बच्चो के लिए अच्‍छी खबर: प्रदेश के सभी स्कूलो में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अवकाश रहेगा , परिवार के साथ बनाएं प्‍लान; देखें छुट्टियों की

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, जिसमें 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में स्थानीय अवकाश शामिल है। इसके अलावा, क्रिसमस डे (25 दिसंबर) पर भी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। इस महीने को लेकर कुछ अन्य ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। 3 दिसंबर, 2024 को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के अवसर पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में कई ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिनमें 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांग दिवस’, 4 दिसंबर को ‘क्रांतिसूर्य टंट्या भील बलिदान दिवस’, 18 दिसंबर को ‘गुरु घासीदास जयंती’, 14 दिसंबर को ‘दत्तात्रय जयंती’, 27 दिसंबर को ‘महाराजा खेतसिंह खंगार जी की जयंती’, और 31 दिसंबर को ‘बालीनाथ जी बैरवा जयंती’ शामिल हैं। शीतकालीन अवकाश की भी घोषणा इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा भी कर दी है। इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेगा, जो अगले दिन 5 जनवरी को रविवार की छुट्टी से जुड़कर 6 जनवरी तक मिलेगा। इन पांच दिनों के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों में शीतलाकीन अवकाश का ऐलान कर दिया है। इस बार मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी स्कूलों शीतकालीन अवकाश किया जाता है, हालांकि अभी तक किसी भी राज्य ने इनकी घोषणा नहीं की है। अभी तक मध्य प्रदेश के स्कूलों में पांच दिन की विंटर वेकेशन घोषित की गई है। 6 जनवरी को रविवार होने की वजह से इस दिन भी विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश के स्कूलों में 6 दिनों की छुट्टी रहेगी। न्यू ईयर के अवसर पर छुट्टी मिलने से स्कूली छात्रों में खुशी की लहर है।  दिल्ली में विंटर वेकेशन दिल्ली के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां जनवरी 2024 के आरंभ में होगी। ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली में स्कूलों को 1 जनवरी से 6 जनवरी (Delhi Winter Vacation 2024 Dates) तक बंद रखा जाएगा। हालांकि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा विंटर वेकेशन की डेट्स अलग से घोषित की जाएंगी। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में शीतकालीन अवकाश रहेगा। चार दिन की लंबी छुट्टी का मौका भोपाल में 3 दिसंबर को गैस त्रासदी के मौके पर स्थानीय अवकाश होने के कारण, अगर कोई कर्मचारी या छात्र सोमवार को भी छुट्टी लेता है, तो उसे लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। वहीं, कुछ स्कूलों में परीक्षा का दौर भी होने की वजह से छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव हो सकता है। घूमने का बेस्ट मौका मध्य प्रदेश के लोग इन छुट्टियों का लाभ उठाकर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, सांची और माण्डी जैसी जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श हैं। इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के लोगों को विभिन्न छुट्टियों का लुत्फ उठाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा, और वे इन अवकाशों का उपयोग अपने परिवार के साथ सैर-सपाटे, आराम और नए साल की खुशियों का स्वागत करने के लिए कर सकते हैं।   recent visitors 111

चंद्रचूड़ का फैसला गलत था, इससे और मस्जिदों के सर्वे का रास्ता खुल गया: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, भड़का

