दिल्ली में आयोजित GST परिषद की बैठक शामिल हुए छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर  राजधानी दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में आज GST परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) के तहत क्षतिपूर्ति उपकर के भविष्य पर गहन चर्चा हुई. इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. जीएसटी परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और वित्त सचिव मुकेश बंसल की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही. मंत्री समूह में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सदस्य शामिल हैं. यह समूह GST प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव देगा. GST परिषद, जो देश में अप्रत्यक्ष कराधान के समन्वय और एकरूपता के लिए जिम्मेदार संवैधानिक निकाय है, इस विषय पर अंतिम निर्णय लेगी. recent visitors 68

दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण में अग्रणी मध्यप्रदेश: नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल. हर वर्ष 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजन के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करना है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हर व्यक्ति, चाहे वह शारीरिक या मानसिक रूप से सक्षम हो या नहीं, समाज का अभिन्न हिस्सा है। इस अवसर पर हम न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, बल्कि उनके सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने और उनके लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए हैं, जो उनकी कार्यक्षमता और जीवन-स्तर को बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं। मध्यप्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाला अग्रणी राज्य है। वर्ष 2011 की जनगणना में 15 लाख 51 हजार से अधिक दिव्यांगजन का चिन्हांकन किया गया था, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार दिव्यांगजन की 21 श्रेणियों को इसमें सम्मिलित किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि दिव्यांगजन में प्रतिभा की कमी नहीं होती है, जरूरत उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की है। हम लगातार देख रहे देश-प्रदेश के दिव्यांग भाइयों द्वारा हर क्षेत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई है। मध्यप्रदेश के परिक्षेत्र में हम देखें तो पायेंगे कि इस वर्ग के लोगों को यूनिक आईडी कार्ड बनाने का कार्य संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा। भारत सरकार ने इस वर्ष 2023-24 में 6.60 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। प्रदेश 8 लाख 85 हजार कार्ड तैयार कर देश में द्वितीय स्थान पर है। इसी प्रकार सुगम्य भारत अभियान के तहत प्रदेश के दिव्यांगजन को शासकीय कार्यालयों में आने जाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े इसके लिए सुगम्य भारत अभियान को बाधा रहित वातावरण निर्माण के लिये भारत सरकार द्वारा 2023 का सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांगजन के सशक्तिकरण के उद्देश्य 1. दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाना। 2. समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना। 3. दिव्यांगजन को रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं में समान अवसर प्रदान करना। मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन को मुख्यधारा से जोड़ने के लिये अनेक अभियान एक साथ चलाए जा रहे है। इनमें प्रमुख हैं:- एडीआईपी योजना केन्द्र सरकार की एलिम्को संस्था के माध्यम से संचालित एडिप योजना के तहत राज्य में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 37,224 दिव्यांगजन को 49.26 करोड़ रुपये मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्ष 2024-25 में 14 जिलों में उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 3,228 हितग्राहियों को 546.85 लाख रुपये मूल्य के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यदि एक साथी दिव्यांग है तो 2 लाख और यदि दोनों दिव्यांग हैं तो 1 लाख की सहायता दी जाती है। इस योजना से वर्ष 2023-24 में 122 और 2024-25 (अगस्त तक) में 1,200 दंपत्तियों को लाभान्वित किया गया। योजना शुरू होने से अब तक 17,095 दंपत्तियों को सहायता मिली है। मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत, छात्रों को लेपटॉप और बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दी जाती है। वर्ष 2024-25 में 70 छात्रों और 2023-24 में 537 छात्रों को लाभ मिला है। इस, दिव्यांग दिवस पर पात्र छात्रों को ये उपकरण वितरित किए जाएंगे। समावेशी समाज की दिशा में कदम दिव्यांगजन के लिए सहायक उपकरण जैसे कृत्रिम अंग, बैसाखी, श्रवण यंत्र, और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, यूडीआईडी कार्ड उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम बनाता है। सामाजिक जागरूकता और सहभागिता विश्व दिव्यांग दिवस केवल योजनाओं और सहायता तक सीमित नहीं है, यह समाज को यह समझाने का अवसर भी है कि दिव्यांगता कोई कमी नहीं, बल्कि एक विशेषता है। हमें उनकी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। निष्कर्ष दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल राज्य सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हम समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हैं, तब हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले। इस विश्व दिव्यांग दिवस पर, आइए हम दिव्यांगजन को सशक्त बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को और मजबूत करें और उनके योगदान को स्वीकार कर उनके साथ एक नए समावेशी और सक्षम समाज की ओर कदम बढ़ाएं। recent visitors 123

