Sunday, July 5, 2026 2:08 am

क्रांतिसूर्य टंट्या मामा भारत के जनजातीय गौरव पुरूष थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्रांतिसूर्य टंट्या मामा भील समाज के ही नहीं, भारत के जनजातीय गौरव पुरूष थे। टंट्या मामा को मैं शत-शत प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने जीवन भर अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर शोषितों की आवाज बनकर स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनकी पुण्य-तिथि के अवसर पर टंट्या भील विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बलिदान दिवस पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आजादी के बाद कई दशकों तक देश के तत्कालीन सत्ताधीशों ने जनजातीय जननायकों को यथोचित मान-सम्मान नहीं दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार को मंत्रालय से टंट्या मामा की पुण्यतिथि के अवसर पर क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन में आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देता हूं, जिनके आने के बाद स्थिति बदली है और उनके नेतृत्व में हमने फिर चाहे टंट्या मामा हो या भगवान बिरसा मुंडा जैसे जननायकों के कामों को आज के युवा के मानस पटल पर पुनर्जीवित किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि खरगोन में भील विश्वविद्यालय का नाम टंट्या मामा के नाम पर रखना भी उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तांतिया भील का टंट्या नाम अंग्रेजों द्वारा दिया गया था। जिसे बाद में लोगों द्वारा प्यार से टंट्या मामा कहकर पुकारने लगे। टंट्या गुरिल्ला युद्ध कौशल में माहिर थे कि सशक्त शक्तिशाली, सब प्रकार से सम्पन्न अंग्रेजी हुकुमत की नाक में उन्होंने दम किया हुआ था। वे अपने समाज में रॉबिन हुड के नाम से जाने जाते थे। वे अंग्रेजों से धन लूटकर गरीबों में बांटा करते थे। उनकी सोच थी कि हिन्दुस्तान का पैसा हिन्दुस्तान के लोगों के काम आए, न कि उसे अंग्रेज लूट कर ले जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने जनजातीय समाज के जननायकों की गौरव गाथा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य टंट्या मामा के जन्म स्थल क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उच्चतम शिक्षा प्रदान करना था। इस विश्वविद्यालय से 5 जिले खरगौन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी और अलीराजपुर के 80 महाविद्यालय संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए, बीएससी, एमएससी, एमए, एमकॉम, विधि आदि महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित हैं। साथ ही बीएससी कृषि जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी संचालित हो रहे हैं, इनमें लगभग 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी किए जाएं शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रमों को भी प्रारंभ किया जाएगा। विश्वविद्यालय को प्रारंभ हुए एक वर्ष भी पूर्ण नहीं हुआ है। दिनांक 9 फरवरी 2024 को स्वीकृति के बाद सिर्फ शिक्षा ही नहीं रोजगार के अवसर भी इस विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ सामने आए। इसमें 140 शैक्षणिक, 14 प्रशासकीय और 81 गैर शैक्षकीय इस प्रकार कुल 235 पद स्वीकृत किए गए हैं। recent visitors 180

ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में चरणबद्ध फेरबदल अगले साल की शुरुआत से शुरू होने की संभावना, कुछ मंत्रियों का कट सकता है पत्ता

कोलकाता पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में चरणबद्ध फेरबदल अगले साल की शुरुआत से शुरू होने की संभावना है और यह प्रक्रिया अगले दो से तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित फेरबदल मुख्य रूप से उन विभागों पर केंद्रित होगा जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए इन विभागों के काम को बेहतर बनाना चाहती हैं। इस फेरबदल के कुछ पहलू हो सकते हैं। पहला यह कि कुछ महत्वपूर्ण विभाग, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं, उनका प्रबंधन कुछ मंत्रियों द्वारा किया जा रहा है, जो अन्य विभागों के भी प्रभारी हैं। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री उन महत्वपूर्ण विभागों के लिए एक-एक मंत्री को समर्पित करने पर विचार कर रही हैं, ताकि वहां कामकाज में सुधार हो सके। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में, कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किए जाने की काफी संभावना है।” फेरबदल का दूसरा हिस्सा कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों को आवश्यकताओं के अनुसार बदलना होगा। उस स्थिति में भी, पार्टी सूत्रों ने कहा कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालय चले जाएंगे और उनकी जगह नए चेहरे आ सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि तीसरा हिस्सा कुछ मौजूदा राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र) को कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत करना होगा। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, “राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा इस साल अगस्त में शुरू हुई थी। अगर सब कुछ सही दिशा में चला तो अगले साल की शुरुआत से ही यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।” हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे, जिसमें पार्टी के मामलों, विधायी मामलों और प्रशासनिक मामलों को संभालने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई थी। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया था कि इन तीनों क्षेत्रों में “पुराने लोगों” को “नए लोगों” से ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की युवा और छात्र शाखा के मौजूदा नेतृत्व के कामकाज की समीक्षा करने का भी संकेत दिया था।   recent visitors 101

हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं: देवेंद्र फडणवीस

मुंबई शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। देवेंद्र फडणवीस कल, 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हमने राज्यपाल से मुलाकात की है और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए समर्थन पत्र सौंपा है। राज्यपाल ने हमें कल शाम 5.30 बजे शपथ समारोह के लिए आमंत्रित किया है। महाराष्ट्र के मनोनीत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "आज हमने राज्यपाल से भेंट की है…और शिवसेना के अध्यक्ष और शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए मेरे नाम की सिफारिश करते हुए एक पत्र दिया है…राज्यपाल ने हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर(कल) शाम 5.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होगा…हमने महाराष्ट्र की जनता से जो वादे किए हैं उनको पूरा करने के लिए यह सरकार काम करेगी। . हमें विश्वास है कि एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होंगे. सीएम, डिप्टी सीएम सिर्फ तकनीकी शब्द हैं. एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा, "…हम राज्य में सरकार चलाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। पार्टी से संबंधित गतिविधियों को (भाजपा प्रमुख) चंद्रशेखर बावनकुले और एनसीपी के सुनील तटकरे संभालेंगे। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि हमारी सरकार, महायुति सरकार, हमारी टीम ने ढाई साल में जो काम किया है वह उल्लेखनीय है और इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। recent visitors 62

टेक्नोलॉजी ग्रामीण विकास में सहायक होगी : मंत्री श्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विकसित "युक्तधारा" पोर्टल ग्रामीण विकास के कार्यों को पूरा करने में मदद करेगा और कृषि विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा। मंत्री श्री पटेल ने बुधवार को मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) में मनरेगा अन्तर्गत "युक्तधारा पोर्टल" के दो दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण का शुभारंभ कर संबोधित किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त मनरेगा श्री अवि प्रसाद, संचालक वाल्मी श्रीमती सरिता बाला सहित विभागीय अधिकारी और आठ राज्यों से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि युक्तधारा सेटेलाइट इमेजिंग तकनीक पर आधारित है। इस तकनीक का व्यापक उपयोग है। य‍‍ह तकनीक सरकारी भूमियों की उपलब्धता का आंकलन करने, कार्यों की जमीनी स्तर पर समीक्षा करने, कार्यों की पुनरावृत्ति का पता करने और शोध संबंधी गतिविधियों के लिए उपयोग में लाई जा सकती है। तकनीक की मदद से हम शासकीय भूमियों को चिह्नांकित कर उनके बेहतर उपयोग के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। इस तकनीक की मदद से हम बंजर भूमियों का भी चिन्हांकन कर सकते है और पर्यावरण-संरक्षण के लिये बंजर भूमि को पुनः कृषि योग्य बनाने, सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने सहित अन्य कोई बेहतर उपयोग भी कर सकते हैं। नीति निर्धारण में हमें इस टेक्नोलॉजी से बहुत मदद मिलेगी। इस पोर्टल के माध्यम से हम समस्याओं का निराकरण बेहतर तरीके से कर सकते हैं। सभी प्रतिभागी पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करें और शंका समाधान के लिए एक्सपर्ट्स से अधिक से अधिक प्रश्न पूछें। युक्तधारा एक भू-स्थानिक नियोजन पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में मनरेगा गतिविधियों की ग्राम पंचायत स्तर की योजना बनाना है। यह पोर्टल अलग-अलग प्रकार की थीमेटिक परतों, मल्टी-टेम्पोरल हाई रेजोल्यशन अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा को एनालिटिकल उपकरणों के साथ एकत्रित करता है। इसके माध्यम से योजना बनाने वाले लोगों के द्वारा अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत पिछली संपत्तियों का विश्लेषण किया जाएगा और वे ऑनलाइन उपकरणों के माध्यम से नए कार्यों की पहचान करने में सक्षम होंगे। राज्य के विभागों के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों द्वारा तैयार की गई योजनाओं का सही मूल्यांकन भी किया जाएगा। युक्तधारा आधारित योजनाएं निचले स्तर के पदाधिकारी द्वारा तैयार की जाएंगी और इससे जुड़े संसाधन आवंटन के लिए इसे उपयुक्त अधिकारियों और कार्यालयों की ओर से सत्यापित किया जाएगा। इसके माध्यम से योजना की क्वालिटी तय की जा सकेगी और पहले से तैयार संपत्तियों की निगरानी संभव हो सकेगी। पोर्टल जीआईएस उपकरणों का उपयोग करके नियोजन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को सक्षम करने के लिए विभिन्न प्रकार की स्थानिक सूचना सामग्री को एकीकृत करता है।   recent visitors 71

परख राष्‍ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शामिल हुए मध्‍यप्रदेश के विद्यार्थी

