही है। लिहाजा, इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन में एक कुशल यातायात प्रणाली भी बनाई जाएगी। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की वजह से जाम न लगे और लोगों को परेशानी न हो। प्रारंभिक कार्यों की यह परियोजनाएं स्वीकृत     29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का 778.91 करोड़ से निर्माण किया जाएगा और 1,024.95 करोड़ रुपये से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन किया जाएगा।     क्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण से जुड़ी एक सतत जल प्रवाह योजना के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 74.67 करोड़ रुपये से 14 और कान्ह नदी पर 43.51 करोड़ रुपये से 11 प्रस्तावित बैराज बनाए जाएंगे।     198 करोड़ के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन, 16.80 करोड़ की लागत से हाई-प्रेशर स्टेशन की क्षमता वृद्धि और 29.83 करोड़ की लागत से 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा।     4.50 करोड़ 33 केवी लाइन और इंटरकनेक्शन (10 किमी) के निर्माण के लिए अलग रखे गए हैं। 18.36 करोड़ 80 किमी तक फैले समान कार्यों के लिए और 10.08 करोड़ ओंकारेश्वर बजट के तहत भूमिगत केबल कार्य पर व्यय किए जाएंगे।   recent visitors 35

उप मुख्यमंत्री शुक्ल प्रयागराज में कुंभ कॉन्क्लेव में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज में इंडिया थिंक काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कुंभ कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित बौद्धिक जनों से संवाद करते हुए कुंभ की प्रासंगिकता और इसके महत्व पर विचार साझा किए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस आयोजन को ज्ञान और विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बताया, जहां भारत की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता पर चर्चा की गई। उन्होंने इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिवादन करते हुए आयोजकों को उनकी सराहनीय पहल के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, परमार्थ निकेतन आश्रम (ऋषिकेश) के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती (मुनि जी) और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।   recent visitors 18

ऊर्जा मंत्री तोमर ने गुजरात पहुंचकर जानी वहां की बिजली व्यवस्था

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुजरात के गांधीनगर में गुजरात के ऊर्जा मंत्री के साथ मंत्रालय में बैठक करने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने बैठक में मध्य मध्य प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है । उन्होंने अटल गृह ज्योति और अटल किसान योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। तोमर ने गुजरात की ऊर्जा नीति के बारे में जानकारी ली। ऊर्जा मंत्री ने थर्मल पावर स्टेशन गांधीनगर में गुजरात की  विद्युत आपूर्ति और तकनीकी प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने थर्मल पावर स्टेशन के परिसर में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के " एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधा भी लगाया। तोमर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में हम सब महती भूमिका निभाएंगे तो आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ और हरित वातावरण में सांस ले सकेंगी। तोमर ने ग्रामीण और शहरी विद्युत सब स्टेशन का भी भ्रमण कर वितरण विद्युत वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों से भी चर्चा की। तोमर 26 नवंबर को भोपाल लौटेंगे।   recent visitors 16