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को अपने ही देने लगे गच्चा, एक लाख से ज्यादा सैनिकों ने मैदान-ए जंग क्यों छोड़ा

नई दिल्ली. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को एक साथ कई मोर्चों पर टेंशन झेलना पड़ रहा है। उन्हें झटके पर झटका लग रहा है। एक तरफ उन पर रूस ताबड़तोड़ यूक्रेनी ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है तो दूसरी तरफ अगले महीने डोनाल्ड ट्रंप के शासन संभालने के बाद वित्तीय और सैन्य मदद में कटौती का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, युद्ध के मैदान से सैनिक भी ताबड़तोड़ जेलेंस्की को झटका दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 60,000 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों ने मैदाम-ए-जंग छोड़ दिया है। यह संख्या पिछले साल यानी 2022 और 2023 में युद्ध का मैदान छोड़ने वाले सैनिकों की संख्या से लगभग दोगुना है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल जनवरी से अक्तूबर के बीच रूस के खिलाफ जंग में दो सालों की तुलना में सबसे अधिक यूक्रेनी सैनिक रणक्षेत्र से भाग खड़े हुए हैं। बता दें कि फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है, जिसके तीन साल पूरे होने को हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने यूक्रेन के महाभियोक्ता कार्यालय (Prosecutor General's Office) के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा है कि इन तीन वर्षों में रूसी हमलों के खौफ से करीब एक लाख से ज्यादा सैनिकों पर युद्ध का मैदान छोड़कर भागने के आरोप लगे हैं। दरअसल, इस वर्ष यानी 2024 में साल भर रूस ने पूर्वी यूक्रेन के कई इलाकों में लगातार हमले किए हैं और अपनी पहुंच मजबूत की है। पूर्वी डोनेटस्क के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी रूसी फौज ने कब्जा किया है। अब रूस यूक्रेन के लिए सामरिक रूप से अहम अगदीवका जैसी प्रमुख बस्ती पर कब्जा करने का दावा कर रहा है। इसके अलावा रूस की नजर अब रणनीतिक रूप से अहम निप्रापेट्रोव्स्क पर है, जो डोनेटस्क सीमा के नजदीक है। हालांकि, रूस को भी सैनिकों की संख्या के मोर्चे पर कमी का सामना करना पड़ रहा है। उसे भी उत्तर कोरिया से भाड़े के सैनिक मंगवाने पड़े हैं। यूक्रेन में भी सैनिकों की भारी कमी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सतता है कि यूक्रेन ने अप्रैल में जो भर्तियां निकाली थीं, उसमें उम्र सीमा घटाकर 27 से 25 वर्ष कर दी थी। अब वाशिंगटन ने उसे सलाह दी है कि घटती सैनिक संख्या को पूरा करने के लिए यूक्रेन को भर्तियों में न्यूनतम उम्र सीमा घटाकर 18 से भी नीचे कर देना चाहिए। इस बीच AP की रिपोर्ट में यूक्रेन की 72वीं ब्रिगेड के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यूक्रेन के गढ़ शहर वुहलदार पर रूस के भीषण आक्रमण और शहर के खंडहर में तब्दील होने के बाद से बड़ी संख्या में सैनिकों ने युद्ध का मैदान छोड़कर पलायन किया है। हालांकि, वह अधिकारी पलायन कर चुके सैनिकों पर कोई आरोप लगाना नहीं चाहते और कहा कि हमने अब तक उनका अधिकतम उपयोग कर लिया है। recent visitors 83

