एक यात्री प्लेन की सीट पर लगातार लातें मार रहा था, अन्य यात्रियों ने इसकी हरकत का विरोध किया, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला और शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक यात्री उड़ान भर रहे प्लेन की सीट को लात मारकर तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट की है जो ऑस्टिन से लॉस एंजिलेस जा रही थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक यात्री फ्लाइट की सीट पर लगातार लातें मार रहा है लेकिन फ्लाइट अटेंडेंट उसकी इस हरकत को रोकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हालांकि अन्य यात्रियों ने इस यात्री की हरकत का विरोध किया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।   क्या हुआ फ्लाइट में? इस घटना का जिक्र करते हुए कैलिफोर्निया के यात्री गिनो गलौफरो ने बताया कि वह अपनी सीट से उठे और देखा कि एक यात्री प्लेन की सीट पर लगातार लातें मार रहा था। फ्लाइट अटेंडेंट दो बार मौके पर आए लेकिन उन्होंने इस यात्री को रोकने की कोशिश नहीं की। इस मौके पर गिनो ने कहा, "मैंने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। फिर मैंने और दो अन्य यात्रियों ने मिलकर उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर जिप से बांध दिए और उसे सीट बेल्ट से बांध दिया।" यह घटना तब हुई जब फ्लाइट LAX (लॉस एंजिलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से 40 मिनट की दूरी पर थी। जब प्लेन ने लैंड किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और इस यात्री को गिरफ्तार कर लिया। यूनाइटेड एयरलाइंस की कार्रवाई यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस घटना पर एक बयान जारी किया और पुष्टि की कि इस यात्री को उनकी एयरलाइन से हमेशा के लिए बैन कर दिया गया है। एयरलाइंस ने कहा, "16 नवंबर को एक यात्री के आक्रामक व्यवहार के कारण स्थानीय कानून प्रवर्तन को लॉस एंजिलेस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संपर्क किया गया। हम अपने स्टाफ का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने स्थिति को संभालने में मदद की और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस यात्री को भविष्य में यूनाइटेड की सभी उड़ानों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।" कैलिफोर्निया के यात्री की प्रतिक्रिया वहीं गिनो गलौफरो ने बताया कि यह घटना फ्लाइट में सभी यात्रियों के लिए डरावनी थी। उन्होंने कहा, "यात्री की इस हरकत ने सभी को परेशान किया लेकिन मैं खुश हूं कि हमने मिलकर उसे शांत किया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।" यह घटना न केवल फ्लाइट में यात्रा कर रहे लोगों के लिए चिंता का कारण बनी बल्कि एयरलाइन द्वारा सही समय पर कार्रवाई न करने पर भी सवाल उठाए गए। यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित यात्री को उनके सभी भविष्य के फ्लाइट्स के लिए बैन कर दिया है। recent visitors 54

कनाडा में ट्रूडो सरकार का यू-टर्नः अब पंजाब के गैंगस्टर-आतंकी होंगे निशाने पर, शरणार्थी नियम सख्त करेगा कनाडा

