ममता बनर्जी की पेशकश कांग्रेस पार्टी का अपमान, ये सांसद राहुल गांधी की असफलता दर्शाता है: विधायक उदय सामंत

मुंबई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं 'तृणमूल कांग्रेस पार्टी' (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी के इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने की पेशकश की है। शिवसेना विधायक उदय सामंत के मुताबिक ये सांसद राहुल गांधी की असफलता दर्शाता है। शिवसेना विधायक ने आईएएनएस से कहा, "यह कांग्रेस पार्टी का अपमान है। इससे यह बात पता चलता है कि वो राहुल गांधी के नेतृत्व में सफल नहीं हुए। इसलिए वो दूसरे लोगों को तलाश रहे हैं कि कौन गठबंधन का नेतृत्व करें। यह उनकी राजनीति है। लेकिन अगर राहुल गांधी के नेतृत्व में गठबंधन को असफलता मिली है और ममता बनर्जी के बाद नेतृत्व जा रहा है तो पूरी तरह कांग्रेस पार्टी का अपमान है।" राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार की तरफ से ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर उदय सामंत ने कहा, "विपक्ष को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जो असफलता मिली है, उन्हें ढकने के लिए ईवीएम का मुद्दा उठाया जा रहा है। वायनाड, नांदेड़ और जहां पर वो जीत दर्ज करते हैं, वहां पर ईवीएम सही काम करता है लेकिन हमारे यहां खराब हो जाता है। ऐसे में ईवीएम को लेकर लोगों के दिमाग को डायवर्ट करना, 'महाविकास अघाड़ी' की एक राजनीतिक चाल है।" 'समाजवादी पार्टी' के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी के एमवीए से अलग होने को लेकर शिवसेना विधायक ने कहा, अबू आजमी ने आरोप लगाया कि महाविकास अघाड़ी के नेता दोनों तरफ से बोलते हैं। जिसके कारण वो गठबंधन से बाहर जा रहे हैं। वहीं, इंडिया ब्लॉक को लेकर ममता बनर्जी के बयान पर शिवसेना नेता आशीष जायसवाल ने कहा, "सभी लोग चाहते हैं कि वो देश का नेतृत्व करें, लेकिन वो संभव नहीं है। विपक्ष में एकता, समन्वय और लड़ने की क्षमता नहीं है इसलिए वो भ्रमित हैं। विपक्ष पूरी तरह टूट चुका है, वो एकसाथ कभी नहीं मिल सकते।" 'पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी' (पीडीपी) प्रमुख एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के हिंदुत्व को बीमारी बताने पर शिवसेना नेता ने कहा, वो खुद एक बीमारी हैं। recent visitors 124

ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में चरणबद्ध फेरबदल अगले साल की शुरुआत से शुरू होने की संभावना, कुछ मंत्रियों का कट सकता है पत्ता

कोलकाता पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में चरणबद्ध फेरबदल अगले साल की शुरुआत से शुरू होने की संभावना है और यह प्रक्रिया अगले दो से तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित फेरबदल मुख्य रूप से उन विभागों पर केंद्रित होगा जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए इन विभागों के काम को बेहतर बनाना चाहती हैं। इस फेरबदल के कुछ पहलू हो सकते हैं। पहला यह कि कुछ महत्वपूर्ण विभाग, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं, उनका प्रबंधन कुछ मंत्रियों द्वारा किया जा रहा है, जो अन्य विभागों के भी प्रभारी हैं। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री उन महत्वपूर्ण विभागों के लिए एक-एक मंत्री को समर्पित करने पर विचार कर रही हैं, ताकि वहां कामकाज में सुधार हो सके। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में, कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किए जाने की काफी संभावना है।” फेरबदल का दूसरा हिस्सा कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों को आवश्यकताओं के अनुसार बदलना होगा। उस स्थिति में भी, पार्टी सूत्रों ने कहा कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालय चले जाएंगे और उनकी जगह नए चेहरे आ सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि तीसरा हिस्सा कुछ मौजूदा राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र) को कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत करना होगा। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, “राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा इस साल अगस्त में शुरू हुई थी। अगर सब कुछ सही दिशा में चला तो अगले साल की शुरुआत से ही यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।” हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे, जिसमें पार्टी के मामलों, विधायी मामलों और प्रशासनिक मामलों को संभालने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई थी। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया था कि इन तीनों क्षेत्रों में “पुराने लोगों” को “नए लोगों” से ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की युवा और छात्र शाखा के मौजूदा नेतृत्व के कामकाज की समीक्षा करने का भी संकेत दिया था।   recent visitors 103