संजीव गोयनका ने कहा – लखनऊ सुपरजायंट्स ने नए कप्तान पर फैसला कर लिया है

नई दिल्ली. आईपीएल फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) के मालिक संजीव गोयनका ने कहा कि टीम के नए कप्तान का फैसला हो गया है। आईपीएल 2025 सीजन से पहले अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा की जाएगी। आईपीएल 2022-24 चक्र में एलएसजी का नेतृत्व केएल राहुल ने किया था। हालांकि आईपीएल 2023 में वह चोटिल होने के कारण बाहर हो गए थे जिसके बाद क्रुणाल पांड्या ने टीम की कप्तानी संभाली। लेकिन फ्रेंचाइजी ने पिछले महीने जेद्दा में हुई मेगा नीलामी से पहले दोनों को रिटेन नहीं करने का फैसला किया। राहुल अब दिल्ली कैपिटल्स और क्रुणाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में हैं, ऐसे में लखनऊ फ्रेंचाइजी के पास दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के मौजूदा टी20 कप्तान मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम के साथ-साथ वेस्टइंडीज के विकेटकीपर-बल्लेबाज निकोलस पूरन के रूप में नेतृत्व के विकल्प हैं, जिन्होंने पहले राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया था। गोयनका ने सोमवार को भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में कहा, “लोग आसानी से हैरान हो जाते हैं। मुझे नहीं लगता कि आप आसानी से हैरान हो जाते हैं। यह तय हो चुका है। लेकिन हम अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा करेंगे। हमारी टीम में चार लीडर हैं – ऋषभ, पूरन, मार्कराम और मिचेल मार्श।” उन्होंने आगे कहा, “वे सभी ऐसे लोग हैं जो जीतने की मानसिकता के साथ आगे बढ़ सकते हैं। ऋषभ में वह भूख और जुनून है कि वह जीतना चाहता है, और कुछ करना और दिखाना चाहता है। इसलिए टीम अच्छी है और हम खुश हैं।” लखनऊ ने पूरन को 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, साथ ही मयंक यादव और रवि बिश्नोई (11 करोड़-11 करोड़) के साथ-साथ आयुष बडोनी और मोहसिन खान की अनकैप्ड जोड़ी को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। मेगा नीलामी में उन्होंने पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदा। recent visitors 97

बाइडेन के बेटे पर ‘यू टर्न’ से उठे गंभीर सवाल, अदाणी पर आरोप लगाने वाले अमेरिकी न्याय विभाग की खुली पोल

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बेटे को टैक्स चोरी और अवैध तरीके से बंदूक रखने के मामलों में आधिकारिक रूप से माफी दी है। दोनों ही मामले में हंटर बाइडेन को दोषी करार दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस हैरान करने वाले कदम से राजनीतिक बिरादरी के भीतर से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही अदाणी ग्रुप के खिलाफ अभियोग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। नव-निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कदम को 'न्याय की विफलता' करार दिया है। जो बाइडेन ने जून में कहा था कि वह न तो अपने बेटे को माफ करेंगे और न ही उसकी सजा कम करेंगे। बाइडेन की तरफ से अपने बेटे को माफी देना, एक बड़ा यू टर्न माना जा रहा है। इसने अमेरिकी न्याय विभाग के 'निष्पक्ष' कामकाज को सवालों के घेरे में ला दिया है। बाइडेन ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उनके बेटे के खिलाफ मामले राजनीति से प्रेरित थे जिन्हें उनको और हंटर को 'तोड़ने' के लिए आगे बढ़ाया गया था। इस बीच, अमेरिकी सत्ता के गलियारों में इस बात पर तीखी बहस शुरू हो गई है कि क्या न्याय विभाग को राजनीतिक ताकतें नियंत्रित करती हैं। व्यापक रूप से माना जा रहा है कि न्याय विभाग की ओर से अदाणी पर लगाए गए अभियोग के पीछे भी निवर्तमान बाइडेन सरकार की राजनीति है। कई राजनीतिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद, अदाणी के खिलाफ अभियोग को भी वापस लिया जा सकता है। वकील और अमेरिकी 'डीप स्टेट' के कड़े आलोचक कश्यप पटेल ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों में व्यापक बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा, 'न्याय विभाग में सभी लोग बस अपनी अगली पदोन्नति की तलाश में हैं।' पटेल को ट्रंप ने अगले एफबीआई निदेशक के रूप में नामित किया है। यह न्याय विभाग ही था जिसने प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ मिलकर अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और समूह के अन्य अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे हंटर बाइडेन को दोषी ठहराया गया, जबकि गौतम अदाणी, सागर अदाणी और वरिष्ठ कार्यकारी विनीत जैन को न्याय विभाग और एसईसी की ओर से केवल आरोपित किया गया। न्याय विभाग ने एक सार्वजनिक बयान में कह चुका है, "जब तक दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक प्रतिवादी निर्दोष हैं।" न्याय विभाग और एसईसी ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के प्रमुख अधिकारियों गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन के खिलाफ न्यूयॉर्क जिला न्यायालय में अभियोग और दीवानी शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने आरोपों का खंडन करते हुए इसे 'निराधार' बताया और कहा कि वह अपने बचाव के लिए कानूनी सहारा लेगा। recent visitors 68