कनाडा कनाडा ने शरणार्थी नीति में सख्त बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने हाल ही में घोषणा की कि देश की शरणार्थी प्रणाली में सुधार के लिए नए उपाय प्रस्तावित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शरणार्थी दावों की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करना और इसे और प्रभावी बनाना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब कनाडा पर पंजाब के गैंगस्टरों और आतंकियों को शरण देकर भारत के साथ अपने संबंध खराब करने के आरोप लग रहे हैं। पंजाब के नामी गैंगस्टर कनाडा की शरण में कनाडा ने लंबे समय से पंजाब के 29 खालिस्तानी समर्थकों और कई नामी गैंगस्टरों को शरण दी है। इन शरणार्थियों ने दावा किया है कि उन्हें भारत में खतरा है, लेकिन इनकी मौजूदगी ने कनाडा के अंदरूनी हालात को भी खराब किया है। खालिस्तान समर्थक आतंकी और अपराधी, जैसे सतिंदर जीत सिंह गोल्डी बराड़, अनमोल बिश्नोई, लखवीर सिंह उर्फ लांडा, गुरजंट सिंह पन्नू और भगत सिंह बराड़, वर्षों से कनाडा में शरण लिए हुए हैं और अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त हैं।   ट्रूडो ने  बिगाड़े कनाडा के हालात कनाडा के लेखक जोगिंदर बासी ने कहा, "कनाडा की ट्रूडो सरकार ने पंजाब के गुनहगारों को शरण देकर अपनी ही धरती पर हालात बिगाड़ लिए हैं। खालिस्तानी और आतंकी तत्वों की वजह से न केवल कनाडा का माहौल खराब हुआ है, बल्कि कई देशों के साथ संबंध भी बिगड़े हैं।"  रिटायर आईजी सुरिंदर कालिया ने कहा, "अगर कनाडा शरणार्थियों को लेकर गंभीर है तो उसे पहले पंजाब के गैंगस्टरों और आतंकियों को भारत को सौंपना चाहिए। इन पर पंजाब का माहौल खराब करने के गंभीर आरोप हैं। सीबीआई के जरिए इनका प्रत्यर्पण संभव है, और इसके लिए कनाडा को पहल करनी चाहिए।"   आव्रजन प्रणाली पर दबाव कनाडा की आव्रजन प्रणाली पहले से ही अत्यधिक दबाव में है। 2024 की दूसरी तिमाही में 2.65 लाख गैर-स्थायी निवासी कनाडा पहुंचे। जुलाई से अक्टूबर के बीच शरणार्थी दावों की संख्या में मामूली कमी आई है, लेकिन अब भी 2.6 लाख मामले लंबित हैं।  आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने कहा कि वह अगले दो वर्षों में शरणार्थियों की संख्या कम करने और आव्रजन प्रणाली को सुधारने पर जोर देंगे। इसके तहत: – शरणार्थी दावों की समीक्षा प्रक्रिया तेज की जाएगी।   – लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता पर होगा।   – शरण देने की प्रक्रिया में अधिक सख्ती बरती जाएगी।          भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की उम्मीद कनाडा पर लंबे समय से आरोप है कि उसने खालिस्तानी तत्वों और पंजाब के अपराधियों को संरक्षण दिया है। भारत ने भी कनाडा को इन अपराधियों की सूची और डोजियर सौंपे हैं। यदि कनाडा इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।  recent visitors 63

स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई

अमृत 2.0 में 1146 प्रोजेक्टस् पर कार्य भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय की राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 49वीं बैठक में अमृत 2.0 योजना में 558 करोड़ 17 लाख रूपये के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का अनुशंसा के बाद तकनीकी अनुमोदन कर दिया है। यह बैठक बुधवार को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, भरत यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तकनीकी समिति की अनुशंसा के बाद अनुमोदन दिया गया। स्वीकृत योजना में सीवरेज, जलप्रदाय, वाटर बॉडी, ग्रीन स्पेस निर्माण कार्यों के लिए मुख्य रूप से मंजूरी दी गई। समिति ने सांवेर शहर की सीवरेज परियोजना की दर स्वीकृति पर भी विचार किया। प्रदेश में 418 नगरीय निकायों में अमृत 2.0 के तहत 11,778 करोड़ रूपये लागत के 1146 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये सीवरेज और उनके प्रबंधन का कवरेज बढ़ाने पर लगातार कार्य किया जा रहा है। शहरों में उपलब्ध जल स्वच्छ रहे इसके लिये स्वच्छ जल को सुरक्षित करने के प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जल स्त्रोतों में गंदा पानी न मिले। नदियों और तालाबों के पानी में गंदे नालों का पानी न मिले, इसके लिये शहरी क्षेत्रों में सीवरेज की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में अमृत 2.0 में जल प्रदाय की 417 परियोजनाओं में से 210 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं में से 199 का कार्य प्रगति पर है। चयनित शहरों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 390 पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 54 पार्क, जिनकी कुल लागत 12 करोड़ 81 लाख रूपये है, उनका निर्माण पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में सीवरेज की स्वीकृत 36 परियोजनाओं में से एक परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही 16 करोड़ रुपये लागत की 25 वॉटर बॉडी परियोजनाओं का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रदेश मे 272 वॉटर बॉडी प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है।   recent visitors 63

