Sunday, July 5, 2026 2:09 am

आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी, लोगों को भुगतना पड़ रहा

बिलासपुर शहरी क्षेत्र में लगातार आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति में शहरी क्षेत्र में कुत्तों की संख्या 10 हजार पार हो चुकी है। वहीं अब कुत्तों का आतंक बढ़ते ही जा रहा है। खासतौर से रात होते ही झूंड बनाकर राहगिरों और वाहन चालकों पर हमला बोल रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही हिसंक प्रवृत्ति बढ़ते जा रहा ठंड बढ़ने के साथ ही इनकी हिसंक प्रवृत्ति और भी बढ़ते जा रहा है। शहर की सड़कों में रातभर इनका आंतक रहता है। इसी वजह से शहरी क्षेत्र में रोजाना 20 से 30 लोग कुत्ता काटने का शिकार हो रहे हैं। ये अधिकारिक आंकड़ा सिम्स व जिला अस्पताल पहुंचने वाले मामले हैं। संख्या बढ़ने के बाद भी नगर निगम कुत्तों के नियंत्रण के लिए कोई भी काम नहीं कर रही है। ऐसे में तेजगति से कुत्तों की संख्या बढ़ते ही जा रही है और इनका आतंक भी बढ़ते ही जा रहा है। रोजाना लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। शहर के कई सड़क ऐसी है, जहां पर से निकलने के दौरान कुत्ते हमला बोल देते हैं। ये है शहर के डाग स्पाट स्मार्ट रोड व्यापार विहार, श्रीकांत वर्मा मार्ग लिंक रोड सीएमडी चौक से पीजीबीटी कालेज रोड तक सिंधी कालोनी रोड नेहरू नगर मुख्य मार्ग जगमल चौक से पावर हाउस चौक तक मोपका रोड, सरकंडा सीपत रोड, रेलवे रोड तालापारा मार्ग सरकंडा मुख्य मार्ग आदि। निजी अस्पताल में आने वाले मामलों का कोई रिकार्ड नहीं कुत्ते काटने के रोजाना के 20 से 30 मामले सरकारी अस्पतालों के हैं। वहीं निजी अस्पताल में कुत्ते काटने के पहुंचने वाले मामलों का कोई भी रिकार्ड नहीं है। जबकि शहरी क्षेत्र में 150 से ज्यादा छोटे बड़े नर्सिंग होम हैं। इनकी रोजाना ओपीडी चलती है। इन अस्पतालों में भी कुत्ते काटने के मामले पहुंचते हैं। इसलिए निजी अस्पताल पहुंचने वाले मामलों का सही आकड़ा सामने लाना मुश्किल रहता है। रात होते ही सड़कों में रहता राज रात होते ही सड़क किनारे रहने वाले कुत्ते हिंसक प्रवित्ति अपना लेते हैं। इनके एक झूंड में 10 से 20 तक कुत्ते रहते हैं। साफ है कि इनकी ताकत बढ़ जाती है और आने जाने वाले लोगों को दौड़ते हैं और मौका मिलते ही डाग बाईट का शिकार बना लेते हैं।   recent visitors 30

धान कटाई के दौरान बड़ा हादसा, ट्रैक्टर इंजन की स्पार्किंग से फसल और थ्रेसर मशीन जलकर खाक

बलौदा छत्तीसगढ़ के बलौदा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में धान कटाई के दौरान आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. ट्रैक्टर इंजन से उठी चिंगारी ने खलिहान में रखी धान की खरही, थ्रेसर मशीन और ट्रैक्टर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग ने तेजी से पूरे खलिहान को अपनी चपेट में ले लिया. फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. जानकारी के अनुसार, किसान राजकुमार बिंझवार अपने कोठार में ट्रैक्टर और थ्रेसर मशीन से धान मिसाई करवा रहे थे. खलिहान में करीब 3 एकड़ की फसल रखी हुई थी. कटाई के दौरान ट्रैक्टर के इंजन से उठी चिंगारी ने फसल में आग लगा दी. आग इतनी तेजी से फैली कि खलिहान में रखा लगभग डेढ़ एकड़ धान पूरी तरह जलकर राख हो गया. साथ ही, ट्रैक्टर का इंजन और थ्रेसर मशीन भी आग की चपेट में आकर खाक हो गए. इस आगजनी से किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. प्रशासन से किसान ने उचित मुआवजे की मांग की है. recent visitors 108