अब छत्तीसगढ़ में महापौर चुनेगी जनता, भूपेश सरकार का बनाया नियम साय कैबिनेट ने पलटा

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों के चुनावों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन अब प्रत्यक्ष रूप से कराया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश 2024 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों में प्रत्यक्ष निर्वाचन और आरक्षण से संबंधित प्रावधानों का समावेश किया जाएगा। जनता चुनेगी महापौर, भूपेश सरकार नियम पलटा अब नगर पंचायत, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाएगा। भूपेश बघेल सरकार ने 2019 में महापौर और नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराने का नियम लागू किया था, जिससे विपक्षी भाजपा ने तीव्र विरोध किया था। 2019 में भूपेश सरकार ने बदला था नियम यह कदम राज्य में पिछले कुछ वर्षों से चल रहे अप्रत्यक्ष निर्वाचन के मुकाबले एक बड़ा बदलाव होगा। दरअसल, अविभाजित मध्य प्रदेश में 1999 तक नगर निगमों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता था। लेकिन उसके बाद, तत्कालीन सरकार ने महापौर और अध्यक्ष के चुनाव को अप्रत्यक्ष रूप से कराने का निर्णय लिया था। इसे 12 दिसंबर 2019 को राजपत्र में अधिसूचित किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाता दो वोट देंगे, एक पार्षद और दूसरा नगर अध्यक्ष या महापौर के लिए। इसके साथ ही, महापौर के चुनाव को प्रत्यक्ष रूप से कराने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे हैं। इस फैसले से जनता को अपने महापौर के चयन में पुनः अधिकार मिलेगा। स्थानीय निकायों में आरक्षण इसके अलावा, राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अल्संख्यक समुदाय के लिए स्थानीय निकायों में आरक्षण के नियमों में भी बदलाव किया है। त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनावों में अब अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक की जाएगी। यह निर्णय पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा पर आधारित है, जिससे अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायती राज के लिए ओबीसी आरक्षण में संशोधन छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 में भी त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए ओबीसी के आरक्षण और प्रतिनिधित्व संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाएंगे। इस संशोधन से राज्य में चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। recent visitors 70

कृष्णागिरी जिले में बाढ़ जैसे हालात, तमिलनाडु में चक्रवात फेंगल के कारण भारी बारिश

कृष्णागिरी। चक्रवात फेंगल के कारण तमिलनाडु में भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कृष्णागिरी जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सबसे ज्यादा असर उथांगरई तालुका में देखा जा रहा है। उथांगरई बस अड्डे में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिस वजह से वहां खड़ी कई बसें पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई हैं। बाढ़ का पानी सड़कों पर बह रहा है, इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इलाके के कई घरों में भी पानी घुस गया है। लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं मिट्टापल्ली, पुरुकलापल्ली और इलाचियूर गांवों में बाढ़ की स्तिथि बन गई है। सिंगारपट्टई में पेरियार झील भर जाने से पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। इस कारण इलाके के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बीसी वेलफेयर हॉस्टल में भी पानी भर गया है, जिसके चलते आठ छात्रों को उथांगरई के दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा, जवाधु पहाड़ियों से पानी के आवक में तेजी के कारण उथांगरई तालुका की एक पंचायत में एक झील के पानी से आसपास का इलाका जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू और रिलीफ का काम किया जा रहा है। जिले में पिछले 24 घंटे में तकरीबन 37 सेंटीमीटर बारिश होने के चलते बाढ़ के हालात पैदा हुए हैं। तूफान का असर कम हो रहा है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे। recent visitors 151