Saturday, July 4, 2026 2:59 am

महाकुंभ: यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जनवरी माह में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए रोडवेज की बसों को भगवा रंग से रंगा जाना शुरू कर दिया गया है। इटावा रीजन की स्पेशल 410 बसें कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के लिए लगाई जायेंगी। इटावा रोडवेज परिक्षेत्र के प्रबंधक उमेश सीएस आर्य ने बताया कि इटावा रीजन में कुल 489 बसें हैं। जिसमें करीब 181 बसें पहले से ही भगवा रंग में रंगी हुई है। 50 अतिरिक्त नई बसें साधारण यात्रियों के लिए मुख्यालय से मांग की गई हैं। करीब 20 दिन चलने वाले महाकुंभ के लिए परिवहन निगम युद्ध स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का किया जा रहा रंग रोगन इटावा में परिवहन निगम जनवरी से होने वाले महाकुंभ के लिए कुंभ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया है। परिवहन विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का रंग रोगन किया जा रहा है। इटावा रीजन क्षेत्र में 181 बसे पहले से भगवा रंग में विभिन्न रूटों पर चलाई जा रहीं हैं। इसी के साथ 100 संविदा चालकों की भर्ती की जानी है। उन्होंने बताया कि इस महाकुंभ मेले में जिले से दूसरे चरण में 22 जनवरी से सात फरवरी तक 229 बसें सीधे प्रयागराज के लिए दौड़ेंगी। वर्तमान समय में सभी बसों पर कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं आपको बता दें कि इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं हैं। जिनका कायाकल्प दो चरण में किया जा रहा है। कायाकल्प के बाद सभी बसों का भगवा कलर में रंग-रोगन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा रीजन में 8 डिपो लगते हैं, इसमें इटावा समेत सैफई, मैनपुरी, बेबर, छिबरामऊ, फरुर्खाबाद, शिकोहाबाद फिरोजाबाद हैं। इन सभी डिपो से कुंभ मेले में आवश्यकता अनुसार बसें ली जाएगी। इससे अन्य रूटों पर बसों दिक्कत न हो। साथ ही कुंभ स्नान करने वाले इटावा जिले के साथ आसपास जिले के लोगों को सीधी प्रयागराज सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 100 अतिरिक्त संविदा चालकों की भी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए उनका साक्षात्कार करके उनको ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा जा रहा है। recent visitors 67

कैलेंडर वर्ष 2024 में QIP जुटाई गई रकम ने 1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार, तोड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) में योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाई गई राशि ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल अब तक 80 कंपनियों ने कुल 1.13 ट्रिलियन रुपये जुटाए हैं जोकि CY23 की तुलना में तीन गुना (3x) अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 35 कंपनियों ने 38,220 करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे पहले CY20 में QIP के जरिए सबसे अधिक राशि जुटाई गई थी जब 25 कंपनियों ने 80,816 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। QIP से जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की संभावना यदि गोदरेज प्रॉपर्टीज़ और KEI इंडस्ट्रीज के मौजूदा QIP इश्यूज़ पर विचार किया जाए जिनकी कुल राशि 8,000 करोड़ रुपये है तो CY24 में QIP के जरिए जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकती है। इस साल ज्यादातर कंपनियां QIP के जरिए जुटाए गए फंड का उपयोग अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने, पुनर्भुगतान (debt repayment), पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बना रही हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि 2024 का साल द्वितीयक बाजारों के लिए अच्छा रहा है और इसके साथ ही कंपनियों ने अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने के लिए QIP का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि प्रमोटर्स ने द्वितीयक बाजारों में उछाल का फायदा उठाया और भविष्य के विकास के लिए धन जुटाया। QIP में बड़े इश्यू ज़ोमैटो का 8,500 करोड़ रुपये का QIP इस साल का एक बड़ा इश्यू रहा है। ज़ोमैटो ने इस रकम का उपयोग डार्क स्टोर और गोदामों के निर्माण और संचालन के लिए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ब्रांडिंग, विज्ञापन और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे में निवेश की योजना भी है। अन्य प्रमुख कंपनियां : गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 6,000 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया है, जिसे भूमि अधिग्रहण और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। : अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अगस्त 2024 में QIP के जरिए 8,373 करोड़ रुपये जुटाए, जो कि भारतीय बिजली क्षेत्र में सबसे बड़ा फंडरेज़ है। : अदाणी एंटरप्राइजेज ने भी अक्टूबर में 4,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। : वेदांता और मदरसन इंटरनेशनल जैसी कंपनियों ने भी इस साल QIP के जरिए बड़े फंड जुटाए हैं। साल 2024 में QIP के इश्यू में बड़ा योगदान 2024 के जुलाई से अब तक 42 कंपनियों ने 72,293 करोड़ रुपये जुटाए हैं जो QIP से जुटाई गई कुल राशि का 69 प्रतिशत है। इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स लगभग 79,000 के स्तर पर स्थिर रहा। 2025 में QIP के जरिए और धन जुटाने की संभावना इक्विनॉमिक्स रिसर्च के प्रमुख जी चोकालिंगम का कहना है कि 2025 में धन जुटाने के लिए QIP मार्ग की लोकप्रियता बढ़ेगी खासकर यदि द्वितीयक बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है। वहीं मनीष गोयल (इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी) का कहना है कि स्ट्रॉन्ग मार्केट और रिकॉर्ड फंड फ्लो को देखते हुए अगले कुछ महीनों में करीब 1.5 ट्रिलियन रुपये और जुटाए जाने की संभावना है। बता दें कि 2024 में QIP के माध्यम से कंपनियों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यह वर्ष कंपनियों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हुआ है क्योंकि उन्होंने बाज़ार के उछाल का फायदा उठाते हुए अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और भविष्य के लिए धन जुटाया। recent visitors 71