भोपाल केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय शैक्षिक सर्वेक्षण, ’’परख’’ राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण-2024 आज चयनित शालाओं में एक साथ किया गया। यह सर्वेक्षण प्रदेश की लगभग 5742 चयनित शालाओं में किया गया। इस सर्वेक्षण में कक्षा 3, 6 एवं 9 के करीब एक लाख 45 हजार विद्यार्थियों ने हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। उल्‍लेखनीय है कि परख एक राष्‍ट्रीय मूल्‍यांकन संस्‍था है। परख का अर्थ है प्रदर्शन, मूल्‍यांकन, समीक्षा और समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्‍लेषण। यह एक राष्ट्रव्यापी स्कूल शिक्षा सर्वेक्षण है, जिसमें सेंपल सर्वेक्षण के आधार पर देश के स्‍कूल शिक्षा का आंकलन किया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में नेशनल कॉउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) के द्वारा परख सर्वेक्षण आयोजित किया जाता है। इस राष्ट्रव्यापी स्कूल शिक्षा सर्वेक्षण को पहले नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) के रूप में जाना जाता था, जिसका आयोजन हर तीन साल में किया जाता है। पिछली बार नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2021 में हुआ था। इसमें मध्‍यप्रदेश ने देश भर में पॉंचवां स्‍थान प्राप्‍त किया था। इस सर्वे को समय के साथ देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली की प्रगति का मूल्यांकन और निगरानी करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सर्वेक्षण भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और "हमारे आस-पास की दुनिया" (पर्यावरण जागरूकता पर केंद्रित विषय) जैसे प्रमुख विषयों के बारे में छात्रों की समझ का आंकलन करता है। पेपर-आधारित मूल्यांकन और आधुनिक ओ.एम.आर तकनीक को मिलाकर एक व्यापक पद्धति के साथ, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 न केवल छात्रों के शैक्षिक स्‍तर का मूल्यांकन है, बल्कि पूरे भारत में लाखों छात्रों के लिए शैक्षिक परिदृश्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सर्वेक्षण के परिणामों का उपयोग शैक्षिक सुधारों और भविष्य के नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाता है। प्रदेश में इस सर्वे के सफल आयोजन के लिए राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र में कंट्रोल रूम की स्‍थापना के साथ ही सभी चयनित सेम्‍पल शालाओं में आब्‍जर्वर की उपस्थिति में सर्वे कराया गया। प्रदेश के समस्‍त जिलों में परख सर्वेक्षण की निगरानी के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने स्‍टेट ऑब्‍जर्वर भी राज्‍य स्‍तर से तैनात किए थे।   recent visitors 61

रातापानी “टाइगर रिजर्व’’ बनने से पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रातापानी बाघ अभयारण्य को प्रदेश का आठवाँ “टाइगर रिजर्व’’ घोषित होने पर प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से प्रदेश में पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के आठवें टाइगर रिजर्व के रूप में रातापानी बाघ अभयारण्य की अधिसूचना 2 दिसम्बर को जारी की गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसी भी राज्य की राजधानी से सटा पहला टाइगर रिजर्व है। राजधानी के पास स्थित होने से यहाँ न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे, बल्कि जंगल, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण भी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि गाँव के लोगों को परेशानी न हो, इसके लिये रातापानी अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले गाँवों को कोर क्षेत्र की जगह बफर क्षेत्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान टाइगर राजधानी के रूप में होगी। उन्होंने कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व माधव नेशनल पार्क के लिये एनटीसीए से अनुमति मिल गयी है। इसके नोटिफिकेशन जारी करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है, जो लगभग एक माह में पूरी हो जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश “चीता स्टेट’’ भी बन चुका है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर प्रदेश की जनता को शुभकामनाएँ दी हैं।   recent visitors 73

राकेश टिकैत का बेटे गौरव टिकैत महापंचायत में पहुंच गए, किसानों का आरोप, पुलिस पहुंचने नहीं दे रही है

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में होने वाली महापंचायत के लिए किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। राकेश टिकैत का बेटे गौरव टिकैत महापंचायत में पहुंच गए हैं। इसी बीच किसानों ने आरोप लगाया है कि हापुड़ समेत अन्य जगहों से महापंचायत में आ रहे किसानों को लगातार रोका जा रहा है। राकेश टिकैत को भी रोकने की खबर टप्पल से आ रही है। इसके अलावा नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे कुछ किसानों को भी रोका गया है और उनको गिरफ्तार किया गया है। ये महापंचायत ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर हो रही है। इसमें महापंचायत में पांच मंडल सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा के हजारों की संख्या में किसान शामिल होने आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में हुई पंचायत में इसका निर्णय भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने लिया था। इसके बाद राकेश टिकैत ने नोएडा के किसानों के संगठन से फोन पर बातचीत की। बताया गया कि किसान यमुना एक्सप्रेसवे से होते हुए ग्रेटर नोएडा आ रहे हैं। दरअसल मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के 10 संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था। सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली कूच की शुरुआत की। शाम को प्राधिकरण अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने 7 दिन का समय दिया और नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर आंदोलन को शिफ्ट कर दिया। मंगलवार को नाटकीय ढंग से पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल पर आने वाले किसानों को रोक दिया साथ ही कई किसानों को थाना और हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ किसानों को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान जबरन किसानों को बसों में भरकर पहले पुलिस लाइन फिर लुक्सर जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर के सिसौली में पंचायत बुलाई। शाम चार बजे पंचायत में महापंचायत कर निर्णय लिया गया था।   recent visitors 71