प्रशांत विहार में बंसीवाला स्वीट के पास यह धमाका, मौके से सफेद पाउडर बरामद होने की बात सामने आई,जांच शुरू

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में एक बार फिर गुरुवार को धमाका हुआ। यह धमाका प्रशांत विहार इलाके में हुआ। इससे कुछ दूरी पर ही रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर पिछले दिनों विस्फोट हुआ था। इस बार एक मिठाई की दुकान के पास यह धमाका हुआ। स्थानीय पुलिस की टीम सहित बम स्क्वॉड व डॉग स्क्वॉड दस्ते को बुलाया गया है। इलाके को घेरकर पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी। एहतियातन मौके पर फायर विभाग ने चार दमकल वाहनों को भी भेजा गया। प्रशांत विहार में बंसीवाला स्वीट के पास यह धमाका हुआ है। मौके से सफेद पाउडर बरामद होने की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही मौके पर जांच में जुटी पुलिस सूत्रों का कहना है कि जैसा ब्लास्ट सीआरपीएफ स्कूल की दीवार पर हुआ था, कुछ वैसा ही पैटर्न इस ब्लास्ट का भी है। हालांकि लेकिन ये लो इन्टेन्सिटी का ब्लास्ट था। एक शख्स के मामूली रूप से घायल होने की भी बात सामने आ रही है। लेकिन अभी अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उधर फायर विभाग के मुताबिक ब्लास्ट की यह कॉल 11 बजकर 48 मिनट पर कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिली कि प्रशांत विहार इलाके में बंसी वाला स्वीट के पास तेज ब्लास्ट हुआ है। इसके बाद फायर व पुलिस विभाग मौके पर पहुंची गए। हालांकि घटना की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है। recent visitors 63

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास एवं प्रशासनिक सुधार के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और जन-सुलभ बनाने समय-सीमा में पूर्ण करें कार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में की विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास एवं प्रशासनिक सुधार के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधोसंरचना विकास एवं प्रशासनिक सुधार के सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी और उप सचिव श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वीकृत पदों को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड से भर्ती किये जाने की प्रक्रिया की समीक्षा की और औपचारिकताओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रीवा मेडिकल कॉलेज में कैथलैब के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रीय मरीजों को उन्नत उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही रीवा और सतना मेडिकल कॉलेज, एमवाई हॉस्पिटल इंदौर में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कैबिनेट के लिए प्रस्तावित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन और नवीन जिलों के जिला अस्पतालों में पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव पर चर्चा की गयी। उन्होंने प्रदेश में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए नियमों और निर्देशों में अपेक्षित सुधार किए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स पदों पर नियुक्ति के लिए मानकों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिये। बैठक में वर्षों से निलंबित डॉक्टर्स के प्रकरण में विचार के लिए गठित विशेष समिति की बैठक आयोजित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा। बॉन्ड अवधि पूरी कर चुके डॉक्टर्स को एनओसी जारी करने और उनके दस्तावेज लौटाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के विषय पर विमर्श किया और प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिये।   recent visitors 52

MLA निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट पहुंची कांग्रेस, भाजपा पर भी कसा तंज