नई दिल्ली संबल और अजमेर शरीफ पर निचली अदालतों के फैसलों ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को निशाने पर ला दिया है। उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके फैसले ने देश में धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षणों और याचिकाओं के लिए दरवाजे खोल दिए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों ने 2023 में चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की अनुमति देने वाले फैसले को गलत बताया है। SP सांसद जिया-उर-रहमान बरक और मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "चंद्रचूड़ का फैसला गलत था। इससे और सर्वे की याचिकाओं का रास्ता खुल गया है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे सर्वे रोकने चाहिए।" पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बयान जारी कर कहा कि यह फैसला "प्लेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट, 1991" की भावना के खिलाफ है। बोर्ड ने कहा, "बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम का हवाला देकर कहा था कि किसी भी पूजा स्थल की स्थिति को 15 अगस्त 1947 के अनुसार बदला नहीं जा सकता। लेकिन ज्ञानवापी मामले में अदालत ने सर्वे की अनुमति देकर अपनी स्थिति नरम कर दी।"   सर्वे को लेकर बढ़ते विवाद ज्ञानवापी फैसले के बाद मथुरा के शाही ईदगाह, लखनऊ के टीले वाली मस्जिद और अब संबल की जामा मस्जिद के साथ-साथ अजमेर शरीफ में मंदिर होने के दावों पर याचिकाएं दाखिल हुई हैं। पर्सनल लॉ बोर्ड और विपक्ष का कहना है कि इन सर्वेक्षणों से सांप्रदायिक तनाव और बढ़ सकता है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "1991 के कानून के अनुसार पूजा स्थल की स्थिति नहीं बदली जा सकती। ऐसे में इन सर्वे का क्या उद्देश्य है?" संविधान और कानून की दुहाई हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 1991 का कानून ASI द्वारा संरक्षित स्थलों पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा, "संबल की साइट ASI द्वारा संरक्षित है। इसलिए, प्लेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट यहां लागू नहीं होता।" जैन ने 1950 के प्राचीन स्मारक अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई स्मारक धार्मिक स्थल है तो ASI उसकी धार्मिक प्रकृति तय करेगा और संबंधित समुदाय को वहां पूजा की अनुमति देगा। चंद्रचूड़ का फैसला और उसका प्रभाव 3 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में ASI द्वारा वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी थी। इस फैसले में अदालत ने कहा था कि "1991 के अधिनियम की धारा 3 पूजा स्थल की धार्मिक प्रकृति का पता लगाने से मना नहीं करती, हालांकि धारा 4 इसकी स्थिति बदलने पर रोक लगाती है।" इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिसंबर 2023 में मथुरा के शाही ईदगाह परिसर में सर्वेक्षण की अनुमति दी। इसी तरह मध्य प्रदेश के भोजशाला में भी सर्वे को लेकर विवाद बढ़ा। RSS प्रमुख मोहन भागवत के 2022 के बयान का हवाला देते हुए विपक्ष ने कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग खोजने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा, "इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य केवल सांप्रदायिक तनाव बढ़ाना है।" भविष्य में इन सर्वेक्षणों और याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और फैसले पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं। recent visitors 71

नगर निगम से संबंधित टैक्स भुगतान के लिए नहीं जाना होगा नगर निगम, ऑनलाइन पेमेंट सर्विस शुरू

बिलासपुर नगर निगम के सभी प्रकार के टैक्स चाहें प्रापर्टी टैक्स हो या पानी या फिर कमर्शियल सभी प्रकार के टैक्स शहर के नागरिक अब घर बैंठे आनलाइन जमा कर सकेंगे। निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर नगर निगम ने शहरवासियों को एक बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए आनलाइन सर्विस की शुरुआत की है। इससे नागरिक अब किसी भी स्थान से निकाय के अपने सभी प्रकार के टैक्स आनलाइन जमा कर सकेंगे। इससे पहले निगम ने करदाताओं की वास्तविक संख्या और अन्य जानकारी के लिए सत्यापन का कार्य किया है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से खुद का टैक्स पेमेंट पोर्टल तैयार किया है। इसके जरिए अब शहर के नागरिक अपने टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। अभी तक नगर निगम से संबंधित टैक्स भुगतान के लिए नगर निगम कार्यालय जाना पड़ता था या आरआई से संपर्क करना पड़ता था। आनलाइन भुगतान के लिए नागरिक निगम द्वारा तैयार किए गए पोर्टल निगम बिलासपुर.काम/पीटीआइएस पर क्लिक कर अपने बकाया टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए करदाता को पोर्टल में अपनी प्रापर्टी आइडी या नाम अथवा वार्ड नंबर की एंट्री करना होगा।इसके बाद प्रापर्टी और टैक्स की पूरी डिटेल आ जाएगी। इसे आनलाइन जमा करने के बाद उन्हें पावती मिलेगी। इसे वे प्रिंट करा सकेंगे या डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे। पोर्टल के ज़रिए पेमेंट प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है। जोन 1, 2 समेत अन्य वार्ड जल्द होंगे शामिल निगम सीमा में जुड़े नए वार्ड भी जल्द ही आनलाइन सर्विस में शामिल होंगे। नए वार्डों के करदाता समेत अन्य सभी जानकारी की एंट्री पोर्टल में की जा रही है इसके बाद जल्द ही इन वार्ड के नागरिकों को भी आनलाइन सर्विस की सुविधा मिलेगी। अभी जोन क्रमांक 1 और 2 के सभी वार्ड तथा जोन क्रमांक 8 के वार्ड 64, 67, 68 जोन क्रमांक 7 के वार्ड 47, 48, 49, 50, 51, 52 और 58। जोन क्रमांक 6 के वार्ड 41, 42 के नागरिकों को आफलाइन ही भुगतान करना होगा। डिटेल फीडिंग का काम चल रहा है। पूर्ण होते ही इन सभी वार्डों के नागरिक समेत पूरे शहर के रहवासी आनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। आफलाइन भी कर सकते हैं जमा शहर के नागरिक अपने टैक्स का भुगतान आफलाइन मोड पर भी पूर्व की भांति कर सकेंगे। आनलाइन सर्विस नागरिकों की सुविधा के लिए एक विकल्प के तौर पर शुरू किया गया है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय या निगम मुख्यालय विकास भवन जाकर अपने टैक्स का भुगतान कर सकते हैं या फिर आरआइ से संपर्क करके भी टैक्स का भुगतान किया जा सकता है। recent visitors 75

संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को सपा की सौगात, अध्यक्ष अखिलेश ने पांच-पांच लाख रुपये देने का किया ऐलान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीती 24 नवंबर को मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं कई लोग घायल भी हुए थे। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को समाजवादी पार्टी पांच-पांच लाख रुपये देगी। इसकी घोषणा खुद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने की है। बता दें कि सहायता राशि परिजन को जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। 'मृतकों के परिजन के साथ हमारी संवेदनाएं' सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संभल में मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद करने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी ने मृतकों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की है। सपा सांसद रुचि वीरा ने बताया कि मृतकों के परिजन के साथ पार्टी की संवेदनाएं हैं। सपा नेताओं को किया गया नजरबंद साथ ही बताते चलें कि शनिवार सुबह से पुलिस सपा नेताओं के घर के बाहर पहरा दे रही है। समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया है। इस लिस्ट में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, लाल बिहारी यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल सहित कई नेता शामिल हैं। दरअसल, सपा के डेलिगेशन को संभल जाना था। इससे पहले ही नेताओं को उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। संभल जाना था सपा का डेलिगेशन बता दें कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा का 15 सदस्यीय डेलिगेशन आज संभल जाने वाला था। सपा नेता संभल में पीड़ितों से मिलकर जानकारी जुटाने वाले थे। जिसकी जानकारी वह सपा मुखिया के साथ साझा करने वाले थे। उनके निकलने से पहले ही पुलिस उनके घरों के बाहर तैनात मिली। सपा नेता को पार्टी मुख्यालय जाना चाहते थे लेकिन उसपर भी रोक लगा दी गई। जिससे नाराज होकर माता प्रसाद पांडेय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। recent visitors 103

हमारा नारा है, भूलकर भी किसी को ना छेड़ेंगे हम, और छेड़ने पर किसी को ना छोड़ेंगे हम : रामभद्राचार्य