यूपी बार काउंसिल ने प्रदेश भर के वकीलों से से आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण मांगा

इटावा इटावा बार काउंसिल उत्तर प्रदेश आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर उन पर कार्यवाही की तैयारी में जुटी है। यूपी बार काउंसिल ने प्रदेश भर के जिला जज, जिला बार, जिलाधिकारी और एसएसपी से विवरण मांगा है। बार काउंसिल ने प्रदेश भर के अधिवक्ताओं के खिलाफ एक से अधिक आपराधिक दर्ज मामलों का विवरण दस दिवस के अंदर मांगा है। ऐसे में इटावा जिला बार से भी अधिवक्ताओं से मुकदमों का विवरण देने का अनुरोध किया गया है। विवरण न देने पर कार्यवाही की भी बात कही है। इटावा यूपी बार काउंसिल के निर्देश पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जिले के वकीलों को पत्र लिखकर उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का विवरण मांगा है।इस संबंध में यूपी बार काउंसिल ने जिला जज, जिला अधिकारी व एसएसपी को भी पत्र लिखा है। इटावा बार में करीब 1400 सौ अधिवक्ता है, जिनमें से 900 ही अधिवक्ताओं का सीओपी जारी हुआ हैं। इनमें महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की 29 सितम्बर को सामान्य बैठक हुई। जिसमें यह निर्णय पारित किया गया कि प्रदेश भर के सभी अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का विवरण प्राप्त कर आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की जा सके। इटावा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह गौर ने बताया कि यूपी बार काउंसिल ने सभी जिले के बार अध्यक्षों को पत्र लिखकर जिलों में प्रैक्टिस कर रहे वकीलों के खिलाफ आपराधिक दर्ज मामलों का विवरण मांगा है। इस संबंध में उन्होने जिले के सभी अधिवक्ताओं को पत्र के माध्यम से सूचना दी है। यदि किसी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है तो वह अपना विवरण दे दें। जिसे यूपी बार काउंसिल को भेजा जा सके। उन्होंने बताया इस पेशे में कई आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ता भी शामिल होकर इस काम को बदनाम करने में जुटे हुए हैं। मेरी खुद की जानकारी में इटावा बार में करीब एक दर्जन ऐसे अधिवक्ता हैं, जिनके ऊपर कई-कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे अधिवक्ता गैरकानूनी कार्य करने के लिए अधिवक्ता बने हुए हैं। इस पेशे की छवि धूमिल करने में लगे हुए हैं। इसी के तहत बार काउंसिल उत्तर प्रदेश ने पत्राचार करके ऐसे अधिवक्ताओं की जानकारी मांगी है। उम्मीद है आपराधिक प्रवृत्ति के अधिवक्ताओं के खिलाफ जल्द से जल्द बार काउंसिल कोई निर्णय लेगी।   recent visitors 63

15 हजार आवासों की स्वीकृति, छत्तीसगढ़-आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा आवास

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15 हजार आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को छह दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति के लिए निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।   recent visitors 67

भीषण सड़क हादसा: कार ने टेंपो को मारी जोरदार टक्कर, खंती में जा गिरे दोनों वाहन, 5 की मौके मौत

श्रावस्ती जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ है. जहां तेज रफ्तार कार ने एक टेंपो को जोरदार ठोकर मार दी. हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. बता दें कि पूरी घटना को नेशनल हाइवे-730 के मोहनीपुर तिराहे पर घटी है. जहां एक तेज रफ्तार जायलो कार ने टेंपो को ठोकर मार दी. इस दौरान कार और टेंपो दोनों सड़क के किनारे खंती में जा गिरे. हादसे में दोनों वाहनों की परखच्चे उड़ गए. घटना में 5 लोगों की जान चली गई औऱ 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. वहीं घटना के बाद आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को इकौना सीएचसी में भर्ती कराया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. recent visitors 56

मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का दिग्विजय सिंह ने लगाया आरोप

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा योजना में राज्य में गड़बड़ी और तय नियमों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना में हो रही व्यापक अनियमितता से अवगत कराया। साथ ही इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यालय द्वारा शनिवार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के तहत कार्यों में अनियमितता की गई है, जो कि भारत सरकार के राजपत्रित अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि व्यवस्था के अनुसार मनरेगा योजनान्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों में व्यय की दृष्टि से श्रम सामग्री का अनुपात 60-40 जनपद स्तर पर रखे जाने का प्रावधान है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि अधिनियम में 60 प्रतिशत मजदूरी का प्रावधान इसलिए किया गया था कि गांव में रहते हुए मजदूरों को अधिकतम कार्य मिल सके और पलायन रुक सके, मध्यप्रदेश में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात का जिक्र करते तो उन्होने कहा वर्ष 2022-23 में 21 जिलों में, 2023-24 में 16 जिलों में एवं इसके अतिरिक्त 2024-25 में प्रदेश के 25 जिलों में इस प्रावधान का खुला उल्लंघन हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए लिखा कि इस वजह से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिल रहा है और सामग्री के फर्जी बिल वाउचर पर भुगतान हो रहा है। इस तरह की अनियमितता से मजदूरों के अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है। यह एक अत्यंत गंभीर प्रकरण है जो कि अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के विरुद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करें, जिससे मजदूरों के हितों की रक्षा हो सके।   recent visitors 74

व्यापारी-तहसीलदार विवाद : चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारी के समर्थन में किया विरोध प्रदर्शन

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में बीते दिन व्यापारी-तहसीलदार विवाद में व्यापारी के गिरफ्तारी के बाद आज चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया है. व्यापारी संघ ने प्रशासन की तरफ से जारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ शहर बंद का आह्वान कर दिया है. इसके चलते आज मनेन्द्रगढ़ में सभी व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे. चेंबर ऑफ कॉमर्स का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर गलत तरीके से कार्रवाई कर रहे हैं, इसके विरोध में उन्होंने आज बंद का आह्वान किया है. बता दें बीते दिन शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ में अतिक्रमण हटाने के दौरान आज एक व्यापारी ने तहसीलदार को थप्पड़ जड़ दिया. तहसीलदार यादवेंद्र कैवर्त मौहारपारा इलाके में गोपाल शीत गृह के पास अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे. इस दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उनकी एक युवा व्यापारी से बहस हो गई, जिससे आवेश में आकर व्यवसायी नितिन अग्रवाल ने उन्हें थप्पड़ मार दी. घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. युवा व्यापारी के गिरफ्तारी के बाद नाराज चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए शहर बंद कर विरोध प्रदर्शन कर रहा है. वहीं इस मामले को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष पंकज संचेती ने कहा कि अगर प्रशासन नियम पूर्वक कार्रवाई करती तो हमें कोई आपत्ति नहीं थी. इसके अलावा हमने मीटिंग में भी कहा था कि आप अतिक्रमण हटाने से पहले मुनादी करवा दीजिए. लेकिन उन्होंने मुनादी नहीं की और सीधे बुल्डोजर कार्रवाई कर सामान तोड़ने लगे. बीते दिन कार्रवाई के दौरान व्यापारी ने सामान हटाने के लिए समय मांगा तो उसे समय नहीं दिया गया और सीधे बुल्डोजर से उसके सामान (सीमेंट की शीटों) को तोड़ दिया गया. इससे व्यापारी को डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है, ऐसी कार्रवाई पर व्यापारी को गुस्सा आना स्वाभाविक है. बता दें, यह पहली बार नहीं है जब तहसीलदार विवादों में आए हैं. बीते सप्ताह अतिक्रमण हटाने के दौरान भी एक व्यवसायी प्रियम केजरीवाल का मोबाइल छीनने का मामला सामने आया था. प्रियम ने तहसीलदार की कार्यवाही का वीडियो बनाते हुए उनसे सवाल किया था, जिससे नाराज होकर तहसीलदार ने उसका मोबाइल छीन लिया था. recent visitors 60