   भोपाल  मध्यप्रदेश में विजयपुर उपचुनाव में जीत के बाद अब कांग्रेस नए तेवर और अंदाज में नजर आ रही है। विजयपुर में जीत के बाद अब कांग्रेस ने बीना विधानसभा पर टिका दी है। कांग्रेस ने बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता खत्म करने को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दाखिल की है। दरअसल बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने लोकसभा चुनाव में पाला बदलते हुए भाजपा में शामिल हो गई थी और वह लगातार भाजपा के मंचों पर शिरकत करने  के साथ भोपाल में भाजपा मुख्यालय में अपनी हाजिरी लगा रही है। निर्मला सप्रे भले ही भाजपा के मंच से लेकर पार्टी दफ्तर में नजर आ रही हो लेकिन उन्होंने अपनी विधानसभा की  सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। वहीं कांग्रेस ने निर्मला सप्रे की सदस्यता खत्म करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पास याचिका लगा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकार्ट में याचिका लगाई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका लगा चुका है लेकिन जब इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है तब पार्टी ने हाईकोर्ट का रूख किया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा बताएं कि निर्मला सप्रे उनके साथ है या नहीं। वहीं अब जब 16 दिसंबर में विधानसभा की शीतकालीन सत्र होना है तब कांग्रेस निर्मला सप्रे को लेकर काफी अक्रामक नजर आ रही है। वहीं निर्मला सप्रे के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देने के पीछे कई कारण है। निर्मला सप्रे बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर भाजपा में शामिल हुई थी, वहीं पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए जिलों  को लेकर परिसीमन आयोग के गठन का एलान कर बीना को जिला बनाए जाने की मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ऐसे में अब निर्मला सप्रे चुनाव का सामना करने से बचना चाह रही है। निर्मला को साथ नहीं बैठाएगी कांग्रेस कांग्रेस ने यह पहले ही साफ कर दिया है कि बीना से विधायक निर्मला सप्रे को वे अपने साथ नहीं बैठाएंगे। कांग्रेस ने इस बात को मान लिया है कि वे अब भाजपा की सदस्य हैं। वे भाजपा की बैठकों में भी शामिल हुई हैं। 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है, इसमें निर्मला को कांग्रेस सदस्य विपक्ष में अपने साथ नहीं बैठाएंगे। इसके साथ ही विधानसभा सत्र से पहले 15 दिसंबर को जो विधायक दल की बैठक होगी उसमें भी निर्मला सप्रे को नहीं बुलाया जाएगा। recent visitors 78

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया, ट्रेन में यात्रियों को दिए जाने वाले ऊनी कंबल महीने में एक बार धोए जाते है

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि ट्रेन के कंबल हर यात्रा के बाद साफ नहीं किए जाते। उन्होंने बताया कि यात्रियों को प्रदान किए जाने वाले ऊनी कंबल महीने में कम से कम एक बार धोए जाते हैं। इसके अलावा, बेडरोल किट में एक अतिरिक्त चादर दी जाती है, जिसे कंबल के कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, यह जवाब कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदोरा के उस सवाल पर आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि यात्री स्वच्छ बेडिंग के लिए शुल्क अदा करने के बावजूद ऊनी कंबल क्यों महीने में केवल एक बार ही धुलते हैं। मंत्री ने कहा कि वर्तमान मानकों के अनुसार, भारतीय रेल में उपयोग की जाने वाली कंबल हल्की, धोने में आसान और बेहतर गर्मी प्रदान करती हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सुविधा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें बेहतर गुणवत्ता वाले लिनेन की खरीद, मशीनीकृत लॉन्ड्री में स्वच्छता सुनिश्चित करना, मानक मशीनों और विशेष रसायनों का उपयोग करना और धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता जांचने के लिए 'व्हिटो-मीटर' का उपयोग शामिल है। रेलवे ने लिनेन की जीवन अवधि को भी कम कर दिया है ताकि नए सामान जल्दी उपलब्ध कराए जा सकें। रेलमदद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के लिए 'वॉर रूम' बनाए गए हैं, जहां शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है। मंत्री ने यह भी बताया कि बेडरोल को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग में उपलब्ध कराया जाता है और इन्हें स्टेशनों व ट्रेनों पर स्टोर, परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बेहतर तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। recent visitors 68