ओरछा तुलसी पीठ के संस्थापक एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज मध्य प्रदेश के ओरछा में थे, जहां वे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होने आए थे। यहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का पंजा अब खूनी हो गया है। आगे उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रियंका गांधी अभी केरल के वायनाड से जीती हैं। उनके जीतते ही उनके मीडिया प्रभारी ने उनके सम्मान में एक निरीह गाय को गोली मारी। आगे उन्होंने कहा, 'पहली बार जीतकर आई हैं, तो उन्होंने हमको सौगात दी है। बार-बार जीतते रहेंगे तो क्या होगा, लगता है ना गाय बचेगी ना हिंदू बचेगा। पर हम उनको वचन देते हैं उनका यह मनोरथ हम सफल नहीं होने देंगे। हमारा नारा है, भूलकर भी किसी को ना छेड़ेंगे हम, और छेड़ने पर किसी को ना छोड़ेंगे हम।' रामभद्राचार्य ने क्यों कही गाय को गोली मारने की बात दरअसल रामभद्राचार्य जी ने प्रियंका गांधी की जीत पर गाय को गोली मारने वाली जिस घटना का जिक्र किया, वह सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कही जा रही है। उसमें दावा किया जा रहा है कि केरल कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद इस्लाम ने प्रियंका गांधी की जीत से खुश होकर गाय के सिर में दो बार गोली चलाकर उसकी जान ले ली। हालांकि सच कुछ और ही है। इसी दावे पर भरोसा करते हुए भद्राचार्य जी ने भी गाय को गोली मारने की बात कह दी। रामभद्राचार्यजी बोले- केरल कांग्रेस के एक नेता ने वायनाड में प्रियंका गांधी की जीत का जश्न मनाने के लिए गाय को सिर में गोली मारकर उसकी जान ले ली। वायरल वीडियो में क्या है? वायरल वीडियो में एक शख्स गाय को सिर में गोली मारते हुए नजर आ रहा है। जब गाय बंदूक की पहली गोली से नहीं मरती है तो फिर वह शख्स बड़ी बेरहमी से उसे दूसरी गोली मारकर उसकी जान ले लेता है। वीडियो में गोली लगने पर गाय को तड़पते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को यह बताकर वायरल किया जा रहा है कि ‘यह बर्बर शख्स केरल कांग्रेस का मीडिया प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद इस्लाम है। उसने प्रियंका गांधी की जीत का जश्न मनाने के लिए एक गाय के सिर में गोली मार दी। इस वीडियो को तब तक शेयर करें जब तक यह भारत के गृह मंत्रालय तक न पहुंच जाए और उसे गिरफ्तार न कर लिया जाए।’ फैक्ट चेक में क्या मिला? जब हमने इस वीडियो की फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करके देखा तो पता चला कि यह वीडियो कम से कम छह महीने पहले पुराना है, और इसका वायनाड में प्रियंका की जीत से कोई वास्ता नहीं है। और सबसे खास बात यह वीडियो केरल का ना होकर मणिपुर का है। यह वीडियो मई महीने में भी वायरल हुआ था, और उस वक्त की ज्यादातर पोस्ट्स देखने से पता चलता है कि यह वीडियो मणिपुर में जारी कुकी और मेतई संघर्ष से संबंधित है, तब एक पक्ष के अपराधी ने दूसरे पक्ष को उकसाने के लिए इस तरह गाय की जान ली थी। हमें सुनंदा रॉय नाम के एक्स हैंडल की पोस्ट भी मिली उसने इस वीडियो को 5 मई 2024 को शेयर किया था और बताया था कि ‘एक ईसाई कुकी आतंकवादी ने मणिपुर में हिंदुओं का मजाक उड़ाने के लिए एक गाय के सिर पर दो बार गोली चलाई और उसका वीडियो भी बनाया। कुकी आतंकवादी मैतेई किसानों और डेयरी व्यवसायियों के हजारों मवेशियों की हत्या कर रहे हैं। वे सिर्फ मौज-मस्ती के लिए कानून तोड़ रहे हैं।’ इसके साथ ही इस यूजर ने इस मामले में पेटा इंडिया को भी जागने के लिए कहा था। 5 मई 2024 को सुनंदा रॉय नाम की एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए बताया था कि मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कुकी समुदाय के लोग गायों को मार रहे हैं, क्योंकि वो मैतेई समुदाय के लिए पूज्य है। सुनंदा के इस ट्वीट के बाद पशु-पक्षियों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा ने भी इस घटना पर आपत्ति दर्ज कराई थी। 7 मई को इस बारे में किए अपने ट्वीट में पेटा ने लिखा था, 'पेटा इंडिया की टीम मणिपुर पुलिस के साइबर क्राइम सेल के साथ मिलकर अपराध के स्थान के बारे में जानकारी जुटा रही है। एक बार जब यह पता चल जाएगा तो हम संबंधित जिला पुलिस के साथ मिलकर FIR दर्ज करवाएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।' हालांकि सच सामने आने के बावजूद कुछ लोग सोशल मीडिया पर उस वीडियो को जानबूझकर यही बताते हुए वायरल कर रहे हैं कि यह वायनाड में हुए लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी की जीत के बाद का है। जबकि इसका केरल और प्रियंका गांधी दोनों से दूर दूर तक का कोई वास्ता नहीं है। recent visitors 145

विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से आज मांग करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, क्योंकि ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है। श्री सिंघार ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'विधानसभा की कार्यवाही लाइव की जाए, ये जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए जरूरी है !!! मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को लाइव करने की मांग कई बार उठाई गई, पर इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया! जबकि, यह लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है! इससे मतदाताओं को पता चलेगा कि उनका प्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सदन में कैसे उठाता है! साथ ही सरकार की भूमिका भी स्पष्ट होगी कि वो इस मंच पर अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाती है!' उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीद करती है कि विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर इस मांग पर सकारात्मक फैसला करेंगे। विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 16 दिसंबर से शुरु होना है।   recent visitors 24

मुक्त विवि में 15 दिसंबर तक नए पदों की स्वीकृति के प्रयास होंगे पूरे

बिलासपुर पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में वर्षों से लंबित मानसेवियों की नियमित भर्ती का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। उच्च शिक्षा सचिव आर. प्रसन्ना (आइएएस) ने शुक्रवार को कर्मचारियों की नियमितीकरण मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि 15 दिसंबर तक नए पदों की स्वीकृति के प्रयास पूरे होंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेगा। कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे शुक्रवार को उच्च शिक्षा सचिव आर.प्रसन्ना शहर प्रवास पर थे। शाम चार बजे पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले विश्वविद्यालय के स्टूडियो पहुंचे, जहां रिकार्ड होने वाले वीडियो लेक्चर की जानकारी ली और स्थापित स्टूडियो की काफी बेहतर बताया। फिर लैब, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, पुस्तक वितरण विभाग व योग विभाग पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संपर्क कक्षाओं में पहुंचे छात्रों से भी बातचीत की। इस दौरान कुलपति प्रो. बंश गोपाल सिंह, कुलसचिव भुवन सिंह राज और विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक और कर्मचारी भी उपस्थित थे। 150 पदों की मांग कर्मचारियों ने जानकारी दी कि, वे 19 वर्षों से मानसेवी के रूप में सेवा दे रहे हैं किंतु अब तक उनका नियमितीकरण नहीं हुआ। जिस पर उच्च शिक्षा सचिव प्रसन्ना ने कहा कि, विश्वविद्यालय ने स्व वित्तीय आधार पर लगभग 150 पदों की मांग उच्च शिक्षा विभाग से किया है। जिस पर विभाग ने स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेज दिया है। ए प्लस ग्रेड मिलने पर प्रशंसा की अंत में सचिव आर. प्रसन्ना ने संस्था को नैक से मिले ए प्लस ग्रेड मिलने पर प्रशंसा की। कहा कि सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एकजुट होकर काम करने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब इस विश्वविद्यालय का नाम देश के टाप के मुक्त विश्वविद्यालय में गिना जाएगा। 200 मानसेवियों को नौकरी की आस-मुक्त विश्वविद्यालय में अभी लगभग 200 मानसेवी सेवा दे रहे हैं। जो समन्वयक सहायक, सहायक समन्वयक, सहायक कार्य समन्वयक, कार्यक्रम समन्वयक और समन्वयक के रूप में अध्ययन केंद्र, क्षेत्रीय कार्यालय और मुख्यालय में कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय संस्थापना के बाद से ये मांग कर रहे हैं कि इन्हें भी नियमित किया जाए। उच्च शिक्षा सचिव ने एक माह के भीतर समाधान का दिया भरोसा छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक अधिकारी संघ ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना (आइएएस) से मंथन सभा कक्ष कलेक्टोरेट में सौजन्य भेंट की। संघ के अध्यक्ष डा.संजय तिवारी ने सचिव को गुलदस्ता भेंट कर उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन, सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान, और प्राचार्य पदों पर 131 नियुक्तियों के लिए आभार व्यक्त किया। संघ ने लंबित मांगों, जैसे सहायक प्राध्यापक से प्राध्यापक और स्नातक प्राचार्य पदों पर पदोन्नति पर ध्यान आकर्षित किया। सचिव ने इन मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए एक माह के भीतर समाधान का भरोसा दिया। इस अवसर पर डा. केपी. तिवारी, डा. कावेरी दाभड़कर, डा. सीमा मिश्रा और अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे। recent visitors 32